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रैस्टोरैंटों को रात के 9बजे तक खुलने की आज्ञा 
किसे भी व्यक्ति या वस्तु पर अंतरराज्यीय या राज्य में आने जाने पर नहीं होगी रोक
कॉलेज, स्कूल और कोचिंग संस्थाएं 31 जुलाई तक बंद रहेंगे

चंडीगढ़, 30 जून:
पंजाब सरकार ने आज 01.07.2020 से 30.07.2020 तक ‘अनलॉक 2’ को खोलने सम्बन्धी दिशा-निर्देश जारी किये हैं और कंटेनमैंट ज़ोनों से बाहर के इलाकों में सभ्यक तरीके से अन्य गतिविधियां फिर खोलने का फ़ैसला किया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इन विस्तृत दिशा-निर्देशों के अंतर्गत राज्य सरकार ने जि़ला अधिकारियों को ज़रूरत पडऩे पर कंटेनमैंट ज़ोनों से बाहर के क्षेत्रों में ऐसी पाबंदियां लगाने की आज्ञा दे दी है। हालाँकि, पड़ोसी देशों के साथ संधियों के अंतर्गत सरहदी व्यापार में शामिल व्यक्तियों और चीजों की अंतर-राज्यीय और राज्य के भीतर यातायात पर कोई पाबंदी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों के लिए किसी अलग आज्ञा / मंजूरी / ई-पर्मिट की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने आगे बताया कि स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक और कोचिंग संस्थाएं 31 जुलाई, 2020 तक बंद रहेंगी। ऑनलाइन / डिस्टैंस लर्निंग की आज्ञा को और उत्साहित किया जायेगा। केंद्र और राज्य सरकारों के प्रशिक्षण अदारों को 15 जुलाई से काम करने की आज्ञा दी जाऐगी जिसके लिए भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा स्टैंडर्ड ओपरेटिंग प्रोसीजी (एसओपी) जारी की जाएंगी।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसी गतिविधियां जिनकी आज्ञा नहीं है उनमें मेट्रो रेल, सिनेमा हाल, जिमनेजिय़म, स्विमिंग पुल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार, ऑडीटोरियम, असेंबली हॉल और इस तरह के स्थान शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि एम.एच.ए. के बिना अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर भी पाबंदी होगी। इसके अलावा सामाजिक / राजनैतिक / खेल / मनोरंजन / अकादमिक / सांस्कृतिक / धार्मिक कामों और अन्य बड़ी भीड़ों पर भी पाबंदी रहेगी। अन्य सभी गतिविधियों की कंटेनमैंट ज़ोनों से बाहर के क्षेत्रों में आज़ादी होगी।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि तालाबन्दी 31 जुलाई, 2020 तक कंटेनमैंट जोनों में लागू रहेगी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमएचएफडब्लयू) के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे ज़ोनों को जिला अधिकारियों द्वारा निर्धारित किया जायेगा। कंटेनमैंट जोनों में सिफऱ् ज़रूरी कामों को ही आज्ञा दी जायेगी। जि़ला अधिकारी इसके अनुसार एम.एच.एफ.डब्ल्यू और पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कंटेनमैंट और बफर जोनों में अपेक्षित कार्यवाही कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी ग़ैर ज़रूरी कामों के लिए व्यक्तियों के यातायात की राज्य भर में रात 10.00 बजे से प्रात:काल 5.00 बजे तक रोक रहेगी। हालाँकि, बहुत सी गतिविधियों जैसे मल्टीपल सिफ्टें, राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर व्यक्तियों और चीजें के यातायात और बसें, रेल गाड़ीयाँ और हवाई जहाज़ों से उतरने के बाद माल को उतारने और व्यक्तियों को अपने अपने स्थानों पर जाने समेत ज़रूरी कामों की आज्ञा होगी। उन्होंने कहा कि जि़ला अधिकारियों को हिदायत की गई है कि वह सी.आर.पी.सी की धारा 144 के अंतर्गत मनाही के आदेश जारी करें और सख्त पालना को यकीनी बनाऐं। 
इसके अलावा, यात्री रेल गाड़ीयाँ और श्रमिक विशेष रेल गाड़ीयाँ, घरेलू हवाई यात्रा, देश से बाहर फंसे भारतीय नागरिकों के यातायात और विदेशी नागरिकों को बाहर निकालने और निशानदेही और भारतीय समुद्री यात्रियों के साईन आन और साईन ऑफ एस.ओ.पीज़ के अनुसार नियमित किये जा सकते हैं। और ज्यादा जानकारी देते हुये उन्होंने कहा कि 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति, सह रोग वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को ज़रूरी वस्तुएँ और स्वास्थ्य के उद्देश्यों को छोड़ कर घर रहने की सलाह दी जाती है।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि विवाह से जुड़ी भीड़ों में मेहमानों की संख्या 50 से अधिक न हो और अंतिम संस्कार / अंतिम रस्म में व्यक्ति की संख्या 20 से अधिक न हो। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना पूरी तरह वर्जित है और जुर्माने के साथ सजा योग्य है। सार्वजनिक स्थानों पर शराब, पान, गुटका, तम्बाकू आदि का प्रयोग वर्जित है। हालाँकि इन चीजें की बिक्री पर कोई रोक नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि पूजा स्थान / धार्मिक स्थान प्रात:काल 5बजे से शाम 8 बजे तक खुले रहेंगे। पूजा के समय अधिक से अधिक व्यक्तियों की संख्या 20 से अधिक नहीं होनी चाहिए और इसलिए पूजा का समय उस अनुसार नियत किया जाये। इन स्थानों के प्रबंधन, हाथों की सफ़ाई, सामाजिक दूरी और मास्क पहनने को यकीनी बनाने के लिए उचित प्रबंध किये जाने चाहिएं। लंगर और प्रसाद बाँटने की आज्ञा है। धार्मिक स्थानों भी एस.ओ.पी. के मुताबिक कार्यशील होंगे।
इसी तरह रैस्टोरैंटों को 50प्रतिशत सामथ्र्य या 50 मेहमानों के साथ रात के 9बजे तक खुलने की आज्ञा दी गई है। यदि रैस्टोरैंट में आबकारी विभाग की मंज़ूरी हो तो शराब परोसी जा सकती है। हालाँकि बार बंद रहेंगे। प्रबंधन ऐसओपीज़ की पालना करेगा।्र
उन्होंने आगे कहा कि होटलों में रैस्टोरैंटों को बर्फ समेत खाना देने की मंजूरी दी गई है जिसमें उनके बैठने की क्षमता का 50प्रतिशत या 50 मेहमान, जो भी कम हो, की आज्ञा होगी। यह रैस्टोरैंट होटल के मेहमानों के अलावा अन्य व्यक्तियों के लिए भी खुले रहेंगे परन्तु होटल के मेहमानों और बाहर से आए व्यक्तियों के लिए रात 9 बजे तक का समय होगा। बार बंद रहेंगे। हालाँकि, राज्य की आबकारी नीति के अंतर्गत आज्ञा अनुसार शराब कमरों और रैस्टोरैंटों में सप्लाई की जा सकती है।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि रात का कर्फ़्यू सख्ती से लागू किया जायेगा और व्यक्तियों को सिफऱ् प्रात:काल 5 बजे से रात 10 बजे तक ही गतिविधि करने की आज्ञा होगी। मेहमानों को फ्लायट /रेल के द्वारा उनके यात्रा के कार्यक्रम के आधार पर रात 10 बजे से 5 बजे के बीच होटल के परिसर में दाखि़ल होने और छोडऩे की आज्ञा होगी। उन्होंने कहा कि कफ्र्यू के घंटों के दौरान इन मेहमानों की एक बार गतिविधि के लिए हवाई /रेल टिकट और रात 10 बजे से प्रात:काल 5 बजे तक होटल की बुकिंग होटल आने और जाने के लिए कफ्र्यू पास के तौर पर काम करेगी।
उन्होंने आगे बताया कि विवाह समारोहों के अलावा बैनकुएट फि़ल्हाल में ‘ओपन -एयर’ पार्टियाँ, मैरिज पैलेसों, होटलों और खुले स्थानों में होने वाले अन्य सामाजिक कामों और पार्टियों में 50 तक व्यक्ति शामिल हो सकेंगे। केटरिंग स्टाफ को मिला कर मेहमानों की संख्या 50 व्यक्तियों से अधिक नहीं होगी। 50 व्यक्तियों के लिए बैनकुएट हॉल और स्थान का आकार कम से कम 5,000 वर्ग फुट होना चाहिए जिससे हर व्यक्ति के लिए 10&10 क्षेत्र की ज़रूरत के आधार पर अपेक्षित सामाजिक दूरी का पालन किया जा सके। बार बंद रहेंगे। हालाँकि राज्य की आबकारी नीति के अनुसार समागम में शराब परोसी जा सकती है। होटल और अन्य आतिथ्य सेवाओं के लिए एसओपीज़ का सख्ती से पालन किया जायेगा। 
उन्होंने आगे कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के मुख्य बाज़ारों में दुकानों समेत सभी शॉपिंग माल और दुकानों को प्रात:काल 7.00 बजे से शााम 8.00 बजे तक खोलने की आज्ञा है। शराब के ठेके प्रात:काल 8 बजे से 9 बजे तक खुले रहेंगे। हालाँकि, भीड़ -भाड़से बचाव के लिए मुख्य बाज़ारों, मार्केट कम्पलैकसों और रेहड़ी बाज़ारों और अन्य भीड़ वाले स्थानों पर स्थित दुकानों के लिए जि़ला अधिकारी अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकते हैं। पंजाब स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एसओपीज़ के अंतर्गत नाई की दुकानों, बाल काटने वाले सैलून, ब्यूटी पार्लर और सपा को प्रात:काल 7 बजे से शाम 8 बजे तक खोलने की आज्ञा होगी।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि ज़रूरी चीजें वाली दुकानों को सभी दिन रात 8 बजे तक खुला रहने दिया जायेगा। रैस्टोरैंट और शराब के ठेके सभी दिन रात 9 बजे तक खुले रहेंगे। रविवार को दुकानें (ज़रूरी चीजें के अलावा) और शापिंग मॉल बंद रहेंगे। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एसओपीज़ के अनुसार स्पोर्टस कंपलैक्स, स्टेडियम और सार्वजनिक पार्कों को बिना दर्शकों के प्रात:काल 7बजे से शाम 8बजे तक खुलने दिया जायेगा। उद्योगों और औद्योगिक अदारों, निर्माण कामों आदि की आज्ञा होगी। उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय और राज्य में बसें के यातायात को बिना किसी पाबंदी के आज्ञा दी जाऐगी और ट्रांसपोर्ट वाहन बैठने के लिए सभी सीटों का प्रयोग कर सकेंगे।
और ज्यादा जानकारी देते हुये उन्होंने कहा कि उद्योगों और अन्य अदारों को उनके कामकाज के लिए अलग आज्ञा की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। सभी कर्मचारियों को आज्ञा दिए घंटों के दौरान बिना किसी पास के गतिविधि की इजाज़त दी जाऐगी जैसे कि विभिन्न अदारों के लिए उपरोक्त पैरा में बताया गया है। व्यक्तियों और चीजों की अंतर-राज्ज़ीय और राज्य में यातायात के लिए कोई रोक नहीं होगी और ऐसी गतिविधि के लिए अलग आज्ञा /मंज़ूरी /पर्मिट की ज़रूरत नहीं होगी। अंतर-राज्जीय यात्रियों के लिए कोवा -एप और स्व-तैयार किये पास का प्रयोग लाजि़मी होगी।
सामाजिक दूरी बनाई रखने को ज़रूरी बताते हुये उन्होंने कहा कि सभी गतिविधियों के लिए कम से -कम 6 फुट दूरी (दो गज की दूरी) हमेशा रखी जाये। इस अनुसार, अगर किसी गतिविधि के कारण भीड़ होती है, तो स्टेगरिंग, रोटेशन, दफ्तरों और अदारों के समय में तबदीली आदि ज़रूरी कदम उठाए जाएँ और यह सुनिश्चित किया जाये कि सामाजिक दूरियों के सिद्धांतों के साथ समझौता न किया जाये। काम करने वाले स्थानों समेत सार्वजनिक स्थानों पर सभी व्यक्तियों द्वारा मास्क पहनने लाजि़मी होंगे और इस पर सख्ती से निगरानी और अमल किया जाना चाहिए।
राज्य सरकार ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वह आरोग्य सेतु एप इनस्टोल करें। इसी तरह लोगों को भी जि़ला अधिकारियों के द्वारा इस ऐपलीकेशन को इनस्टोल करने की सलाह दी गई थी और अपने स्वास्थ्य की स्थिति को नियमित तौर पर एप पर अपडेट करने की सलाह दी गई है। इन दिशा—निर्देशों और लॉकडाऊन उपायों के किसी भी तरह का उल्लंघन को आपदा प्रबंधन एक्ट, 2005 की धारा 51 से 60 के अधीन, भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 188 के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही करने की सजा दी जाऐगी। 

