राजा वडि़ंग ने अमृतसर दौरे पर आए केजरीवाल को बादलों की बसों के मुद्दे पर घेरा

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 कहा, अगर पंजाब रोडवेज़ या पी.आर.टी.सी. की बसें दिल्ली हवाई अड्डे पर नहीं जा सकती तो इंडो कैनेडियन क्यों?

राजा वडि़ंग ने अमृतसर दौरे पर आए केजरीवाल को बादलों की बसों के मुद्दे पर घेरा

अमृतसर /चंडीगढ़, 25 दिसम्बर:

दिल्ली हवाई अड्डे से रोकी गई पंजाब सरकार की बस सेवा को चलाने के लिए पंजाब के परिवहन मंत्री. अमरिन्दर सिंह राजा वडि़ंग जिन्होंने कल दिल्ली के मुख्यमंत्री  अरविन्द केजरीवाल के सरकारी आवास के बाहर धरना लगाया था, आज उनको मिलने अमृतसर पहुंच गए।

स्थानीय फाइव स्टार होटल हयात जहाँ श्री केजरीवाल ठहरे थे, में वडि़ंग ने उनको मीडिया के सामने मिलने की माँग रखी और कई घंटे बाहर इन्तज़ार करते रहे। आखिऱकार श्री केजरीवाल जब अपने स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेने के लिए निकले तो श्री राजा वडि़ंग ने केजरीवाल को घेरते हुए कहा कि वह इंडो कैनेडियन बसों को दिल्ली भर में चलने की इजाज़त देने और पंजाब रोडवेज़ और पी.आर.टी.सी. को रोके जाने संबंधी स्थिति स्पष्ट करें।

राजा वडि़ंग ने कहा कि स्टेट ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (एस.टी.यू.) की वॉलवो बसों को तो इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाने से रोका हुआ है, जब कि हम केवल 1200 रुपए किराया लेते हैं, परन्तु इसके उलट प्राईवेट बस ऑपरेटर जिनके प्रमुख बादल परिवार हैं, को हर तरह की इजाज़त दी हुई है और वह प्रति सवारी 3000 से 3500 रुपए वसूल कर हमारे लोगों को सरेआम लूट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह से आप पंजाब को लूटने वाले ट्रांसपोर्ट माफिये का साथ दे रहे हो। पंजाब के परिवहन मंत्री ने कहा कि उनको यकीन था कि कल आप पंजाब जाने से पहले मुझे दिल्ली ज़रूर मिलोगे, परन्तु आपके द्वारा वहां समय ना देने के कारण मैं रातों-रात आपके पीछे अमृतसर आ गया।

उन्होंने कहा कि बतौर परिवहन मंत्री पद सँभालने के तुरंत बाद मैं 7 अक्टूबर, 2021 को मैंने आपको पत्र लिखकर लम्बे समय से लटक रहे इस मुद्दे को सुलझाने के लिए बैठक करने के लिए उचित तारीख़ और समय देने की अपील की थी। मुझ से पहले पिछले परिवहन मंत्री रजि़या सुल्ताना ने भी आपको इस बाबत पत्र लिखे और अब तक 13 पत्र मैं आपको लिख चुका हूँ और आप अभी तक इस मुद्दे पर अपने आप को अंजान बता रहे हो।

उन्होंने बताया कि इस पत्र-व्यवहार से पहले, प्रमुख सचिव परिवहन श्री के. सिवा प्रसाद ने 6 दिसंबर, 2018 से 21 अगस्त, 2019 के दरमियान अपने दिल्ली के समकक्ष के समक्ष चार बार लिखित रूप में यह मुद्दा उठाया है, परन्तु आपकी तरफ से ना तो इन बसों को रोका गया और ना ही पंजाब रोडवेज़ को दिल्ली हवाई अड्डे जाने की आज्ञा दी गई।

वडि़ंग ने कहा कि यदि आप पंजाब रोडवेज़ को दिल्ली हवाई अड्डे जाने की आज्ञा नहीं देते तो आप दिल्ली सरकार की बसें हवाई अड्डे से पंजाब के लिए चालू कर दो, हम नहीं रोकेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समक्ष भी लिखित तौर पर यह मुद्दा उठाकर दिल्ली एयरपोर्ट पार्किंग सेवाओं को पंजाब स्टेट अंडरटेकिंग की बसों को हवाई अड्डे पर यात्रियों को उतारने की इजाज़त देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की विनती की थी, पर वहाँ से भी कोई जवाब नहीं आया।

 वडि़ंग ने कहा कि इंडो कैनेडियन टैक्सी की तरह केवल एक अड्डे से सवारियां लेकर दिल्ली जा सकती हैं, ऐसी उनको पर्मिट आज्ञा देता है, परन्तु वह हरेक शहर से सवारियों को ना उठा सकते हैं और ना उतार। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इसलिए ऑरबिट को 7 दिन का नोटिस दिया गया है और यदि वह ऐसा करने से बाज़ ना आए तो इंडो कैनेडियन के ऐसे सभी पर्मिट रद्द कर दिए जाएंगे। श्री केजरीवाल ने सारी बातचीत सुनने के बाद श्री वडि़ंग को अगले हफ़्ते तक समय देने के लिए हाँ की।

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