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सर्वदलीय बैठक द्वारा पंजाब में बी.एस.एफ. का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने संबंधी केंद्र सरकार के फ़ैसले का विरोध करने का दृढ़ संकल्प

केंद्र सरकार की मनमानी भरी कार्यवाही को राज्य के कानूनी हकों का उल्लंघन : चन्नी

चंडीगढ़, 25 अक्टूबर: 
पंजाब के मुख्यमंत्री स. चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा सोमवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार द्वारा राज्य में अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ लगने वाले इलाकों में बी.एस.एफ. का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किए जाने के फ़ैसले का कानूनी और राजनैतिक तौर पर सख़्त विरोध करने का प्रण लिया गया, जिससे 11 अक्टूबर, 2021 को जारी किए गए नोटिफिकेशन से पहले की स्थिति बहाल हो सके।
बैठक की शुरुआत में पंजाब के शहीद सैनिकों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में अपनी ड्यूटी निभाते हुए देश की एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए शहादत दे दी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जल्द ही इस संवेदनशील मुद्दे पर पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा और राज्यपाल को यह सत्र जल्द से जल्द बुलाने के लिए सिफारिश की जाएगी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार की सलाह के बिना लिए गए एक तरफा फ़ैसले के खि़लाफ़ एक याचिका दायर की जाएगी, क्योंकि यह कदम राज्य के कानूनी हकों की घोर उल्लंघना है और संघीय ढांचे की भावना के विरुद्ध है।
अपने हितों की रक्षा के लिए दिल्ली की सरहदों पर आंदोलन कर रहे किसानों के साथ पूरी एकजुटता प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तीनों ही काले कृषि कानून राज्य विधान सभा के आगामी सत्र में सिरे से रद्द कर दिए जाएंगे।
राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श के बाद यह फ़ैसला लिया गया कि प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय माँगा जाए जिससे मुख्यमंत्री हरेक राजनैतिक पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल लेकर प्रधानमंत्री के पास जाएँ और उनको इस फ़ैसले पर पऩ: विचार करते हुए बी.एस.एफ. का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने वाला नोटिफिकेशन वापस लेने के लिए अपील करें।
राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की माँग पर चन्नी ने उनको भी अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए ग़ैर-भाजपा सरकारों और अन्य राजनैतिक पदों के साथ ख़ासकर पश्चिमी बंगाल और राजस्थान राज्यों में, संपर्क करने के लिए कहा। उन्होंने आगे कहा कि वह इस मुद्दे को बाकी राज्यों के अपने समकक्ष नेताओं के समक्ष भी उठाएंगे, जिस केंद्र सरकार पर यह फ़ैसला, जोकि केंद्र-प्रांतीय संबंधों पर सीधा हमला है, वापस लेने के लिए दबाव डाला जा सके।
इन सभी मुद्दो संबंधी भावनात्मक रूख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ आप मेरी नसें काट कर देख सकते हो कि इनमें पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत के प्रति कितना गहरा जज़्बा है और मैं अपने राज्य और इसके लोगों की खातिर मुख्यमंत्री की कुर्सी की भी परवाह नहीं करूँगा। मेरी सादगी और नम्रता को मेरी कमज़ोरी समझने की गलती ना करो और मैं यह यकीन दिलाता हूँ कि मेरे राज्य में शान्ति, सद्भाव और भाईचारे के माहौल को किसी भी कीमत पर खऱाब नहीं होने दिया जाएगा।’’