चंडीगढ़, 30 जून:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज रिश्वत के दो विभिन्न मामलों में ए.एस.आई और क्लर्क को रंगे हाथों काबू किया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि स्पैशल एक्साइज़ सेल फिऱोज़पुर में तैनात ए.एस.आई गुरनाम सिंह को शिकायतकर्ता गुरमेज सिंह निवासी गाँव सवाय राय उताड़, जि़ला फिऱोज़पुर की शिकायत पर 5500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हत्थों पकड़ा है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में बताया कि नाजायज शराब सम्बन्धी उसके विरुद्ध केस न दर्ज करने के बदले उक्त ए.एस.आई द्वारा 10,000 रुपए की माँग की गई है और सौदा 7500 रुपए में तय हुआ है। शिकायतकर्ता ने कहा कि उसकी तरफ से 2000 रुपए पहली किश्त के तौर पर उक्त ए.एस.आई को अदा किये जा चुके हैं। विजीलैंस द्वारा शिकायत की जांच के उपरांत उक्त दोषी ए.एस.आई. को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में दूसरी किस्त के 5500 रुपए की रिश्वत लेते मौके पर ही पकड़ लिया।
इसी तरह रिश्वत के एक अन्य मामले में पी.एस.पी.सी.एल जैतो, फरीदकोट में तैनात खपतकार क्लर्क बलविन्दर सिंह को 2000 रुपए की रिश्वत लेते गिरफ़्तार किया गया है। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि उक्त क्लर्क को शिकायतकर्ता बलदेव सिंह निवासी सादा पत्ती, जि़ला फरीदकोट की शिकायत पर गिरफ़्तार किया गया है। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि उक्त क्लर्क की तरफ से उसका ट्यूबवैल शिफ्ट करने में मदद करने के बदले 2000 रुपए की माँग की गई है। विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी क्लर्क को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में 2000 रुपए की रिश्वत लेते हुये मौके पर ही पकड़ लिया।
उन्होंने बताया कि दोनों दोषियों के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो के थाना फिऱोज़पुर में मुकदमे दर्ज करके अगामी कार्यवाही आरंभ कर दी है।

राज्य का कोविड टेस्टिंग सामथ्र्य जुलाई के अंत तक 20,000 प्रति दिन तक बढ़ाया जायेगा

चंडीगढ़, 29 जून:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सोमवार को उम्मीद जताई कि राज्य में कोविड -19 की मौजूदा स्थिति को देखते हुये आगे कोई लॉकडाऊन नहीं लगेगा। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वह सुरक्षा उपायों की पालना करें जिससे उनके परिवारों और राज्य का बचाव हो सके।
पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि नज़दीक भविष्य में किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य की तरफ से बड़े स्तर पर प्रबंध किये गए हैं। कोविड -19 से सम्बन्धित 28 जून तक के आंकड़े सांझे करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 5216 कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस पाये गए हैं जिनमें से 133 की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि 23 मरीज़ हाई डिपैंडसी (एच.डी.) इकाईयों में दाखि़ल हैं जबकि कई नाजुक हालत में वैंटीलेटरों पर हैं। उन्होंने जानकारी दी कि चार नयी लैबज़ से कोविड टेस्टिंग सामथ्र्य जुलाई के अंत तक 20,000 प्रतिदिन तक बढ़ा दिया जायेगा जोकि मौजूदा समय में 10,000 प्रतिदिन के करीब है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आगे जानकारी देते हुये बताया कि राज्य के पास महामारी के आगे फैलाव को रोकने के लिए ज़रुरी उपकरण मौजूद हैं जिस कारण वह अब तक इसको काबू पाने में सफल साबित हुए हैं। वह नहीं चाहते कि भंडारण में पड़ी इन वस्तुओं को बरतने की ज़रूरत पड़े क्योंकि उनका सारा ध्यान जानें बचाने पर है। पंजाबियों के जज़्बे की सराहना करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने उनसे अपील भी की कि वह बड़े सार्वजनिक हितों के लिए कोरोना वायरस की इस संकट की घड़ी में संयम बनाई रखें।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वह सचमुच हैरान होते थे जब वह स्वास्थ्य सुरक्षा प्रोटोकोल का उल्लंघन के दोष में लोगों को चालान करने के रोज़मर्रा की रिपोर्टों को देखते थे। उन्होंने लोगों को चेतावनी देते हुये कहा कि वह न सिफऱ् अपने स्वास्थ्य बल्कि पूरे राज्य की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों की पालना करें। उन्होंने लोगों को सलाह भी दी कि कोरोना वायरस के लक्षणों को केवल मौसमी परिर्वतन समझ कर लापरवाही न बरतें और आम फ्लू, ज़ुकाम, खाँसी, शरीर दर्द और बुख़ार की सूरत में तुरंत डाक्टर की सलाह लेकर इलाज करवाएं।
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पड़ाव में कोविड के मरीज़ों के लिए सरकारी अस्पतालों में 4248 बैड रखे गए हैं और 2014 बैड अब और जोड़े जा रहे हैं जबकि 950 बैड प्राईवेट अस्पतालों में रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि संकट गंभीर होने की सूरत में बड़ी संख्या में लोगों को रखने के लिए 52 सरकारी और 195 प्राईवेट एकांतवास केन्द्रों की शिनाख़्त की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 554 वैंटीलेटरों की मौजुदगी के अलावा अन्य साजो-सामान अस्पतालों और अन्य फ्रंटलाईन वर्करों को पहले ही सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के पास 5.18 लाख एन-95 मास्क, तिहरी परत वाले 75.47 लाख मास्क, 2.52 लाख पी.पी.ई. किटें और 2223 ऑक्सीजन सिलंडर का स्टॉक भी मौजूद है।
कोविड -19 के दरमियान प्राईवेट सैक्टर पर पड़े प्रभाव संबंधी पूछे गये सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने पैत्रृक राज्यों को जाने वाले कामगार अब पंजाब लौटने लगे हैं क्योंकि वह जानते हैं कि पंजाब में रोजग़ार के अथाह मौके हैं। हालाँकि, उन्होंने कहा कि राज्य की ज्यादातर औद्योगिक इकाईयों ने काम करना शुरू कर दिया है और जल्द ही यह इकाईयाँ पूरे निर्माण सामथ्र्य के साथ काम करना शुरू कर देंगी जिससे राज्य के राजस्व को बड़ा योगदान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें से कोई शक नहीं कि कोरोना के संकट के कारण राज्य को 33,000 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हुआ है परन्तु केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज में से एक धेला भी राज्य को नहीं दिया। केंद्र ने सिफऱ् राज्य के हिस्से का 2200 करोड़ रुपए का जी.एस.टी. दिया है जो उसका कानूनी हक है।
यह पूछे जाने पर कि क्या पंजाब सामाजिक फैलाव (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) में दाखि़ल हो चुका है क्योंकि देश में कोविड मामलों की संख्या पाँच लाख को पार कर चुकी है और सिफऱ् बीते दिन ही 19000 केस सामने हैं तो इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली जैसे राज्यों के तुलनात्मक आधार पर पंजाब में स्थिति बहुत हद तक काबू में है। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि कोविड के संकट से निपटने के लिए लोगों की सक्रिय हिस्सेदारी इस मन्दभागे पड़ाव को निश्चित रूप से तौर पर प्रभावित करेगी।

बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहूँगी- डॉ. दीपक ज्योति

चंडीगढ़, 29 जून:
डॉ. दीपक ज्योति ने आज पंजाब राज्य बाल अधिकार सुरक्षा आयोग के ग़ैर-सरकारी मैंबर के तौर पर पद संभाल लिया।
डॉ. दीपक ज्योति, जोकि पेशे के तौर पर डाक्टर हैं, ने अपनी नियुक्ति पर राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह और लोक सभा मैंबर श्रीमती परनीत कौर का धन्यवाद करते हुये कहा कि बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए वह हमेशा तत्पर रहेंगे और जो भरोसा उन पर मुख्यमंत्री जी ने प्रकटाया है, उस पर वह खरा उतरेंगे।
बच्चों के विरुद्ध होने वाले अन्याय के खि़लाफ़ लडऩे का प्रण करते हुये उन्होंने कहा कि वह बाल मज़दूरी, बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना, बच्चों के साथ होने वाले शोषण, तस्करी समेत बच्चों विरुद्ध अन्य समाज विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए अपनी जि़म्मेदारी निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे संकट ग्रसित, अधिकारों से वंचित, हाशीए से परे और बिना परिवारों से रह रहे बच्चों से संबंधित मामलों की रिपोर्ट उच्च आधिकारियों को भेजी जाती रहेगी जिससे इन बच्चों को शिक्षित करके एक अच्छा स्थान दिला कर इनका भविष्य उज्जवल बनाया जा सके।
पद संभालने के उपरांत डॉ. दीपक ज्योति ने पंजाब की सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी के साथ मुलाकात की और उनका धन्यवाद करते हुये कहा कि पंजाब राज्य बाल अधिकार सुरक्षा आयोग की तरफ से उनको जो जि़म्मेदारी सौंपी गई है, उसको वह तनदेही के साथ निभाएंगे।

