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ज्येष्ठा नक्षत्र से शुरु ये वर्ष रहेगा राजा और प्रजा के लिए संघर्षकारकः पं. जोशी

 - पंजाब में नई पार्टी के सत्ता में आने के योग भी प्रबल

ज्येष्ठा नक्षत्र से शुरु ये वर्ष रहेगा राजा और प्रजा के लिए संघर्षकारकः पं. जोशी

श्री मुक्तसर साहिब, 28 दिसंबर-
 
आगामी नव वर्ष- 2022ई की  शुरुआत
शनिवार से चतुर्दशी तिथि एवं त्रियोदशी तिथि के क्षय से हो रहा है।
ज्येष्ठा  नक्षत्र से शुरु यह वर्ष    राजा और प्रजा के लिए बहुत संघर्ष
कारक रहेगा। ये जानकारी सनातन धर्म प्रचारक प्रसिद्ध विद्वान ब्रह्मऋषि
पं. पूरन चंद्र जोशी ने नववर्ष के उपलक्ष्य में दी। उन्होंने कहा कि
केंद्र एवं राज्य सरकारों की दोष पूर्ण नीतियों के कारण आवश्यक वस्तुओं
के मुल्यों में विशेष वृद्धि होगी। बच्चो में विशेष प्रकार के पेचीदा रोग
फैलने से प्रजा में भय उत्त्पन्न हो सकता है।  चोरी, डकैती,
पेचीदा-बिमारियों, लूट-मार जैसी घटनाओं में वृद्धि से जन सामान्य में भय
बना रहेगा। राष्टीय नेताओं और पक्ष विपक्ष के नेताओं में परस्पर बैर
विरोध, आरोप-प्रत्यारोप, टकराव के हालात भी बने रहेंगे। देश में लड़ाई-
झगड़े, सांप्रदायिक दंगे फसाद ,चोरी, ठगी, बेइमानी, और अग्नि कांण्ड, एवम
उपद्रवी घटनाएं अधिक होंगी। रोजाना काम आने वाली वस्तुओं के मूल्यों में
अधिक तेजी आने के कारण लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश व उग्रता की
भावना रहेगी। मिथ्या-आडम्बर-युक्त-धार्मिक उत्सवों की भरमार रहेगी। आने
वाले नया  संवत चैत्र-शुक्लपक्ष से संवत का राजा-शनिदेव औरं
मंन्त्री-बृहस्पति जी होने से लोग आर्थिक एवम मानसिक रूप से परेशान
रहेंगे। लोगों में भोग विलास की प्रवृतियांॅ-स्वार्थ-परता, और व्यापारिक
वृद्धि बड़ेगी। चैत्र शुक्ल पक्ष से-गुरु ,सूर्य, शुक्र, व शनि आदि
विरुद्ध ग्रहों के मध्य समसप्तक योग के कारण भारत एवं विश्व के समस्त
देशों में आशचर्य जनक, विस्फोटक, तख्ता-पलट, ग्रह युद्ध एवम आतंकी घटनाएं
घटित होने की संभावना है।  मुस्लिम बाहुल्य पश्चिमी एशिया के देश भी
धार्मिक विध्वंसता की आग में सुलगने लगेंगे। युद्ध मय वातावरण के बीच
साधारण जनता पलायन भी करेगी। अफगानिस्तान, इराक,लेबनान,यमन,पाकिस्तान,
आदि किसी मुस्लिम देश में,राजनितिक उथल पुथल एवम ग्रह युद्ध की  संभावना
है। 27 जून से 10 अगस्त के बीच- मंगल-राहु योग तथा सूर्य शनि के मध्य,सम
सप्तक योग   जहरीली भोगोलिक राज नीति, विश्व को उत्तेजित एवम व्यथित
करेगी। शनि बक्री रहने के कारण- इस्लामी देशों में ईजरायल,में कहीं युद्ध
मय बातावरण,हवाई अड्डों आदि पर आक्रमण,बिस्फोट होंगे।  सोना,तांबा,चांदी
आदि धातुओं में असाधारण तेजी होगी। सत्तारुढ़ सरकार करोना महामारीअन्य
समस्याओं के बावजूद भी विपरीत परिस्थितियों में भी अर्थ-व्यवस्था को
संभाल कर देश को विकास व प्रगति की ओर ले जाएगी। 13 अगस्त से 8 नवंम्बर
के बीच खप्पर योग बनने से देश में महंगाई, भ्रष्टाचार के कारण सरकार
द्वारा संचालित जनाओं का लाभ, साधारण जनता तक न मिल पाने के कारण लोगों
में  आक्रोश-असंतोष की भावना रहेगी।
विश्व के किसी भी देश या राज्य में छत्र-भंग) सत्ता परिवर्तन के योग हैं।
किसी प्रमुख-नेता के अपदस्थ, या मृत्यु के योग भी हैं।  पंजाब में
त्रिकोणिय संघर्ष रहेगा। किसी  नई पार्टी के सत्ता में आने के योग भी
प्रबल हैं।

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