सभी राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे का जोरदार विरोध करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव के पास किया। इस मीटिंग में भारतीय जनता पार्टी शामिल नहीं हुयी। के पास किये गए प्रस्ताव के मुताबिक ‘‘पंजाब शहीदों और शूरवीरों की धरती है। देश की आजादी की जंग में और 1962, 1965, 1971 और 1999 की जंगों में पंजाबियों ने बेमिसाल बलिदान दिये हैं। देश में सबसे अधिक वीरता पुरुस्कार पंजाबियों को मिले हैं। पंजाब पुलिस दुनिया में ऐसी बेमिसाल देशभगत पुलिस फोर्स है जिसने हमेशा साहस और हौंसले से देश की एकता और अखंडता को बरकरार रखने के लिए अपना योगदान डाला है। भारत के संविधान के अनुसार कानून व्यवस्था बनाकर रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और पंजाब सरकार इस मंतव्य के लिए पूरी तरह समर्थ है। केंद्र सरकार की तरफ से बी.एस.एफ. का अधिकार क्षेत्र 15 किलोमीटर से बड़ा। कर 50 किलोमीटर करना पंजाब के लोगों और पंजाब की पुलिस और अविश्वसनीयता का प्रगटावा है और उनका अपमान है। केंद्र सरकार को इतना बड़ा। फैसला लेने से पहले पंजाब सरकार के साथ विचार -विमर्श करना चाहिए था। अब तक भी केंद्र सरकार ने राज्य सरकार या राज्य के लोगों को यह बताने की जरूरत नहीं समझी की उन्होंने इन बड़ा। फैसला क्यों लिया। यह संघीय ढांचे की भावना का घोर उल्लंघन है। पहले केंद्र सरकार ने तीन काले कृषि कानून बना कर पंजाब की किसानी पर डाका मारा और अब बी.एस.एफ. का अधिकार क्षेत्र बढ़ाना एक संकुचित राजनीति है। आज इक_े हुये पंजाब की सभी राजनैतिक पार्टियों ने सर्वसम्मति केंद्र सरकार की इस कार्यवाही की निंदा की और केंद्र सरकार से मांग की की वह तारीख 11 अक्तूबर, 2021 को गृह मंत्रालय की तरफ से जारी की नोटिफिकेशन को तुरंत वापिस लें।’’
सर्वदलीय मीटिंग के दौरान काले कृषि कानूनों के खि़लाफ़ एक और प्रस्ताव सर्वसम्मति के पास किया गया जिसके मुताबिक, ‘‘पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है। पंजाब के लहराते खेत ही पंजाब की खुशहाली का बड़ा। कारण हैं। परंतु आज से लगभग एक साल पहले केंद्र सरकार ने तीन काले कानून बना कर पंजाब और पंजाब की कृषि और किसानी पर एक बड़ा। डाका मारा जिसका उस दिन से आज तक हर पंजाबी मुकम्मल तौर पर विरोध कर रहा है और देश के किसानों और खेत मजदूरों का एक बहुत बड़ा। जलसा लम्बे समय से काले कानूनों को वापिस कराने के लिए देश की राजधानी के बॉर्डर पर शांतमयी आंदोलन कर रहा है। आज इस किसान आंदोलन को चलते लगभग एक साल से अधिक का समय हो चुका है और इसमें देश के 700 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं। परंतु फिर भी केंद्र सरकार ने इस मसले को हल करने के लिए कोयी भी लाभप्रद प्रयास नहीं किये हैं। आज इक_े हुयी पंजाब की सभी राजनैतिक पार्टियां सर्वसम्मति से प्रस्ताव के पास करके मांग करती हैं की केंद्र सरकार तीनों काले कानून तुरंत वापिस ले।’’
इससे पहले अपने स्वागती भाषण में उप मुख्यमंत्री जिनके पास गृह मामलों का विभाग है, सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने केंद्र सरकार के इस मनमाने कदम से निकलने वाले नतीजों के बारे जानकारी देते हुये कहा की राज्य पर थोपे गए इस फैसले से नसिर्फ़ पुलिस फोर्स का मनोबल टूटेगा बल्कि बी.एस.एफ. के साथ अनावश्यक टकराव भी पैदा होगा। उन्होंने कहा की अमन -कानून की व्यवस्था प्रांतीय विषय है और केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर हमारी सलाह तक भी नहीं पूछी जो राज्य के हकों पर सीधा डाका मारा गया जिससे संविधान के संघीय ढांचे के साथ छेड़छाड़ की गई है। 
सर्वदलीय मीटिंग में विचार प्रकट करने वालों में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, आम आदमी पार्टी के प्रधान भगवंत मान, विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, सीनियर अकाली नेता और पूर्व संसद मेंबर प्रेम सिंह चन्दूमाजरा, पूर्व शिक्षा मंत्री डा. दलजीत सिंह चीमा, शिरोमनि अकाली दल (संयुक्त) बीर दविन्दर सिंह, सी.पी.आई. (एम) के सुखविन्दर सिंह सेखों, सी.पी.आई. के बंत सिंह बराड़, टी.एम.सी. पंजाब यूनिट के मनजीत सिंह मोहाली, बसपा के नछत्रपाल, आप विधायक अमन अरोड़ा, लोक इंसाफ पार्टी के प्रधान और विधायक सिमरजीत सिंह बैंस, शिरोमनि अकाली दल (1920) के हरबंस सिंह और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी गुरिन्दर सिंह शामिल थे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ओ.पी. सोनी, कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, मनप्रीत सिंह बादल, विजय इंद्र सिंगला, प्रगट सिंह और रणदीप सिंह नाभा और फतेहगढ़ साहिब से विधायक और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वर्किंग प्रधान कुलजीत सिंह नागरा उपस्थित थे।