अंतिम फैसला यू.जी.सी. के नये दिशा-निर्देशों पर निर्भर होगा

चंडीगढ़, 28 जूनः
कोविड की महामारी के दरमियान परीक्षाएं करवाने संबंधी विद्यार्थियों और माता-पिता द्वारा जाहिर की गई चिंताओं के संदर्भ में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज राज्य की सभी यूनिवर्सिटियों के फाईनल इम्तिहान 15 जुलाई तक स्थगित करने का ऐलान किया है।
हालाँकि, इस बारे में अंतिम फैसला यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यू.जी.सी.) द्वारा किसी भी समय जारी किये जाने वाली नई हिदायतों / दिशा-निर्देशों पर आधारित होगा। 
इस संदर्भ में सारी दुविधा और अनिश्चितता को दूर करने की माँग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षाएं 15 जुलाई तक स्थगित करने से सभी संबंधित पक्षों खासकर यूनिवर्सिटियों को यू.जी.सी. द्वारा जारी किये जाने वाले नये दिशा-निर्देशों के अनुकूल आगे बढ़ने का समय मिल जायेगा।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री जी को लगता है कि परीक्षाओं का सुरक्षित संचालन करने संबंधी विद्यार्थियों, अध्यापकों और माता-पिता के मन से भ्रम को दूर करने की जरूरत है। 
यह जिक्रयोग्य है कि यू.जी.सी. द्वारा 29 अप्रैल को जारी किये दिशा-निर्देशों के मुताबिक पंजाब की यूनिवर्सिटियों ने जुलाई, 2020 में परीक्षाएं लेने का फैसला लिया था। उस समय यू.जी.सी. ने ऐलान किया था कि वह स्थिति की फिर से समीक्षा करेगी। हालाँकि, अकादमिक गतिविधियों खासकर परीक्षाएं करवाने के सम्बन्ध में यू.जी.सी. के फैसले की अभी प्रतीक्षा है। 
मुख्यमंत्री कई बार कह चुके हैं कि पंजाब की सभी यूनिवर्सिटियां और कॉलेज यू.जी.सी. से मान्यता प्राप्त हैं और इस कारण इम्तिहानों बारे कोई भी फैसला भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय अधीन सक्षम अथॉरिटी द्वारा ही लिया जा सकता है।

ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਕੋਵਿਡ ਕੇਅਰ ਸੈਂਟਰ ਤੋਂ ਦੋ ਮਰੀਜ਼ ਠੀਕ ਹੋ ਕੇ ਘਰ ਪਰਤੇ
ਕੋਵਿਡ-19 ਦੇ 8537 ਸੈਂਪਲ ਲਏ, 7741 ਨੈਗੇਟਿਵ, 127 ਪੋਜੇਟਿਵ ਅਤੇ 669 ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ਆਉਣੀ ਬਾਕੀ : ਸਿਵਲ ਸਰਜਨ

ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ, 28 ਜੂਨ
ਬਲਵੀਰ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ ਸਿਹਤ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਐਮ.ਕੇ. ਅਰਾਵਿੰਦ ਕੁਮਾਰ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਦਿਸ਼ਾ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਅਤੇ ਮਿਸ਼ਨ ਫਤਹਿ ਅਧੀਨ ਜਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਕੋਵਿਡ-19 ਪ੍ਰਤੀ ਜਾਗਰੂਕ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਹੋਰ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਜਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਕੋਵਿਡ-19 ਸਬੰਧੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆ ਡਾ. ਹਰੀ ਨਰਾਇਣ ਸਿੰਘ ਸਿਵਲ ਸਰਜਨ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਅੱਜ ਤੱਕ ਜਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ 8537 ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਦੇ ਸੈਂਪਲ ਲੈ ਕੇ ਜਾਂਚ ਲਈ ਭੇਜੇ ਗਏ ਹਨ, ਜਿਸ ਵਿੱਚੋਂ 7741 ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ਨੈਗੇਟਿਵ ਅਤੇ 127 ਮਰੀਜ਼ ਪਾਜ਼ੇਟਿਵ ਅਤੇ 669 ਕੇਸਾਂ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ਬਾਕੀ ਹੈ। ਹੁਣ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ 46 ਮਰੀਜ਼ ਐਕਟਿਵ ਹਨ। ਅੱਜ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੀਆਂ ਸਾਰੀਆਂ ਸਿਹਤ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਫਲੂ ਕਾਰਨਰਾਂ ’ਤੇ ਕੋਵਿਡ-19 ਸਬੰਧੀ 159 ਸੈਂਪਲ ਲਏ ਗਏ ਹਨ। ਜਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਫਲੂ ਕਾਰਨਰਾਂ ਵਿੱਚ ਕੋਵਿਡ ਜਾਂਚ ਲਈ ਲਏ ਸੈਂਪਲਾਂ ਵਿਚੋਂ ਅੱਜ 301 ਸੈਂਪਲਾਂ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ਕੋਵਿਡ ਨੇਗੈਟਿਵ ਆਈ ਹੈ ਜਦਕਿ ਜਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਦੀ ਮੁਸਤੈਦੀ ਯਤਨਾਂ ਸਦਕਾ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਨੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਮਰੀਜਾਂ ਦੀ ਜਲਦੀ ਪਹਿਚਾਣ ਕਰਕੇ ਅਤੇ ਇਲਾਜ ਕਰਕੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਮਰੀਜਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਹੁਣ ਤੱਕ 81 ਮਰੀਜਾਂ ਨੂੰ ਜਲਦੀ ਠੀਕ ਕਰਕੇ ਘਰ ਭੇਜ਼ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕੋਰੋਨਾ ਵਾਇਰਸ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਨਦੇਹੀ ਅਤੇ ਸੰਜੀਦਗੀ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸੇ ਵੀ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਕੋਰੋਨਾ ਦੇ ਲੱਛਣ ਦਿਸਣ ਤਾਂ ਉਸਨੂੰ ਛੁਪਾਓ ਨਾ, ਸਗੋਂ ਨੇੜੇ ਦੇ ਮਾਹਿਰ ਡਾਕਟਰ ਨਾਲ ਸਲਾਹ ਕਰੋ। ਉਹਨਾਂ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਜੇ ਕਿਸੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਬੁਖਾਰ, ਖਾਂਸੀ, ਜੁਕਾਮ, ਗਲਾ ਖਰਾਬ ਜਾਂ ਸਾਹ ਲੈਣ ਵਿੱਚ ਤਕਲੀਫ਼ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਤੁਰੰਤ ਡਾਕਟਰ ਜਾਂ ਨੇੜੇ ਦੀ ਸਿਹਤ ਸੰਸਥਾ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜ਼ੋ ਲੱਛਣ ਅਨੁਸਾਰ ਉਸਦੇ ਸੈਂਪਲ ਲੈ ਕੇ ਇਲਾਜ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ।  

विधायक ने कहापंजाब सरकार की तरफ से कैंटोनमेंट बोर्ड के 74वें संशोधन के तहत सिविल एरिया को फ्री होल्ड करके नगर काउंसिल बनाने की सिफारिश की गई 


अढ़ाई करोड़ रुपए की लागत से कैंटोनमेंट इलाके की सड़कों और पार्कों को विकसित करने का प्रोजेक्ट हुआ शुरू 

 

फिरोजपुर28 जून-

कैंटोनमेंट इलाकों से अंग्रेजों के जमाने में बने कानूनों को खत्म करवाने व लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी गई हैजिसमें कई तरह के सुधारों के लिए लिखा गया है। यह जानकारी फिरोजपुर शहरी हलके के विधायक परमिंदर सिंह पिंकी ने दी। उन्होंने कहा कि 74वें संशोधन के तहत फिरोजपुर कैंट में सिविल एरिया को फ्री होल्ड करने और नगर काउंसिल में शामिल करने के लिए सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि इससे कैंटोनमेंट बोर्ड के तहत आने वाले बाजारों और लोगों को काफी राहत मिलेगी।

           

 विधायक पिंकी ने कहा कि कैंटोनमेंट इलाके के चौतरफा विकास के लिए कई कदम उठाए गए हैं। यहां कि सड़कों से कब्जे हटाकर इन्हें चौड़ा किया गया हैसाथ ही फुटपाथ बनाए जा रहे हैं। चर्च रोडकोर्ट रोड और सदर बाजार रोड 16 फुट की बजाय अब 32 फुट की हो गई है। लोग खुद आगे आकर इस कार्य में सहयोग दे रहे हैं। विधायक पिंकी ने कहा कि यहां सड़कों की क्वालिटी हाईवे जैसी हो गई हैजिससे लोग काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि यहां सड़क निर्माण के कार्य वह खुद करवा रहे हैं और कमीशनबाजी का काम बंद करवा दिया हैजिससे कैंट की सड़कें पहली बार बेहद उच्च गुणवत्ता वाली बनी हैं। यह सारा काम अढ़ाई करोड़ रुपए की जारी ग्रांट में से हो रहा है। इसमें से एक करोड़ रुपए डीसी काम्पलेक्स के सामने वाली कैंटोनमेंट पार्क को डवलप करने पर खर्च हो रहा हैजिसमें एक एलसीडी लगाई जाएगीजिस पर सुबह शाम श्री हरिमंदिर साहिब और माता वैष्णो देवी से लाइव प्रसारण चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिरोजपुर कैंट तेजी से विकसित हो रहा है और यहां कई बड़े प्रोजेक्ट्स लाए जा रहे हैं। समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधन रुप नारायणपप्पूभूषण और पवन सेठ में कैंटोनमेंट लाकों में बनाई जा रही सड़कों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे पहले इतनी बढ़िया क्वालिटी का काम कभी नहीं हुआ।

फिरोजपुर के एडीसी एडीसी रविंदरपाल सिंह संधू कुछ दिन पहले कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद थे होम आईसोलेशन में 

