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चंडीगढ़, 31 मार्च:
कोविड-19 के मद्देनजऱ देश भर में लागू लॉकडाउन के कारण पंजाब राज्य में रबी सीजन की फ़सल, गेहूँ की खरीद 15 अप्रैल, 2020 से आरंभ होगी।
उक्त जानकारी आज यहाँ पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री श्री भारत भूषण आशु द्वारा एक प्रैस बयान के द्वारा दी गई।श्री आशु ने कहा कि देश भर में लागू लॉकडाउन और कोरोना बीमारी का मुकाबला करने के लिए अपनाई गई सामाजिक दूरी की नीति के मद्देनजऱ और किसानों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फ़ैसला लिया गया है।
श्री आशु ने कहा कि यह खरीद प्रक्रिया 15 जून, 2020 तक जारी रहेगी और पंजाब सरकार किसानों द्वारा पैदा किया गया हरेक दाने की खरीद करने के लिए वचनबद्ध है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वह 15 अप्रैल, 2020 से अपनी तैयार फ़सल को मंडी में लाने की तैयारी करें।


धवन कालोनी के रहने वाले सरां परिवार ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बेहद शॉर्ट नोटिस पर परमिशन जारी करने के लिए डिप्टी कमिश्नर का जताया आभार


फिरोजपुर31 मार्च-
डिप्टी कमिश्नर फिरोजपुर श्री कुलवंत सिंह की तरफ से सिर्फ एक फोन कॉल पर एक गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए कर्फ्यू के बीच बठिंडा ले जाने को लेकर जारी की गई अनुमति फिरोजपुर के सरां परिवार के लिए वरदान साबित हुई।
गर्भवती महिला ने रविवार को एक लड़के को जन्म दिया और जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह से सुरक्षित हैं। परिवार ने यह खुशी सबसे पहले डिप्टी कमिश्नर श्री कुलवंत सिंह के साथ साझा की और उन्हें बच्चे की तस्वीरें भी व्हॉट्स एप पर भेजी और साथ में संदेश भेजा थैंक्यू डीसी साहिब। डिप्टी कमिश्नर ने भी जवाब में बच्चे के लिए अपना आशीर्वाद और शुभकामनाएं भेजी।
      धवन कालोनी के रहने वाले कुलदीप सिंह सरां ने बताया कि उनकी पत्नी मनप्रीत कौर गर्भवती थी और उसका इलाज बठिंडा के कपिला अस्पताल से चल रहा था। 27 मार्च को उन्हें अपनी पत्नी मनप्रीत कौर को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी लेकिन कर्फ्यू की वजह से वह निकल नहीं पा रहे थे। पास बनवाने के लिए समय नहीं था और वक्त भी निकल चुका था। इसलिए उन्होंने डिप्टी कमिश्नर श्री कुलवंत सिंह को फोन करके सारी बात बताई।
कुलदीप सिंह ने बताया कि वह उस वक्त काफी आश्चर्यचकित हो गए जब कुछ ही देर बाद डिप्टी कमिश्नर कार्यालय की तरफ से उन्हें व्हॉट्स पर परमिशन लैटर मिली। यह लैटर डिप्टी कमिश्नर की तरफ से उनके लैटर हैड पर थीजिसमें इलाज के लिए उनकी पत्नीउन्हें व उनके पिता को बठिंडा आने-जाने की अनुमति जारी की गई थी।
उन्होंने बताया कि परमिशन लैटर मिलते ही वह तत्काल अपनी पत्नी को लेकर बठिंडा के लिए रवाना हुएजहां 28 मार्च को उसका इलाज शुरू हुआ। 29 मार्च को उनकी पत्नी ने एक लड़के को जन्म दिया और दोनों जच्चा-बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित हैं। कुलदीप सिंह ने बताया कि वह डिप्टी कमिश्नर श्री कुलवंत सिंह के आभारी हैंजिन्होंने इतने शॉर्ट नोटिस पर उन्हें परमिशन लैटर जारी करवाया।
      
डिप्टी कमिश्नर श्री कुलवंत सिंह ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान लोगों की सहायता के लिए पंजाब सरकार पूरी तरह से वचनबद्ध है और जिला प्रशासन की तरफ से इन गंभीर परिस्थितियों में लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी तरह की मुश्किल को लेकर जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं और उन्हें तुरंत राहत प्रदान की जाएगी। उन्होंने लोगों से इस नेक कार्य के लिए खुलकर दान देने की भी अपील की। 


पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं और अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया अगले आदेशों तक मुलतवी-विजय इंदर सिंगला

चंडीगढ़, 30 मार्च:
पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए कफ्र्यू के कारण फंसे प्रवासी मज़दूरों को पनाह देने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूलों की इमारतें खुलवाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के सचिव को यह निर्देश आगे सभी जि़ला शिक्षा अधिकारियों को जारी करने के लिए कहा गया है कि वह इसके अनुसार प्रबंध करें। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सम्बन्धित जि़ला प्रशासन उनको स्कूलों में थोड़े समय के लिए ठहरने के दौरान खाना और अन्य प्रबंध मुहैया करवाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने यह भी बताया कि 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षाएं जो पहली अप्रैल से होनी थीं, को अगले आदेशों तक मुलतवी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) द्वारा पहले 31 मार्च तक परीक्षाओं को मुलतवी किया गया था परन्तु आठवीं कक्षा के कुछ प्रैक्टिकल और बारहवीं कक्षा की थ्यूरी की परीक्षाएं पहली अप्रैल से होनी थीं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस की बीमारी के मद्देनजऱ देश भर में हुए लॉकडाउन के कारण यह परीक्षाएं मुलतवी की गई हैं।
श्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि 8वीं और बारहवीं कक्षा के अलावा, 10वीं कक्षा की कुछ थ्यूरी की परीक्षाएं जो 3 अप्रैल से होनी थीं, को भी तुरंत प्रभाव से मुलतवी कर दिया गया है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हालात आम की तरह होने के तुरंत बाद इन इम्तिहानों के लिए संशोधित डेटशीट जारी कर दी जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग ने अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया पर 15 अप्रैल, 2020 तक रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत बॉर्डर कैडर की हिंदी, पंजाबी, गणित, सामाजिक अध्ययन, अंग्रेज़ी और विज्ञान विषय के अध्यापकों के पद भरे जाने हैं जिससे सरहदी क्षेत्रों के बच्चों को मानक शिक्षा प्रदान की जा सके। 

चंडीगढ़ 30 मार्च:
पंजाब को सुरक्षित रखने के मद्देनजऱ पंजाब सरकार ने उन एन.आर.आई. और विदेशी यात्रियों के लिए स्वै-घोषणा फार्म जारी किया है जोकि 30 मार्च, 2020 के बाद पंजाब में दाखि़ल हुए हैं परन्तु उन्होंने अभी तक डिप्टी कमिश्नर, सिवल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग या पुलिस के कार्यालयों को विवरण भेजने संबंधी संपर्क नहीं किया।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये पंजाब सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि 30 मार्च, 2020 के बाद पंजाब में दाखि़ल हुए बहुत से प्रवासी भारतीयों ने अपने जिले में सम्बन्धित अथॉरिटी को अवगत करवा दिया है। उन्होंने कहा कि जिन प्रवासी भारतीयों / विदेशी यात्रियों की अभी तक डिप्टी कमिश्नर, सिवल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग या पुलिस के कार्यालयों के द्वारा तस्दीक नहीं हुई उनके लिए यह स्वै-घोषणा फार्म जारी किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रवासी भारतीय और विदेशी यात्री यह स्वै-घोषणा फार्म ‘डायल -112 ’ नेशनल एमरजैंसी रिस्पांस सिस्टम (ईआरएसएस) में तुरंत जमा करवा दें।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे प्रवासी भारतीय / विदेशी यात्री अपने विवरण ‘डायल -112 एप’ पर (जोकि गुगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है) पर या 'dial-112@punjabpolice.gov.inईमेल या  डायल -112 वैबसाईट http://ners.in/पर भी भेज सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई भी दिए हुए इस ई-मेल या पोर्टल पर ज़रुरी विवरण भेजने में असमर्थ रहता है, तो इस तरह के विवरन वटसऐप नंबर 97799 -20404 पर भी भेजे जा सकते हैं। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि 112 नंबर तभी डायल किया जाये जब कोई बताए गये प्लेटफार्मों पर जानकारी भेजने से असमर्थ रहता है। उन्होंने कहा कि इन प्रवासी भारतीयों / विदेशी यात्रियों को अपने विवरणों में उनके पंजाब में आने की तारिख और हवाई अड्डे का नाम जहाँ वह उतरे थे और हवाई अड्डे पर उतरने की तारिख आदि लिखनी होगी। इसके अलावा वह पंजाब में जिन-जिन स्थानों पर गए और उनके पासपोर्ट नंबर समेत उनके नाम और संपर्क विवरणों जैसे कि मोबाइल नंबर, लैंडलाइन नंबर और ई-मेल -आईडी से सम्बन्धित जानकारी भी फार्म में लिखनी पड़ेगी। उनको अपने पासपोर्ट में बताए अनुसार अपना स्थायी पता भी लिखना चाहिए और इस फेरी के दौरान यदि वह किसी होटल में रहे हों और अब किस मौजूदा पते पर वह रहते हैं, उस सम्बन्धी भी जानकारी इस फार्म में भरनी होगी।