 अधिकारियों और विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक

चण्डीगढ़/मानसा, 25 अक्टूबर: 
पंजाब के परिवहन मंत्री श्री अमरिन्दर सिंह राजा वडि़ंग ने मानसा जि़ले के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित बनाने के लिए हर 15 दिन के बाद समीक्षा बैठक करने का ऐलान किया है। बचत भवन में जि़ला अधिकारियों और विभिन्न चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री वडि़ंग ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में हरेक प्रतिनिधि के सम्मान एवं सत्कार को सुनिश्चित बनाया जाए और लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों के प्रमुख और कर्मचारी समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने को सुनिश्चित बनाएं। 
श्री वडि़ंग ने कहा कि जहाँ परिवहन विभाग की समूची कार्यशैली का योजनाबद्ध ढंग से सुधार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं मानसा जि़ले में हरेक किस्म की सुविधाएं सुनिश्चित बनाएं और लोगों को दरपेश मसलों को हल करने के लिए उचित कदम उठा रहे हैं।
बैठक के दौरान उन्होंने डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी को कहा कि लोगों के मसलों को हल करने के लिए हरेक अधिकारी की जि़म्मेदारी निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में नियमित तौर पर होने वाली बैठकों के दौरान शेष कार्यों संबंधी जायज़ा लिया जाएगा।  कैबिनेट मंत्री श्री वडि़ंग, जिनको मानसा जि़ले का इंचार्ज भी नियुक्त किया गया है, ने कहा कि जि़ले में स्वास्थ्य, शिक्षा समेत अन्य सुविधाओं, विकास कार्य की प्रगति का जायज़ा वह लेते रहेंगे और सरकारी काम-काज में भ्रष्टाचार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मानसा के सर्वांगीण विकास के लिए हर 15 दिनों के बाद की जाएगी समीक्षा बैठक: राजा वडि़ंग

बैठक के दौरान विभिन्न प्रतिनिधियों ने सीवरेज, साफ-सफ़ाई, सडक़ों, मोटर कनैक्शनों, मनरेगा आदि सम्बन्धी दरपेश मसलों के बारे में जानकारी साझा की और कैबिनेट मंत्री ने इन मसलों के निपटारे के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। 
इस दौरान विधायक नाजऱ सिंह मानशाहिया, पूर्व विधायक अजीतइन्दर सिंह मोफऱ, चेयरमैन जि़ला योजना बोर्ड प्रेम मित्तल, चेयरमैन जि़ला परिषद् बिक्रम सिंह मोफऱ, वाइस चेयरमैन सफ़ाई कर्मचारी आयोग राम सिंह सरदूलगढ़, वरिष्ठ नेता डॉ. मंजू बांसल, वरिष्ठ नेता रणजीत कौर भट्टी, प्रधान नगर काउंसिल मानसा श्रीमती जसवीर कौर, प्रधान नगर पंचायत भीखी विनोद सिंगला और कांग्रेसी नेता चुशपिन्दरबीर चहल, गुरप्रीत सिंह विक्की, कुलवंत राय सिंगला, माइकल गागोवाल, बलविन्दर नारंग, डिप्टी कमिश्नर महिंद्र पाल, एस.एस.पी. सन्दीप कुमार गर्ग, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) उपकार सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर अजय अरोड़ा, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) श्रीमती अमरप्रीत कौर, सहायक कमिश्नर हरजिन्दर सिंह जस्सल समेत अन्य अधिकारी और नेता उपस्थित थे।

 378.77 एकड़ क्षेत्रफल में हाई-टैक वैली की जा रही विकसित

चंडीगढ़, 25 अक्टूबर: 
लुधियाना को उत्तरी भारत का औद्योगिक केंद्र बनाने के मद्देनजऱ पंजाब सरकार द्वारा गाँव धनानसू में 378.77 एकड़ क्षेत्रफल में हाई-टैक वैली विकसित की जा रही है। यह वैली सरकारी संस्था पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज़ एंड एक्सपोर्ट कोर्पोरेशन द्वारा तैयार की जा रही है।

लुधियाना उत्तरी भारत का औद्योगिक केंद्र बनने की राह पर: उद्योग मंत्री गुरकीरत सिंह