कहा- इलाज के साथ-साथ बुलंद हौंसले से दी जा सकती है कोरोना वायरस को मात

 
फिरोजपुर, 27 जून-
फिरोजपुर के एडीसी (डवलपमेंट) श्री रविंदरपाल सिंह संधू ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जीत ली है। उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट नैगेटिव आई है और वह पूरी तरह से तंदरुस्त हैं। फिलहाल घर में रहकर स्वसाथ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। कुछ दिन पहले एडीसी डवलपमेंट की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें होम आईसोलेशन में रखा गया था। यहां घर में ही उनका इलाज चल रहा था, जिसके बाद 26 जून को दोबारा उनका टेस्ट हुआ और 27 जून की उनकी टेस्ट रिपोर्ट नैगेटिव आई। फिलहाल वह पूरी तरह से तंदरुस्त हैं और सरकारी गाइडलाइंस के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक एडीसी डवलपमेंट होम आईसोलेशन में ही रहेंगे।
कोरोना वायरस के हराने के बाद एडीसी डवलपमेंट ने कहा कि इलाज के साथ-साथ ऊंचे हौंसले से इस वायरस को हराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद घबराने वाली कोई बात नहीं है ब्लकि हमें राज्य सरकार की तरफ से जारी कुछ गाइडलाइंस का पालन करना होता है। कुछ ही दिनों में ट्रीटमेंट के बाद इस वायरस को हराया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह इस वायरस के खिलाफ चल रही जंग में जीत हासिल करने के लिए सरकारी गाइडलाइंस का पालन करें, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना और बार-बार हाथ धोना शामिल है।



विनी महाजन के शानदार करियर में यह प्रतिष्ठित पद एक और मील का पत्थर

चंडीगढ़, 26 जूनः
विनी महाजन ने शुक्रवार को पंजाब की पहली महिला मुख्य सचिव के तौर पर पद संभाल लिया। यह उनके शानदार करियर में एक और मील का पत्थर है जो उनके द्वारा हासिल की कई बड़ी उपलब्धियों में से एक अहम उपलब्धि है।
1987 बैच की आई.ए.एस. अधिकारी विनी महाजन को इस प्रतिष्ठित पद पर करण अवतार सिंह के स्थान पर नियुक्त किया गया है जोकि उनके द्वारा केंद्र और राज्य सरकार में उच्च पदों पर तैनाती के दौरान हासिल किये 33 साल के अनुभव का एक बहुमूल्य सुमेल है। करण अवतार सिंह ने विशेष मुख्य सचिव प्रशासकीय सुधार का पद संभाल लिया।
विनी महाजन राज्य में एकमात्र पंजाब कैडर की मौजूदा अधिकारी हैं जिनको भारत सरकार में बतौर सचिव के तौर पर एम्पैनल किया गया। वह अब तक अतिरिक्त मुख्य सचिव निवेश प्रोत्साहन, उद्योग एवं वाणिज्य, सूचना प्रौद्यौगिकी और प्रशासकीय सुधार और लोक शिकायत निवारण करने के तौर पर सेवाएं निभा रही थीं। उन्होंने राज्य में अनिर्धारित कोविड संकट के दौरान बतौर चेयरपर्सन हैल्थ सैक्टर रिस्पांस एंड प्रक्योरमैंट कमेटी के तौर पर अहम भूमिका निभाई।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के महिला श्री राम काॅलेज से अर्थ शास्त्र में ग्रेजुएशन और इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट (आई.आई.एम.) कलकत्ता से पोस्ट ग्रेजुएशन पास करने के लिए उन्होंने रोल आॅफ आॅनर और नामवर ऐलूमनस अवार्ड हासिल किया। विनी महाजन ने निवेश प्रोत्साहन और उद्योग एवं वाणिज्य के अपने कार्यकाल के दौरान राज्य में हर साल 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करवाने में सुचारू भूमिका निभाई।
गौरतलब है कि उन्होंने इस विभाग के उच्च पद पर रहते हुए साल 2019 में डावोस में हुए विश्व आर्थिक फोरम में पंजाब की पहली बार सम्मिलन करवाई। इसके अलावा दिसंबर 2019 में एम.एस.एम.ईज पर केंद्रित शानदार उच्च स्तरीय निवेश सम्मेलन करवाया।
उनके नेतृत्व में विभाग ने फोकल पुआइंटों के ढांचे में बड़ा सुधार किया और नये मेगा औद्योगिक पार्क अस्तित्व में लाए। नये स्टार्टअप्स को उत्साहित और उनको बढ़ावा देने हेतु सैंटर आॅफ एक्सीलेंस और कई इनक्यूबेटर्ज शुरू किये। हाल ही में उनके बहुमूल्य प्रयासों के चलते प्रशासकीय सुधारों के तौर पर पूर्ण तौर पर नयी सार्वजनिक शिकायत निवारण नीति लागू की गई।
उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव आवास निर्माण एवं शहरी विकास के तौर पर मोहाली हवाई अड्डे के नजदीक 5000 एकड़ की नयी टाउनशिप की शुरुआत की। इसके अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व के तौर पर पंजाब को नेशनल जैनरिक डाॅक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू करने के लिए देश का पहला राज्य बनाया।
विनी महाजन ने डाॅ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान 2005 से 2012 तक प्रधानमंत्री कार्यालय में सेवाएं निभाते हुए वित्त, उद्योग एवं वाणिज्य, टेलीकाॅम, सूचना प्रौद्यौगिकी आदि मामलों को निपुणता के साथ पूर किया। वैश्विक मंदी के समय वह भारत की घरेलू प्रतिक्रिया संबंधी केंद्र सरकार की मुख्य टीम का हिस्सा रहीं और जी-20 सम्मेलन में भी सम्मिलन किया।
इससे पहले 2004-05 में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के डायरैक्टर के तौर पर उन्होंने भारत के बाहरी सहायता प्रोग्रामों और बुनियादी ढांचे के मामलों में एक अहम भूमिका निभाई।
विनी महाजन ने पंजाब में विभिन्न पदों पर सेवाएं निभाईं जिनमें पी.आई.डी.बी. के एम.डी. और पहले डायरैक्टर विनिवेश शामिल हैं। वह 1997 में श्री आनन्दपुर साहिब विकास अथाॅरिटी के मुख्य प्रशासक नियुक्त हुए। इसके अलावा श्री आनन्दपुर साहिब फाउंडेशन की सी.ई.ओ. के तौर पर 1999 में खालसा साजना दिवस की तीसरी जन्म शताब्दी के जश्नों को पूरा किया। उन्होंने 2019 में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व समागमों के दौरान जश्नों के लिए बनाई समिति के चेयरपर्सन के तौर पर भी सेवाएं निभाईं।
1995 में जब उन्होंने रोपड़ के डिप्टी कमिश्नर के तौर पर पद संभाला तो वह पंजाब में डिप्टी कमिश्नर के तौर पर तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। उस समय उन्होंने साक्षरता मुहिम में प्रभावशाली भूमिका निभाते हुए रोपड़ जिले को देशभर में बेहतर प्रदर्शन के लिए ‘राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार’ दिलाया।
विनी महाजन को बहुत से अकादमिक अवाॅर्ड मिले जिनमें राष्ट्रीय प्रतिभा खोज स्काॅलरशिप शामिल है। वह 2000-01 में अमरीकन यूनिवर्सिटी, वाशिंगटन डी.सी. की ह्यूब्रट हम्फ्री फैलो रहीं। वह देश की अकेली विद्यार्थी हो सकती हैं जिन्होंने 1982 में आई.आई.टी. और ऐम्ज दिल्ली दोनों में दाखिला लिया था जब उन्होंने माॅडर्न स्कूल नई दिल्ली से बारहवीं पास की थी।
उनके पिता श्री बी.बी. महाजन जो पंजाब कैडर के आई.ए.एस. अधिकारी थे, 1957 बैच के टाॅपर थे। श्री महाजन एक इमानदार अधिकारी के तौर पर जाने जाते थे जिन्होंने भारत सरकार में सचिव खाद्य के पद से सेवामुक्त होने से पहले पंजाब में वित्त कमिश्नर राजस्व सहित कई अहम पदों पर सेवाएं निभाईं।

चंडीगढ़, 26 जूनः
ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वपक्षीय विकास के लिए सड़क नैटवर्क को और बेहतर बनाने के लिए श्री करण अवतार सिंह ने आज दोपहर से पहले, मुख्य सचिव के तौर पर राज्य स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी (एस.एल.एस.सी) की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए 1100 किलोमीटर लंबी सड़कों के नवीनीकरण और 16 पुलों के निर्माण के लिए सहमति दी।

श्री करण अवतार सिंह ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पी.एम.जी.एस.वाई.) के तीसरे चरण के अधीन सड़क सूची की चर्चा की। विभिन्न मुद्दों और चयन मापदण्डों पर विचार-विमर्श के बाद, एस.एल.एस.सी ने लगभग 1100 किलोमीटर सड़क की लंबाई के नवीनीकरण को मंजूरी दी। इस प्रोजैक्ट को फंड शेयरिंग के आधार पर लागू किया जायेगा, भारत सरकार का 60 प्रतिशत हिस्सा और राज्य सरकार का 40 प्रतिशत हिस्सा होगा। प्रोजैक्ट की लागत लगभग 750 करोड़ रुपए होगी, जिसमें ज्यादातर सड़कों की चौड़ाई बढ़ाकर 5.5 मीटर की जायेगी। इसके अलावा लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत से ग्रामीण सड़कों पर 16 पुलों का निर्माण करने का भी फैसला किया गया है।

इस सम्बन्धी अधिक जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विस्तृत प्रोजैक्ट रिपोर्टों (डीपीआर्ज) तैयार करने के बाद जुलाई 2020 में प्रोजैक्ट भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमआरआरडी) को सौंपे जाने की संभावना है। इस सम्बन्धी अक्तूबर / नवंबर, 2020 में कार्य शुरू होने की संभावना है।

मीटिंग में अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन एवं वन्य जीव) श्रीमती रवनीत कौर, प्रमुख सचिव (वित्त) श्री के.ए.पी. सिन्हा, प्रमुख सचिव लोक निर्माण (बी एंड आर) श्री विकास प्रताप, सचिव (पंजाब मंडी बोर्ड) श्री रवि भगत और अन्य सीनियर अधिकारी शामिल हुए।

SLSC GIVES NOD TO UPGRADATE 1100 KM OF ROAD LENGTH & CONSTRUCTION OF 16 BRIDGES

Chandigarh, June 26

          In a bid to further improve the road network for the holistic development of rural areas, Mr. Karan Avtar Singh, while chairing the meeting of State Level Standing Committee (SLSC) as the Chief Secretary on Friday before noon, gave nod for the upgradation of 1100 Km length of roads and construction of 16 bridges.