चंडीगढ़, 29 मार्च:
नोवोल कोरोना वायरस (कोविड -19) के इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान नशें के पीडि़त मरीज़ों के लिए बड़ी राहत के तौर पर पंजाब सरकार ने 198 ओट (ओ.ओ.टी.) क्लीनिक, 35 सरकारी नशा मुक्ति केन्द्रों और 108 लाइसेंसशुदा प्रायवेट नशा मुक्ति केन्द्रों को मानसिक रोगों के डाक्टर द्वारा मूल्यांकन करने के बाद रजिस्टर्ड मरीज़ों को बुप्रेनोरफाईन +  नलोकसोन दवाओं की दो सप्ताह की डोज़ घर लेजाने की सुविधा देने की मंज़ूरी दी है। 

इस संबंधी और जानकारी देते हुुये स्वास्थ्य मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि इस सम्बन्धी सभी डिप्टी कमीशनरों को पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अन्य इलाज सेवाओं समेत नशा मुक्ति प्रोग्राम के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि कफ्र्यू और लॉकडाऊन के इस समय के दौरान सरकार ने नशे की आदत से पीडि़त मरीज़ों के इलाज और देखभाल के लिए विशेष पहलकदमियां की हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि कोविड-19 संबंधी जागरूकता पैदा करने के लिए मरीज़ों में सामाजिक दूरी बनाई रखने पर विशेष ज़ोर दिया गया है और इन केन्द्रों में दवाएँ लेने के दौरान एक दूसरे से दूरी बनाऐ रखने सम्बन्धी उनको विशेष निर्देश जारी किये जा रहे हैं। यह कदम इन केन्द्रों में नशे के मरीज़ों के आने -जाने को कम करने के लिए उठाये गए हैं जिससे कोविड-19 के फैलाव को रोका जा सके।
स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि बहुत से केंद्र पहले ही कार्यशील हैं और मरीज़ों को दवा दे रहे हैं। रोज़ाजना औसतन डोज़ 3.2 गोलियों के मुकाबले पिछले दो दिनों में दवा घर लेजाने के कारण सरकारी केन्द्रों में प्रति मरीज़ औसतन डोज़ 11.4 गोलियाँ हो गई है। पिछले दो दिनों में सरकारी केन्द्रों की तरफ से बीपीएन की तकरीबन 3,09,796 गोलियाँ और निजी केन्द्रों की तरफ से 5,68,747 गोलियाँ दी गई। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों में आने वाले मरीज़ों को कोरोना वायरस और इसके रोकथाम के उपायों संबंधी जागरूक किया जाता है। उन्होंने कहा कि दवा देने के दौरान सामाजिक दूरी रखी जा रही है और मरीज़ों को यह भी सूचित किया जा रहा है कि ज़्यादा बुख़ार, सूखी खाँसी और साँस लेने में मुश्किल होने की स्थिति में उनको लाजि़मी तौर पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र के साथ संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज़ों को उनके सम्बन्धित नशा मुक्ति केन्द्रों और ओओएटी क्लिनिकों में आने सम्बन्धी सुविधा देने के लिए जि़ला अधिकारियों के साथ संपर्क किया जा रहा है। टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 104 के द्वारा दिन-रात डाक्टरी सेवाएं भी मुहैया करवाई जा रही हैं।

फल, सब्जियाँ, दूध, डेयरी उत्पाद आदि ले जा रहे व्हीकलों के निर्विघ्न यातायात में सहायता करेगा कंट्रोल रूम

मोबाइल नंबर: 7986164174, 9877937725 और ई मेल-    fruit.veg.control@punjab.gov.inभी जारी किए गए
चंडीगढ़, 27 मार्च:
कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा सप्लाई श्रृंखला में किसी तरह के विघ्न (अगर कोई है) के प्रभावशाली हल के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
इस संबंधी जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कंट्रोल रूम को लोगों द्वारा उपभोग किये जाने वाले फलों, सब्जियों, दूध और डेयरी उत्पादों और अन्य ज़रूरी सामान ले जा रहे वाहनों और फूड / दूध प्रोसेसिंग उद्योग को चलाने के लिए कच्चे माल और पैकिंग सामग्री और तैयार हुए खाने-पीने वाले उत्पादों की उद्योग से रिटेलर /खपतकारों तक ढुलाई के लिए वाहनों की निर्विघ्न अंतरराज्यीय यातायात को यकीनी बनाना लाजि़मी किया गया है। कंट्रोल रूम यह यकीनी बनाने के लिए सम्बन्धित जि़ले या राज्य से तालमेल भी करेगा कि फूड /मिल्क प्रोसेसिंग उद्योग को चलाने के लिए कच्चे माल और पैकिंग सामग्री / ज़रुरी अन्य उत्पादों जैसी पैकेजिंग बनाने वाली फ़ैक्ट्रियों को अपने काम चलाने की इजाज़त दी जाये और उक्त सामग्री को राज्यों में पहुँचाने की आज्ञा दी जाये। पशुओं के चारे, खाद्य पदार्थ और ईंधन जैसे कोयले के लिए कच्चे माल की निर्विघ्न यातायात को भी यकीनी बनाया जायेगा।
प्रवक्ता ने कहा बाग़बानी के सचिव गगनदीप सिंह बराड़ लोगों द्वारा उपभोग के लिए ज़रूरी खाने-पीने वाली वस्तुओं को सुचारू ढंग से ले जाने और फूड प्रोसेसिंग उद्योग के संचालन के लिए कंट्रोल रूम की निगरानी करेंगे। वह केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए राज्य सरकार के लिए नोडल अधिकारी भी होंगे।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि कंट्रोल रूम के इंचार्ज अधिकारी सप्लाई चेन में रुकावट (अगर कोई है) को दूर करने के लिए राज्य और इसके बाहर प्रशासनिक अधिकारियों सिविल, ट्रांसपोर्ट और पुलिस को जवाब देंगे। कंट्रोल रूम प्रात:काल 7.00 बजे से रात 9.00 बजे तक कार्यशील रहेगा और अगले हुक्मों तक काम करेगा।
नीचे दिए गए नंबर कंट्रोल रूम को समर्पित किये गए हैं: 7986164174, 9877937725 और ई.मेल-  द्घह्म्ह्वद्बह्ल.1द्गद्द.ष्शठ्ठह्लह्म्शद्यञ्चश्चह्वठ्ठद्भड्डड्ढ.द्दश1.द्बठ्ठ
इसी दौरान, मंडी बोर्ड के चीफ़ इंजीनियर हरप्रीत सिंह बराड़ (9817091234) को कंट्रोल रूम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि अन्य अधिकारियों जीएम प्रोजैक्ट जीएस रंधावा (9876603411) जीएम फायनैंस मुकेश जुनेजा (9646300190), सीजीएम सिकंदर सिंह (9814015088), चीफ़ इंजीनियर बी.एस. धनोआ (9988870414), डीजीएम एन्फोरसमैंट सुखबीर सिंह सोढी (9814038537) और डीजीएम एस्टेट परमजीत सिंह (9646016163) को भी कंट्रोल रूम में लगाया गया है और सभी अधिकारियों को तुरंत ड्यूटियां ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी इस कार्य में सहायता के लिए पंजाब मंडी बोर्ड के ज़रुरी अधिकारियों को नियुक्त करेंगे।
कंट्रोल रूम के नोडल अफ़सर द्वारा एक रोस्टर तैयार किया जाएगा जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि काम के समय के दौरान कंट्रोल रूम में कम से कम दो अधिकारी मौजूद हों। हालाँकि, काम की गंभीरता और संवेदनशीलता के मद्देनजऱ सभी अधिकारी अपने फ़ोन और सोशल मीडिया पर 24/7 तक पहुँच में रहेंगे।

