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संभावित आतंकवादी हमले को किया नाकाम ; तीन गिरफ़्तार, टिफ़िन बम बरामद

 
संभावित आतंकवादी हमले को किया नाकाम ; तीन गिरफ़्तार, टिफ़िन बम बरामद

चंडीगढ़, 4 नवंबरः

सरहदी राज्य पंजाब में एक और संभावित आतंकवादी हमले को नाकाम करते हुए पंजाब पुलिस ने दीवाली की पूर्व संध्या पर ज़िला फ़िरोज़पुर में भारत-पाक सरहद के नज़दीक स्थित गाँव अली के में खेतों में छुपाकर रखा एक और टिफिन बम बरामद किया है।
इस संबंधी जानकारी देते हुए, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब इकबाल प्रीत सिंह सहोता ने बताया कि लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने सोमवार को दो व्यक्तियों को जलालाबाद बम धमाके मामले में दोषी रणजीत सिंह उर्फ गोरा को पनाह देने और सहायता करने के दोष के अंतर्गत गिरफ़्तार किया था। जलालाबाद बम धमाका केस की जांच एनआईए द्वारा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि गिरफ़्तार किये गए व्यक्तियों की पहचान जसवंत सिंह उर्फ शिंदा बाबा निवासी गाँव झुग्गे निहंगां वाला, फ़िरोज़पुर और बलवंत सिंह निवासी गाँव वलीपुर खुर्द, लुधियाना के तौर पर हुई है। इसके अलावा रणजीत सिंह उर्फ गोरा को भी गिरफ़्तार कर लिया गया है।
ज़िक्रयोग्य है कि गाँव झुग्गे निहंगा वाले के बलविन्दर सिंह उर्फ बिंदु की 15 सितम्बर 2021 को रात 8 बजे के करीब जलालाबाद शहर में एक मोटरसाईकल धमाके में मौत हो गई थी। वह आपराधिक पृष्ठभूमि वाला था। जलालाबाद बम धमाका मामले में पहले ही तीन दोषियों को गिरफ़्तार किया जा चुका है और उनके पास से 1 टिफिन बम, 2 पैन ड्राईव़ और 1 लाख 15 हज़ार रुपए की नकदी बरामद की गई है।
डीजीपी ने बताया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि उक्त दो दोषियों के पास एक टिफिन बम था, जो उन्होंने खेतों में छुपा कर रखा था। उन्होंने बताया कि दोषियों के खुलासे के बाद काउन्टर इंटेलिजेंस फ़िरोज़पुर और लुधियाना और सी.आई.ए. जगराओं की टीमों द्वारा बुधवार को फ़िरोज़पुर के गाँव अली के में एक साझा सर्च ऑप्रेशन चलाया गया और टिफिन बम बरामद किया गया।
ए.डी.जी.पी. (अंातरिक सुरक्षा) आर.एन ढोके ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और जल्द ही और गिरफ़्तारियाँ होने की आशा है। इससे पहले भी पिछले कुछ महीनों दौरान अमृतसर ग्रामीण, कपूरथला, फाजिल्का और तरनतारन से टिफिन बम बरामद किये जा चुके हैं।
बताने योग्य है कि 1 नवंबर, 2021 को लुधियाना (ग्रामीण) के थाना सिद्धवां बेट में आइपीसी की धारा 212 और 216 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट (यू.ए.पी.ए.) एक्ट की धाराओं 18 और 19 के अंतर्गत एफआईआर नंबर 181 दर्ज की गई थी।

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