          Mr. Karan Avtar Singh discussed the road list under Phase-3 of Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana (PMGSY). After discussing the various issues and selection criteria, the SLSC cleared about 1100 Km of road length for upgradation. This project will be executed on fund sharing basis i.e. 60% share from Govt. of India and 40% share from State Government. The cost of the project will be approx. Rs.750 crore wherein, most of the roads will be widened to 5.5 m width. It has also been decided to construct 16 bridges on rural roads with the cost of approximately Rs.40 crore.

          An official spokesperson giving further details said that after preparing the Detailed Project Reports (DPRs), the project is likely to be submitted to the Ministry of Rural Development (MoRD), Govt. of India (GoI) in July 2020. The work in the field is likely to be started in the month of October/ November, 2020.

          The meeting was attended by Additional Chief Secretary Forest & Wildlife Ms. Ravneet Kaur, Principal Secretary Finance Mr. KAP Sinha, Principal Secretary Public Works (B&R) Mr. Vikas Pratap, Secretary Punjab Mandi Board Mr. Ravi Bhagat and other senior officers of the state.


चंडीगढ़, 24 जून:
पंजाब सरकार ने बच्चों की पढ़ाई और लोक हितों को ध्यान में रखते हुए 25 पी.ई.एस. (स्कूल और इंस्पैक्शन) ग्रुप ए कैडर के 25 प्रिंसिपलों की बदलियां कर दी हैं।
यह जानकारी देते हुए आज यहाँ स्कूल शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला की मंजूरी के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री कृष्ण कुमार ने इस सम्बन्ध में हुक्म जारी कर दिए हैं।
प्रवक्ता के अनुसार राजीव कक्कड़ को प्रिंसिपल सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल (स स स स) खिलचियां (अमृतसर), सत्तपाल सैनी को प्रिंसिपल स स स स जेजों दोआबा (होशियारपुर), जसवीर कुमार को प्रिंसिपल स स स स ईसपुर मखसूसपुर चेला (होशियारपुर), परमजीत सिंह को प्रिंसिपल स स स स जंडोली (होशियारपुर), पंकज महाजन को प्रिंसिपल स स स स घरोटा (पठानकोट), किशोर कुमार को प्रिंसिपल स स स स नरोट जैमल सिंह (पठानकोट), सुनीता शर्मा को प्रिंसिपल स स स स नाजो चक्क (पठानकोट), महिंद्र पाल को प्रिंसिपल स स स स धोबड़ा (पठानकोट), बलविन्दर कुमार को प्रिंसिपल स स स स जंगल (पठानकोट) और रणजीत सिंह को प्रिंसिपल स स स स बोढल (होशियारपुर) लगाया गया है।
इसी तरह परगट सिंह को प्रिंसिपल स स स स लमीण (होशियारपुर), जसवीर कौर को प्रिंसिपल स स स स नरोट रुपलहेड़ी (फतेहगढ़ साहिब), राजेश कुमार को प्रिंसिपल स स स स बस्सी जलालपुर (होशियारपुर), तरलोक सिंह को प्रिंसिपल स स स स (कन्या) गोराया (जालंधर), सुभाष चंद्र को प्रिंसिपल स स स स भलाईआना (श्री मुक्तसर साहिब), जतिन्दर सिंह को प्रिंसिपल स स स स बस्सी वजीद (होशियारपुर), कुलविन्दर सिंह को प्रिंसिपल स स स स (कन्या) मंडी कलाँ (बठिंडा), ओम प्रकाश मिड्डा को प्रिंसिपल स स स स (कन्या) ख्याला कलाँ (मानसा), संजीव कुमार को प्रिंसिपल स स स स (बॉयज़) (मानसा) और दीपक बांसल को प्रिंसिपल स स स स लक्खेवाली (श्री मुक्तसर साहिब) लगाया गया है।
प्रवक्ता के अनुसार रुपिन्दर कौर को प्रिंसिपल स स स स शेर खां (फिऱोज़पुर), कंवलजीत सिंह को प्रिंसिपल स स स स धरमपुरा (फाजिल्का), मोहन लाल को प्रिंसिपल स स स स रत्ता टिब्बा (श्री मुक्तसर साहिब), कंवरप्रीत सिंह को प्रिंसिपल स स स स लड़के मुच्छल (अमृतसर) और सुखदीप सिंह को प्रिंसिपल स स स स छीनीवाल कलां (बरनाला) तैनात किया गया है।
प्रवक्ता के अनुसार जिन प्रिंसिपलों की बदली के बाद पिछले स्टेशन पर कोई रेगुलर प्रिंसिपल नहीं रह गया हो तो बदला गया प्रिंसिपल अपने पहले स्कूल में हफ्ते के आखिरी तीन दिन गुरूवार, शुक्रवार और शनिवार उपस्थित होगा और नई तैनाती वाली जगह पर हफ्ते के पहले तीन दिन सोमवार, मंगलवार और बुधवार उपस्थित होगा

रेड जॉन से एक दिन के लिए ग्रीन जॉन में रह चुका मुक्तसर अब ऑरेंज से फिर रेड जॉन में


श्री मुक्तसर साहिब

बुधवार को जिला श्री मुक्तसर साहिब में कोरोना बंब फूटने से एक दिन के लिए ग्रीन जौन में रहने के बाद आॉरेंज जोन में चल रहा जिला 45 मरीजों के साथ एक बार फिर से रेड जॉन में प्रवेश कर गया। बुधवार को एक ही दिन में 33 लोगों की रिपोर्ट कोविड़ -19 पॉजिटिव आने के बाद अब तक जिले में पॉजिटिव आए केसों की संख्या 117 पर पहुंच गई है। जिनमें से 72 लोग ठीक होने के बाद घर भेजे जा चुके हैं।  

स्वास्थ्य मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू के दिशा निर्देश एवं डीसी एम.के. अराविन्द कुमार श्री देखरेख में मिशन फतेह के तहत जिला श्री मुक्तसर साहिब में कोविड -19 के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम निरंतर जारीहै। सिविल सर्जन डा. हरी नरायण सिंह ने बताया कि बुधवार को आई ताजा रिपोर्टों में जिले में 33 नए पॉजिटिव मामलों की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि 5 केस श्री मुक्तसर साहिब शहर के कच्चा थांदेवाला रोड के हैं, जो कि पॉजिटिव केस के परिवारिक सदस्य हैं। दो केस अबोहर रोड तथा 3 मामले  माडल टाऊन श्री मुक्तसर साहिब के पॉजिटिव आए हैं। आठ केस गिद्दड़बाहा के हैं जिनमें से 7 पॉजिटिव केसों के संपर्क वाले हैं और एक नया मामला है। एक केस गांव गुरूसर जो कि गिद्दड़बाहा कोविड पॉजिटिव केस का संपर्क है। एक नया केस गांव जंडवाला एवं 2 केस रसूलपुर केरा के हैं, जो कि पॉजिटिव केस के संपर्क वाले हैं। मलोट शहर में तीन केस रविदास नगर पॉजिटिव केस के संपर्क वाले हैं और सात केस नये हैं, जिनमें से 3 रविदास नगर, एक बहादुर फैक्ट्री रोड, एक कैरों रोड, 2 सुरजा राम मार्केट (विदेश से लौटे) हैं। एक केस गांव घांगा फिरोजपुर से सबंधित है। उन्होंने बताया कि आज तक जिला श्री मुक्तसर साहिब में 7556 लोगों के सैंपल ले कर जांच के लिए भेजे गए हैं, जिसमें से 6660 की रिपोर्ट नेगेटिव और 117 मरीज पॉजिटिव आ चुके हैं। इन 117 केसों में से अब तक 72 लोगों को ठीक होने के बाद घर भेजा जा चुका है तथा कुल एक्टिव मामले 45 हैं जबकि 779 मामलों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। बुधवार को जिले के सभी सेहत संस्थाओं में बने फ्लू कार्रनरों पर कोविड -19 से सम्बन्धित 219 सैंपल लिए गए हैं। आज आए सैंपलों में 187 की रिपोर्ट कोविड नैगेटिव आई है।


चंडीगढ़, 24 जून-
स्टेट विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रही मुहिम के दौरान मार्च, अप्रैल और मई महीनों के दौरान अलग-अलग तरह के 12 मामलों में 7 कर्मचारियों और 8 प्राईवेट व्यक्तियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया जिसमें 2 पुलिस मुलाजीम, एक राजस्व कर्मचारी और 4 अन्य विभागों से शामिल हैं। इसके अलावा उन व्यक्तियों के विरुद्ध सात मामले दर्ज किये गए हैं जो कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहे थे।
यह खुलासा करते हुए मुख्य डायरैक्टर-कम-ए.डी.जी.पी. विजीलैंस ब्यूरो श्री बी. के. उप्पल ने कहा कि ब्यूरो ने इस समय के दौरान सार्वजनिक सेवकों और अन्य व्यक्तियों में भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए अपनी पूरी कोशिश की है। उन्होंने बताया कि ब्यूरो ने पिछले तीन महीनों में अलग-अलग विशेष अदालतों में 9 विजीलैंस मामलों के चालान पेश किये हैं। इस समय के दौरान भ्रष्टाचार के मामलों की पूरी तरह जांच करने के लिए सात विजीलैंस जांच भी दर्ज की गईं और विजीलैंस जांच के आधार पर एक मुकद्मा भी दर्ज किया गया।
और ज्यादा जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विशेष अदालतों ने ब्यूरो द्वारा दायर किये गए दो रिश्वत के मामलों का फैसला किया जिसमें कश्मीर सिंह, पूर्व सचिव, प्राथमिक कृषि सहकारी सभा, गाँव लालेआना, जिला बठिंडा को ऐडीशनल सैशन जज बठिंडा की तरफ से 4 साल कैद और 10,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी तरह एक अन्य केस में, हरबंस लाल, कानूगो, राजस्व हलका जंड्याना, एस बी एस नगर जिले को ऐडीशनल सैशन जज एस.बी.एस.नगर की तरफ से 4 साल कैद और 50,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
विजीलैंस के प्रमुख उप्पल ने आगे कहा कि विजीलैंस ब्यूरो के अधिकारियों को कैमिस्टों की दुकानों, खाने की दुकानों और ऐल.पी.जी. वितरकों पर कड़ी नज़र रखने की हिदायत की गई है जिससे कोविड-19 लाॅकडाउन के दौरान जरूरी वस्तुओं की गुणवत्ता, मात्रा और कीमतों की जांच की जा सके। उन्होंने आगे कहा कि ब्यूरो ने एक विशेष चैकिंग के दौरान घुल्यानी गैस कपूरथला के मालिक विनय घुल्यानी और उसके सहायक के खिलाफ उपभोक्ताओ को कम गैस वाले 17 सिलंडरों की सप्लाई करने के दोष में थाना सीटी कपूरथला में जरूरी वस्तुएँ एक्ट के अंतर्गत केस दर्ज करवाया है।
इसके अलावा विजीलैंस ब्यूरो ने इंडस फार्मेसी एस.ए.एस.नगर में भी विशेष चैकिंग की है और दुकान मालिक दिनेश कुमार के खिलाफ महंगी कीमत पर मास्क और सैनीटाईजर बेचने के लिए 188 आइपीसी के अंतर्गत केस दर्ज करवाया है।

