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मानसा

 सरकार द्वारा जारी किए गए फसल की कटाई के बाद नाड़ को आग लगाने के प्रितबंध को तानासाही हुकम करार देकर उक्त आदेशों को चुनौती देते हुए मानसा के एक गांव में किसानों ने एकित्रत होकर भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के नेतृत्व में अपने खेतों में बचे हुए नाड़ को आग के हवाले किया।
 गौरतलब है कि प्रदूषण व जमीन की उपजाऊ शक्ति प्रभावित होने का हवाला देते हुए सरकार ने नाड़ जलाने पर प्रतिबंध लगाते हुए ऐसा करने वाले किसानों के खिलाफ मामला दर्ज करने तथा जुर्माना करने का आदेश जारी किया हुआ है। रविवार को उक्त आदेशों को दरिकनार करते हुए जिला मानसा के कस्बा भीखी के गांव अकिलयां में किसानों ने उक्त फैसला लिया तथा सरकार के खिलाफ बगावत करते हुए किसानों ने गांव में अपने खेतों में गेहूं की कटाई के बाद बची नाड़ को आग लगा दी।

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इस मौके गांव वासियों के साथ भाकियू डकौंदा के ब्लाक प्रधान राज सिंह अकिलया, महिंदर सिहं भैणीबाघा, इकबाल सिंह मानसा, केवल सिंह माखा व देव गिल भी मौजूद थे।

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार | हर ‘मन की बात’ से पहले, देश के हर कोने से, हर आयु वर्ग के लोगों से, ‘मन की बात’ को ले करके ढ़ेर सारे सुझाव आते हैं | आकाशवाणी पर आते हैं, NarendraModiApp पर आते हैं, MyGov के माध्यम से आते हैं, फ़ोन के द्वारा आते हैं, recorded message के द्वारा आते हैं | और जब कभी-कभी मैं उसे समय निकाल करके देखता हूँ तो मेरे लिये एक सुखद अनुभव होता है | इतनी विविधताओं से भरी हुई जानकारियाँ मिलती हैं | देश के हर कोने में शक्तियों का अम्बार पड़ा है | साधक की तरह समाज में खपे हुए लोगों का अनगिनत योगदान, दूसरी तरफ़ शायद सरकार की नज़र भी नहीं जाती होगी, ऐसी समस्याओं का भी अम्बार नज़र आता है | शायद व्यवस्था भी आदी हो गयी होगी, लोग भी आदी हो गए होंगे | और मैंने पाया है कि बच्चों की जिज्ञासायें, युवाओं की महत्वाकांक्षायें, बड़ों के अनुभव का निचोड़, भाँति-भाँति की बातें सामने आती हैं | हर बार जितने inputs ‘मन की बात’ के लिये आते हैं, सरकार में उसका detail analysis होता है | सुझाव किस प्रकार के हैं, शिकायतें क्या हैं, लोगों के अनुभव क्या हैं | आमतौर पर यह देखा गया है कि मनुष्य का स्वभाव होता है दूसरे को सलाह देने का | ट्रेन में, बस में जाते और किसी को खांसी आ गयी तो तुरंत दूसरा आकर के कहता कि ऐसा करो | सलाह देना, सुझाव देना, ये जैसा मानो हमारे यहाँ स्वभाव में है | शुरू में ‘मन की बात’ को लेकर के भी जब सुझाव आते थे, सलाह के शब्द सुनाई देते थे, पढ़ने को मिलते थे, तो हमारी टीम को भी यही लगता था कि ये बहुत सारे लोगों को शायद ये आदत होगी, लेकिन हमने ज़रा बारीकी से देखने की कोशिश की तो मैं सचमुच में इतना भाव-विभोर हो गया | ज़्यादातर सुझाव देने वाले लोग वो हैं, मुझ तक पहुँचने का प्रयास करने वाले लोग वो हैं, जो सचमुच में अपने जीवन में कुछ-न-कुछ करते हैं | कुछ अच्छा हो उस पर वो अपनी बुद्धि, शक्ति, सामर्थ्य, परिस्थिति के अनुसार प्रयत्नरत हैं | और ये चीजें जब ध्यान में आयी तो मुझे लगा कि ये सुझाव सामान्य नहीं हैं | ये अनुभव के निचोड़ से निकले हुए हैं | कुछ लोग सुझाव इसलिये भी देतें हैं कि उनको लगता है कि अगर यही विचार वहाँ, जहाँ काम कर रहे हैं, वो विचार अगर और लोग सुनें और उसका एक व्यापक रूप मिल जाए तो बहुत लोगों को फायदा हो सकता है | और इसलिये उनकी स्वाभाविक इच्छा रहती है कि ‘मन की बात’ में अगर इसका ज़िक्र हो जाए | ये सभी बातें मेरी दृष्टि से अत्यंत सकारात्मक हैं | मैं सबसे पहले तो अधिकतम सुझाव जो कि कर्मयोगियों के हैं, समाज के लिये कुछ-न-कुछ कर गुज़रने वाले लोगों के हैं | मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूँ | इतना ही नहीं मैं किसी बात को जब मैं उल्लेख करता हूँ तो, ऐसी-ऐसी चीजें ध्यान में आती हैं, तो बड़ा ही आनंद होता है | पिछली बात ‘मन की बात’ में कुछ लोगों ने मुझे सुझाव दिया था food waste हो रहा है, उसके संबंध में चिंता जताई थी और मैंने उल्लेख किया | और जब उल्लेख किया तो उसके बाद NarendraModiApp पर, MyGov पर देश के अनेक कोने में से अनेक लोगों ने, कैसे-कैसे innovative ideas के साथ food waste को बचाने के लिये क्या-क्या प्रयोग किये हैं | मैंने भी कभी सोचा नहीं था आज हमारे देश में खासकर के युवा-पीढ़ी, लम्बे अरसे से इस काम को कर रही है | कुछ सामाजिक संस्थायें करती हैं, ये तो हम कई वर्षों से जानते आए हैं, लेकिन मेरे देश के युवा इसमें लगे हुए हैं - ये तो मुझे बाद में पता चला | कइयों ने मुझे videos भेजे हैं | कई स्थान हैं जहाँ रोटी बैंक चल रही हैं | लोग रोटी बैंक में, अपने यहाँ से रोटी जमा करवाते हैं, सब्जी जमा करवाते हैं और जो needy लोग हैं वे वहाँ उसे प्राप्त भी कर लेते हैं | देने वाले को भी संतोष होता है, लेने वाले को भी कभी नीचा नहीं देखना पड़ता है | समाज के सहयोग से कैसे काम होते हैं, इसका ये उदाहरण है |

