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चंडीगढ़, 1 दिसंबरः भ्रष्टाचार के दोष में शामिल पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुये पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज वीडियो सबूतों के आधार पर अमृतसर जिले के चाटीविंड थाने के सात पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून और अपराधिक साजिश रचने के दोषों के अंतर्गत केस दर्ज किया है और दोषी पुलिस मुलाजिमों में से चार को गिरफ्तार किया है। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह केस अमृतसर रेंज की तरफ से की गई जांच के उपरांत दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि चाटीविंड गाँव के रहने वाले अवतार सिंह और कंवलप्रीत सिंह राज खालसा खेती स्टोर चला रहे हैं और 22 अगस्त, 2018 को इसी गाँव के एक व्यक्ति गुरहरप्रीत सिंह ने उनकी दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को खराब कर दिया था। इसके बाद कंवलप्रीत सिंह बलदेव सिंह, सुखवंत सिंह आदि दोषी गुरहरप्रीत सिंह के घर के बाहर जा पहुँचे। इसके बाद गुरहरप्रीत सिंह ने अपने अन्य साथियों के साथ कंवलप्रीत सिंह, बलदेव सिंह और सुखवंत सिंह पर हमला कर दिया और उनको जख्मी करके मौके से फरार हो गए। प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस केस में पुलिस की तरफ से गुरहरप्रीत और अन्यों खिलाफ आई.पी.सी. की धारा 323, 324, 427, 148, 149 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था और पड़ताल के दौरान पुलिस की तरफ से उक्त मामले में दोषियों के विरुद्ध आई.पी.सी. की धारा 326 भी जोड़ दी गई। बाद में यह दोषी पुलिस मुलाजिमों में ए.एस.आई. महिन्दर सिंह, ए.एस.आई. कुलदीप सिंह (अब मृतक), हवलदार पलविन्दर सिंह, हवलदार राम सिंह, सिपाही राजबीर सिंह, सिपाही हरपिन्दर सिंह, सिपाही पलविन्दर सिंह और पंजाब होम गार्ड लाटा सिंह ने शिकायतकर्ता बलदेव के भाई सुखदेव सिंह के पास से विभिन्न मौकों पर 65,000 रुपए की रिश्वत ली थी और उसके पास दोषी पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ वीडियो सबूत हैं। विजीलैंस ब्यूरो को शिकायतकर्ता की तरफ से शिकायत पर जांच के दौरान उपरोक्त पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वत के दोष सही पाये गए और ब्यूरो ने हवलदार राम सिंह, सिपाही पलविन्दर सिंह, सिपाही हरपिन्दर सिंह और पंजाब होम गार्ड के लाटा सिंह को खिलाफ केस दर्ज करने के बाद गिरफ्तार कर लिया है जबकि बाकी मुलाजिमों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की सिफारिश भी की जायेगी।