शहर के एक युवा वकील ने पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन करके मांगी थी मददएसएसपी ने युवक की मदद करने के लिए डीएसपी की लगाई ड्यूटी

 फिरोजपुर23 जून-

रविवार रात को नाइट कर्फ्यू के बीच अपनी मंगेतर का जन्मदिन मनाने निकले वकील जोनी गुप्ता के लिए फिरोजपुर पुलिस मसीहा बनकर सामने आई क्योंकि डीएसपी कृष्ण कुमार खुद युवक को लेकर उसकी मंगेतर के घर पहुंचे और परिवार समेत बर्थडे सेलिब्रेट करवाया।

डीएसपी कृष्ण कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम पर वकील जोनी गुप्ता ने सूचना दी थी कि उसके मंगेतर का बर्थडे है और वह केक लेकर उसके घर जा रहा है लेकिन नाइट कर्फ्यू की वजह से पुलिस ने उसे रोक लिया है। युवक ने पुलिस मदद मांगी। मामला फिरोजपुर के एसएसपी श्री भूपिंदर सिंह की जानकारी में पहुंचाजिन्होंने तत्काल डीएसपी कृष्ण कुमार को इस मामले में हस्तक्षेप करके युवक की मदद के लिए कहा। डीएसपी मौके पर पहुंचे और सारी बात समझी। इसके बाद वह लड़की के घर पहुंचे और उसके मंगेतर व बर्थडे की जानकारी को वेरिफाई किया। वेरिफाई करने के बाद वह लड़के को लेकर उसके मंगेतर का घर पहुंचेजहां पूरे परिवार की मौजूदगी में बर्थ डे मनाया। इस सरप्राइज बर्थडे पर लड़की के परिवार की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा। डीएसपी कृष्ण कुमार ने न सिर्फ बर्थ डे मनाने निकले युवक की मदद की ब्लकि उसकी मंगेतर प्रियंका जायसवाल को शगुन भी दिया। उन्होंने कहा कि यह खुशी का मौका है और उन्हें भी दोनों परिवारों की मदद करके उतनी ही खुशी मिल रही है। फिरोजपुर पुलिस की इस मदद के लिए दोनों परिवारों ने एसएसपी श्री भूपिंदर सिंह और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। 

 

 



टैस्टिंग सुविधा बढ़ाने के लिए सहायक प्रोफ़ैसर (माइक्रोबायोलॉजी) के चार और अन्य आवश्यक स्टाफ के 131 पद भरे जाएंगे
सरकारी कॉलेजों में मैडीकल, आयुर्वैदिक और डैंटल फेकल्टी की पुनर-नियुक्ति को भी मंजूरी

चंडीगढ़, 22 जून:
कोविड के विरुद्ध लड़ाई को और मज़बूत बनाने के लिए पंजाब सरकार ने चार नई टेस्टिंग लैबोरेटरियाँ स्थापित करने और इन लैबों के लिए 131 आवश्यक स्टाफ की पहल के आधार पर नियुक्ति करने का फ़ैसला किया है।
इसी दौरान मंत्रीमंडल ने इन चार वायरल टेस्टिंग लैबोरेटरियों में सहायक प्रोफ़ैसर (माइक्रोबायोलॉजी) के चार पद सृजन करने और भरने के लिए चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दे दी है।
आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग के दौरान लुधियाना, जालंधर और मोहाली में चार टेस्टिंग लैबोरेटरियों की स्थापना को हरी झंडी दे दी है जिससे प्रति दिन 13000 टैस्ट करने की क्षमता हो जायेगी। इस समय पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट के मैडीकल कॉलेजों में प्रति दिन 9000 टैस्ट करने की क्षमता है।
यह चार लैबोरेटरियाँ श्री गुरु अंगद देव वैटरनरी एंड एनिमल साईंसिस लुधियाना, पंजाब स्टेट फोरेंसिक साईंसिस लैबोरटरी मोहाली, नार्दन रीजनल डिजीज़ डायग्रौस्टिक लैबोरेटरी जालंधर और पंजाब बायोटैक्नोलॉजी इंकुबेटर मोहाली में स्थापित होनी हैं। 
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह सभी नियुक्तियाँ बाबा फऱीद यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साईंसिस, फरीदकोट की तरफ से आउटसोर्सिंग के ज़रिये की जाएंगी। 131 स्टाफ सदस्यों की नियुक्ति से प्रति महीना 17.46 लाख रुपए जबकि एडहॉक सहायक प्रोफेसरों के पदों के विरुद्ध प्रति महीना 3.06 लाख का खर्चा आऐगा जो प्रांतीय आपदा प्रबंधन फंड में से दिया जायेगा। इन 131 स्टाफ सदस्यों में रिसर्च साईंटिस्ट (नॉन मैडीकल), रिसर्च साईंटिस्ट, लैब टैक्नीशियन, डाटा एंटरी ऑपरेटर, लैब अटेंडेंट और स्वीपर के पद शामिल हैं।
एक अन्य फ़ैसले में मंत्रीमंडल ने पटियाला और अमृतसर के सरकारी मैडीकल कॉलेज, पटियाला और अमृतसर के सरकारी डैंटल कॉलेज और पटियाला के आयुर्वैदिक कॉलेज में सेवाएं निभा रही टीचिंग फेकल्टी की सेवा-मुक्ति की 62 साल की आयु पूरी होने के उपरांत पुनर-नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। मैडीकल/आयुर्वैदिक फेकल्टी के लिए पुनर-नियुक्ति की आयु 70 साल तक जबकि डैंटल फेकल्टी के लिए 65 साल होगी।
यह कदम जहाँ मैडीकल, डैंटल और आयुर्वैदिक की टीचिंग फेकल्टी की कमी को दूर करने में सहायक होगा, वहीं मैडीकल कौंसिल ऑफ इंडिया /डैंटल कौंसिल ऑफ इंडिया और सैंट्रल कौंसिल ऑफ इंडियन मैडिसन के नियमों के अंतर्गत पी.जी. कोर्स की सीटें बरकरार रखने में भी मददगार सिद्ध होगा।


मोहाली में पहले मरीज़ का एंटी हीमोफीलिया फैक्टर -8 से किया गया सफल इलाज
पहले लोगों को हीमोफीलिया के इलाज के लिए सालाना 18 से 80 लाख रुपए ख़र्चने पड़ते थे

चंडीगढ़, 21 जून:

हीमोफीलिया के मरीज़ों को बड़ी राहत प्रदान करते हुये पंजाब सरकार ने राज्य भर के 18 इंटीगरेटिड केयर सेंटरों में हीमोफीलिया के मरीजों का एंटी हीमोफीलिया फैक्टर उपलब्ध करवा करके इलाज शुरू कर दिया गया है।

इस सम्बन्धी स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री, पंजाब स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि हीमोफीलिया का इलाज उपलब्ध करवाने के लिए कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से राज्य के 18 जि़लों में इंटीगरेटिड केयर सैंटर फॉर हीमोगलोबीनोपैथीस और हीमोफीलिया खोले गए हैं। इनमें 3मैडीकल कालेजों के इलावा 15 अन्य जिलों में शुरुआत की जा चुकी है। बाकी 4 जि़लों में भी जल्दी ही शुरुआत कर दी जायेगी। इन सेंटरों में होमीफीलिया के मरीजों को एंटी हीमोफीलिया फैक्टर 8, 9, 7 ए और एफ.ई.आई.बी.ए मुफ़्त उपलब्ध करवाए गए हैं और इन सेंटरों में 24&7 सुविधा उपलब्ध करवाई गई है जिससे मरीजों को किसी भी समय एमरजैंसी के दौरान इलाज मुहैया करवाया जा सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इससे पहले हीमोफीलिया के इलाज के लिए मरीज़ों को लगभग 18 से 80 लाख रुपए तक सालाना ख़र्च करने पड़ते थे। यह सारा ख़र्च अब पंजाब सरकार की तरफ से किया जायेगा, जिसके लिए मरीजों की रजिस्ट्रेशन की जा रही है।

स. सिद्धू ने बताया कि एंटी हीमोफीलिया फैक्टर के साथ इलाज करने के लिए स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण पीजीआइ, चंडीगढ़ के माहिर डाक्टरों और वैबीनार के ज़रिये माहिरों द्वारा दिया गया है। पंजाब के बच्चों के माहिर डाक्टरों, मैडीकल स्पैशलिस्ट, स्टाफ नर्स और लैब टैकनीशियन का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है जिससे मरीजों का सन्तोषजनक इलाज किया जा सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मोहाली जिले में पहले मरीज़ का इलाज किया गया है जो जिला अस्पताल मोहाली में स्थापित इंटीगरेटिड केयर सैंटर फॉर हीमोगलोबीनोपैथीस और हीमोफीलिया में एंटी हीमोफीलिक फैक्टर -8 के साथ इलाज किया गया। उन्होंने कहा कि उनको यह बताते हुये मान महसूस हो रहा है कि बाल रोगों के माहिर डा. डिम्पल श्रीवास्तव और फिजीशियन डा. ईशा अरोड़ा के द्वारा मोहाली में पहले होमोफीलिया मरीज़ का किया इलाज किया गया है। उन्होंंने कहा कि पहले मरीजों को इलाज करवाने के लिए पीजीआइ, चंडीगढ़ में जाना पड़ता था परन्तु अब यह इलाज सेवाएं पंजाब में उपलब्ध हैं जिससे जरूरतमंद मरीज़ों को बड़ी राहत मिलेगी।

इस सम्बन्धी एडीशनल प्रोजैक्ट डायरैक्टर पंजाब स्टेट एडज कंट्रोल सोसायटी और हीमोफीलिया और थैलासीमिया के स्टेट नोडल अफ़सर डा. मनप्रीत छतवाल ने बताया कि हीमोफीलिया के मरीज़ के ख़ून निकलने पर यह फैक्टर दिया जाता है। यह फैक्टर न मिलने के कारण मरीज़ की ब्लीडिंग ज़्यादा हो जाती है, जिस कारण कई बार मरीज़ को अपंगता का सामना करना पड़ता है और मौत का भी ख़तरा रहता है। इसलिए मरीजों के इलाज के लिए एंटी हीमोफीलिया फैक्टर उपलब्ध करवाए गए हैं जिससे मरीजों का समय पर पर सही इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि पंजाब में लगभग 500 मरीज़ हीमोफीलिया की बीमारी के शिकार हैं और मरीजों के इलाज के लिए हर संभव इंतज़ाम पूरे कर लिए गए हैं।   


 

CHANDIGARH, JUNE 21:

Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh has approved suspension of Poonam Kangra as non-official Member of Punjab State Commission for Scheduled Castes, following the registration of an abetment to suicide case against her.