वलंटियरों और रिक्शा चालकों को किया जा रहा है शामिल

ज़रूरी वस्तुओं की मौका ढुलाई करने वाले 3000 ट्रकों को निकलने की सहूलत

चंडीगढ़, 27 मार्च:
पंजाब पुलिस ने शुक्ररवार को राज्य भर में लगभग 1.9 लाख फूड पैक्ट बाँटने और विभिन्न जिलों में मैडीकल कैंप लगा कर कफ्र्यू राहत कामों में विस्तार किया है। जबकि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में अलग-अलग अंतरराज्जीय सरहदी नाकों के द्वारा ज़रूरी वस्तुएँ ले जा रहे लगभग 3000 ट्रकों और लोरियाँ को यातायात की सुविधा दी है। बीते कल शुरू की गई सुविधा के अंतर्गत पुलिस ने व्यक्तियों द्वारा 2-पास सम्बन्धित प्राप्त हुये 1600 उचित आवेदन पत्रों को मंज़ूरी मिली है। इसके साथ ही अपनी किस्म के नवीन पास जैसे पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में से निकलने के लिए नये किस्म के अंतरराज्जीय क्रिटीकल संकटकालीन ट्रांजिट के पास और यात्रा के लिए बद्दी उद्योग के पास भी दिए जा रहे हैं। 
आज कफ्र्यू लागू करने और ज़रूरी सप्लाई के साथ-साथ कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए कुल 42,515 पुलिस कर्मचारियों के अलावा वालंटियर भी मैदान में थे। शुक्रवार शाम तक कफ्र्यू का उल्लंघन करने और क्वांटाईन सम्बन्धी विभिन्न दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने  वालों के विरुद्ध कुल 79 मामले दर्ज किये गए और 104 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया गया।
यह जानकारी देते डी.जी.पी दिनकर गुप्ता ने बताया कि 112 पुलिस एमरजैंसी नंबर, जो कल कफ्र्यू हेल्पलाइन में तबदील कर दिया गया था और 24 घंटों के दौरान करीब 17,000 काल आईं थीं, जिनमें से 10699 काल कोविड -19 और अन्य जानकारी से सम्बन्धित हैं। कोविड एमरजैंसी से सम्बन्धित काल 1176 थे, जिनमें से 406 कफ्र्यू के उल्लंघन से सम्बन्धित, 531 ज़रूरी वस्तुओं की सप्लाई के लिए, 65 दवाएँ, 102 कोरोना वायरस के शक्की मामलों की रिपोर्ट करने के लिए और 10 डाक्टरी सहायता, जबकि 62 अन्य फुटकर काल थे। बाकी की काल मुद्दों से सम्बन्धित हैं कोविड से सम्बन्धित नहीं थे।
कफ्र्यू सम्बन्धी कामों को और सुचारू बनाने हेतु जिलों के सभी कमिशनरेट पुलिस और एसएसपीज़ को विशेष कामों जैसे जि़ला बार रूम, जि़ला कंट्रोल रूम, ज़रूरी सेवाओं सम्बन्धी, जिलों में यातायात के निर्विघ्न प्रवाह को बनाई रखने समेत राष्ट्रीय / राज मार्ग, जि़ला पुलिस मीडिया संपर्क अफ़सर और अस्पताल / मैडीकल संपर्क अधिकारी नामज़द किये हैं।
ई -पास सुविधा का विवरण देते हुये डीजीपी ने कहा कि बड़ी संख्या में प्राप्त हुई 1600 आवेदकों को पास दिए गए। उन्होंने कहा कि कुछ आवेदनों को रद्द कर दिया गया जबकि कुछ अभी भी कार्यवाही अधीन हैं। जि़क्रयोग्य है कि डिजिटल ई -पास सुविधा, एक वैब आधारित ऐपलीकेशन है, जिसको कल पंजाब पुलिस ने राज्य भर में अलग-अलग किस्मों की श्रेणियों के लिए लगभग 9 अलग -अलग तरह के ई-पास मुहैया करवाने के लिए लांच किया था, जैसेकि अस्पताल, मैडीकल से जुड़े मुद्दों, पत्रकारों, ज़रूरी चीजों सम्बन्धित, ज़रूरी सेवाओं, सेहत कर्मचारी, सरकारी अधिकारी, विक्रेता (फल, सब्जियाँ, किराना), डिलीवरी करने वाले कामगार (किराना, फल, सब्जियाँ, रैस्टोरैंट, कैमिस्ट) आदि।
भोजन के वितरण संबंधी गुप्ता ने कहा कि आज बाँटे गए 188317 फूड पैक्टों में से 134815 लाख पकाए गए खाने के थे और 53502 सूखे भोजन के पैकेट थे।
कुल 10,205 फूड पैकेट अमृतसर शहर में और 10,000 अमृतसर ग्रामीण में बाँटे गए, जबकि बठिंडा में 950 पैकेट बाँटे गए, बटाला में 500, बठिंडा में 9540, फरीदकोट में 2400, फतेहगढ़ साहिब में 5200, फाजि़ल्का में 3000 और फिऱोज़पुर में 4500 पैकेट बाँटे गए।
इसी तरह, गुरदासपुर में 1950, होशियारपुर में 9500, जालंधर शहर में 12,000, जालंधर ग्रामीण में 6055, कपूरथला में 1550, खन्ना में 4000, लुधियाना शहर में 17000 और लुधियाना ग्रामीण में 13,600 फूड पैकेट भेजे गए।
इसी तरह मानसा में 28000 लोगों को अधिक से अधिक 28000 खाने-पीने की चीजें मुहैया करवाई गई, जबकि मोगा में 1100 पैक्ट दिए गए, पटियाला में 7500, पठानकोट में 15000, रोपड़ में 3667, संगरूर में 8000, एसएएस नगर में 9000, एसबीएस नगर में 1000, श्री मुक्तसर साहिब में 7000 और तरन तारन में 9600 पैक्ट बाँटे गए।
डीजीपी ने बताया कि सीनियर अधिकारी अपने जिलों में ज़रूरी चीजें की सप्लाई की सुविधा के लिए विशेष उपाय कर रहे हैं।
पुलिस जि़ला लुधियाना (ग्रामीण) के तीन झुग्गियों झौंपडिय़ों इलाकों के लिए कम्युनिटी रसोई स्थापित की गई है। पुलिस जि़ला लुधियाना (ग्रामीण) में लगभग 1600 व्यक्तियों को सुखा राशन दिया गया जबकि 12000 के करीब लोगों को पका हुआ खाना मुहैया करवाया गया।
एसएसपी कपूरथला के नेतृत्व में फगवाड़ा, सुभानपुर और बेगोवाल क्षेत्रों में मैडीकल कैंप लगाए गए। बठिंडा में पुलिस की तरफ से सूखे राशन वाले 1400 पैकेट बाँटे गए। सूखे राशन पैक्ट में 5 किलो आटा, 1 किलो चीनी, 100 ग्राम चाय, आधा किलो घी, आधा किलो दाल, 1 किलो चावल, 1 किलो नमक, सभी ज़रूरी मसाले शामिल हैं। इसके अलावा बठिंडा में 8140 पक्के भोजन के पैकेट बाँटे गए।
डीजीपी के अनुसार केंद्र सरकार के अचानक तालाबन्दी करने के आदेश के कारण ज़रूरी चीजों की सप्लाई चेन में पड़े विघ्न के साथ साथ हर तरह की खाने पीने वाली चीजें और जल्द खऱाब होने वाले पदार्थों को उपलब्ध करवाने के लिए सर्वोत्त्म यत्न किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतराज्जीय सरहद के साथ साथ राज्य के अंदर माल लाने वाली गाड़ीयों और ट्रकों के यातायात, विशेश तौर पर जल्द खऱाब होने वाली चीजों को लाने ले जाने वाले लोगों को पूरी तरह बहाल कर दिया गया था और इस समय कोई भी ट्रक अंतरराज्यीय सरहद पर नहीं रोका जायेगा।
ज़रूरी वस्तुओं की सप्लाई को और उचित और निर्विघ्न बनाने हेतु अंतराज्जीय सप्लाई चेन को यकीनी बनाने के लिए, पटियाला के शंभू में एन.एच. -1पर अंतराज्यीय बैरियर की निगरानी के लिए आई.जी.पी. पटियाला रेंज के जतिन्दर सिंह औलख को तैनात किया गया है।
कफ्र्यू को सफल बनाने हेतु पुलिस अधिकारियों की तरफ से वलंटियरों को भर्ती करने की कोशिश भी की जा रही है, खासकर गाँवों और शहरों / कस्बा मोहल्ले में कफ्र्यू को लागू करने के लिए, खासकर कुछ ख़ास क्षेत्र और गाँव में जहाँ पुलिस की मौजुदगी कम है। एसएसपी बरनाला ने 50 ऐसे वालंटियर भर्ती किये जबकि एसएसपी बठिंडा ने गाँवों में कफ्र्यू लागू करने के लिए चौकीदारों और वन्य गार्डें को लगाया गया है।
डीजीपी ने कहा कि साधारण रिक्शा चालकों को आपरेशन के छोटे क्षेत्रों में सब्जियाँ / दूध आदि बेचने के लिए भी शामिल किया जा रहा है। इसके साथ सब्जियों की डिलीवरी और रिक्शा चालकों को रोज़ी -रोटी की सुविधा मिलेगी।
राज्य के लोगों को दरपेश कोविड -19 के गंभीर खतरे और इस फैलने से रोकने के मद्देनजऱ, डीजीपी ने एक बार फिर नागरिकों को स्वै-संयम और अनुशासन दिखाने की चेतावनी दी और कफ्र्यू  के दौरान लगायी पाबंदियाँ और तालाबन्दी की सख्ती से पालना करने सम्बन्धी अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि तालाबन्दी का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध पुलिस के पास डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 की सख्त व्यवस्था और आइपीसी की धाराओंं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करने के अलावा कोई चारा नहीं होगा।

1 अब तक संदिग्ध मामलों की संख्या 789
2 जांच के लिए भेजे गए नमूनों की संख्या 789
3 अब तक पोज़ेटिव पाए गए मरीज़ों की संख्या 38
4 मृतकों की संख्या 01
5 नैगेटिव पाये गए मरीज़ों की संख्या 480