सुलतानपुर लोधी/ डेरा बाबा नानक, 30 नवम्बर:पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्र सरकार को कहा है कि वह खेती विरोधी कानूनों को रद्द करने की माँग कर रहे किसानों की माँगों के प्रति अडिय़ल रवैया क्यों अपना रही है और उनकी बात क्यों नहीं सुनी जा रही।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लोगों की बात सुनना सरकारों का फर्ज होता है’। दोनों ऐतिहासिक स्थानों सुल्तानपुर लोधी और डेरा बाबा नानक में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘यदि अनेकों राज्यों के किसान केंद्र सरकार के खेती सम्बन्धी कानूनों के विरुद्ध रोष-प्रदर्शनों में तीखा संघर्ष कर रहे हैं तो लाजिमी है कि वह इन कानूनों के कारण चिंता में हैं’। उन्होंने अपनी सरकार की किसानों के हक में डटकर खड़े होने की वचनबद्धता को भी दोहराया।प्रधानमंत्री की तरफ से नये कानूनों को किसानों के लिए लाभदायक बताने के स्टैंड पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री शुरू से ही ऐसा कह रहे हैं जिस कारण पंजाब को अपने किसानों के हकों की रक्षा के लिए बिल पास करने पड़े। उन्होंने राज्यपाल की तरफ से बिलों को राष्ट्रपति के पास भेजने की जगह अपने पास रखने पर सवाल उठाते हुये कहा कि मुख्यमंत्री के सलाहकारों की नियुक्ति के समय पर भी पिछले साल राज्यपाल की तरफ से ऐसा किया गया था।न्युनतम खरीद मूल्य और आढ़ती व्यवस्था को पंजाब के सफल खेती मॉडल का आधार बताते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और आढ़तियों के बीच गहरा रिश्ता है, जिस कारण ऐसी सभ्य व्यवस्था को तबदील करने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि ‘क्या आढ़तियों की जगह लेने वाले कॉर्पोरेट घराने मुश्किल घड़ी में किसानों की बाजू पकड़ेंगे?कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि ‘गुरू साहिब की तरफ से छोटे किसानों को खास महत्ता दी गई थी और राज्य की 75 प्रतिशत किसानी के पास 5 एकड़ से कम जमीन है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के काले कानूनों से छोटे और सीमांत किसान कहीं के नहीं रहेंगे, जिस कारण किसान कड़ाकेे की ठंड और कोरोना के खौफ में भी हरियाणा पुलिस के तशद्दद को बरदाश्त करते हुए दिल्ली की सरहद में प्रदर्शन कर रहे हैं।करतारपुर गलियारे संबंधी बोलते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के लिए यह सही समय है कि इसको दोबारा खोला जाये। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान इसको खोल सकता है तो हम क्यों नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यह समझ नहीं आ रही कि केंद्र सरकार इस गलियारे को खोल क्यों नहीं रही।देश को अंदरूनी और बाहरी चुनौतियों संबंधी बोलते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि समय की सबसे बड़ी जरूरत है कि देश को सांप्रदायिक राह पर बाँटने का यत्न करने वाली शक्ति को एकता से रोका जाये। उन्होंने चीन की सरहद पर देश की एकता और अखंडता की खातिर जानें गवाने वाले शहीद गुरतेज सिंह का जिक्र करते हुये कहा कि पंजाब के इस महान पुत्र ने एल ए सी पर चीन के साथ हाल ही में हुई झड़पों में 12 चीनी सैनिकों को मारकर खुद शहीदी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल एकजुट भारत ही देश के दुश्मणों के साथ लड़ सकता है।उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने सर्व सांझेदारी का संदेश दिया था, जिसकी वर्तमान समय में सबसे बड़ी सार्थिकता है।पहले सिख गुरू श्री गुरु नानक देव जी के 550वीं शताबदी समागमों की संपूर्णता और 551वें प्रकाश पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह दोनों स्थानों का दौरा कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विश्व भर की संगत को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की बधाई देते हुये कहा कि श्री गुरु नानक देव जी की सदियों पुरानी शिक्षाएं आज के समय में भी उतनी ही सार्थक सिद्ध हो रही हैं और लोगों को मानवता की भलाई के लिए प्यार, शांति और हमदर्दी के लिए प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सिख दुनिया के कोने-कोनो में बसते हैं और इसी लिए श्री गुरु नानक देव जी के दर्शन ‘सरबत दा भला’ का दुनिया के कोने-कोनेे में प्रचार किया जा रहा है।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि सुल्तानपुर लोधी और डेरा बाबा नानक को योजनाबद्ध ढंग से शहर के तौर पर विकसित करने के लिए अन्य नये विकास कामों की शुरूआत करने के इलावा चल रहे विकास कामों की रफ्तार को और तेज किया जायेगा। उन्होंने विधायक नवतेज सिंह चीमा को यह भी कहा कि यदि सुल्तानपुर लोधी में अन्य नये विकास प्रोजेक्टों की जरूरत है तो उस सम्बन्धी प्रस्ताव बना कर भेजा जाये।इस अवसर पर सुल्तानपुर लोधी से विधायक नवतेज सिंह चीमा की तरफ से मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह का श्री गुरु नानक देव जी के 550वें शताबदी समागमों को बड़े स्तर पर मनाने के लिए दिल से धन्यवाद किया। विधायक की तरफ से कैप्टन अमरिन्दर सिंह से अपील की गई कि रेल कोच फैक्ट्री के साथ लगती कॉलोनियों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए फंड जारी किये जाएँ क्योंकि इन कॉलोनियों में 25000 से ज्यादा लोग रह रहे हैं।श्री गुरु नानक देव जी के जीवन और दर्शन को सबके लिए प्रकश स्तम्भ करार देते हुये पंजाब प्रदेस कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि हम सबको खुशहाल और स्वस्थ्य समाज की सृजना करने के लिए श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को अपनाना चाहिए।नामधारी संस्था के प्रमुख सतगुरू उदय सिंह ने कहा कि पंजाबी हमेशा ही समाज के हर वर्गों के कल्याण के लिए अग्रणी रहे हैं और पंजाबियों ने एक बार फिर यह कोविड-19 महामारी के दौरान हर जरूरतमंद लोगों को लंगर खिला कर और मदद करके सिद्ध कर दिया है। उनकी तरफ से राज्य सरकार द्वारा मुश्किल घड़ी का सामना कर रहे लोगों खास कर प्रवासी मजदूरों को सेहत और आवाजायी की सहूलतें मुहैया करवाने के लिए किये गए अथक यत्नों की भी भरपूर सराहना की गई।