 

          Following the Chief Minister’s clearance, the State Government has placed Kangra’s membership under suspension with immediate effect.

 

          Disclosing this here today, an official spokesperson said that the Chief Minister had also ordered an inquiry against the Kangra, who was arrested, along with her husband and son, by the Sangrur Police a few days back.

पूनम कांगड़ा एस.सी. आयोग से मुअत्तल 

चंडीगढ़, 21 जून:

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पूनम कांगड़ा के खि़लाफ़ खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज होने पर उसे पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के ग़ैर-सरकारी मैंबर के तौर पर मुअत्तल करने को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री की मंज़ूरी के उपरांत राज्य सरकार ने पूनम कांगड़ा को आयोग के सदस्यता से तुरंत प्रभाव से मुअत्तल कर दिया है।

आज यहाँ यह प्रगटावा करते हुये एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया मुख्यमंत्री ने कांगड़ा के विरुद्ध जांच के आदेश दिए थे जिसको कुछ दिन पहले संगरूर पुलिस की तरफ से उसके पति और पुत्र समेत गिरफ्तार कर लिया था।



वैसे तो भारतीय संस्कृति में माता-पिता का स्थान सब से ऊंचा रहा है भगवान के बाद यदि दूसरा दर्जा दिया गया है तो वह माता व पिता को दिया गया है हम अलग -अलग अंतरराष्ट्रीय दिवसों को खुशी -खुशी मनाते हैं वैसे भी हमारी भारतीय संस्कृति हर तरह के विचारों और मूल्यों का स्वागत करती रही है इस लिहाज के साथ हर साल जून के तीसरे रविवार को इंटरनेशनल फादर्स डे मनाया जाता है इस दिन का हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है हर कोई जिस की कोई न कोई संतान होती है वह का फर्ज बनता है कि वह अपने माता पिता के प्रति अपने जीवित रहने तक सम्मान का भाव रखें जिससे अगली पीढिय़ों के में संस्कार संभव हो सके अक्सर गलतियां पर टोकने, बाल बढ़ाने, दोस्तों के साथ घूमने और टी.वी. देखने के लिए डांटने वाले पिता की छवि शुरू से ही हिटलर की तरह होती है। जैसे -जैसे हम बड़े होते जाते हैं हम समझते जाते हैं कि हमारे पिता के हमारे प्रति कठोर व्यवहार के पीछे उन का प्रेम भी होता है बचपन के में एक पिता को खुद को सख्त बना कर हमें कठिनाईयों के साथ लडऩा सिखाता है तो अपने बच्चों को खुशी देने के लिए अपनी खुशियों की परवाह भी नहीं करता एक पिता जो कभी मां का प्यार देता है और कभी शिक्षक बन कर गलतियां बताता है और कभी दोस्त बनकर कहता है कि मैं आपके साथ हैं इस लिए मुझे यह कहने के में बिल्कुल भी संकोच नहीं कि पिता वह सुरक्षा कवच है जिस की सुरक्षा में रहते हुए हम अपने -आप को महफूज़ महसूस करते हैं।
जिंदगी के में यदि अपने से अधिक कोई पदोन्नति चाहता है तो वह पिता ही होता है कि मेरे बच्चे मेरे से बढक़र तरक्की करने को कहते हैं कि एक बुजुर्ग बाप खाट पर पड़ा हो और बेटा युद्ध लडऩे चला हो तो उस का आशीर्वाद ही काफी होता है। चाहे पिता के आर्थिक हलात अनुकूल न भी होने तो ज्यादा मेहनत करके और चाहे किसी से कुछ उधार लेना पड़े ले कर वह जिंदगी भी जरूरी सभी वह सुविधाएं अपने बच्चों को मुहैया करवाता है।
पिता के चेहरे पर कभी भी शिकायत नहीं आती
अपने बच्चों के लिए मुश्किलों झेलने के बाद कभी भी पिता के चेहरे पर शिकायत देखने को नहीं मिलती शिकायत इस लिए कहते हैं कि पिता ईश्वर का रूप होते हैं कि खुद सृष्टि के रचने हार के अलावा दूसरे किसी के में ऐसे गुण कैसे हो सकते हैं। जो हमें जीवन जीना की कला सिखाने और अपना सपूर्ण जीवन सुख का जीवन न्यौछावर कर देने वाले पिता के लिए वैसे तो बच्चों को हर समय तत्पर रहना चाहिए लेकिन यदि हर पल संभव न हो तो कम से कम एक साल में खास दिन तो हो ही। उनके त्याग और मेहनत का कर्ज तो उतारा नहीं जा सकता परन्तु आधुनिक जमाने की संस्कृति ने हमें फादर्स डे के रूप में यदि मौका दिया है तो हमें अच्छी चीजें व परंपराओं का धन्यवाद करना चाहिए इस लिए हम अपनी, भावनाओं को इच्छा रहते हुए भी कह नहीं पाते। हम इस अवसर पर कह सकते हैंए जिससे हम अपनापन महसूस करवा सकते हैं जिससे वह अपने आप को बुढापे में सुरक्षित महसूस कर सकें वह उन को यह एहसास भी करवा सकते हैं कि आज जो कुछ भी है वह सिर्फ और सिर्फ आप ही की वजह से हैं। 
बदलते समय का रिश्तों पर प्रभावआज के पिता समय के साथ काफी बदल चुके हैं उनके और उनकी औलाद के संबंधों में विश्वास और मिठास बनी रहे जो बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए यह बदलाव जरूरी है आज जरूरत है नौजवान पीढ़ी को अपने माता पिता की सेवा और देखभाल करने की नहीं तो श्रवण की कहानियां बच्चों को सुनाते न रह जाएं, जरूरत है आज के बच्चों को घोर कलयुग और आधुनिकता की होड़ में आज के श्रवण बनने की, कहीं इस तरह न हो यदि आज भी बच्चे न संभले तो आने वाले कुछ सालों में वृद्धाश्रमों की हालत कुछ ओर ही होगी। चाहे 21 जून का दिन अंतरराष्ट्रीय फादर्स डे के नाम पर दिया गया है परन्तु दास यह समझता है कोई भी दिन ऐसा नहीं होता जो फादर को समर्पित न हो।
इन शब्दों के साथ धीरज -खेड़ा गुरू अंगद देव नगर गली नं. 9 श्री मुक्तसर साहिब 9855464358

बाहरी व्यक्ति के प्रवेश से कोविड के मामलों की संख्या बढ़ी
प्रधानमंत्री से सर्टिफिकेट वाले व्यक्तियों को ही दाखि़ल होने देने की इजाज़त देने के लिए मंज़ूरी मांगी

चंडीगढ़, 20 जून:
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज कहा कि पंजाब सरकार निजी अस्पतालों में कोविड के इलाज के लिए कीमतें निर्धारित करेगी और इसकी पालना न करने वाले अस्पताल बंद कर दिए जाएंगे।
फेसबुक पर लाइव प्रोग्राम ‘कैप्टन को सवाल ’ के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राईवेट अस्पतालों और क्लिनिकों के लिए फीस ढांचे को सोमवार तक अंतिम रूप दिया जायेगा।
निजी अस्पतालों की तरफ से वसूली जा रही और ज्यादा फ़ीसों की शिकायतों का सख़्त नोटिस लेते हुये मुख्यमंत्री ने इस कदम को ‘जन विरोधी और देश विरोधी ’ करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि निजी संस्थाओं को लोगों की जि़न्दगियों की कीमत पर ढीठताई से लाभ कमाने की इजाज़त नहीं दी जायेगी।