378.77 एकड़ ज़मीन के पूरे हिस्से के लिए नक्शा योजना, चेंज ऑफ लैंड यूज़ (सीएलयू), ई.आई.ए. नोटिफिकेशन के अधीन वातावरण सम्बन्धी मंज़ूरी, रेरा आदि के लिए मंज़ूरी पहले ही प्राप्त हो चुकी है। इस प्रोजैक्ट पर 365 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
हीरो साईकल्ज़ लिमटिड जोकि साइकिल उद्योग में एक प्रमुख संस्था है, की तरफ से हाई टैक वैली के अंदर 100 एकड़ क्षेत्रफल में बने हीरो इंडस्ट्रियल पार्क में अत्याधुनिक बाईसाईकिल्स और ई-बाईक्स के निर्माण के लिए अत्याधुनिक इकाई लगाई गई है। इस इकाई का उद्घाटन अप्रैल 2021 में किया गया था। हीरो इंडस्ट्रियल पार्क में इस यूनिट की सहायक इकाईयाँ भी होंगी।
इसी तरह अदित्या बिरला ग्रुप, फॉर्चून 500 कंपनी, ने अपनी प्रमुख कंपनी ग्रॉसिम इंडस्ट्रीज़ लिमटिड के ज़रिए अपने आने वाले पेंट कारोबार के लिए पंजाब को एक निवेश स्थान के तौर पर चुना है। ग्रुप ने अपने नए उद्यम के लिए हाई टैक वैली में 61.38 एकड़ औद्योगिक ज़मीन खऱीदी है। 
अदित्या बिरला का आगामी प्लांट नवीनतम निर्माण प्रौद्यौगिकी से लैस होगा और इस तरह उच्च तकनीकी कुशलता पर काम करेगा। प्लांट को डी.सी.एस/पी.एल.सी. की उन्नत तकनीक के द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। प्लांट के अंदर आर.एम. पी.एम. और एफ.जी. वेयरहाऊसों के प्रबंधन के लिए स्वचालित विधि का प्रयोग किया जाएगा। सुरक्षित काम के मापदण्डों को सुनिश्चित बनाने के लिए, प्लांट में उत्तम दर्जे की सुरक्षा और वातावरण सुरक्षा प्रणालियां होंगी। निर्माण कामों को बेहतर बनाने के लिए प्लांट में आई.आई.ओ.टी-4 के सिद्धांत का प्रयोग किया जाएगा। 
इसके अलावा जे.के. पेपर्स लिमटिड को बक्सों और पैकेजिंग उत्पादों के निर्माण के लिए अपनी यूनिट स्थापित करने के लिए 17 एकड़ औद्योगिक ज़मीन आवंटित की गई है।
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री गुरकीरत सिंह ने कहा कि उच्च गुणवत्ता और मानक बिजली मुहैया करवाने के लिए पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कोर्पोरेशन लिमटिड (पी.एस.टी.सी.एल.) द्वारा 30 एकड़ ज़मीन पर 400 के.वी. का बिजली ग्रिड स्टेशन स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए ज़मीन आवंटित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पीएसटीसीएल ने साइट पर पहले ही विकास कार्य शुरू कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरल संपर्क प्रदान करने के लिए हाईटेक वैली को चण्डीगढ़-लुधियाना नेशनल हाईवे के साथ 100 फुट चौड़ी 4-लेन और 8.3 किलोमीटर लम्बी बाहरी कंक्रीट सडक़ बनाकर जोड़ा गया है और यह 14 अप्रैल, 2021 को लोकार्पित कर दी गई थी।
गुरकीरत सिंह ने बताया कि इसके अलावा हाईटेक वैली का आंतरिक विकास भाव 33 मीटर और 24 मीटर चौड़ी आंतरिक कंक्रीट सडक़ों का निर्माण, तूफ़ानी पानी की निकासी प्रणाली, सीवरेज क्लैकशन सिस्टम और ऐफलूऐंट क्लैकशन सिस्टम का कार्य मुकम्मल कर लिया गया है और अन्य काम जारी हैं। उन्होंने आगे कहा कि हाई टेक वैली का बुनियादी आंतरिक विकास 28 फरवरी, 2022 तक पूरा हो जाएगा।  

 किसानों को नयी तकनीकों के प्रति जागरूक करने की ज़रूरत पर दिया ज़ोर

चंडीगढ़, 25 अक्तूबरः

पंजाब में बाग़बानी के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए इजराइल की नवीनतम तकनीक को अपनाएंगे जिससे पानी कम प्रयोग करके भी फ़सलों /सब्जियों की भरपूर उपज हासिल की जा सके।