6 रिपोर्ट का इन्तज़ार है 271
7 स्वस्थ्य हुये 01

* राज्य में कोविड-19 (कोरोनावायरस) के 5 नए मामले सामने आए हैं।
* 3 मामले एसबीएस नगर से  हैं। वे पोजेटिव पाये गये व्यक्ति के सम्पर्क में हैं।
* 1 मामला जालंधर से है। वह पोजेटिव पाये गये व्यक्ति के सम्पर्क में हैं।
* 1 मामला एसएएस नगर से है। वह पोजेटिव पाये गये व्यक्ति के सम्पर्क में हैं।
* अमृतसर में दाखिल मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आयी है और वह अब स्वस्थ्य है।
इन सभी मामलों से सम्बन्धित सभी नज़दीकियों को क्वारांटाईन किया गया है और यह सब निगरानी अधीन हैं। इन मामलों के करीबी व्यक्तियों के नमूने भी ले लिए गए हैं और जांच के लिए निर्धारित लैब को भेजे गए हैं।
टीमें निगरानी कर रही हैं।
पंजाब में कोविड-19 के मामलों की जि़लावार रिपोर्ट
क्रम संख्या जि़ला पुष्ट मामले ठीक हुए मृत्यु
1 एसबीएस नगर 19 0 1
2 एसएएस नगर 06 0 0
3 जालंधर 05 0 0
4 अमृतसर 01 0 0
5 होशियारपुर 06 1 0
6 लुधियाना 01 0 0
योग: 38 0 1


ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਵੱਲੋਂ ਬਾਗਬਾਨੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਨੂੰ ਸੰਭਾਲਣ ਤੇ ਮੰਡੀਕਰਨ ਵਾਸਤੇ ਸ਼ਰਤਾਂ ਨਾਲ ਇਜਾਜ਼ਤ ਦੇਣ ਲਈ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗਾਂ ਨੂੰ ਹੁਕਮ

ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਵੱਲੋਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਨਿਰਵਿਘਨ ਖਰੀਦ ਦਾ ਭਰੋਸਾ, ਆਲੂ ਦੀ ਪੁਟਾਈ ਲਈ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ

ਚੰਡੀਗੜ, 27 ਮਾਰਚ
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕੋਵਿਡ-19 ਦੇ ਇਤਹਿਆਤੀ ਕਦਮਾਂ ਤਹਿਤ ਸਬੰਧਤ ਲੋੜੀਂਦੀਆਂ ਸ਼ਰਤਾਂ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਬਾਗਬਾਨੀ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਨੂੰ ਸੰਭਾਲਣ ਅਤੇ ਮੰਡੀਕਰਨ ਦੀ ਇਜਾਜ਼ਤ ਦੇਣ ਲਈ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗਾਂ ਨੂੰ ਹੁਕਮ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਹਨ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਨਾਂ ਨੇ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਹੈ ਕਿ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਕਣਕ ਦੀ ਵਾਢੀ ਮੌਸਮੀ ਹਾਲਤਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਅੱਧ ਅਪ੍ਰੈਲ ਦੇ ਨੇੜੇ-ਤੇੜੇ ਹੋਵੇਗੀ ਪਰ ਉਨਾਂ ਨੇ ਫਸਲ ਦੀ ਨਿਰਵਿਘਨ ਖਰੀਦ ਅਤੇ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਅਦਾਇਗੀ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦਿੱਤਾ।
ਆਲੂਆਂ ਦੀ ਪੁਟਾਈ ਅਤੇ ਕਣਕ ਦੀ ਵਢਾਈ ਲਈ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲੈਂਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਕਣਕ ਦੀ ਵਢਾਈ ਵਿੱਚ ਮੌਸਮੀ ਹਾਲਤਾਂ ਕਾਰਨ ਦੇਰੀ ਹੋਈ ਹੈ ਜੋ 12-15 ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ।
ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਲੂ ਪੁੱਟਣ ਅਤੇ ਭੰਡਾਰ ਕਰਨ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਕਣਕ ਦੀ ਨਿਰਵਿਘਨ ਖਰੀਦ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਫਸਲ ਦੀ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਅਦਾਇਗੀ ਕਰਨ ਨੂੰ ਵੀ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਏਗੀ।
ਇਕ ਸਰਕਾਰੀ ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕਣਕ ਦੀ ਵਢਾਈ ਸਬੰਧੀ ਵਿਸਥਾਰਤ ਦਿਸ਼ਾ-ਨਿਰਦੇਸ਼ 31 ਮਾਰਚ, 2020 ਤੱਕ ਜਾਰੀ ਹੋਣ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹੈ।
ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਬਾਗਬਾਨੀ ਵਿਭਾਗ, ਪੰਜਾਬ ਐਗਰੋ ਇੰਡਸਟਰੀਜ਼ ਕਾਰਪੋਰੇਸ਼ਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਮੰਡੀ ਬੋਰਡ ਨੂੰ ਹੁਕਮ ਦਿੱਤੇ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਮੁਸ਼ਕਲ ਤੋਂ ਬਾਗਬਾਨੀ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਨੂੰ ਸੰਭਾਲਣ ਅਤੇ ਮੰਡੀਕਰਨ ਦੀ ਆਗਿਆ ਦੇਣ ਵਾਸਤੇ ਸਬੰਧਤ ਜ਼ਿਲਾ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਤਾਲਮੇਲ ਕਰਕੇ ਲੋੜੀਂਦੀ ਯੋਜਨਾ ਉਲੀਕੀ ਜਾਵੇ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਇਕ ਬੁਲਾਰੇ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਮੰਡੀ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਜ਼ਿਲਾ ਮੰਡੀਆਂ ਅਫਸਰਾਂ ਦੀ ਵਿਸਥਾਰਤ ਸੂਚੀ ਉਨਾਂ ਦੇ ਸੰਪਰਕ ਨੰਬਰਾਂ ਸਮੇਤ ਜਾਰੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਤਾਂ ਕਿ ਕਿਸਾਨ ਸਬੰਧਤ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਰਾਬਤਾ ਕਾਇਮ ਕਰ ਸਕਣ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੀਆਂ ਹਦਾਇਤਾਂ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਵਧੀਕ ਮੁੱਖ ਸਕੱਤਰ ਵਿਕਾਸ-ਕਮ-ਵਿੱਤ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਬਾਗਬਾਨੀ ਵਿਸਵਾਜੀਤ ਖੰਨਾ ਨੇ ਵੀ ਸਾਰੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰਾਂ ਨੂੰ ਐਡਵਾਈਜ਼ਰੀ (ਸਲਾਹਕਾਰੀ) ਜਾਰੀ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਖੇਤ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਬਾਗਬਾਨੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਨੂੰ ਸੰਭਾਲਣ ਅਤੇ ਵਸਤਾਂ ਦੀ ਢੋਆ-ਢੋਆਈ ਵਾਸਤੇ ਲੋੜੀਂਦੀ ਆਗਿਆ ਦੇਣ ਤਾਂ ਜੋ ਸਬਜ਼ੀਆ, ਫਲ ਆਦਿ ਬਜ਼ਾਰ ਜਾਂ ਕੋਲਡ ਸਟੋਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚਾਏ ਜਾ ਸਕਣ।
ਅਜਿਹੇ ਨਾਜ਼ੁਕ ਦੌਰ ਵਿੱਚ ਲੋੜੀਂਦੀਆਂ ਬਾਗਬਾਨੀ ਵਸਤਾਂ ਦੀ ਸਪਲਾਈ ਨਿਰਵਿਘਨ ਜਾਰੀ ਕਰਨ ਦੀ ਮਹੱਤਤਾ ਨੂੰ ਸਮਝਦਿਆਂ ਸ੍ਰੀ ਖੰਨਾ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ ਹਨ ਕਿ ਇਨਾਂ ਵਾਸਤੇ ਆਗਿਆ ਦੇਣ ਦੇ ਨਾਲ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਜਾਰੀ ਸਲਾਹਕਾਰੀ ਵੀ ਦੱਸੀ ਜਾਵੇ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਸਮਾਜਿਕ ਦੂਰੀ ਦਾ ਖਿਆਲ ਰੱਖਣਾ, ਮਾਸਕ ਤੇ ਸੈਨੀਟਾਈਜ਼ਰ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਅਤੇ ਹੱਥ ਧੋਣੇ ਆਦਿ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ। ਬਾਗਬਾਨੀ ਦੇ ਡਿਪਟੀ/ਸਹਾਇਕ ਡਾਇਰੈਕਟਰਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਮੰਤਵ ਲਈ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰਾਂ ਨੂੰ ਸਹਿਯੋਗ ਦੇਣ ਲਈ ਆਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ।
ਬਾਗਬਾਨੀ ਦੇ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਸ਼ਲਿੰਦਰ ਕੌਰ ਨੇ ਉਨਾਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਇਕ ਵਿਆਪਕ ਸੂਚੀ ਪਹੁੰਚਾਈ ਹੈ ਜਿਨਾਂ ਨੂੰ ਵਾਢੀ ਲਈ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਅਤੇ ਉਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਤਿਆਰ ਆਪਣੀ ਉਪਜ ਨੂੰ ਮੰਡੀ ਤੇ ਕੋਲਡ ਸਟੋਰ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਣ ਲਈ ਢੋਆ-ਢੋਆਈ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ 600 ਦੇ ਕਰੀਬ ਕਿਸਾਨਾਂ ’ਤੇ ਅਧਾਰਿਤ 69 ਐਫ.ਪੀ.ਓਜ਼ ਵੱਲੋਂ ਸੰਪਰਕ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪੂਰਨ ਸਹਿਯੋਗ ਦਾ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਦਿਵਾਇਆ ਗਿਆ।
ਕੋਵਿਡ-19 ਦੇ ਵਧਦੇ ਪ੍ਰਕੋਪ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਉਪਾਵਾਂ ਸਬੰਧੀ ਕੌਮੀ ਆਫ਼ਤਨ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਅਥਾਰਟੀ ਵੱਲੋਂ 24 ਮਾਰਚ ਨੂੰ ਜਾਰੀ ਦਿਸ਼ਾ ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਤਹਿਤ ਫਲ ਉਤਪਾਦਕਾਂ ਖਾਸ ਕਰ ਕੇ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ, ਫਾਜ਼ਿਲਕਾ, ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਤੇ ਬਠਿੰਡਾ ਜ਼ਿਲਿਆਂ ਦੀ ਖੱਟੇ ਫਲਾਂ ਦੀ ਪੱਟੀ, ਜਲੰਧਰ, ਕਪੂਰਥਲਾ, ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਨਗਰ, ਮੋਗਾ, ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੇ ਬਠਿੰਡਾ ਜ਼ਿਲਿਆਂ ਦੇ ਆਲੂ ਉਤਪਾਦਕਾਂ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਭਰ ਦੇ ਸਬਜ਼ੀ ਉਤਪਾਦਕਾਂ ਨੂੰ ਪੈਦਾਵਾਰ ਸੰਭਾਲਣ ਅਤੇ ਮੰਡੀਕਰਨ ਲਈ ਮੁਸ਼ਕਲ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ।
ਹਾਲਾਂਕਿ ਇਹ ਗੱਲ ਯਾਦ ਰੱਖਣਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਗ੍ਰਹਿ ਸਕੱਤਰ ਵੱਲੋਂ ਅਥਾਰਟੀ ਦੀ ਕੌਮੀ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਚੇਅਰਪਰਸਨ ਦੀ ਹੈਸੀਅਤ ਵਜੋਂ ਜਾਰੀ ਦਿਸ਼ਾਂ ਨਿਰਦੇਸ਼ਾਂ ਦੇ ਪੈਰਾ 4 ਵਿੱਚ ਖੁਰਾਕ, ਕਰਿਆਨੇ, ਫਲ, ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਦੁਕਾਨਾਂ ਨੂੰ ਛੋਟ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਸੀ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਵਪਾਰਕ ਤੇ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਅਦਾਰਿਆਂ ਦੀਆਂ ਕੋਲਡ ਸਟੋਰ, ਵੇਅਰਹਾੳੂਸ ਸਹੂਲਤਾਂ ਵੀ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ।

