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पंजाब में उपलब्ध अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं ने जगाई थी इलाज की उम्मीद- प्रवासी मजदूर
 आरबीएसके टीम ढुडिके ने करवाया बच्चे के दिल का फ्री ऑपरेशन

चंडीगढ़,/ ढुडिके, 20 जून :सिविल अस्पताल ढुडिके की आरबीएसके टीम ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत फोर्टिस अस्पताल मोहाली से एक सरकारी स्कूल के छात्र के दिल का मुफ्त ऑपरेशन सफलतापूर्वक करवाया है।  छात्र एक प्रवासी परिवार से ताल्लुक रखता है और उसके परिवार ने पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग को पंजाब स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद दिया है।छात्र बिक्रम सिंह के पिता विंदेश्वर सिंह ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और उनका बेटा महज दो साल का था जब उसे सांस उखडऩे के कारण चलने में दिक्कत होने लगी। वह कई बार वह चक्कर खाकर गिर भी जाता था।  विभिन्न डॉक्टरों की सलाह पर, उसने अपने बेटे का इलाज कराने के लिए नेपाल, पूर्णिया, पटना, पानीपत, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई प्रतिष्ठित अस्पतालों का दौरा किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एक मौके पर उन्हें पुलिस की धमकी के बाद रात में दिल्ली के एक नामी अस्पताल से अपने बच्चे को लेकर भागना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इसी दुविधा में किसी ने उन्हें पंजाब में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में बताया तो उन्होंने पंजाब आने का फैसला किया।  अपने बेटे के इलाज की उम्मीद में, वह मोगा जिले के बुघीपुरा गाँव में आ गया और अपनी आजीविका के लिए एक जमींदार परिवार के साथ काम करने लग गया।  उन्होंने अपने बेटे का दाखिला गांव के
सरकारी स्कूल में कराया।  इसी बीच एक दिन सिविल अस्पताल ढुडिके की आरबीएसके के  टीम डॉ.  सिमरपाल सिंह व डॉ.  नेहा सिंगला द्वारा स्कूली बच्चों की मेडिकल जांच में पाया गया कि बिक्रम जन्मजात हृदय रोग से पीडि़त हैं। मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाने के बाद बच्चों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत फोर्टिस अस्पताल मोहाली से इस छात्र के हृदय का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया है।ढुडिके सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर डाक्टर नीलम भाटिया ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 30 घातक बीमारियों के मुफ्त इलाज के लिए आंगनबाडिय़ों और स्कूलों में शून्य से 18 साल तक के बच्चों की जांच की जाती है। यह स्वास्थ्य जांच बच्चों में जन्म दोष, बीमारियों, शारीरिक कमियों और विकास की कमी को देखती है।  उन्होंने कहा कि इस बीमारी का जल्द पता लगने से कई बीमारियों का इलाज संभव है। इसलिए स्कूलों में देखरेख, सहयोग और उपचार के तहत बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है।आरबीएसके ढुडिके टीम में मनजोत कौर स्टाफ नर्स, जसवंत सिंह फार्मासिस्ट, ब्लॉक शिक्षक लखविंदर सिंह और फार्मेसी अधिकारी राज कुमार ने आम जनता से अपील की कि किसी भी बच्चे को कोई गंभीर बीमारी होने पर तुरंत आरबीएसके टीमों से संपर्क करें। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उच्च गुणवत्ता वाले निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज संभव है।

चंडीगढ़, 20 जूनः  पंजाब राज अनुसूचित जाति आयोग द्वारा एक मामले में तलब लुधियाना से लोकसभा सदस्य रवनीत सिंह बिट्टू  21 जून 2021 को सुबह 11ः30 बजे आयोग के समक्ष निजी तौर पर पेश होंगे। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए अनुसूचित जाति आयोग की चेयरपर्सन तेजिन्दर कौर ने बताया कि रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा आयोग को अनुरोध किया गया था कि उनको 22 जून 2021 को पहले से ही निश्चित एक अनिवार्य काम है इसलिए उनको 22-06-2021 को सुबह 11ः30 बजे की बजाय 21-06-2021 को सुबह 11ः30 बजे पेश होने की इजाज़त दी जाये। तेजिन्दर कौर ने बताया कि रवनीत सिंह बिट्टू के अनुरोध को आयोग द्वारा स्वीकार करते हुए उनको 22 जून 2021 की जगह 21 जून 2021 को आयोग के समक्ष पेश होने की इजाज़त दे दी गई है।

अधिक इन्फ़ेक्शन फैलाने की संभावना वाले, कमज़ोर और सह-रोगों वाले व्यक्तियों को प्राथमिक आधार पर टीका लगाने के लिए कहा