इससे पहले मुख्यमंत्री ने सुल्तानपुर लोधी के गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में माथा टेका, जहाँ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मैंबर जत्थेदार सरवण सिंह कुलार और बीबी गुरप्रीत कौर रूही ने मुख्यमंत्री को सिरोपा भेंट किया। मुख्यमंत्री ने बूढ्ढा दल के प्रमुख बाबा बलबीर सिंह, संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल, तख्त श्री पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह और अन्य धार्मिक शख्सियतों को भी सम्मानित किया। गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह के साथ पटियाला से संसद मैंबर परनीत कौर, खडूर साहिब से संसद मैंबर जसबीर सिंह गिल डिम्पा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, विधायक राणा गुरजीत सिंह, नवतेज सिंह चीमा और सुखपाल सिंह भुल्लर भी मौजूद थे।इस मौके पर अन्यों के अलावा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रधान एच.एस. हंसपाल, विधायक हरमिन्दर सिंह गिल, हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया, सुखपाल सिंह भुल्लर, सुखविन्दर सिंह डैनी, बी.एस. धालीवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री जोगिंदर सिंह मान के अलावा डिविजनल कमिश्नर राज कमल चैधरी, डायरैक्टर सामाजिक सुरक्षा विपुल उज्जवल, डिप्टी कमिश्नर कपूरथला दीप्ति उप्पल, एस.एस.पी कंवरदीप कौर और एस.एस.पी होशियारपुर नवजोत सिंह माहल भी मौजूद थे।इसके बाद डेरा बाबा नानक में मुख्यमंत्री ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रधान सुनील जाखड़, संसद मैंबर परनीत कौर, कैबिनेट मंत्रियों सुखजिन्दर सिंह रंधावा और अरुणा चैधरी समेत गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब डेरा बाबा नानक में माथा टेका। मुख्यमंत्री द्वारा रुमाला साहिब और चैर साहिब भेंट किया गया और देग करवाई।मुख्यमंत्री को श्री दरबार साहिब डेरा बाबा नानक के मैनेजर हरविन्दर सिंह, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारी समिति के मैंबर अमरीक सिंह शाहपुर और एस.जी.पी.सी. मैंबर जोगिंदर कौर द्वारा सिरोपा भेंट किया गया।कैबिनेट मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने खेती को प्राथमिक महत्ता दी और उन्होंने खुद भी खेती की, इसलिए पंजाब के लोगों का इस क्षेत्र के साथ धार्मिक सम्बन्ध है। करतारपुर गलियारा खोले जाने का सेहरा मुख्यमंत्री के सिर बाँधते हुए स. रंधावा ने आगे कहा कि यह गलियारा शांति और मानवता की एकता का प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पंजाब के पानी की रक्षा की और अब केंद्र के काले कानूनों के विरुद्ध संघर्ष में फिर आगे आए हैं। मुख्यमंत्री की तरफ से ‘सुहावे थाँ’ श्री गुरु नानक देव जी बलैस्ड ट्रेल’ नामक पुस्तक भी जारी की गई जिसमें गुरू जी के ‘चरण स्पर्श’ प्राप्त गाँवों और कस्बों में चलाए गए प्रोजेक्टों का विवरण दिया गया है। इस मौके पर वैटिकन सिटी के पोप द्वारा दिया संदेश, कैथोलिक चर्च, धारीवाल के पादरी जोसफ मैथ्यूज द्वारा पढ़ा गया।इस मौके पर ज्ञानी कुलविन्दर सिंह की तरफ से अरदास की गई और श्री दरबार साहिब, अमृतसर के पूर्व हजूरी रागी भाई जसवंत सिंह की तरफ से शब्द कीर्तन के साथ संगत को निहाल किया गया।