उन्होंने कहा,‘‘यदि यह अस्पताल सरकारी कीमतों पर इलाज करने के लिए सहमत न हुए तो इनको बंद कर दिया जायेगा।’’
मुख्यमंत्री ने राज्य में कोविड के केस बढऩे पर चिंता ज़ाहिर की जिस कारण बड़ी संख्या में लोग दूसरी स्थानों से आ रहे हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रांतीय सरहद पार करके आने वालों के लिए कोविड टैस्ट का सर्टिफिकेट लाजि़मी करने के लिए राज्य को इजाज़त देने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी माँगी है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उन्होंने कोविड की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ हुई मीटिंग के दौरान भी उनके समक्ष यह मसला उठाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही के दिनों के दौरान अकेले दिल्ली से 87000 कारें पंजाब में दाखि़ल हुई और बाहरी व्यक्तियों के कारण ही पिछले समय में मामलों की संख्या में विस्तार हुआ है जिस कारण महामारी के और पैर पसारने का गंभीर ख़तरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधान मंत्री से अपील की कि सिफऱ् कोविड मुक्त सर्टिफिकेट धारकोंं को ही दाखि़ल होने देने की इजाज़त दी जाये। उन्होंने कहा कि यहाँ तक कि जो लोग पंजाब से बाहर जा रहे रहे हैं, उनको भी ऐसे सर्टिफिकेट ले जाने चाहिए जिससे अन्य राज्यों में कोरोनावायरस का फैलाव रोका जा सके।
हालाँकि, मुख्यमंत्री ने कोविड संकट से निपटने के लिए राज्य की पूरी तैयारी की वचनबद्धता दोहराते हुये कहा कि समान और सप्लाई की कोई कमी नहीं परन्तु साथ ही उन्होंने कहा कि यह जंग सभी को इकठ्ठा होकर लडऩी पडऩी है जिसमें हर राज्य निवासी को सामाजिक दूरी, मास्क पहनने समेत सभी नियमों का पालन करके इस महामारी को आगे फैलने से रोकना है।
लोगों को मास्क पहनने और सामाजिक दूरी की पालना करना यकीनी बनाने की अपील करते हुये मुख्यमंत्री ने यह भी विनती की कि कोविड से मुक्त होने का सबसे बढिय़ा ढंग जल्द टेस्टिंग और इलाज करवाना है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनी जिस कारण सिफऱ् परहेज़ ही इलाज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर पंजाबी उनके दिल के बहुत नज़दीक हैं जिस कारण वह कोविड के कारण एक भी जान नहीं गवाने देना चाहते।
पहली बार आक्सीजन और वेंटिलेटर पर मरीज़ों की संख्या में वृद्धि की बात करते हुये उन्होंने कहा कि विश्व भर में मामलों में वृद्धि से स्थिति बहुत विस्फोटक है। उन्होंने कहा कि बन्दिशें घटाने और टैस्टों की संख्या बढ़ाने से मामलों में निरंतर विस्तार जारी है। उन्होंने चेतावनी देते हुये कहा कि प्रोटोकोल की पालना और समय से पहले एहतियात बरतने से ही जानें बचाई जा सकतीं।
 राज्य की सेहत सेवाओं संबंधी तैयारियों सम्बन्धी बताते हुये मुख्यमंत्री ने कहा सरकारी और निजी अस्पतालों के पास 551 वेंटिलेटर पहले ही मौजूदा हैं और 93 और वैंटीलेटरों के लिए आर्डर किया जा चुका है। राज्य सरकार की तरफ से 4 लाख एन-95 मास्कों के लिए हुक्म दिए जा चुके हैं जिससे 9.25 लाख के पहले के स्टाक को और बढ़ाया जा सके। इसके इलावा राज्य के पास 79 लाख तीन स्तरीय मास्क, 2.93 लाख पी.पी.ई किटें और 2200 आक्सीजन सैलंडर मौजूद हैं। जहाँ तक बैडों का सवाल है, सरकारी अस्पतालों में 6000 बैड और निजी अस्पतालों में अन्य 900 बैड तैयार हैं जबकि मौजूदा समय 2500 बैड लग चुके हैं। दूसरे पड़ाव में राज्य की 10000 बैड और तैयार करने और इसके उपरांत तीसरे पड़ाव में 30000 बैड तैयार करने की योजना है।
अतिरिक्त पी.पी.ई किटों के निर्यात सम्बन्धी एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा प्रधानमंत्री के पास उठाया गया है और उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस सम्बन्धी आज्ञा देगी।
कुछ उद्योगपतियों की तरफ से अपने खर्च किए पर श्रमिकों को वापस लाने की जताई इच्छा सम्बन्धी सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा करने के लिए उनका स्वागत है परन्तु 14 दिनों के घरेलू एकांतवास को यकीनी बनाऐ जाने की ज़रूरत है।
कोविड नियमों की उल्लंघनाओं सम्बन्धी चालान भरने का इन्तज़ार में पटियाला में लोगों की लगी लम्बी कतारों सम्बन्धी एक शिकायत के जवाब में मुख्यमंत्री की तरफ से सम्बन्धित डिप्टी कमिशनर को भीड़ होने से रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने सम्बन्धी आदेश दिए।
जालंधर में सामजिक दूरी के नियमों की बड़े स्तर पर हो रहे उल्लंघन पर जब उनके ध्यान में लाया गया तो मुख्यमंत्री ने कहा कि वह डिप्टी कमिशनर और जि़ला पुलिस प्रमुख को नियमों को सख्ती से लागू करने सम्बन्धी निर्देश देंगे खासकर जब बड़े शहरों और कस्बों में मामलों का विस्तार बड़े स्तर पर हो रहा है।
होशियारपुर के एक निवासी की तरफ से विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए जालंधर के एक पेशेवर संस्थान में भेजे जाने सम्बन्धी सरोकार ज़ाहिर करने पर मुख्यमंत्री की तरफ से स्पष्ट किया गया जालंधर अब सीमित जन्म नहीं है और राज्य सरकार की तरफ से माईक्रो जोन नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए माईक्रो सीमित ज़ोनों को छोड़ कर विद्यार्थियों के जालंधर परीक्षा देने के लिए जाने पर कोई रोक नहीं है।
अस्पतालों में डाक्टरों के ग़ैर -उपस्थित रहने सम्बन्धी उन्होंने कहा कि वह सेहत विभाग को इस समस्या के तुरंत हल के लिए कहेंगे।
एक नौजवान की तरफ से यह बताए जाने पर कि वह ‘मिशन फतेह ’ में सम्मिलन किया है और यदि कोवा एप पर पंजाब में ज़्यादा प्वाइंट जीतता है तो वह उनको (मुख्य मंत्री) मिलना चाहता है, सम्बन्धी मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक कदम और आगे जाएंगे और उसके साथ चाय का कप सांझा करेंगे। उन्होंने कहा कि वह सभी विजेताओं के लिए मेज़बानी करेंगे।
मुख्यमंत्री की तरफ से नौजवानों के एक ग्रुप को चण्डीगढ़ आने पर उनको मिलने के लिए भी न्योता दिया गया। इन नौजवानों की तरफ से लॉकडाउन के समय के दौरान उन पर वीडियो तैयार की गई थी।
बुडडे नाले की सफ़ाई सम्बन्धी पूछे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस सम्बन्धी 600 करोड़ के प्रोजैक्ट को पहले ही मंज़ूरी दी जा चुकी है और इसका काम जल्द शुरू होगा।
उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि बुनियादी ढांचे के विकास और लिंक सडक़ों के प्रोजैक्ट भी चलाए जा रहे हैं जिनको जल्दी मुकम्मल किया जायेगा।
उत्तर प्रदेश में सिखों के उजाड़े के मुद्दे पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी तरफ से मुख्यमंत्री योगी अदित्यानाथ के साथ बात की गई है और उम्मीद है कि वह इस कार्यवाही को रोकेंगे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता तो वह यह मुद्दा प्रधानमंत्री के पास उठाएंगे।
खेमकरन और गाँव कालड़ा में अभी भी नशे की समस्या होने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे नशा माफिया की कमर तोड़ दी गयी परन्तु कुछ इलाकों में फिर भी समस्या हो सकती है जिस को सुलझाने के लिए उनकी सरकार वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि बेशक सप्लाई चेन को तोड़ा जा चुका है परन्तु फिर भी वहां माँग हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसका मुकम्मल तौर पर सफाया करने के लिए सभी यत्न जारी हैं।


पैतृक गाँव तोलावाल में बड़ी संख्या में राजनैतिक, फ़ौजी, प्रशासनिक, सामाजिक हस्तियों ने दी अंतिम विदायगी
पंजाब से सम्बन्धित शहीदों के नाम पर सम्बन्धित गाँव के स्कूल का किया जायेगा नामकरण - विजय इंदर सिंगला

चंडीगढ़/तोलावाल /संगरूर, 19 जून:
पिछले दिनों भारत -चीन सरहद पर स्थित गलवान घाटी में चीन की फौजों के साथ मुठभेड़ में अन्य भारतीय फौजियों समेत शहादत का जाम पीने वाले जांबाज सिपाही गुरबिन्दर सिंह के पार्थिक शरीर जैसे ही फ़ौजी और सरकारी सम्मानों के साथ उनके पैतृक गाँव तोलावाल में पहुँचा तो सारा माहौल गमगीन हो गया।

शहीद सिपाही गुरबिन्दर सिंह के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार पूरे धार्मिक रिवाजों के मुताबिक फ़ौजी और सरकारी सम्मानों से किया गया। इस मौके पर देशभगती के रंग में रंगे गाँव तोलावाल के शमशानघाट में माहौल उस समय पर भावुकता से भर गया जब भारतीय फ़ौज के इस शहीद की चिता को उनके पिता स. लाभ सिंह द्वसा मुखाग्नि दी गई। हर एक की आँख नम थी और देश के इस योद्धे को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुँचे हुए थे।

शहीद गुरबिन्दर सिंह के अंतिम संस्कार के मौके पर भारतीय फ़ौज के बिगलर ने शौक धुन बजाई और जवानों ने हथियार उल्टे करके गार्ड ऑफ ऑनर देते हुये फायर करके शहीद को सलामी दी। फ़ौजी अधिकारियों ने भावुकता भरे माहौल में शहीद के पार्थिव शरीर के ताबूत के आसपास लिपटा तिरंगा झंडा शहीद के पारिवारिक सदस्यों को सौंपकर सलामी दी।
इससे पहले शहीद के पार्थिव शरीर पर पंजाब के राज्यपाल श्री वी.पी सिंह बदनौर की तरफ़ से डिप्टी कमिश्नर श्री रामवीर, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ़ से कैबिनेट मंत्री विजय इंदर सिंगला, पूर्व एम.पी श्री अविनाश राय खन्ना, सीनियर कांग्रेसी नेता श्रीमती थिंद बाजवा और श्री हरमन देव बाजवा, चेयरमैन जि़ला योजना बोर्ड रजिन्दर सिंह राजा, एस.एस.पी डा. सन्दीप गर्ग समेत अन्य ने श्रद्धा के फूल भेंट किये। इसके अलावा भारतीय सेना और प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। विभिन्न शख्सियतों ने शहीद के पिता स. लाभ सिंह, माता श्रीमती चरनजीत कौर, बहन और भाई से दुख का प्रगटावा किया और शहीद के बलिदान को देश के लिए बड़ा और अहम करार दिया।
कैबिनेट मंत्री श्री सिंगला ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ़ से शहीद के पारिवारिक सदस्यों के साथ दुख सांझा करते हुये कहा कि इस दुख की घड़ी में पंजाब सरकार शहीद के परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने अरदास की कि परमात्मा शहीद गुरबिन्दर सिंह को अपने चरणों में स्थान दें और पीछे रह गये परिवार को ईश्वरीय आदेश मानने का हौंसला प्रदान करें। इस दौरान शहीद के पारिवारिक सदस्यों समेत इलाके के निवासी और अन्य आदरणिय भी हज़ारों की संख्या में उपस्थित थे।

शहीद गुरबिन्दर सिंह के नाम पर तबदील किया जायेगागाँव के सरकारी स्कूल का नाम 

पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला ने आज गाँव तोलावाल में शहीद सिपाही गुरबिन्दर सिंह को श्रद्धा के फूल भेंट करने के बाद ऐलान किया कि पंजाब सरकार की तरफ से शहीद की याद को शाश्वत बनाने के लिए गाँव के सरकारी स्कूल का नाम शहीद गुरबिन्दर सिंह के नाम पर तबदील किया जायेगा जिस सम्बन्धी नोटिफिकेशन भी जारी किया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से बाकी तीन शहीदों के सम्मान में भी उनके गाँवों के सरकारी स्कूलों के नाम भी शहीदों के नाम पर रखे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि शहीद राष्ट्र का सरमाया होते हैं और शहीदों की महान बलिदानों को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। श्री सिंगला ने यह ऐलान भी किया कि गाँव के खेल स्टेडियम का नामकरण भी शहीद के नाम पर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी उम्र में शहादत पाने वाले इस जांबाज योद्धा का बलिदान अपने आप में बड़ी मिसाल है कि देश की आन और शान को कायम रखने के लिए हमारे शूरवीर अपनी जानें तक न्यौछावर कर देते हैं जिस पर पूरे देश वासियों को मान होना चाहिए।

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