"> आज अप्रैल महीना पूर्ण हो रहा है, आखिरी दिवस है | 1 मई को गुजरात और महाराष्ट्र का स्थापना दिवस है | इस अवसर पर दोनों राज्यों के नागरिकों को मेरी तरफ़ से बहुत-बहुत शुभकामनायें | दोनों राज्यों ने विकास की नयी-नयी ऊँचाइयों को पार करने का लगातार प्रयास किया है | देश की उन्नति में योगदान दिया है | और दोनों राज्यों में महापुरुषों की अविरत श्रंखला और समाज के हर क्षेत्र में उनका जीवन हमें प्रेरणा देता रहता है | और इन महापुरुषों को याद करते हुए राज्य के स्थापना दिवस पर 2022, आज़ादी के 75 साल, हम अपने राज्य को, अपने देश को, अपने समाज को, अपने नगर को, अपने परिवार को कहाँ पहुँचाएँगे इसका संकल्प लेना चाहिये | उस संकल्प को सिद्ध करने के लिये योजना बनानी चाहिये और सभी नागरिकों के सहयोग से आगे बढ़ना चाहिये | मेरी इन दोनों राज्यों को बहुत-बहुत शुभकामनायें हैं | एक ज़माना था जब climate change ये academic world का विषय रहता था, seminar का विषय रहता था | लेकिन आज, हम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में, हम अनुभव भी करते हैं, अचरज़ भी करते हैं | कुदरत ने भी, खेल के सारे नियम बदल दिये हैं | हमारे देश में मई-जून में जो गर्मी होती है, वो इस बार मार्च-अप्रैल में अनुभव करने की नौबत आ गयी | और मुझे ‘मन की बात’ पर जब मैं लोगों के सुझाव ले रहा था, तो ज़्यादातर सुझाव इन गर्मी के समय में क्या करना चाहिये, उस पर लोगों ने मुझे दिये हैं | वैसे सारी बातें प्रचलित हैं | नया नहीं होता है लेकिन फिर भी समय पर उसका पुनःस्मरण बहुत काम आता है | कोई श्रीमान प्रशांत कुमार मिश्र, टी.एस. कार्तिक ऐसे अनेक मित्रों ने पक्षियों की चिंता की है | उन्होंने कहा कि बालकनी में, छत पर, पानी रखना चाहिये | और मैंने देखा है कि परिवार के छोटे-छोटे बालक इस बात को बखूबी करते हैं | एक बार उनको ध्यान में आ जाए कि ये पानी क्यों भरना चाहिये तो वो दिन में 10 बार देखने जाते हैं कि जो बर्तन रखा है उसमें पानी है कि नहीं है | और देखते रहते हैं कि पक्षी आये कि नहीं आये | हमें तो लगता है कि ये खेल चल रहा है लेकिन सचमुच में, बालक मन में ये संवेदनायें जगाने का एक अद्भुत अनुभव होता है | आप भी कभी देखिये पशु-पक्षी के साथ थोड़ा सा भी लगाव एक नये आनंद की अनुभूति कराता है | कुछ दिन पहले मुझे गुजरात से श्रीमान जगत भाई ने अपनी एक किताब भेजी है ‘Save The Sparrows’ और जिसमें उन्होंने गौरैया की संख्या जो कम हो रही है उसकी चिंता तो की है लेकिन स्वयं ने mission mode में उसके संरक्षण के लिये क्या प्रयोग किये हैं, क्या प्रयास किये हैं, बहुत अच्छा वर्णन उस किताब में है | वैसे हमारे देश में तो पशु-पक्षी, प्रकृति उसके साथ सह-जीवन की बात, उस रंग से हम रंगे हुए हैं लेकिन फिर भी ये आवश्यक है कि सामूहिक रूप से ऐसे प्रयासों को बल देना चाहिये | जब मैं गुजरात में मुख्यमंत्री था तो ‘दाऊदी बोहरा समाज’ के धर्मगुरु सैयदना साहब को सौ साल हुए थे | वे 103 साल तक जीवित रहे थे | और उनके सौ साल निमित्त बोहरा समाज ने Burhani foundation के द्वारा sparrow को बचाने के लिये एक बहुत बड़ा अभियान चलाया था | इसका शुभारम्भ करने का मुझे अवसर मिला था | क़रीब 52 हज़ार bird feeders उन्होंने दुनिया के कोने-कोने में वितरित किये थे | Guinness book of World Records में भी उसको स्थान मिला था | कभी-कभी हम इतने व्यस्त होते हैं तो, अखबार देने वाला, दूध देने, सब्जी देने वाला, पोस्टमैन, कोई भी हमारे घर के दरवाजे से आता है, लेकिन हम भूल जाते हैं कि गर्मी के दिन हैं ज़रा पहले उसको पानी का तो पूछें !
"> नौजवान दोस्तो, कुछ बातें आपके साथ भी तो मैं करना चाहता हूँ | मुझे कभी-कभी चिंता हो रही है कि हमारी युवा पीढ़ी में कई लोगों को comfort zone में ही ज़िंदगी गुज़ारने में मज़ा आती है | माँ-बाप भी बड़े एक रक्षात्मक अवस्था में ही उनका लालन-पालन करते हैं | कुछ दूसरे extreme भी होते हैं लेकिन ज़्यादातर comfort zone वाला नज़र आता है | अब परीक्षायें समाप्त हो चुकी हैं | Vacation का मज़ा लेने के लिये योजनायें बन चुकी होंगी | Summer vacation गर्मियां होने के बाद भी ज़रा अच्छा लगता है | लेकिन मैं एक मित्र के रूप में आपका vacation कैसा जाए, कुछ बातें करना चाहता हूँ | मुझे विश्वास है कुछ लोग ज़रूर प्रयोग करेंगे और मुझे बतायेंगे भी | क्या आप vacation के इस समय का उपयोग, मैं तीन सुझाव देता हूँ उसमें से तीनों करें तो बहुत अच्छी बात है लेकिन तीन में से एक करने का प्रयास करें | ये देखें कि new experience हो, प्रयास करें कि new skill का अवसर लें, कोशिश करें कि जिसके विषय में न कभी सुना है, न देखा है, न सोचा है, न जानते हैं फिर भी वहाँ जाने का मन करता है और चले जायें | New places, new experiences, new skills | कभी-कभार किसी चीज को टी.वी. पर देखना या किताब में पढ़ना या परिचितों से सुनना और उसी चीज़ को स्वयं अनुभव करना तो दोनों में आसमान-ज़मीन का अंतर होता है | मैं आपसे आग्रह करूँगा इस vacation में जहाँ भी आपकी जिज्ञासा है उसे जानने के लिये कोशिश कीजिये, नया experiment कीजिये | Experiment positive हो, थोड़ा comfort zone से बाहर ले जाने वाला हो | हम मध्यम-वर्गीय परिवार के हैं, सुखी परिवार के हैं | क्या दोस्तो कभी मन करता है कि reservation किये बिना रेलवे के second class में ticket लेकर के चढ़ जाएँ, कम-से-कम 24 घंटे का सफ़र करें | क्या अनुभव आता है | उन पैसेंजरों की बातें क्या हैं, वो स्टेशन पर उतर कर क्या करते हैं, शायद सालभर में जो सीख नहीं पाते हैं उस 24 घंटे की without reservation वाली, भीड़-भाड़ वाली ट्रेन में सोने को भी न मिले, खड़े-खड़े जाना पड़े | कभी तो अनुभव कीजिये | मैं ये नहीं कहता हूँ बार-बार करिये, एक-आध बार तो करिये | शाम का समय हो अपना football ले करके, volleyball ले करके या कोई भी खेल-कूद का साधन ले करके तद्दन ग़रीब बस्ती में चले जाएँ | उन ग़रीब बालकों के साथ ख़ुद खेलिये, आप देखिये, शायद् ज़िंदगी में खेल का आनंद पहले कभी नहीं मिला होगा - ऐसा आपको मिलेगा | समाज में इस प्रकार की ज़िंदगी गुज़ारने वाले बच्चों को जब आपके साथ खेलने का अवसर मिलेगा, आपने सोचा है उनके जीवन में कितना बड़ा बदलाव आएगा | और मैं विश्वास करता हूँ एक बार जायेंगे, बार-बार जाने का मन कर जाएगा | ये अनुभव आपको बहुत कुछ सिखाएगा | कई volunteer organisations सेवा के काम करते रहते हैं | आप तो Google गुरु से जुड़े हुए हैं उस पर ढूँढिए | किसी ऐसे organisation के साथ 15 दिन, 20 दिन के लिये जुड़ जाइये, चले जाइये, जंगलों में चले जाइये | कभी-कभी बहुत summer camp लगते हैं, personality development के लगते हैं, कई प्रकार के विकास के लिये लगते हैं उसमें शरीक़ हो सकते हैं | लेकिन साथ-साथ कभी आपको लगता है कि आपने ऐसे summer camp किये हों, personality development का course किया हो | आप बिना पैसे लिये समाज के उन लोगों के पास पहुँचे जिनको ऐसा अवसर नहीं है और जो आपने सीखा है, उनको सिखायें | कैसे किया जा सकता है, आप उनको सिखा सकते हैं | मुझे इस बात की भी चिंता सता रही है कि technology दूरियाँ कम करने के लिये आयी, technology सीमायें समाप्त करने के लिये आयी | लेकिन उसका दुष्परिणाम ये हुआ है कि एक ही घर में छः लोग एक ही कमरे में बैठें हों लेकिन दूरियाँ इतनी हों कि कल्पना ही नहीं कर सकते | क्यों ? हर कोई technology से कहीं और busy हो गया है | सामूहिकता भी एक संस्कार है, सामूहिकता एक शक्ति है | दूसरा मैंने कहा कि skill | क्या आपका मन नहीं करता कि आप कुछ नया सीखें ! आज स्पर्द्धा का युग है | Examination में इतने डूबे हुए रहते हैं | उत्तम से उत्तम अंक पाने के लिये खप जाते हैं, खो जाते हैं | Vacation में भी कोई न कोई coaching class लगा रहता है, अगली exam की चिंता रहती है | कभी-कभी डर लगता है कि robot तो नहीं हो रही हमारी युवा-पीढ़ी | मशीन की तरह ज़िंदगी नहीं गुज़ार रही | दोस्तो, जीवन में बहुत-कुछ बनने के सपने, अच्छी बात है, कुछ कर गुज़रने के इरादे अच्छी बात है, और करना भी चाहिये | लेकिन ये भी देखिये कि अपने भीतर जो human element है वो तो कहीं कुंठित नहीं हो रहा है, हम मानवीय गुणों से कहीं दूर तो नहीं चले जा रहे हैं ! Skill development में इस पहलू पर थोड़ा बल दिया जा सकता है क्या ! Technology से दूर, ख़ुद के साथ समय गुज़ारने का प्रयास | संगीत का कोई वाद्य सीख रहे हैं, कोई नई भाषा के 5-50 वाक्य सीख रहे हैं, तमिल हो, तेलुगु हो, असमिया हो, बांगला हो, मलयालम हो, गुजराती हो, मराठी हो, पंजाबी हो | कितनी विविधताओं से भरा हुआ देश है और नज़र करें तो हमारे अगल-बगल में ही कोई न कोई सिखाने वाला मिल सकता है | Swimming नहीं आता तो swimming सीखें, drawing करें, भले उत्तम drawing नहीं आएगा लेकिन कुछ तो कागज़ पर हाथ लगाने की कोशिश करें | आपका भीतर की जो संवेदना है वो प्रकट होने लग जायेगी | कभी-कभी छोटे-छोटे काम जिसको हम कहते हैं – हमें, क्यों न मन करे, हम सीखें ! आपको car driving तो सीखने का मन करता है ! क्या कभी auto-rickshaw सीखने का मन करता है क्या ! आप cycle तो चला लेते हैं, लेकिन three-wheeler वाली cycle जो लोगों को ले कर के जाते हैं - कभी चलाने की कोशिश की है क्या ! आप देखें ये सारे नये प्रयोग ये skill ऐसी है आपको आनंद भी देगी और जीवन को एक दायरे में जो बाँध दिया है न उससे आपको बाहर निकाल देगी | Out of box कुछ करिये दोस्तो | ज़िंदगी बनाने का यही तो अवसर होता है | और आप सोचते होंगे कि सारी exam, समाप्त हो जाए, Career के नये पड़ाव पर जाऊँगा तब सीखूँगा तो वो तो मौका नहीं आएगा | फिर आप दूसरी झंझट में पड़ जायेंगे और इसलिये मैं आपसे कहूँगा, अगर आपको जादू सीखने का शौक हो तो ताश के पत्तों की जादू सीखिए | अपने यार-दोस्तों को जादू दिखाते रहिये | कुछ-न-कुछ ऐसी चीज़ें जो आप नहीं जानते हैं उसको जानने का प्रयास कीजिये, उससे आपको ज़रूर लाभ होगा | आपके भीतर की मानवीय शक्तियों को चेतना मिलेगी | विकास के लिये बहुत अच्छा अवसर बनेगा | मैं अपने अनुभव से कहता हूँ दुनिया को देखने से जितना सीखने-समझने को मिलता है जिसकी हम कल्पना नहीं कर सकते | नये-नये स्थान, नये-नये शहर, नये-नये नगर, नये-नये गाँव, नये-नये इलाके | लेकिन जाने से पहले कहाँ जा रहें - उसका अभ्यास और जा करके एक जिज्ञासु की तरह उसे देखना, समझना, लोगों से चर्चा करना, उनसे पूछना ये अगर प्रयास किया तो उसे देखने का आनंद कुछ और होगा | आप ज़रूर कोशिश कीजिये और तय कीजिये travelling ज्यादा न करें I एक स्थान पर जाकर कर के तीन दिन, चार दिन लगाइये I फिर दूसरे स्थान पर जाइये वहाँ तीन दिन - चार दिन लगाइये I इससे आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा I मैं चाहूँगा और ये भी सही है कि आप जब जा रहे हैं तो मुझे तस्वीर भी share कीजिये I क्या नया देखा ? कहाँ गए थे ? आप Hash tag Incredible India इसका उपयोग कर के अपने इन अनुभवों को share कीजिये I
"> दोस्तो, इस बार भारत सरकार ने भी आपके लिये बड़ा अच्छा अवसर दिया है I नई पीढ़ी तो नकद से करीब-करीब मुक्त ही हो रही है I उसको cash की ज़रूरत नहीं है I वो Digital Currency में विश्वास करने लग गई है I आप तो करते हैं लेकिन इसी योजना से आप कमाई भी कर सकते हैं - आपने सोचा है I भारत सरकार की एक योजना है I अगर BHIM App जो कि आप download करते होंगे I आप उपयोग भी करते होंगे I लेकिन किसी और को refer करें I किसी और को जोड़ें और वो नया व्यक्ति अगर तीन transaction करे, आर्थिक कारोबार तीन बार करे, तो इस काम को करने के लिये आपको 10 रुपये की कमाई होती है I आपके खाते में सरकार की तरफ से 10 रुपये जमा हो जायेगा I अगर दिन में आपने 20 लोगों से करवा लिया तो आप शाम होते-होते 200 रुपये कमा लेंगे I व्यापारियों को भी कमाई हो सकती है, विद्यार्थियों को भी कमाई हो सकती है I और ये योजना 14 अक्टूबर तक है I Digital India बनाने में आपका योगदान होगा I New India के आप एक प्रहरी बन जाएँगे, तो vacation का vacation और कमाई की कमाई I refer & earn I आमतौर पर हमारे देश में VIP culture के प्रति एक नफ़रत का माहौल है लेकिन ये इतना गहरा है - ये मुझे अभी-अभी अनुभव हुआ I जब सरकार ने तय कर दिया कि अब हिंदुस्तान में कितना ही बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, वो अपनी गाड़ी पर लाल बत्ती लगा कर के नहीं घूमेगा I वो एक प्रकार से VIP culture का symbol बन गया था लेकिन अनुभव ये कहता था कि लाल बत्ती तो vehicle पर लगती थी, गाड़ी पर लगती थी, लेकिन धीरे-धीरे-धीरे वो दिमाग में घुस जाती थी और दिमागी तौर पर VIP culture पनप चुका है I अभी तो लाल बत्ती गई है इसके लिये कोई ये तो दावा नहीं कर पायेगा कि दिमाग़ में जो लाल बत्ती घुस गई है वो निकल गई होगी I मुझे बड़ा interesting एक phone call आया I ख़ैर उस phone में उन्होंने आशंका भी व्यक्त की है लेकिन इस समय इतना अंदाज आता है इस phone call से कि सामान्य मानवी ये चीजें पसंद नहीं करता है I उसे दूरी महसूस होती है I “नमस्कार प्रधामंत्री जी मैं शिवा चौबे बोल रही हूँ, जबलपुर मध्य प्रदेश से I मैं Government के red beacon light ban के बारे में कुछ बोलना चाहती हूँ I मैंने एक लाइन पढ़ी न्यूज़पेपर में जिसमें लिखा था “every Indian is a VIP on a road” ये सुन के मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ और खुशी भी हुई कि आज मेरा टाइम भी उतना ही ज़रूरी है I मुझे ट्रैफिक जाम में नहीं फंसना है और मुझे किसी के लिये रुकना भी नहीं है I तो मैं आपको दिल से बहुत धन्यवाद देना चाहती हूँ इस decision के लिये I और ये जो आपने स्वच्छ भारत अभियान चलाया है इसमें हमारा देश ही नहीं साफ़ हो रहा है, हमारी रोडो से VIP की दादागिरी भी साफ हो रही है - तो उसके