बाग़बानी में सुधार के लिए इजराइली तकनीक अपनाएंगे - राणा गुरजीत


पंजाब के बाग़बानी और मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने आज यहाँ सैक्टर 26 स्थित मैगसीपा संस्था में इजराइल के बाग़बानी माहिरों के साथ विचार-विमर्श के बाद बताया कि इजराइल में पानी के संसाधन नामात्र होने के बावजूद कम से कम पानी का प्रयोग करके अधिक से अधिक गुणवता भरपूर उपज पर ज़ोर दिया जा रहा है और बाग़बानी की नयी तकनीकें अपनाने में इजराइल विश्व भर में अग्रणीय है। उन्होंने कहा कि राज्य में इजराइल की तकनीक से चल रहे सैंटर बाग़बानी फसलों की क्वालिटी पैदावार में सहायक हो रहे हैं। इसलिए इस प्रौद्यौगिकी को बाग़बानी के क्षेत्र में बाकी फसलों के लिए भी लागूकरण के लिए विभाग द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।
बाग़बानी मंत्री ने कहा कि आज के समय जब हर देश पानी की क्वालिटी और पानी के घटते स्तर संबंधी चिंतित है और नयी तकनीकें अपना रहे हैं तो पंजाब भी नयी तकनीकें अपना के बाग़बानी क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को नयी तकनीकों के प्रति जागरूक करने और अन्य ज्यादा लाभ प्राप्त करने पर ज़ोर दिया।

राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि इजराइली तकनीक के साथ करतारपुर (जालंधर) में साल 2013 में और खनौड़ा (होशियारपुर) में साल 2014 में दो सैंटर स्थापित किये गए थे। करतारपुर में सब्जियों की काश्त को प्रोटैकटिड हालत में करने सम्बन्धी अलग-अलग तरह के स्ट्रक्चर स्थापित किये गए हैं। इस सैंटर में अब तक लगभग 150 लाख अलग-अलग सब्जियों की पनीरियाँ तैयार करके लगभग 7000 किसानों को मुहैया करवाई जा चुकी हैं। यहाँ लगभग 1000 किसानों को सुरक्षित खेती सम्बन्धी 27 ट्रेनिंगें दी जा चुकी हैं। सब्जियों की पनीरियां बड़े ही वाजिब रेटों और किसानों के खेतों तक पहुंचाई जाती हैं। बेमौसमी हाई वेल्यु सब्जियाँ जैसे कि नैट हाऊस में खरबुज़ा और कम बीज वाला तरबूज़ और अन्य विदेशी सब्जियाँ, जिनकी बाज़ार में काफ़ी माँग है, किसानों की तरफ से बहुत तेज़ी से अपनाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि खनौड़ा में फलों के काश्त सम्बन्धी इजराइल की उच्च तकनीक अपनाई जा रही है। इस सैंटर में 12 मीठे संगतरों और 8 नारंगी संगरतों की किस्मों को अलग अलग रूट स्टाक पर लगा कर तैयार किया जा रहा है। इस सैंटर में अब तक लगभग 1,50,000 किन्नू और अन्य नीबू जाति फलों के मानक किस्म के बीमारी रहित पौधे हाईटेक नरसरी में तैयार करके किसानों को मुहैया करवाए गए। इस सैंटर और अब तक लगभग 800 किसानों को बाग़बानी की नयी तकनीकों सम्बन्धी 32 ट्रेनिंगें दी जा चुकी हैं।

इजराइली बाग़बानी माहिर श्री याइर ऐशल ने कहा कि पंजाब और इजराइल बाग़बानी के क्षेत्र में पहले ही मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में इंडो-इजराइल वर्क प्लान के अंतर्गत दो सैंटरज़ आफ एक्सीलेंस, सैंटर आफ एक्सीलेंस फार वैजीटेबलज़, करतारपुर, ज़िला जालंधर और सैंटर आफ एक्सीलेंस फार फ्रूटस (सिटरस), खनौड़ा, ज़िला होशियारपुर सफ़लतापूर्वक काम कर रहे हैं।

इस मौके पर श्रीमती सीमा जैन अतिरिक्त मुख्य सचिव (बाग़बानी), स. गगनदीप सिंह बराड़ सचिव बाग़बानी, श्री मनदीप बराड़ मैनेजिंग डायरैक्टर पंजाब कृषि उद्योग कोरर्पोशन, श्री राजेश वशिष्ठ मुख्य भूमि पाल, स. बलविन्दर सिंह सिद्धू कमिशनर कृषि पंजाब, श्रीमती शैलिन्दर कौर डायरैक्टर बाग़बानी पंजाब और बाग़बानी के साथ अलग-अलग फसलों के नोडल अफ़सर शामिल थे।

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