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चंडीगड़, 26 मार्च:

पंजाब पुलिस ने आम जनता के लिए एक समर्पित नंबर ‘112’ का एलान किया है जो कफ्र्य़ू से जुड़े किसी भी पुलिस मसले को हल करने के लिए कर्फ्यू हेल्पलाइन के तौर पर सहायता करेगा। यह प्रगटावा करते हुए पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य भर से किसी व्यक्ति द्वारा एमरजैंसी के दौरान अस्पताल जाने, खाना, किराना, दवाओं की सप्लाई, एल.पी.जी. सिलंडर जैसी सुविधाओं की जानकारी या मदद के लिए 112 डायल कर सकता है। साथ ही ज़रूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों की बेरोक-टोक यातायात और ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा सामान के वितरण में मुश्किल संबंधी इस नंबर पर कॉल कर सकते है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री ने आज ऐलाने आर्थिक पैकेज में ऐसे वर्गों को अनदेखा किया -मुख्यमंत्रीराज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों संबंधी सोनिया गांधी को अवगत करवायाघर -घर सामान पहुँचाने के प्रबंधों को और मज़बूत किया जा रहा

चंडीगढ़, 26 मार्च:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राज्य में दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों और ग़ैर-संगठित मज़दूरों के लिए सूखे राशन के 10 लाख पैकेट तुरंत बाँटने का ऐलान किया है जिससे कोविड -19 के कारण कफ्र्यूू लगाने से पैदा हुई अचानक स्थिति के मौके पर उनकी सहायता की जा सके। 
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरेक पैकेट में 10 किलो आटा, 2 किलो दाल और 2 किलो चीनी होगी और यह पैकेट झुग्गी -झौंपडिय़ों और अन्य इलाकों में बांटे जाएंगे जहाँ दैनिक वेतन भोगी और मज़दूर बड़ी संख्या में रह रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह पैकेट डिप्टी कमीशनरों के दफ़्तरों में भी रखने के आदेश दिए हैं जिससे घर -घर बाँटने के मौके पर यह पैकेट हासिल न कर सकने वाले ऐसे व्यक्तियों की मदद ली जा सके और वह ख़ुराक के लिए हेल्पलाइन नंबर पर भी काल कर सकते हैं।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की तरफ से आर्थिक पैकेज के किये ऐलान का स्वागत करते हुये कहा कि इससे समाज के कई वर्गों को सहायता हासिल होगी। उन्होंने कहा कि बदकिसमती से केंद्र सरकार की तरफ से दिहाड़ीदारों और ग़ैर -संगठित श्रमिकों को तत्काल राहत नहीं दी गई जिनको कफ्र्यू/तालाबन्दी के बाद उनके सहारे ही छोड़ दिया गया।
इससे पहले कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी द्वारा पार्टी के नेतृत्व वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ की गई एक वीडियो कान्फ्ऱेंस के दौरान कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा पंजाब के गरीब लोगों तक पहुँच करने के लिए सभी संभव यत्न किये जा रहे हैं। उन्होंने संकट की इस घड़ी में नागरिकों को सहायता देने के लिए राज्य में किये जा रहे विभिन्न प्रयासों संबंधी कांग्रेस प्रधान को अवगत करवाया।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ज़रूरी चीजों और सेवाओं को घर-घर पहुंचाने को यकीनी बनाने और ज़रूरतमंदों तक उनके दर पर पहुँच करने के लिए सभी प्रबंध किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से पुलिस और सिवल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश जारी किये गए हैं कि वह हरेक जिले में सहायता और डिलिवरी व्यवस्था को सुचारू बनाऐं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में आज काफ़ी सुधार हुआ है और अगले कुछ दिनों में स्थिति और स्थिर हो जायेगी। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस की तरफ से शुरू की गई ई -पास की सुविधा इस दिशा में एक कदम है।
कुछ इलाकों में दवाएँ वाली दुकानों पर भीड़ बढऩे की रिपोर्टों पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दवाओं की सप्लाई में कोई कमी नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी भरोसा दिलाया कि स्थिति से निपटने के लिए कोविड -19 की टेस्टिंग किटों और सुरक्षा सामान तक सारा अपेक्षित साजो-सामान उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डाक्टरों और हैल्थ वर्करों की सुरक्षा उनके लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।
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कोविड -19 से सम्बन्धित सामान की खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए कमेटी गठित

विदेशों से लौटे सभी व्यक्तियों को ढूँढने के लिए यत्न जारी रखने और एकांतवास में रहने वालों की निगरानी करने के आदेश

घर -घर सामान पहुँचाने की विधि लागू करने के लिए नजदीकी से काम कर रहा है पुलिस और सिवल प्रशासन

