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पंजाब कैबिनेट द्वारा 8 नवंबर को पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला

 तीनों काले कृषि कानूनों और बी.एस.एफ का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किए जाने के विरोध पर केंद्रित होगा सत्र

पंजाब कैबिनेट द्वारा 8 नवंबर को पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला

लुधियाना, 27 अक्टूबर:
अंतर-राष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बी.एस.एफ) का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किए जाने के केंद्र के फ़ैसले के खि़लाफ़ और तीनों केंद्र के काले कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए पंजाब कैबिनेट द्वारा आज 15वीं विधान सभा का 16वां विशेष सत्र 8 नवंबर, 2021 को मंज़ूरी दे दी गई है। 
जि़क्रयोग्य है कि यह फ़ैसला 25 अक्टूबर को चण्डीगढ़ में हुई सर्वदलीय बैठक में इस सम्बन्धी पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाने के लिए सर्वसम्मति से किए गए फ़ैसले की रौशनी में लिया गया है। यह फ़ैसला मुख्यमंत्री स. चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता अधीन यहाँ सर्किट हाऊस में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया। 

सार्वजनिक मामलों में प्रशासनिक कारगुज़ारी को और बेहतर बनाने के लिए लाल-फीताशाही विरोधी नियमों-2021 को मंज़ूरी
एक अन्य अहम फ़ैसले में कैबिनेट द्वारा शासन सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा तैयार किए गए पंजाब लाल-फीताशाही विरोधी नियमों-2021 को मंज़ूरी दी गई है, जिससे पंजाब लाल-फीताशाही विरोधी एक्ट, 2021, जो नोटीफायी किया गया था और 6 अप्रैल 2021 को प्रभाव में आया, के उद्देश्यों को हासिल किया जा सके।
यह एक्ट सभी विभागों और उनसे जुड़े या अधीन दफ्तरों समेत बोर्डों, निगमों, स्थानीय सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, सोसाइटियों, ट्रस्टों, कमिशनों, पंजाब विधान एक्ट के अंतर्गत गठित आत्मनिर्भर स्वायत्त संस्थाओं, जिनका ख़र्च राज्य के कंसोलीडेटिड फंड में से होता है, पर लागू होगा। इस एक्ट के लागू होने के छह महीनों के अंदर-अंदर उपरोक्त सभी संस्थान प्रक्रियाओं को सरल बनाकर अनुपालन के बोझ को 50 प्रतिशत तक घटाने को सुनिश्चित बनाएंगे। इसी तरह, इस एक्ट के अंतर्गत उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खि़लाफ़ वित्तीय जुर्माने और अनुशासनात्मक कदम उठाए जाने के उपबंध मुहैया होंगे।
छोटे और दर्मियाने उद्योगों के विस्तार को गतिशील बनाने के लिए पंजाब राइट टू बिजऩेस एक्ट-2020 में संशोधनों को मंज़ूरी-

राज्य के अंदर व्यापार करने के लिए अनुकूल माहौल सृजन करने के लिए, एक्ट के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के विस्तार के लिए पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट-2020 में संशोधनों को कैबिनेट द्वारा मंज़ूरी दे दी गई है। एक्ट के संशोधनों से राज्य के अंदर स्थापित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के विस्तार और निरीक्षण के लिए जल्द मंज़ूरी, स्वै-घोषणा, छूट के लिए प्रक्रियाओं को आसान और योग्य बनाया जा सकेगा। विस्तार करने वाले सभी स्थापित उद्यम एक्ट के अंतर्गत आने वाली 7 सेवाओं के लिए सैद्धांतिक मंज़ूरी का सर्टिफिकेट लेने के लिए योग्य होंगे, जिसको फोकल प्वाइंटों में कार्यशील इकाईयों को 5 काम-काज वाले दिनों और फोकल प्वाइंटों के बाहर कार्यशील इकाईयों को 20 काम-काज वाले दिनों के अंदर-अंदर जारी किया जाएगा।

व्यापार के उद्योग को बढ़ावा देने के लिए निवेश उद्यमों/रियायत समर्थकीय कदमों को मंज़ूरी- जी.एस.टी और वैट का मुल्यांकन बिना पेश हुए किए जाने की मंज़ूरी, जिसके अंतर्गत व्यापारियों और उद्योगपतियों को इस उद्देश्य के लिए कराधान कार्यालयों में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

- कराधान विभाग में मोबाइल दस्तों की संख्या घटाई। अब 14 दस्तों की जगह पर सिफऱ् 4 दस्ते होंगे। 

- संस्थागत कर का खात्मा
- वित्तीय वर्ष 2014-15, 2015-16 और 2016-17 के वैट के लम्बित मामलों में कुल माँग का सिफऱ् 30 फीसदी बकाए को विचारा जाएगा, जिसमें से 20 फीसदी पहले साल और बाकी बचे 80 फीसदी को अगले साल में रिकवर किया जाएगा।

- पंजाब एग्रो इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन पी.ए.आई.सी), पंजाब वित्त निगम (पी.एफ.सी), पंजाब राज्य उद्योग विकास निगम (पी.एस.आई.डी.सी) में उल्लंघनों के दोषियों के लिए एकमुश्त निपटारा (ओ.टी.एस) स्कीम।

-पंजाब राज्य निर्यात निगम (पी.एस.आई.ई.सी) के प्लॉट धारकों के लिए माफी स्कीम लाई जाएगी।

-मध्यम दर्जे के उद्योगों के लिए बिजली कनैक्शन की निर्धारित दरें 50 फीसदी घटाईं।

-औद्योगिक फोकल प्वाइंटों के अंदर बुनियादी ढांचे की मज़बूती के लिए 150 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

- उद्योगों के लिए रास्ते की शर्त आसान करके 6 करम से 4 करम करने का फैसला।
- पट्टी-मखू रेल लिंक के लिए अधिग्रहण की जाने वाली अपेक्षित ज़मीन अगले रेल बजट से पहले रेल मंत्रालय को सौंपी जाएगी।
- अमृतसर में बनेगा प्रदर्शनी केंद्र।
-चंडीगढ़ के नज़दीक बनेगी फि़ल्म सिटी।

स्कूल शिक्षा विभाग की सालाना प्रशासनिक रिपोर्ट को मंज़ूरी
-पंजाब मंत्रिमंडल द्वारा साल 2019-20 के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट को मंज़ूरी दे दी गई है।

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