लिये धन्यवाद I” सरकारी निर्णय से लाल बत्ती का जाना वो तो एक व्यवस्था का हिस्सा है I लेकिन मन से भी हमें प्रयत्नपूर्वक इसे निकालना है I हम सब मिल कर के जागरूक प्रयास करेंगे तो निकल सकता है I New India का हमारा concept यही है कि देश में VIP की जगह पर EPI का महत्व बढ़े | और जब मैं VIP के स्थान पर EPI कह रहा हूँ तो मेरा भाव स्पष्ट है - Every Person is Important | हर व्यक्ति का महत्व है, हर व्यक्ति का माहात्म्य है I सवा-सौ करोड़ देशवासियों का महत्व हम स्वीकार करें, सवा-सौ करोड़ देशवासियों का माहात्म्य स्वीकार करें तो महान सपनों को पूरा करने के लिये कितनी बड़ी शक्ति एकजुट हो जाएगी I हम सबने मिलकर के करना है I मेरे प्यारे देशवासियो, मैं हमेशा कहता हूँ कि हम इतिहास को, हमारी संस्कृतियों को, हमारी परम्पराओं को, बार-बार याद करते रहें I उससे हमें ऊर्जा मिलती है, प्रेरणा मिलती है I इस वर्ष हम सवा-सौ करोड़ देशवासी संत रामानुजाचार्य जी की 1000वीं जयंती मना रहे हैं I किसी-न-किसी कारणवश हम इतने बंध गये, इतने छोटे हो गये कि ज्यादा-ज्यादा शताब्दियों तक का ही विचार करते रहे I दुनिया के अन्य देशों के लिये तो शताब्दी का बड़ा महत्व होगा I लेकिन भारत इतना पुरातन राष्ट्र है कि उसके नसीब में हज़ार साल और हज़ार साल से भी पुरानी यादों को मनाने का अवसर हमें मिला है I एक हज़ार साल पहले का समाज कैसा होगा ? सोच कैसी होगी ? थोड़ी कल्पना तो कीजिये I आज भी सामाजिक रुढियों को तोड़ कर के निकलना हो तो कितनी दिक्कत होती है I एक हज़ार साल पहले कैसा होता होगा ? बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि रामानुजाचार्य जी ने समाज में जो बुराइयाँ थी, ऊँच-नीच का भाव था, छूत-अछूत का भाव था, जातिवाद का भाव था, इसके खिलाफ़ बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी थी I स्वयं ने अपने आचरण द्वारा समाज जिनको अछूत मानता था उनको गले लगाया था I हज़ार साल पहले उनके मंदिर प्रवेश के लिये उन्होंने आंदोलन किये थे और सफलतापूर्वक मंदिर प्रवेश करवाये थे I हम कितने भाग्यवान हैं कि हर युग में हमारे समाज की बुराइयों को खत्म करने के लिये हमारे समाज में से ही महापुरुष पैदा हुए हैं I संत रामानुजाचार्य जी की 1000वीं जयंती मना रहे हैं तब, सामाजिक एकता के लिये, संगठन में शक्ति है - इस भाव को जगाने के लिये उनसे हम प्रेरणा लें I भारत सरकार भी कल 1 मई को ‘संत रामानुजाचार्य’ जी की स्मृति में एक stamp release करने जा रही है I मैं संत रामानुजाचार्य जी को आदर पूर्वक नमन करता हूँ, श्रृद्धा-सुमन अर्पित करता हूँ I मेरे प्यारे देशवासियो, कल 1 मई का एक और भी महत्व है | दुनिया के कई भागों में उसे ‘श्रमिक दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है I और जब ‘श्रमिक दिवस’ की बात आती है, Labour की चर्चा होती है, Labourers की चर्चा होती है तो मुझे बाबा साहब अम्बेडकर की याद आना बहुत स्वाभाविक है I और बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि आज श्रमिकों को जो सहुलियतें मिली हैं, जो आदर मिला है, उसके लिये हम बाबा साहब के आभारी हैं I श्रमिकों के कल्याण के लिये बाबा साहब का योगदान अविस्मरणीय है I आज जब मैं बाबा साहब की बात करता हूँ, संत रामानुजाचार्य जी की बात करता हूँ तो 12वीं सदी के कर्नाटक के महान संत और सामाजिक सुधारक ‘जगत गुरु बसवेश्वर’ जी की भी याद आती है I कल ही मुझे एक समारोह में जाने का अवसर मिला I उनके वचनामृत के संग्रह को लोकार्पण का वो अवसर था I 12वीं शताब्दी में कन्नड़ भाषा में उन्होंने श्रम, श्रमिक उस पर गहन विचार रखे हैं I कन्नड़ भाषा में उन्होंने कहा था - “काय कवे कैलास”, उसका अर्थ होता है - आप अपने परिश्रम से ही भगवान शिव के घर कैलाश की प्राप्ति कर सकते हैं यानि कि कर्म करने से ही स्वर्ग की प्राप्ति होती है | दूसरे शब्दों में कहें तो श्रम ही शिव है I मैं बार-बार ‘श्रमेव-जयते’ की बात करता हूँ | ‘Dignity of labour’ की बात करता हूँ I मुझे बराबर याद है भारतीय मज़दूर संघ के जनक और चिन्तक जिन्होंने श्रमिकों के लिए बहुत चिंतन किया ऐसे श्रीमान दत्तोपन्त ठेंगड़ी कहा करते थे - एक तरफ़ माओवाद से प्रेरित विचार था कि “दुनिया के मज़दूर एक हो जाओ” और दत्तोपन्त ठेंगड़ी कहते थे “मज़दूरों आओ दुनिया को एक करें” I एक तरफ़ कहा जाता था- ‘Workers of the world unite’ I भारतीय चिंतन से निकली हुई विचारधारा को ले करके दत्तोपन्त ठेंगड़ी कहा करते थे - ‘Workers unite the world’ I आज जब श्रमिकों की बात करता हूँ तो दत्तोपन्त ठेंगड़ी जी को याद करना बहुत स्वाभाविक है I मेरे प्यारे देशवासियो, कुछ दिन के बाद हम बुद्ध पूर्णिमा मनायेंगे I विश्वभर में भगवान बुद्ध से जुड़े हुए लोग उत्सव मनाते हैं I विश्व आज जिन समस्याओं से गुज़र रहा है हिंसा, युद्ध, विनाशलीला, शस्त्रों की स्पर्द्धा, जब ये वातावरण देखते हैं तो तब, बुद्ध के विचार बहुत ही relevant लगते हैं I और भारत में तो अशोक का जीवन युद्ध से बुद्ध की यात्रा का उत्तम प्रतीक है I मेरा सौभाग्य है कि बुद्ध पूर्णिमा के इस महान पर्व पर United Nations के द्वारा vesak day मनाया जाता है I इस वर्ष ये श्रीलंका में हो रहा है I इस पवित्र पर्व पर मुझे श्रीलंका में भगवान बुद्ध को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने का एक अवसर मिलेगा I उनकी यादों को ताज़ा करने का अवसर मिलेगा I मेरे प्यारे देशवासियो, भारत में हमेशा ‘सबका साथ-सबका विकास’ इसी मंत्र को ले करके आगे बढ़ने का प्रयास किया है | और जब हम सबका साथ-सबका विकास कहते हैं, तो वो सिर्फ़ भारत के अन्दर ही नहीं - वैश्विक परिवेश में भी है | और ख़ास करके हमारे अड़ोस-पड़ोस देशों के लिए भी है | हमारे अड़ोस-पड़ोस के देशों का साथ भी हो, हमारे अड़ोस-पड़ोस के देशों का विकास भी हो | अनेक प्रकल्प चलते हैं | 5 मई को भारत दक्षिण-एशिया satellite launch करेगा | इस satellite की क्षमता तथा इससे जुड़ी सुविधायें दक्षिण-एशिया के आर्थिक तथा developmental प्राथमिकताओं को पूरा करने में काफ़ी मदद करेगीं | चाहे natural resources mapping करने की बात हो, tele-medicine की बात हो, education का क्षेत्र हो या अधिक गहरी IT connectivity हो, people to people संपर्क का प्रयास हो | South Asia का यह उपग्रह हमारे पूरे क्षेत्र को आगे बढ़ने में पूरा सहायक होगा | पूरे दक्षिण-एशिया के साथ सहयोग बढ़ाने के लिये भारत का एक महत्वपूर्ण कदम है - अनमोल नज़राना है | दक्षिण-एशिया के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का ये एक उपयुक्त उदाहरण है | दक्षिण एशियाई देशों जो कि South Asia Satellite से जुड़े हैं मैं उन सबका इस महत्वपूर्ण प्रयास के लिये स्वागत करता हूँ, शुभकामनायें देता हूँ| मेरे प्यारे देशवासियो गर्मी बहुत है, अपनों को भी संभालिये, अपने को भी संभालिये | बहुत-बहुत शुभकामनायें | धन्यवाद |

