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फर्जी अशलील चैट और एडिट फोटो कांड मामले की पड़ताल शुरू

  तीन महीने पहले की थी डी.जी.पी. को शिकायत 

फर्जी अशलील चैट और एडिट फोटो कांड मामले की पड़ताल शुरू

श्री मुक्तसर साहिब, 05 मार्च-
 एल.बी.सी.टी. के चेयरमैन और आल इंडिया एस.सी./बी.सी./एस.टी. एकता भलाई मंच के राष्ट्रीय प्रधान अनुसूचित जाति से संबंधित जगदीश राय ढोसीवाल ने बताया है कि कई महीने पहले जनरल वर्ग से संबंधित पूनम रानी ने अपने मोब. नंबर 73072-07710 पर अन्य के साथ मिलीभुगत करके उनकी एडिट की गईं फोटो वाइरल की थीं। उसके द्वारा इस साजिश में शामिल व्यक्तियों को भी भेजी गई थीं, जिन्होंने आगे फिर इनको वाइरल कर दिया। दो दिन बाद पूनम रानी ने अपनी इस गलती को मानते हुए लिखित रूप में माफी मांगी और जिन व्यक्तियों को यह फोटो भेजी थीं उनके नाम भी इस माफीनामें में लिख कर दिए थे। कुछ दिन बाद फिर उक्त पूनम रानी ने अन्य के साथ साज-बाज हो कर किसी दूसरे फोन पर ओ.टी.पी. लेने उप्रांत फर्जी अशलील चैट तैयार की। इस चैट पर प्रधान ढोसीवाल की डी.पी. लगा कर इस अशलील चैट को उनके द्वारा दिखा कर फिर वाइरल कर दी। ढोसीवाल ने करीब तीन महीने पहले पूरे मामले की पड़ताल और इंसाफ के लिए डी.जी.पी. पंजाब को लिखित शिकायत की थी। शिकायत को वापस कराने के मंतव से पूनम रानी और उसके अन्य साथिओं द्वारा ढोसीवाल पर केस वापस लेने के लिए दबाव डाला जाता रहा और ऐसा न किए जाने की सूरत में उनको झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इतना ही नहीं उक्त पूनम रानी ने ढोसीवाल को अपने मोबाइल नंबर से पिछले कई महीनों से यह शिकायत वापस लेने के मकस्द से हर रोज़ 40-50 मैसेज भेजे जाते रहे हैं। कई सैकड़ों की संख्या में भेजे गए इन मैसेजों से उनको जलील किया जाता रहा। उन्होंने आगे यह भी बताया है कि पुलिस पड़ताल की जानकारी मिलते की पूनम रानी ने करीब चार दिन पहले बीती 28 फरवरी को मैसेज भेजने बंद कर दिए। इस संबंधी भी ढोसीवाल ने डी.जी.पी. पंजाब, चीफ जस्टिस पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट और नैशनल कमिशन फॉर एस.सीज, भारत सरकार नई दिल्ली के चेयरमैन को भी लिखित रूप में दी। अब पूरे मामले की पड़ताल स्थानीय पुलिस स्टेशन सिटी द्वारा की जा रही है। ढोसीवाल ने आगे बताया है कि पड़ताल संबंधी उन्होंने अपना लिखित बयान स्थानीय पुलिस स्टेशन सिटी को रजिस्ट्रड डाक द्वारा भेज दिया है। जांच अधिकारी की हिदायत अनुसार ढोसीवाल कल 07 मार्च को जांच अधिकारी को मिलेंगे और उनके विरूद्ध रची गई साजिश के अन्य सभी पहलूओं और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों के बारे लिखित रूप में पूनम रानी और अन्य दोषियों विरूद्ध साइबर क्राइम एक्ट और एट्रो सिटी एक्ट 1989 (छूत छात रोकू एक्ट) अधीन कार्यवाई करने की मांग करनेंगे ताकि उन्हें इंसाफ मिल सके।

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