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सिद्धू देश विरोधी, ख़तरनाक, अस्थिर, अयोग्य व्यक्ति तथा पंजाब और मुल्क की सुरक्षा के लिए ख़तरा - कैप्टन अमरिन्दर सिंह

 यदि कांग्रेस ने सिद्धू को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया तो उसे कड़ी टक्कर दूँगा, मैं राजनीति से एक तरफ़ नहीं हूंगा

आपसी लागडाट में कांग्रेसी नेताओं ने अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारी, पंजाब में पार्टी को जीत से हार की तरफ धकेला
सिद्धू देश विरोधी, ख़तरनाक, अस्थिर, अयोग्य व्यक्ति तथा पंजाब और मुल्क की सुरक्षा के लिए ख़तरा - कैप्टन अमरिन्दर सिंह

चंडीगढ़, 18 सितम्बरः

नवजोत सिद्धू को देश विरोधी, ख़तरनाक, अस्थिर, अयोग्य तथा राज्य और देश के लिए ख़तरा बताते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज कहा कि पंजाब कांग्रेस के प्रधान को पंजाब में मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने के किसी भी कदम का वह मुँह तोड़ जवाब देंगे।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने यह स्पष्ट किया कि उनका राजनीति से एक तरफ़ होने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि सिद्धू को समर्थन करने का सवाल ही पैदा नहीं होता जो पाकिस्तान के साथ स्पष्ट तौर पर मिला हुआ है और पंजाब और देश के लिए ख़तरा पैदा करने के साथ-साथ तबाही लेकर आएगा।
सरहद पार की लीडरशिप के साथ सिद्धू के पास के रिश्ते होने के लिए उस पर बरसते हुए पद छोड़कर जा रहे कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, “मैं ऐसे किसी भी व्यक्ति को हमें तबाह करने की इजाज़त नहीं दे सकता। मैं ऐसे मसलों के खि़लाफ़ लड़ाई जारी रखूँगा जो हमारे राज्य और लोगों के लिए घातक हों।“
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पूर्व क्रिकेटर के उनकी तरफ से स्पष्ट इन्कार करने के बावजूद इमरान ख़ान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का ज़िक्र करते हुए कहा, “हम सभी ने सिद्धू को इमरान ख़ान और जनरल बाजवा के साथ गले लगते हुए देखा और करतारपुर कॉरिडोर खुलने के समय पाकिस्तान के प्रधान मंत्री के कसीदे पढ़ते हुए सुना।“ उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का मतबल भारत की सुरक्षा करना है और यदि सिद्धू मुख्यमंत्री के लिए कांग्रेस का चेहरा बनता है तो मैं हर कदम पर इसको टक्कर दूँगा।“
मीडिया के साथ सिलसिलेवार इंटरव्यू दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह जिनको राज्यपाल ने वैकल्पिक व्यवस्था तक ओहदा संभालने के लिए कहा है, ने कहा कि सिद्धू पंजाब के लिए कभी भी अच्छा नेता साबित नहीं हो सकता। उन्होंने खुलासा किया,“ जो व्यक्ति एक मंत्रालय नहीं संभाल सकता, वह राज्य की कमान कैसे संभाल लेगा।“ उन्होंने कहा कि ऐसे असमर्थ व्यक्ति की हिमायत करने का सवाल ही पैदा नहीं होता जिसको उन्होंने मंत्रालय में से हटाया हो।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राजनीति से एक तरफ़ होने को रद्द करते हुए कहा कि वह एक फ़ौजी है और उनमें पूरा दम है और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव में सक्रिय रहेंगे। उन्होंने ऐलान किया, “मैं अब टिककर नहीं बैठूंगा।“ उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के विधायकों समेत अपने निकट संबंधों के लोगों के साथ बातचीत करने के बाद भविष्य की रणनीति का फ़ैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि सिद्धू ने चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस को बाँट कर रख दिया। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनका समर्थन कर रहे विधायकों को उन्होंने ख़ुद कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग में शामिल होने के लिए कहा था और मीटिंग में बड़ी संख्या में विधायकों की मौजूदगी का यह मतलब नहीं कि वह सभी सिद्धू की हिमायत कर रहे हैं।
कांग्रेस लीडरशिप के दावों कि उन्होंने विधायकों का विश्वास गंवा लिया, को रद्द करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह सिर्फ़ बहाना है। उन्होंने कहा, ’’सिर्फ़ एक हफ़्ता पहले मैने सोनिया गांधी को 63 विधायकों की सूची भेजी थी जो मुझे समर्थन करते थे।’’ उन्होंने कहा कि विधायक आम तौर पर वही जवाब देते हैं जो दिल्ली चाहती है, यही मामला कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग में हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में सभी विधायकों को खुश करना संभव नहीं।
2017 से अपनी लीडरशिप में कांग्रेस की हासिल की गई बड़ी जीतों का हवाला देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पार्टी की तरफ से उनको बदलने की बात वह समझ नहीं सके। उन्होंने कहा, ’’पंजाब के लोग मेरी सरकार के साथ साफ़ तौर पर खुश थे।’’ उन्होंने कहा कि तीन-चार महीने पहले तक पंजाब में कांग्रेस के हक में लहर स्पष्ट थी। उन्होंने कहा, ’’अब उन्होंने अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार ली और जीत की स्थिति को हार में बदल दिया।’’
जिस तरीके से उनको इस्तीफ़ा देने के लिए बेइज़्ज़त किया गया, उस पर दुख और हैरानी ज़ाहिर करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, ’’आज भी, मुझे कांग्रेसी विधायक दल की मीटिंग बारे सूचित नहीं किया गया, हालांकि मैं नेता था। जिस तरीके से सभी को रात को बुलाया गया और मीटिंग बारे बताया गया, यह स्पष्ट था कि वह मुझे मुख्यमंत्री के तौर पर हटाना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि वह उदास और बेइज़्ज़त महसूस कर रहे हैं कि राज्य में उनके योगदान को मान्यता नहीं दी गई। उनकी तरफ से बेअदबी और नशों के मामलों समेत बेहतर काम करने के बावजूद उनको पूरी तरह आंका नहीं गया।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यहाँ तक कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में लीडरशिप में बदलाव के बाद उनको इस ढंग के साथ बेइज़्ज़त करने की उम्मीद नहीं थी।’’ शायद सोनिया गांधी और उनके बच्चों के साथ मेरे संबंध के कारण,’’उन्होंने निश्चित तौर पर निराश किया। उन्होंने कहा कि साढ़े 9 साल राज्य के शासन में सफलता के बाद वह पार्टी के उद्देश्य को समझने में असफल हुए हैं। उन्होंने कहा, ’’पंजाब ने हर क्षेत्र में बेहतर काम किया है। मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि पार्टी को बदलाव की ज़रूरत क्यों महसूस हो गई।

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