गांव सूरेवाला से श्री मुक्तसर साहिब शादी समारोह में शामिल होन आ रहे थे पति पत्नी और बेटी

श्री मुक्तसर साहिब

शनिवार को बठिंडा रोड पर श्री मुक्तसर साहिब की ओर आ रही एक जैन कार को अचानक आग लग गई। इस घटना में शादी समारोह में शामिल होने के लिए श्री मुक्तसर साहिब आ रहा परिवार बाल बाल गच गया। गनीमत रही कि कार में सवार दंपति व उनकी बच्ची जहां बाल बाल बच गए वहीं कार के पीछे रखा गैस सिलेंडर फटने से बचाव रहा।
 गांव सूरेवाला का निवासी जसमेल सिंह पुत्र सुखदेव सिंह शनिवार की शाम को करीब सवा पांच बजे घर से अपने रिश्तेदारी में किसी की शादी में शामिल होने के लिए अपनी पत्नी तथा करीब चार साल की बेटी के साथ श्री मुक्तसर साहिब के लिए रवाना हुआ था।

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 इस दौरान शादी समारोह वाले घर के लिए उसने घर से एक रसोई गैस का सिलेंडर भी अपनी जैन कार नंबर डीएल 8 सीएच 0217 के पीछे डिग्गी में रख लिया। जब उक्त परिवार बठिंडा रोड़ पर गांव संगुधौन के पास बने एतिहासिक गेट के निकट पहुंचा तो अचानक कार के अगले हिस्से में इंजन को आग लग गई। जसमेल सिंह को इसका पता चलते ही उसने आनन फानन में अपनी पत्नी व बच्ची को कार से बाहर निकाला तथा दमकल विभाग तथा पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जहां थाना सदर के एएसआई गुरविंदर सिंह मौके पर पहुंच गई वहीं चंद मिनटों में ही फायरब्रिगेड की गाड़ी भी पहुंच गई तथा आग पर काबू पाया। इस दौरान कार बुरी तरह से जलकर क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि आग की इस घटना में कार के पीछे रखे सिलेंडर ने भी आग पकड़ ली लेकिन लेकिन गनीमत रही कि सिलेंडर का फटने से बचाव रहा।