इस मौके पर संसद मैंबर परनीत कौर, कैबिनेट मंत्री अरुणा चैधरी, सुंदर शाम अरोड़ा और साधु सिंह धर्मसोत, विधायक फतेहजंग सिंह बाजवा, बरिन्दरमीत सिंह पाहड़ा, संतोख सिंह भलीपुर, बलविन्दर सिंह लाडी, संगत सिंह गिलजियां, दर्शन सिंह बराड़, अमरीक सिंह ढिल्लों, कुलबीर सिंह जीरा, इन्दु बाला, जोगिंदर पाल, तरसेम सिंह डीसी और दविन्दर सिंह घुबाया और पूर्व मंत्री मास्टर मोहन लाल भी मौजूद थे।मुख्यमंत्री द्वारा इस ऐतिहासिक समागम के दौरान संत समाज के अलावा अहमदिया जमात के प्रमुख तनवीर खादिम को सम्मानित किया गया।



ਕੁੰਡਲੀ ਬਾਰਡਰ(ਦਿੱਲੀ),29 ਨਵੰਬਰ  - ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਅੰਮਿਤ ਸ਼ਾਹ ਵਲੋਂ ਸ਼ਰਤਾਂ ਤਹਿਤ ਗੱਲਬਾਤ ਦੇ ਕਰਨ ਦੇ ਦਿੱਤੇ ਸੱਦੇ ਨੂੰ ਰੱਦ ਕਰਦਿਆਂ 30 ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਵਲੋਂ ਕੁੰਡਲੀ(ਸਿੰਘੂ)ਅਤੇ ਬਹਾਦੁਰਪੁਰ ਬਾਰਡਰ ਵਿਖੇ ਦੋਨਾਂ ਸਥਾਨਾਂ ਉੱਤੇ ਦਿੱਲੀ ਦੀ ਘੇਰਾਬੰਦੀ ਜਾਰੀ ਰੱਖਣ ਅਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਦਿਨਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਲੀ ਦੇ ਬਾਕੀ ਤਿੰਨੋਂ ਮੁੱਖ ਹਾਈਵੇਅ ਵੀ ਬੰਦ ਕਰਨ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ।ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਵਲੋਂ ਸਾਂਝੀ ਮੀਟਿੰਗ ਨੇ ਖੇਤੀ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਰੱਦ ਕਰਵਾਉਣ, ਬਿਜਲੀ ਐਕਟ 2020 ਤੇ ਪਰਾਲੀ ਸਾੜਨ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਦੇ ਨਾਂ ਹੇਠ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਲੋਕ ਵਿਰੋਧੀ ਨੋਟੀਫਿਕੇਸ਼ਨ ਰੱਦ ਕਰਵਾਉਣ ਅਤੇ ਲੋਕ ਪੱਖੀ ਬੁੱਧੀਜੀਵੀਆਂ ਨੂੰ ਰਿਹਾਅ ਕਰਨ ਸਮੇਤ 8 ਮੰਗਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਸੰਘਰਸ਼ ਨਿਰੰਤਰ ਜਾਰੀ ਰੱਖਣ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।ਇਸ ਮੌਕੇ ਦੋਨੋਂ ਚੱਲ ਰਹੇ ਮੋਰਚਿਆਂ ਦੀ ਸਟੇਜ ਸੰਚਾਲਨਾ ਲੲੀ 5-5 ਮੈਂਬਰੀ ਕਮੇਟੀਆਂ ਦਾ ਗਠਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਹਰੇਕ ਜਥੇਬੰਦੀ ਦੇ 20-20 ਮੈਂਬਰਾਂ ਅਧਾਰਿਤ 600 ਮੈਂਬਰੀ ਵਲੰਟੀਅਰ ਟੀਮ ਵੀ ਬਣਾਈ ਗਈ,ਜੋ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਨੂੰ ਵਿਧੀਬੱਧ ਕਰੇਗੀ ਤੇ ਚੱਲ ਰਹੇ ਅੰਦੋਲਨ ਨੂੰ ਢਾਹ ਲਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਇਸ਼ਾਰੇ ਉੱਤੇ ਬਾਹਰ ਤੋਂ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਘੁੱਸਪੈਠ ਉੱਤੇ ਨਿਗਾਹ ਰੱਖੇਗੀ।ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੋਦੀ ਦੇ ਇਸ਼ਾਰੇ ਉੱਤੇ ਹਰਿਆਣਾ ਦੀ ਖੱਟਰ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਮੀਡੀਆ ਚੈਨਲਾਂ ਵਲੋਂ ਅੰਦੋਲਨ ਵਿੱਚ ਖਾਲਿਸਤਾਨੀ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਘੁੱਸਪੈਠ ਦੱਸਣਾਂ ਅਸਲ ਵਿੱਚ ਕਿਸਾਨੀ ਅੰਦੋਲਨ ਨੂੰ ਤਸੱਦਦ ਨਾਲ ਦਬਾਉਣ ਦੀ ਸਰਕਾਰੀ ਮਨਸ਼ਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਅੰਦੋਲਨ ਨੂੰ ਘੱਟ ਅੰਗ ਰਹੀ ਹੈ,ਜਦਕਿ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਸੋਚਨੀ ਤੋਂ ਕਿਸਾਨ ਅੰਦੋਲਨ ਕਿਤੇ ਵੱਡਾ ਹੈ। ਇਹ ਅੰਦੋਲਨ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਨਾਂ ਹੋ ਕੇ ਭਾਰਤ ਦੇ ਹਰ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਦਾ ਬਣ ਚੁੱਕਾ ਹੈ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਬੁਰਾੜੀ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ ਸਰਕਾਰੀ ਘੇਰੇ ਵਿੱਚ ਲੲੀਆਂ ਟਰੈਕਟਰ ਟਰਾਲੀਆਂ, ਕਾਰਕੁੰਨਾ ਨੂੰ ਫੌਰੀ ਤੌਰ ਉੱਤੇ ਛੱਡਿਆ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਹਰਿਆਣਾ, ਦਿੱਲੀ ਸਮੇਤ ਕਿਸਾਨਾਂ ਉੱਪਰ ਦਰਜ ਕੀਤੇ ਗਏ ਪਰਚੇ ਤੁਰੰਤ ਰੱਦ ਕੀਤੇ ਜਾਣ।ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਿੰਡਾਂ ਤੋਂ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਚੱਲ ਪਏ ਹਨ।ਲੋਕ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿਚੋਂ ਰਾਸ਼ਨ, ਭਾਂਡੇ ਟੀਂਡੇ,ਕੱਪੜੇ,ਪੈਸਾ ਧੇਲਾ ਤੇ ਹੋਰ ਜ਼ਰੂਰੀ ਰਸਦ ਭੇਜ ਰਹੇ ਹਨ। ਬੀਮਾਰਾਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਲਈ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੈਂਪ ਲਗਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਨੌਜਵਾਨ ਟਰੈਕਟਰਾਂ ਉੱਤੇ ਮੋਦੀ ਦੀ ਹਕੂਮਤ ਵਿਰੁੱਧ ਉੱਚੀ ਆਵਾਜ਼ ਵਿੱਚ ਡੈੱਕ ਲਗਾ ਕੇ ਗੀਤਾਂ ਉੱਤੇ ਨੱਚਦੇ ਹੋਏ ਕੇਂਦਰੀ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਚੈਲਿੰਜ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਮੋਰਚਿਆਂ ਵਾਲੀ ਥਾਂ ਉੱਤੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਵਾਲੇ ਘਰਾਂ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਅੰਦੋਲਨਕਾਰੀਆਂ ਲਈ ਆਪਣੇ ਵਾਸਰੂਮ ਨਹਾਉਣ ਆਦਿ ਲਈ ਖੋਹਲ ਦਿੱਤੇ ਹਨ। ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਨਾਲ ਲਿਆਂਦੇ ਰਾਸ਼ਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਨਹੀਂ ਪੈ ਰਹੀ। ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵਲੋਂ ਲੰਗਰ ਅਟੁੱਟ ਚਲਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।ਇਸ ਮੌਕੇ ਕਿਰਤੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ ਦੇ ਸੂਬਾਈ ਪ੍ਰਧਾਨ ਨਿਰਭੈ ਸਿੰਘ ਢੁੱਡੀਕੈ,ਬੀਕੇਯੂ ਕਾਦੀਆਂ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਹਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਕਾਦੀਆਂ,ਕ੍ਰਾਂਤੀਕਾਰੀ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ ਦੇ ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਫੂਲ, ਬੀਕੇਯੂ ਡਕੌਂਦਾ ਦੇ ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਧਨੇਰ, ਦੁਆਬਾ ਕਿਸਾਨ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਰਾਏ,ਬੀਕੇਯੂ ਰਾਜੇਵਾਲ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ ਰਾਜੇਵਾਲ, ਜਮਹੂਰੀ ਕਿਸਾਨ ਸਭਾ ਦੇ ਸਤਨਾਮ ਸਿੰਘ ਅਜਨਾਲਾ, ਬੀਕੇਯੂ ਕ੍ਰਾਂਤੀਕਾਰੀ ਦੇ ਦਰਸ਼ਨਪਾਲ, ਬੀਕੇਯੂ ਹਰਿਆਣਾ ਦੇ ਗੁਰਨਾਮ ਸਿੰਘ ਕੁਦਨੀ,ਨਰਮਦਾ ਬਚਾਉ ਅੰਦੋਲਨ ਦੀ ਆਗੂ ਮੇਲਾ ਪਾਟਕਰ, ਪੰਜਾਬ ਕਿਸਾਨ ਯੂਨੀਅਨ ਦੇ ਕੰਵਲਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਕਿਸਾਨ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਦੇ ਕੰਵਲਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਪੰਨੂੰ,ਪੇਂਡੂ ਮਜ਼ਦੂਰ ਯੂਨੀਅਨ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਸ਼ਮੀਰ ਸਿੰਘ ਘੁੱਗਸ਼ੋਰ,ਲੇਖਕ ਤੇ ਗਾਇਕ ਬੀਰ ਸਿੰਘ ਆਦਿ ਨੇ ਸੰਬੋਧਨ ਕੀਤਾ।



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