चंडीगढ़, 25 मार्च:
आज शुरू हुए 21 दिवसीय देशव्यापी तालाबन्दी के मद्देनजऱ पंजाब में कफ्र्यू के प्रबंधन और ज़रूरी वस्तुओं की सप्लाई को और सुचारू बनाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अहम प्रणालियों और सेवाओं को कायम रखने के लिए पास जारी करने के लिए विस्त़त हिदायतों समेत पुलिस और सिवल प्रशासन के लिए कई नये निर्देश जारी किये हैं जिससे इस कठिन समय में लोगों को दिक्कतों पेश न आने को यकीनी बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कोविड -19 से सम्बन्धित वस्तुओं की खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग और वाणिज्य) के नेतृत्व अधीन कमेटी का गठन किया है। सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक हैल्थ सैंटरों और कम्युूनिटी हैल्थ सैंटरों को ज्यादा अपेक्षित साजो-सामान की समय पर सप्लाई को यकीनी बनाने की ज़रूरत का नोटिस लेते हुये मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमीशनरों को कहा कि यह सामान जल्द खरीदने करने के लिए अग्रिम माँग करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव और पंजाब हैल्थ सिस्टम कोरर्पोशन के मैनेजिंग डायरैक्टर के साथ संबंध कायम किया जाये। इस सामान में पी.पी.ई. किटों, मास्क और दवाएँ आदि शामिल है।
इस दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को आदेश देते हुये कहा कि शक्की मामलों के टैस्ट करने के लिए तय प्रोटोकोल को बारीकी से अपनाया जाये। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किये पत्र नंबर आई.एस.डी.पी. /पी.बी. /2020 /660 -1725 तारीख़ 22 /3/2020 की सख्ती से पालना की जानी चाहिए। 
10 मार्च, 2020 के बाद पंजाब पहुँचे सभी अंतरराष्ट्रीय मुसाफिऱों की खोज को सबसे अधिक महत्व देते हुये मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह काम निर्विघ्न जारी रहना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को हिदायत की कि ढूँढे जा चुके मुसाफिऱों की निगरानी करके इनके घरेलू एकांतवास को यकीनी बनाया जाये। 
लोगों को भरोसा देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे कफ्र्यू सम्बन्धी पहले जारी किये आदेश लागू रहेंगे परन्तु राज्य सरकार की तरफ से हर संभव कदम उठाया जायेगा कि ज़रूरी वस्तुएँ मुहैया करवाने वालों और आम लोगों को किसी किस्म की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने पुलिस और सिवल प्रशासन को आदेश दिए कि यह यकीनी बनाया जाये कि ज़रूरी सेवाओं को ज़रुरी /निर्धारित समय तक घर -घर पहुंचाना जारी रखा जाये और यदि संभव हो सके तो ई -कॉमर्स कंपनियाँ /सर्विस प्रोवाईडरों की सहायता भी ली जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज़रूरी सेवाओं और वस्तुओं को घर -घर पहुंचाने में तेज़ी लाने के लिए ज़रूरत पडऩे पर वालंटियरों की सेवाओं भी ली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि ज़रूरी सेवाएं मुहैया करवाने वालों, चाहे वह हॉकर या डिलिवरी देने वाले लडक़े हैं या फिर संस्थाएं हैं, इनको निर्धारित समय तक काम करने की इजाज़त होनी चाहिए परन्तु इसलिए स्वास्थ्य सम्बन्धी ज़रूरी निरीक्षण के बाद विशेष इजाज़त हो। 
मुख्यमंत्री ने बताया कि गेहूँ के आगामी सीजन के लिए अनाज के भंडारण के लिए उचित जगह को यकीनी बनाने के लिए विशेष माल रेल गाड़ीयों का राज्य से बाहर अनाज ले जाने के लिए बंदोबस्त किया गया है। इस सम्बन्धी सम्बन्धित ख़ाद्य और सिवल सप्लाईज़ विभाग की तरफ से पूर्ण रूप में प्रोटोकोल जारी किया गया है। डिप्टी कमीशनरों को विभाग की तरफ से जारी किये प्रोटोकोल और इन दिशा -निर्देशों को ध्यान में रखते इन रेलों के चलने को यकीनी बनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित या नाजुक इलाकों की सफ़ाई के भी आदेश दिए जिसके लिए स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग की तरफ से बाकायदा दिशा -निर्देश जारी किये जा चुके हैं। इनमें सम्बन्धित शहरों और गाँवों को लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सचिव अरुण शेखड़ी ने समूह डिविजऩल कमीशनरों, डिप्टी कमीशनरों, पुलिस कमीशनरों और जि़ला पुलिस कमीशनरों के साथ-साथ स्थिति के साथ निपटने में लगे अन्य सीनियर अधिकारियों के लिए संशोधित कफ्र्यू प्रबंधन दिशा -निर्देश जारी किये हैं। डिप्टी कमीशनरों को इन दिशा -निर्देशों की सख्ती के साथ पालना को यकीनी बनाने के लिए कहा गया है।
सिवल और पुलिस प्रशासन की तरफ से आपसी तालमेल के साथ मिल कर किये जा रहे काम के दौरान डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने अपने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायतें जारी की हैं कि प्रधानमंत्री की तरफ से देश भर में से मुकम्मल तालाबन्दी और राज्य में बिना किसी छूट के लगे कफ्र्यू के मद्देनजऱ वह लोगों को अपेक्षित सामान निरंतर पहुंचाने के लिए प्रभावशाली प्रणाली अपनाएं। उन्होंने ज़रूरी वस्तुओं और सेवाओं को घर -घर जाकर पहुंचाने पर ज़ोर दिया जो इस मौके एकमात्र विकल्प है। इस सम्बन्धी उन्होंने कमिशनर पुलिस और एस.एस.पीज़ को कहा है कि घर -घर जाकर सेवाओं की सुविधाजनक सुपुर्दगी के लिए डिलिवरी वाले लडक़ों, रेहड़ी वालों और छोटे मोटर वाहनों के यातायात को यकीनी बनाया जाये।
कफ्र्यू प्रबंधन की संशोधित हिदायतों के अनुसार भारत सरकार ने नामज़द सरकारी दफ्तरों को उचित स्टाफ के साथ खोलने का आदेश दिया है।
संशोधित दिशा -निर्देशों के अनुसार ज़रूरी सेवाओं की सप्लाई को यकीनी बनाने के लिए कम स्टाफ के साथ राज्य सरकार के दफ़्तर भी खोले जाने बहुत ज़रूरी है। भारत सरकार के आदेशों के अनुसार ऐसे राज्य और भारत सरकार के मुलाजिमों को उनके विभागीय शिनाख्ती कार्ड के द्वारा ड्युूटी पर जाने की आज्ञा होगी और उनको घर से दफ़्तर जाने के लिए विशेष कफ्र्यू पास की ज़रूरत नहीं होगी।
जारी दिशा निर्देशों में यह विशेष तौर पर बताया गया है कि पंजाब, हरियाणा और यू.टी. चण्डीगढ़ के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों समेत बोर्ड, निगम और सोसायटियों के मुलाजिमों को मोहाली जिले ख़ास करके मोहाली और ज़ीरकपुर से चण्डीगढ़ और पंचकुला स्थित अपने दफ्तरों में पहुँचने में दिक्कत आ रही है। अब यह फ़ैसला किया गया है कि इनको अपने विभाग के शिनाख्ती कार्ड के साथ सरकारी ड्युूटी पर जाने की आज्ञा होगी बशर्ते यह ग्रुप या परिवार के साथ न जा रहे हैं। इनको विशेष कफ्र्यू पास की कोई ज़रूरत नहीं है।
इसके अलावा बाकी सरकारी कर्मचारी अपने घर से काम करेंगे और किसी भी ज़रूरत पडऩे पर एक संदेश पर तैयार रहेंगे।
कफ्र्यू में आम छूट न देने के चलते जि़ला प्रशासन द्वारा फ़ैसला किया गया है कि चुनिंदे इलाकों में छूट दी जायेगी जिससे जारी निर्देशों के अनुसार भीड़ इक_ी करने से बचा जा सके और तयशुदा फासला कायम रखा जा सके।
निम्नलिखित अनुसार आज्ञा दी जा सकती है:-
निर्धारित समय के लिए पर्मिट जारी किये जा सकते हैं जो कफ्र्यू के समय के लिए होंगे जिनको भारत सरकार और पंजाब सरकार द्वारा छूट दी जाती है। ऐसे पर्मिट अधिकारित पत्र की शक्ल में भी हो सकते हैं।
छूट प्राप्त संस्थाओं जैसे कि मीडिया हाऊस, आई.ओ.सी. /एच.पी.सी.एल. डाकघरों, बैंकों, रेलवे, पेट्रोल पंपों, एल.पी.जी. सप्लाई करने वालों आदि को विशेष पत्र के द्वारा संस्थागत पर्मिट जारी किये जाएंगे जिनमें इन अदारों के हरेक कर्मचारी की सूची के साथ नत्थी होगी। ऐसे कर्मचारियों को उनके संस्थागत शिनाख्ती कार्ड पर ड्युूटी के समय के दौरान दफ़्तर जाने की आज्ञा होगी परन्तु उनको निजी काम के लिए और कहीं जैसे कि मार्केट जाने की आज्ञा नहीं होगी।
वह संस्थागत इजाज़त जो कोई अपेक्षित सप्लाई को जारी रखने के लिए जारी की जाती हैं, का स्पष्ट तौर पर जि़क्र करना चाहिए और वह राज्य भर में जायज होंगे।
आपात हालत में अगर ज़रूरत हो तो व्यक्तिगत पास दिए जा सकते हैं। ऐसे व्यक्तिगत कार्ड सिफऱ् बताए गए मंतव्य के लिए वाहन बरतने की आज्ञा देंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं जिनमें सरकारी और प्राईवेट अस्पताल, नर्सिंग होम, प्रारंभिक स्वास्थ्य केंद्र, कम्युूनटी स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं, के मुलाजिमों को आम छूट होगी और यह कर्मचारी अपनी संस्था के शिनाख्ती कार्ड के द्वारा छूट हासिल कर सकेंगे।
प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नीचे दिखाऐ अनुसार अलग-अलग अधिकारियों को पास जारी करने की जि़म्मेदारी सौंपी गई है
*डी.एफ.एस.सी: भोजन, राशन और किराने की दुकानों, अनाज की ढुलाई, मंडी लेबर और खरीद से सम्बन्धित काम ;
*डिप्टी डायरैक्टर बाग़बानी: फल और सब्जियाँ ;
*डिप्टी डायरैक्टर पशु पालन: दूध विक्रेता और सप्लायर और सम्बन्धी गतिविधियां 
जीएम डी.आई.सी:उद्योग / उद्योगपति / औद्योगिक श्रमिक ;
*डीएमओ: किसी भी किस्म के हॉकर ; मंडी और खरीद केंद्र, आढ़तियां ;
*सीएओ: किसानों और कटाई से सम्बन्धित गतिविधियां ;
और व्यक्तिगत और अन्य के लिए जनरल पास: सहायक. कमिशनर (जनरल), एस.डी.एम., तहसीलदार या डीसी द्वारा अधिकारित कोई अन्य व्यक्ति।
उपरोक्त हरेक के लिए डीसी की तरफ से उनको अधिकारित हस्ताक्षरकर्ता घोषित किया जाना चाहिए और उसके अनुसार जि़ला पुलिस को सूचित करना चाहिए। संशोधित दिशा -निर्देशों के अनुसार अधिकारित हस्ताक्षरकर्ता द्वारा जारी किये जाने वाले पासों का रिकार्ड रखना लाजि़मी होगा।
व्यक्तियों या ज़रूरी चीजेें और सेवाएंं मुहैया करवाने वालों की एक एक गतिविधि के लिए स्पष्ट तौर पर यात्रा का उद्देश्य और जगह का पता बताते हुये पास अधिकारित हस्ताक्षरकर्ता द्वारा जारी किये जा सकते हैं। ऐसे पासों को यातायात के दौरान और मंजिल दोनों पर उचित माना जाना चाहिए, परन्तु ऐसे पासधारकों को निर्धारित मंजि़ल के अलावा अन्य किसी भी जगह जाने की आज्ञा नहीं होनी चाहिए। भारत सरकार ने अपने आदेश में ज़रूरी चीजों और वस्तुओं की सप्लाई चेन को बनाई रखने पर भी ज़ोर दिया है। वाहन का नंबर और यातायात का ढंग निर्धारित किया जाना चाहिए। हालाँकि समूहों में लोगों की यातायात को पूरी तरह टालना चाहिए। 
व्यक्तिगत एमरजैंसी के लिए डिप्टी कमीशनरों को जिलों में पहले से स्थापित हैल्पलाईनज़ के द्वारा आम आदमी को सुविधा देना और फालोअप्प जारी रखना चाहिए। दिशा -निर्देशों के अनुसार इन हैल्पलाईनज़ की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
गेहूँ की खरीद के लिए, ए.सी.एस. और पी.एस.एफ.एस. नियमित समय पर एक व्यापक मंडी -बार योजना जारी करेंगे। इसी तरह आलू की कटाई के लिए, ए.सी.एस. की तरफ से 27 मार्च 2020, शुक्रवार तक ज़रूरी दिशा निर्देश जारी किये जाएंगे। 