अकाल तख्त साहिब से डेरा सच्चा सौदा में जाकर वोट मांगने पर सुनाई गई थी धार्मिक सजा

श्री मुक्तसर साहिब



श्री अकाल तख्त साहिब जी की ओर से विधानसभा चुनाव के दौरान डेरा सच्चा सौदा सिरसा में जाकर वोट मांगने वाले विभिन्न नेताओं को सुनाई गई धार्मिक सजा के तहत पूर्व मुख्यमंत्री हरचरण सिंह बराड़ की पुत्रवधू व हलका श्री मुक्तसर साहिब की पूर्व विधायक करण बौर बराड़ ने भी अपनी सजा भुगती। 
उन्होंने श्री मुक्तसर साहिब के गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में सेवा करते हुए उनको सुनाई गई दस दिन सेवा की सजा शनिवार को पूरी कर ली।  

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गौरतलब है कि डेरा सच्चा सौदा सिरसा जाकर डेरा प्रमुख से वोट मांगने वाले नेताओं में कांग्रेस की करण कौर बराड़ का भी नाम शामिल था। वह भी डेरा प्रेमियों के वोट बैंक के लिए सिरसा स्थित मुख्य डेरे में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के पास पहुंची थी। इस सूरत में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से विभिन्न नेताओं को सजा सुनाई गई, जिसके तहत करण कौर बराड़ ने 20 अप्रैल से श्री दरबार साहिब मुक्तसर में सेवा शुरु की थी। श्री दरबार साहिब के मैनेजर जरनैल सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि करण बराड़ ने परिक्रमा में झाड़ू लगाने, संगत के जूते साफ करने व लंगर में सेवा करने सहित कीर्तन सुनने तथा पाठ करने की सेवा की।

जेल ब्रेक कांड में एएसआइ की वर्दी पहनकर जेल का गेट खुलवाने में था सुलक्खण का अहम रोल

नवां शहर

विक्की गोंडर का साथी तथा नाभा जेल ब्रेक कांड में शामिल एक और आरोपी सुलक्खण सिंह उर्फ सुलतान उर्फ बब्बर सुल्तान को नवांशहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर जेल ब्रेक कांड में एएसआइ की वर्दी पहनकर जेल का गेट खुलवाने का आरोप है। पुलिस ने उसे शनिवार को बस स्टैंड के पास से काबू किया।
आइजी जालंधर जोन अर्पित शुक्ला ने बताया कि नाभा जेल में बंद विक्की गोंडर व उसके अन्य साथियों को जेल से भगाने में अमृतसर के गांव मत्तेवाल के रहने वाले उक्त सुलक्खण सिंह ने अहम रोल अदा किया था।

"> पुलिस की वर्दी पहने अन्य आरोपियों को कमांड कर रहे सुलक्खण सिंह ने ही गुरप्रीत नाम के आरोपी का जाली वारंट दिखाकर जेल का दरवाजा खुलवाया था। जेल से गैंगस्टर हरजिंदर सिंह उर्फ विक्की गोंडर, हरमिंदर मिंटू, कशमीर सिंह निवासी गलवड्डी गांव, अमनदीप सिंह ढोटियां, कुलप्रीत उर्फ नीटा दयोल, और गुरप्रीत सिंह सेखों की भागने में मदद की थी। पुलिस द्वारा मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल अभी भी विक्की गोंडर व कश्मीर सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

आइपीएल-10 के 33वें मुकाबले में आज किंग्स इलेवन पंजाब और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमों बीच हुए मुकाबले में हैदराबाद ने पंजाब को पटखनी दे दी। पंजाब की टीम ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद की टीम ने 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 207 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और पंजाब को 208 रनों का लक्ष्य दिया, लेकिन पंजाब ने यह मैच 26 रन से गंवा दिया। पंजाब की टीम को पहला झटका मार्टिन गुप्टिल (23) के रूप में तीसरे ओवर में लगा। गुप्टिल को भुवनेश्वर कुमार ने हेनरीक्स के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद चौथे ओवर में मनन वोहरा (3) को आशीष नेहरा ने पवेलियन का रास्ता दिखा दिया जबकि अगले ओवर में कप्तान ग्लेन मैक्सवेल बिना खाता खोले सिद्धार्थ कौल की गेंद पर नेहरा को कैच थमा बैठे। इसके बाद इंग्लिश धुरंधर इयोन मॉर्गन (26) को राशिद खान ने अपनी फिरकी में फंसाया और कैच आउट हो गए। पांचवां विकेट साहा (2) के रूप में गिरा जो कौल की गेंद पर बोल्ड हो गए। इस दौरान धुआंधार अर्धशतक जडऩे शॉन मार्श पंजाब की एकमात्र उम्मीद नजर आ रहे थे लेकिन 16 वें ओवर में भुवनेश्वर कुमार ने उन्हें कैच आउट करा दिया। मार्श ने 50 गेंदों पर 84 रनों की पारी खेली जिसमें 2 छक्के और 14 चौके शामिल रहे।




उनके आउट होने के बाद पंजाब के हाथ से मैच निकल गया। इससे पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद की टीम के ओपनर्स शिखर धवन और कप्तान डेविड वॉर्नर ने टीम को शानदार शुरुआत दी। वॉर्नर ने 25 गेंदों पर जबकि धवन ने 31 गेंदों पर अपने अर्धशतक पूरे किए और टीम के स्कोर को जबरदस्त रफ्तार दी। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 107 रनों की साझेदारी हुई। इसके बाद 10वें ओवर में मैक्सवेल ने वॉर्नर को बोल्ड करके हैदराबाद को पहला झटका दिया। वॉर्नर ने 27 गेंदों पर 51 रन बनाए। वहीं, मोहित शर्मा की गेंद पर 15वें ओवर में धवन भी मैक्सवेल के हाथों कैच हो गए। धवन ने 48 गेंदों पर 77 रनों की धुआंधार पारी खेली। इसके बाद सिर्फ युवराज सिंह (15) के रूप में एक और विकेट गिरा। वहीं, न्यूजीलैंड के धुरंधर बल्लेबाज केन विलियम्सन ने अंत में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम के स्कोर को 200 पार पहुंचा दिया। विलियम्सन ने 27 गेंदों पर नाबाद 54 रनों की पारी खेली जिसमें 2 छक्के और 4 चौके शामिल रहे। नतीजतन हैदराबाद ने 20 ओवर में 3 विकेट खोते हुए स्कोर 207 रन तक पहुंचा दिया। पंजाब की तरफ से मैक्सवेल ने दो विकेट लिए जबकि एक विकेट मोहित शर्मा ने लिया।

 किशोरावस्था में कदम रखते-रखते वह विद्रोही हो गया और ब्रिटिश नियंत्रित राजतंत्र को उखाड़ फेंकने के लिए चल रहे राष्ट्रवादी आंदोलन में कूद पड़ा सद्दाम