17.2 फीसदी आबादी को लगाई टीके की पहली खुराक

चंडीगढ़ 19 जूनः 
कोविड महामारी के खि़लाफ़ लड़ाई जीतने और वायरस की अति-संभावित तीसरी लहर की रोकथाम के लिए शनिवार को पंजाब की मुख्य सचिव विनी महाजन ने समूह डिप्टी कमीश्नरों को कहा कि 18 सालों से अधिक आयु वर्ग के लिए चलाई जा रही टीकाकरण मुहिम को और तेज़ी से आगे बढ़ाया जाये और राज्य में अधिक इन्फ़ेक्शन फैलाने की संभावना वाले, कमज़ोर और सह-रोगों वाले व्यक्तियों को प्राथमिक आधार पर टीका लगाया जाये। 
राज्य में चल रही टीकाकरण मुहिम का जायज़ा लेने के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के सीनियर अधिकारियों और डिप्टी कमीश्नरों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने डिप्टी कमीश्नरों को आने वाले दिनों में अधिक से अधिक लोगों को टीका लगाने के लिए सुविधाजनक और प्रभावी रणनीतियों की योजना तैयार करने के लिए अधिकृत किया। 
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों में समाज के विभिन्न वर्गों को उनके पेशे और इन्फ़ेक्शन फैलाने वाले और कमज़ोर व्यक्तियों को पहल के आधार पर मुफ़्त टीकाकरण की आज्ञा दे दी है।
ज़िला प्रशासनिक मुखियों को अपने-अपने जिलों में चल रही टीकाकरण मुहिम पर पूरा ध्यान रखने की सलाह देते हुए मुख्य सचिव ने उनको 18 साल से अधिक आयु के विद्यार्थियों, अध्यापकों, न्यायिक अमले, वकीलों, सब्ज़ी विक्रेताओं, निर्माण कर्मचारी, निजी दुकानों और व्यापारिक संस्थानों के कर्मचारियों सहित कमज़ोर व्यक्तियों के लिए तुरंत वार्ड-वार टीकाकरण कैंप लगाने की योजना बनाने के लिए कहा। 
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव हुस्न लाल को केंद्र से टीकाकरण की और ज्यादा ख़ुराक खरीदने की हिदायत करते हुए श्रीमती महाजन ने डीसीज़ और फील्ड के स्वास्थ्य अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वह कैंपों दौरान वैक्सीन की कम से से कम बर्बादी को यकीनी बनाएं।  
जिलों में टीके की सप्लाई के लिए माँग आधारित नीति पर ध्यान केन्द्रित करते हुए मुख्य सचिव ने भरोसा दिया कि खपत के आधार पर टीके की ख़ुराक की अपेक्षित मात्रा उपलब्ध करवाई जायेगी। इसके अलावा उन्होंने सभी फील्ड स्टाफ को भारत सरकार से अतिरिक्त सप्लाई खरीदने की सुविधा के लिए रोज़ाना कोविन मोबाइल एप्लीकेशन पर टीकाकरण सम्बन्धी डेटा अपलोड करने के लिए भी कहा।
राज्य में टीके की उपलब्धता को अपडेट करते हुए प्रमुख स्वास्थ्य सचिव हुस्न लाल ने बताया कि पंजाब में इस समय टीके की छह लाख से अधिक ख़ुराक उपलब्ध हैं और आने वाले दिनों में केंद्र से टीके की लगभग सात लाख और ख़ुराक उपलब्ध हो जाएंगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में 51,86,754 लाभार्थी जोकि कुल आबादी का 17.2 फीसदी हिस्सा हैं, को टीके की पहली ख़ुराक लगाई जा चुकी है, जबकि 8,37,439 व्यक्तियों, जो 2.8 फीसदी बनते हैं, को अब तक दोनों ख़ुराक लगाई जा चुकीं हैं। 
श्री हुस्न लाल ने कहा कि जिलों में चल रही टीकाकरण मुहिम में और तेज़ी लाने के लिए जल्द से जल्द और अधिक से अधिक टीके लगाए जाएँ ताकि केंद्र से और अधिक ख़ुराकों की माँग की जा सके। विभाग की तरफ से जिलों में पहले ही काम कर रही 6,437 टीकाकरण साईटों को चलाने के लिए प्रति दिन एक लाख ख़ुराक मुहैया करवाई जायेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार उन लोगों के लिए निजी अस्पतालों को 25 प्रतिशत टीका अलॉट करेगी, जो टीका लगवाने का खर्च वहन कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लाभार्थीयों को उनके टीकाकरण सर्टिफिकेट में एक बार सुधार करने के लिए भी सुविधा मुहैया करवाई जाती है और इसके अलावा ज़रुरी और योग्य पहचान प्रमाण की अनुपस्थिति वाले लाभार्थीयों के लिए हिदायतें जारी की गई हैं और इसके अलावा पहचान सूची के दस्तावेज़ के तौर पर दिव्यांग व्यक्तियों के विलक्षण पहचान कार्ड और राशन कार्ड को भी शामिल किया गया है।

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