मुख्यमंत्री ने अमित शाह और उद्वव ठाकरे को पत्र लिख कर मांगी मदद


चंडीगढ़, 25 मार्च:

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार को श्री नांदेड़ साहिब से पंजाब के 2000 श्रद्धालुओं की वापसी के लिए तत्काल प्रबंध करने की अपील की है जो कोविड -19 के फैलाव को रोकने के लिए की गई तालाबन्दी के कारण वहां फंसे हुए हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने इस सम्बन्ध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्वव ठाकरे को पत्र लिखे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने जवाब में भरोसा दिया है कि वहां फंसे श्रद्धालुओं की मदद के लिए अपेक्षित कार्यवाही की जायेगी।

प्रवक्ता के मुताबिक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय को सूचित किया है कि इस सम्बन्ध में बनते कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दौरान महाराष्ट्र के पर्यटन, पर्यावरण और प्रोटोकोल मंत्री आदित्या ठाकरे ने इस मुद्दे पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह के टवीट का जवाब देते हुये कहा, ‘‘धन्यवाद सर, इस मामले को देखेंगे और अपेक्षित मदद करेंगे।’’ मुख्यमंत्री ने टवीट किया था, ‘‘गुरुद्वारा श्री नांदेड़ साहिब में फंसे श्रद्धालुओं को वापस लाने में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखे हैं। श्रद्धालू लंबे समय से यहाँ फंसे हुए हैं और इनको अपने घरों और परिवारों के पास सुरक्षित ले जाना हमारा फज़ऱ् है।’’

केंद्रीय गृह मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को लिखे अलग -अलग पत्रों में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब से यह श्रद्धालू महाराष्ट्र में नांदेड़ में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री हजूर साहिब के दर्शन के लिए गए थे।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने लिखा कि कोविड -19 के कारण पिछले कुछ दिनों से रेलें रद्द होने और बीते दिन आधी रात से राष्ट्रीय तालाबन्दी होने के कारण भारत सरकार की विशेष मंज़ूरी के बिना इनके पंजाब आने की कोई संभावना नहीं है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार केंद्रीय रेलवे मंत्रालय के पास पहले ही यह मसला उठा कर इन श्रद्धालुओं को वहाँ से वापस लाने के लिए विशेष रेलें चलाने की इजाज़त देने की माँग कर चुका है। उन्होंने आगे लिखा कि पंजाब सरकार के अधिकारी नांदेड़ के जि़ला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं जिससे श्रद्धालुओं के रहन -सहन के उचित प्रबंध किये जा सकें।

इसी दौरान कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने श्री ठाकरे को भी अपील की कि भारत सरकार की तरफ से अंतिम फ़ैसला लिए जाने तक श्रद्धालुओं के लिए ज़रुरी बंदोबस्त करने के लिए नांदेड़ के जि़ला प्रशासन को ज़रूरी हिदायतें जारी की जाएँ।

सांझ केंद्रों में काम करने वाले 24 मुलाजिम सिविल ड्रेस में घर-घर पहुंचकर लोगों को कर रहे हैं मदद की पेशकश
 मेडीकल इमरजेंसी, राशन की जरूरत से लेकर तमाम जरूरतों में जनता और प्रशासन के बीच निभा रहे हैं कड़ी की भूमिका


फिरोजपुर, 25 मार्च-
करोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए कर्फ्यू के दौरान लोगों की मदद के लिए फिरोजपुर पुलिस की तरफ से एक नया प्रयास किया गया है। एसएसपी फिरोजपुर श्री भूपिंदर सिंह की तरफ से बुधवार को फील्ड में 24 पुलिस मुलाजिमों की टीम उतारी गई है और इस टुकड़ी का नाम है `मे आई हेल्प यू' यानि क्या मैं आपकी मदद कर सकता हूं। 
विस्तृत जानकारी देते हुए एसएसपी श्री भूपिंदर सिंह ने बताया कि ये सभी मुलाजिम सांझ केंद्रों में कार्यरत हैं और इन्हें लोकसेवा के कार्य में लगाया गया है। सभी के पास अपने बाइक्स हैं, जिस पर उनका नाम और मोबाइल नंबर दिया गया है। यह विवरण बाइक की हेडलाइट के उपर बड़े-बड़े अक्षरों में लगाया गया है ताकि लोग इनसे संपर्क कर सकें। पूरे शहर के चार सैक्टरों में बांटा गया है और हरेक सैक्टर में पांच से छह मुलाजिमों की ड्यूटी लगाई गई है। ये मुलाजिम अपनी बाइक पर अपने-अपने एरिया में घूमेंगे और लोगों को मदद की पेशकश करेंगे।

एसएसपी श्री भूपिंदर सिंह ने बताया कि जैसे किसी को कोई मेडीकल इमरजेंसी है, किसी को राशन चाहिए, घर में दूध खत्म हो गया है या फिर एलपीजी सिलेंडर नहीं है, ये मुलाजिम लोगों से मदद के लिए पूछेंगे। लोगों की तरफ से मांगी गई मदद को जिला प्रशासन तक पहुंचाएंगे और इस तरह ये सभी मुलाजिम जनता व पुलिस-प्रशासन के बीच कड़ी का काम करेंगे। ये मुलाजिम लोगों तक कर्फ्यू पास, राशन, दवाईयां, मेडीकल हेल्प पहुंचाने के लिए कदम उठाएंगे ताकि उन्हें कर्फ्यू के बीच कोई परेशानी पेश न आए।

एसएसपी श्री भूपिंदर सिंह की तरफ से फील्ड में उतारी गई इस स्पेशल टीम के मोबाइल नंबरों की सूची भी सांझा की गई है, जिन्हें लोग जरूरत के मुताबिक कॉल कर सकते हैं।


2 व्यक्तियों को घर में एकांतवास का उल्लंघन करने के लिए किया काबू
डी.जी.पी. ने कर्फ्यू की योजनाबंदी सम्बन्धी विचार-विमर्श करने के लिए सभी आईजी /डीआईजी रेंजज़ और सीपी /एसएसपी के साथ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
पाबन्दियों को सख्ती से लागू करवाने और प्रशासन के सहयोग के लिए 38,160 पुलिस मुलाजि़म तैनात

चंडीगढ़, 24 मार्च:
पंजाब पुलिस ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा राज्य में कोविड-19 के संकट का मुकाबला करने के लिए लगाए गए कफ्र्यू का उल्लंघन करने वालों के खला$फ मंगलवार को 232 मुकदमे दर्ज किये और 111 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया गया। उन्होंने लोगों को प्राथमिक सहूलतें देने को यकीनी बनाने के लिए एक व्यापक रणनीति भी तैयार की है।