सद्दाम हुसैन का जन्म 28 अप्रैल 1937 को बग़दाद के उत्तर में स्थित तिकरित के पास अल-ओजा गांव में हुआ था। उनके मजदूर पिता उनके जन्म के पहले ही दिवंगत हो चुके थे। उनकी मां ने अपने देवर से शादी कर ली थी लेकिन बच्चे की परवरिश की खातिर उसे जल्द ही तीसरे व्यक्ति से शादी करनी पड़ी। उस दौर का तिकरित अपनी वीभत्सताओं के लिए कुख्यात था। इन परिस्थितियों ने सद्दाम को बचपन में ही भयानक रूप से शक्की और निर्दयी बना दिया। बच्चों के हाथों पिटने के भय से बाल सद्दाम हमेशा अपने पास एक लोहे की छड़ रखता था। और जब-तब इससे जानवरों की पिटाई किया करता था।
किशोरावस्था में कदम रखते-रखते वह विद्रोही हो गया और ब्रिटिश नियंत्रित राजतंत्र को उखाड़ फेंकने के लिए चल रहे राष्ट्रवादी आंदोलन में कूद पड़ा। हालांकि पश्चिम के अखबार इस आंदोलन को गुंडे-बदमाशों की टोली ही कहते हैं। 1956 में वह बाथ सोशलिस्ट पार्टी में शामिल हो गए। बाथ पार्टी अरब जगत में साम्यवादी विचारों की वाहक फौज थी। सद्दाम उसमें वैचारिक प्रतिबद्धता के कारण नहीं, अपनी दीर्घकालिक रणनीति के तहत शामिल हुए।
वर्ष 1958 में इराक में ब्रिटिश समर्थित सरकार के खिलाफ विद्रोह भडक़ा और ब्रिगेडियर अब्दुल करीम कासिम ने राजशाही को हटाकर सत्ता अपने कब्जे में कर ली। सद्दाम तब बगदाद में पढ़ाई करता था। तभी उसने 1959 में अपने गैंग की मदद से कासिम की हत्या करने की असफल कोशिश की। वह देश से भाग कर मिस्त्र पहुंच गए। चार साल बाद यानी 1963 में कासिम के खिलाफ बाथ पार्टी में फिर बगावत हुई। बाथ पार्टी के कर्नल अब्दल सलाम मोहम्मद आरिफ गद्दी पर बैठे और सद्दाम घर लौट आए। इसी बीच सद्दाम ने साजिदा से शादी की जिससे उनके दो पुत्र और तीन पुत्रियां हुईं।

"> सद्दाम ज्यादा दिन चैन से नहीं रह पाए। एक बार फिर बाथ पार्टी में बगावत हुई और सद्दाम को नई हुकूमत ने जेल में डाल दिया। वह तब तक जेल की हवा खाते रहे जब तक कि 1968 में बाथ पार्टी के मेजर जनरल अहमद हसन अल बकर ने तख्ता पलट कर सत्ता नहीं हथिया ली। अल बकर उनके चचेरे भाई भी लगते थे। वह अल बकर की रिवॉल्यूशनरी कमांड काउंसिल के प्रमुख सदस्य बन गए। सच बात तो यह भी है कि वही बकर की सत्ता के असली कर्ता धर्ता थे। शुरुआत में वह बड़े उदार थे लेकिन धीरे-धीरे अपने असली रूप में आ गए। बकर बीमार थे और सत्ता की चाबुक का वही इस्तेमाल करते थे। उन्होंने सुन्नी जगत में अपनी अलग छवि बनाई और परदे के पीछे अपना एक अलग समूह तैयार करते रहे। 16 जुलाई 1979 को अल बकर को सत्ता से हटा कर वह स्वयं इराकी गद्दी पर बैठ गए। वह चाहते तो इस सत्ता परिवर्तन को स्वाभाविक हिंसारहित तख्तापलट का रूप दे सकते थे लेकिन उन्हें तो यह संदेश देना था कि अब सत्ता में सद्दाम आ गया है, इसलिए बगावती तेवर वाले सावधान हो जाएं। उन्होंने एक के बाद एक 66 देशद्रोहियों को मौत के घाट उतार दिया। अपने शासन के आरंभिक वर्षों में सद्दाम हुसैन अमेरिका के लाड़ले थे। उन्होंने ईरान से युद्ध मोल लिया और अमेरिका से मदद ली। रोनाल्ड रेगन ने उनकी मदद की। कैसा विद्रूप है कि हाल में जब रेगन की मृत्यु हुई तो वह उसी अमेरिकी सत्ता की जेल में मौत का इंतजार कर रहे थे। कुवैत पर कब्जे के बाद शुरू हुई उल्टी गिनती सद्दाम हुसैन पर शियाओं के साथ भेदभाव करने का आरोप है। 1982 में एक बार दुजैल गांव में उनके ऊपर हमला हुआ था। जिसके जवाब में उन्होंने वहां 148 शियाओं की हत्या करवा दी। वही फैसला उनकी फांसी का कारण बना। इसी तरह कुर्दों के ऊपर भी उनके जुल्मों की कथाएं कम दर्दनाक नहीं हैं। हालांकि दस वर्ष तक वह लगातार ईरान से लड़ते रहे, जिससे उनकी छवि एक जुझारू लड़ाके की बनी लेकिन उनकी उलटी गिनती तब शुरू हुई जब उन्होंने 1990 में कुवैत पर कब्जा कर लिया। इससे वह अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठानों की नजरों में आ गए और जल्दी ही खाड़ी युद्ध शुरू हो गया। 42 दिन के युद्ध के बाद इराक अमेरिकी गठबंधन सेनाओं से पराजित तो हुआ पर सद्दाम हुसैन नहीं झुके। इसी वजह से बार-बार अमेरिका को लगता रहा कि वह फिर चुनौती बन सकते हैं। लिहाजा उनके खिलाफ 2003 में फिर युद्ध हुआ और उसके बाद की कहानी हमारे सामने है। वह एक तानाशाह तो थे लेकिन जिस तरह से उन्होंने खुद को अंतरराष्ट्रीय फलक पर पेश किया और अमेरिका के आगे नहीं झुके, उसने उहें वाकई अरब जगत का नायक बना दिया। देखना यह है कि उन्हें इतिहास किस तरह याद रखता है। दो दशक तक (16 जुलाई, 1979 से 9 अप्रैल, 2003 तक) इराक़ के राष्ट्रपति रहे तथा 30 दिसम्बर 2006 को उत्तरी बगदाद में स्थानीय समय के अनुसार सुबह 6 बजे उसे फांसी दी गई।

मंत्री द्वारा हरियाणा में शहरी विकास तथा आवास व शहरी गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की समीक्षा

सूचना प्रसारण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालयों को स्थानीय भाषा में प्रचार प्रसार करने तथा क्षेत्रीय संस्कृति व प्रतिभा विकास के कार्यक्रम विकसित करने पर बल