डी.जी.पी. ने बताया कि कफ्र्यू का उल्लंघन की कुल 38 एफ.आई.आर. एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में दर्ज की, अमृतसर (ग्रामीण) में 34 मामले दर्ज किये, और तरन तारन और संगरूर से 30-30 मामले दर्ज हुए हैं। इसके साथ ही तरन तारन से 43 व्यक्ति गिरफ़्तार किये गए जबकि 23 व्यक्तियों को कपूरथला से गिरफ़्तार किया गया, होशियारपुर से 15, बठिंडा (13), फिऱोज़पुर (5), पटियाला (5), गुरदासपुर (4) और लुधियाना ग्रामीण (2) व्यक्ति गिरफ़्तार किये गए।
अन्य जि़लों से कफ्र्यू का उल्लंघन के आंकड़ों में कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर (14), कमिश्नरेट पुलिस जालंधर (10), बटाला (6), गुरदासपुर (4), पटियाला (7), रोपड़ (4), फतेहगढ़ साहिब (11), जालंधर ग्रामीण (7), होशियारपुर (9), कपूरथला (4), लुधियाना ग्रामीण (2), एस.बी.एस. नगर (1), बठिंडा (3), फिऱोज़पुर (7), मोगा (4) और फऱीदकोट (1) शामिल हैं।
डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जि़ला खन्ना, पठानकोट, बरनाला, सी.पी. लुधियाना, फ़ाजिल्का और मानसा से कफ्र्यू का उल्लंघन करने का कोई मामला सामने नहीं आया।
डी.जी.पी ने बताया कि दिन के समय में श्री मुक्तसर साहिब से कोरनटाईन के उल्लंघन के दो मामले सामने आए हैं और यहीं से ही कफ्र्यू का उल्लंघन करने के चार मामले भी सामने आए हैं।
अब तक विभिन्न रैंक के कुल 38,160 पुलिस मुलाजि़म कफ्र्यू लागू करने के लिए विभिन्न रैंक/ पुलिस कमिश्नरेट तैनात किये गए हैं, जिसमें प्रभावित क्षेत्र (एस.बी.एस. नगर जि़ले) को सील करने के अलावा ज़रूरी चीजों की सप्लाई और कानून व्यवस्था भी शामिल है। इनमें 981 वलंटियर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा जारी किये गए कफ्र्यू सम्बन्धी दिशा-निर्देशों की पालना करवाने हेतु डीजीपी ने पंजाब पुलिस की सीनियर मैनेजमेंट टीम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा समूह आई.जी / डीआईजी रेंज और सीपी / एस.एस.पीज़ के साथ आज एक मीटिंग की। मीटिंग में लोगों को ज़रूरी चीजें जैसे कि दूध और खाने-पीने की चीजें, दवाएँ, स्वास्थ्य सुविधाएं आदि पहुँचाने के लिए विचार-विमर्श भी किया गया।
डी.जी.पी. ने सभी जि़ला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए कि यह यकीनी बनाया जाये कि दूरसंचार, बैंकों, ए.टी.एमज़, पत्रकारों, अख़बारों, डॉक्टरों, पैरामेडिकल, सैनेटरी वर्करों, इलैक्ट्रीशियन, प्लम्बर आदि समेत ज़रूरी सेवाओं को बनाए रखने के लिए कफ्र्यू को ज़रूरत के अनुसार पास मुहैया करवाया जाये।
डीजीपी पंजाब ने फील्ड पुलिस स्टाफ को देश के नागरिकों के लिए मुशकिल समय में प्रचारकों और समाज सेवियों के तौर पर काम करने के लिए उत्साहित किया। उन्होंने भोजन और दवाएँ मुहैया करवाने के लिए ताल मेल बिठाने सम्बन्धी लगभग 50-100 पुलिस मुलाजि़मों की टीम बनाने और तैनात करने के लिए कहा। उन्होंने आगे इन टीमों को खाने-पीने की चीजें और अन्य ज़रूरी चीजों की देना यकीनी बनाने के लिए नौजवान नागरिकों के साथ-साथ डिलीवरी वाले लडक़ों को एक वलंटीयर कोर के तौर पर लामबंद करके किराने की दुकानों और खपतकारों के दरमियान एक सप्लाई की श्रृंखला स्थापित करने के लिए कहा।
श्री गुप्ता ने सुझाव दिया कि काम न कर रहे ऑटो और टैक्सी चालकों को डिलीवरी लडक़ों के तौर पर ज़रूरत का समान घर -घर पहुँचाने के लिए भी तैनात किया जा सकता है। लुधियाना, संगरूर और बरनाला जिले में पहले ही ऐसी प्रणाली चालू की गई है। यह भी विचार-विमर्श किया गया कि रेहडिय़ों और दूध वाली वैनों को घर -घर डिलीवरी के लिए बस्ती, मोहल्लों और गलियों में जाने की आज्ञा दी जानी चाहिए।
डीजीपी ने जि़ला पुलिस मुखियों को सलाह दी कि वह अंतर-राज्यीय सरहदों से पार खाने -पीने और ज़रूरी सामान पंजाब में ले जाने के लिए ट्रकों की सुचारू यातायात को मंजूरी दें जिससे ज़रूरी वस्तुओं की कमी न हो। उन्होंने पठानकोट के माधोपुर बैरियर में फंसे सैंकड़ो माल ट्रकों के जम्मू -कश्मीर में दाखि़ल होने के लिए जम्मू -कश्मीर के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ भी बातचीत की।
उन्होंने कश्मीरी विद्यार्थियों के मुद्दे सम्बन्धी जम्मू -कश्मीर के सीनियर अधिकारियों के साथ भी बातचीत की, जो जम्मू -कश्मीर सरकार की तरफ से जम्मू -कश्मीर में दाखि़ल होने वाले सभी लोगों को अलग रखने के लिए किये गए फ़ैसले के कारण माधोपुर में फंसे हुए थे।
यह भी विचारा गया कि हाईवे पर चल रहे पेट्रोल पंपों को यात्रियों की सुविधा के लिए कार्यशील करने की आज्ञा दी जानी चाहिए। पुलिस कफ्र्यू के पास के तौर पर स्टीकरों की एक व्यवस्था भी तैयार कर रही है।
इससे पहले, पंजाब पुलिस के सदस्यों को एक वीडियो के द्वारा संदेश देते हुए डीजीपी ने कहा कि इस मुश्किल भरे समय में पुलिस द्वारा गाँवों और शहरों में पंजाब के नागरिकों को अपेक्षित सहायता प्रदान करने के लिए किये जा रहे शानदार कामों की मुख्यमंत्री द्वारा खूब प्रशंसा की गई है।
डीजीपी पंजाब ने कहा कि उनको पंजाब पुलिस को संसार की एक सर्वोच्च पुलिस फोर्स में दिखाने के लिए के लिए फोर्स के सभी सदस्यों पर गर्व है।
डीजीपी ने बाद में कहा कि क्षेत्र में पुलिस मुलाजिमों को समय-समय पर कफ्र्यू और कोरनटाईन पाबंदियाँ लागू करने सम्बन्धी सरकार द्वारा प्राप्त निर्देशों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि एनजीओ की सहायता से उनको मास्क और सैनेटाईजर बाँटे जा रहे हैं और पुलिस कर्मचारियों की तंदुरुस्ती को यकीनी बनाने के लिए हर कदम उठाए जा रहे हैं।
श्री गुप्ता ने कहा कि पुलिस भी मौजूदा स्थिति में ज़रूरी पाबंदियाँ और सावधानियों के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने में लगी हुई है। लोगों को घर-घर जाकर शिक्षित करने की पहलकदमी की गई है जिसमें युवा क्लबों और पंचायतों के साथ-साथ राजनैतिक नेता भी शामिल हैं।

चंडीगढ़, 24 मार्च:
राज्य के विभिन्न हिस्सों के लोगों द्वारा अपने आप योगदान डालने की की जा रही विनतियों पर स्वीकृति भरते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मंगलवार को अलग तौर पर पंजाब मुख्यमंत्री कोविड राहत कोष गठित करने का फ़ैसला किया, जिससे इस संकट की घड़ी में दान दिया जा सके।

लोगों को फंड के लिए खुले दिल से दान करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र से मुख्यमंत्री राहत कोष को दी जाने वाली छूटों की तजऱ् पर इस कोष के लिए भी छूटें देने की माँग की।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार कोविड राहत कोष में आसानी से योगदान डालने के लिए लोगों को इलैक्ट्रॉनिक ढंग के द्वारा दान करने की सुविधा होगी, जिसके लिए निम्नलिखित खाते के द्वारा योगदान दिया जा सकता है:
खाता नाम: पंजाब मुख्यमंत्री कोविड राहत कोष
खाता नंबर: 5010033326124
खाते की किस्म: बचत खाता
आई.एफ.एस.सी. कोड: एचडीएफसी0000213
स्विफ्ट कोड: एचडीएफसीआईएनबीबी
ब्रांच कोड: 0213
ब्रांच नाम: चंडीगढ़, सैक्टर-17-सी
लोगों का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों द्वारा सरकार की सहायता के लिए तत्काल दी स्वीकृति सरकार, उनके साथियों और पंजाबियों को इस मुश्किल घड़ी में आने वाली मुश्किलों को दूर करने में बड़ी मदद होगी।
उन्होंने समूह लोगों से अपील की कि वह सी.एम. कोविड राहत कोष में खुले दिल से दान करें जिसका प्रयोग कोरोनावायरस के कारण परेशान लोगों और परिवारों के कल्याण में किया जायेगा। उन्होंने लोगों को भी अपील की कि वह इस मुश्किल समय में अपने पंजाबी साथियों की सहायता के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि लोगों का इस फंड में योगदान कफ्र्यू /लॉकडाऊन के कारण पैदा हुई नाजुक स्थिति में गरीबों और निचले दर्जे के लोगों के कल्याण के लिए कल्याणकारी कदम होगा।

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