चण्डीगढ़,
न्यू इंडिया के निर्माण हेतु तीव्र एवं समग्र विकास ही हमारा लक्ष्य है, यह बात केंद्रीय शहरी विकास तथा आवास व शहरी गरीबी उन्मूलन एव सूचना प्रसारण मंत्री एम वैंकेया नायडू ने कही ।  वह आज यहां हरियाणा में चलाई जा रही शहरी विकास तथा आवास व शहरी गरीबी उन्मूलन संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में उपस्थित हुए ।  बैठक के बाद पत्रकार सम्ïमेलन को संबोधित करते हुए  नायडू ने कहा कि देश में महत्वकांक्षाओं व विकास के लिए नया माहौल बन रहा है । नायडू ने कहा कि केंद्र सरकार बेहतर कार्य प्रदर्शन, प्रतिस्पर्धा तथा सुधारों को प्रोत्साहित कर रही है, जो देश को एक नये आयाम तक ले जायेंगे ।



बैठकों को ब्यौरा देते हुए नायडू ने कहा की चर्चा का मुख्ïय विषय राज्य में मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रमों के कार्यान्वयन, उपलब्धियां, प्रभाव तथा चुनौतियों व उनके समाधान पर केंद्रित रहा । उन्होंने कहा कि हरियाणा ने 8.97 लाख आवासीय इकाईयों की मांग रखी है तथा मंत्रालय ने राज्य को अपनी सूची को अंतिम रूप देने को कहा है । उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा आवास क्षेत्र के लिए 6.5 प्रतिशत ब्याज की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है । मंत्रालय के अंतर्गत अमरूत तथा अन्य फलैग्ïशिप कार्यक्रमों पर संबोधित करते हुए नायडू ने कहा कि सरकार योजनाओं को तेजी तथा बेरोक-टोक लागू करने के लिए एक सिंगल विंडो क्लीयरेंस सुविधा प्रदान कर रही है । उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने रियल एस्टेट रेग्ïयूलेशन एक्ट के तहत प्राधिकरण स्थापित करने तथा अग्रिम स्तर के नियम निर्धारित करने के लिए सुनिश्चित करवाया है । उन्होंने बताया कि हरियाणा में दीनदयाल अंतोदय योजना, राष्टï्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत 22 शहरी स्थानीय निकाय चिन्हित किए गए हैं तथा 294 शहरी स्वयं सहायता समूहों को परिक्रामी निधियां भी प्रदान की गई हैं । राज्य में आवास एवं शहरी विकास निगम हुडको ने 4448 करोड़ रूपए की ऋण राशी के साथ 8 योजनाओं को मंजूरी दी है ।नायडू ने कहा राज्य में अमरूत के अंतर्गत 2565 करोड़ रूपए की तीन योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है । उन्होंने राज्य सरकार को चालू योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने के लिए जोर दिया । नायडू ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत हरियाणा के 11 राज्य खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं । उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 96 करोड़ रूपए की दूसरी किस्त जारी कर दी है । श्री नायडू ने हरियाणा में चल रहे मैट्रो परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की । सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के विभागों की समीक्षा के उपरांत नायडू ने कहा कि क्षेत्रीय इकाईयों को प्रचार प्रसार के समय स्थानीय संस्कृति तथा प्रतिभाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए । उन्होंने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों की उपलब्धियों को लोगों के सामने उजागर करने क ा सुझाव दिया । उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हरियाणवी भाषा में समाचार बुलेटिन तथा अन्य कार्यक्रम शुरू करने की संभावना का पता लगाने के लिए भी कहा । इन समीक्षा बैठकों में हरियाणा के मुख्ïयमंत्री मनोहर लाल खटटर, हरियाणा के स्थानीय निकाय मंत्री, कविता जैन, शहरी विकास सचिव, राजीब गाबा, हूपा सचिव नंदिता चटर्जी, हरियाणा के मुख्ïय सचिव डीएस ढेसी तथा संबंधित मंत्रालयों व राज्य सरकार के वरिष्ठï अधिकारी समीक्षा बैठक में शामिल हुए ।


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मुख्यमंत्री द्वारा रोजगार पैदा करने के लिए रूपरेखा हेतू परिवहन विभाग को दिए निर्देश


 चंडीगढ़
          परिवहन प्रणाली में मौजूदा एकाधिकार को तोडऩे के मददेनजर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने राष्ट्रीय मार्ग के रूटों के अतिरिक्त शेष रूटों के बस परमिटों तक सभी की पहुंच यकीनी बनाने के लिए एक खुली और पारदर्शी नीति पर जोर दिया हैÐ इसके साथ ही नवयुवकों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए विशेष बस रूट उनको देने के लिए परिवहन विभाग को निर्देश दिये है ।
राज्य में मुसीबतों में घिरी परिवहन प्रणाली में सुधार लाने और पिछली सरकार द्वारा इस क्षेत्र में पैदा किये एकाधिकार से इसको मुक्त करवाने के अपनी सरकार के ऐजेडे को आगे चलाते हुये मुख्यमंत्री ने अंतर्राज्य रूटों को ओर तर्कसंगत बनाने का सुझाव दिया है ताकि इस प्रणाली को और अधिक मुकाबले बाजी वाली बनाया जा सके। उन्होने कहा कि इससे मुसाफिरों को बढिय़ा और किफायती सेवाएं उपलब्ध करवाने को यकीनी बनाया जा सकेगा।
          नई परिवहन नीति का प्रारूप तैयार करने के लिए परिवहन विभाग की प्रांरभिक बैठक की अध्यक्षता करते हुये मुख्यमंत्रीने अंतर्राज्य रूटों को तर्क संगत बनाने के लिए संबधित अधिकारियों को रूपरेखा तैयार करने के लिए निर्देश दिये है। सभी ट्रासपोट्रों को बराबर के अवसर उपलब्ध करवाने और इस विजनैस को ज्यादा मजबूत व लाभदायक बनाने के लिए बैठक में लाभप्रद रूट ई टैंडर द्वारा देने का फैसला किया गया है।

बैठक के बाद एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विभाग द्वारा तैयार की जा रही नीति का खरड़ा शीघ्र ही राज्यमंत्री की स्वीकृति के लिए उसके समक्ष पेश किया जाएगा। उन्होने कहा कि यह नीति माननीय सुप्रीम कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के दिशा निर्देश और सोच अनुसार तैयार की जा रही है। इस नीति का प्रारूप निजी बस आपरेटरों, मिनी बस आपरेटरों एसटीयू के अधिकारियों , रोड ट्रासपोर्ट अथारटी के अधिकारियों व एसटीयू स्टाफ यूनियनज के विचार लेने के बाद तैयार किया जा रहा है। परिवहन माफिया को खत्म करने के लिए एक अन्य कदम उठाते हुये मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि जिन रूटों पर बसे चलाई जाए उनके परमिट पर बस का रजिस्टे्रशन न बर होना चाहिए। उन्होने सभी बसों में जीपीएस सिस्टम लगाये जाने का सुझाव दिया ताकि परमिट के दुरूपयोग को रोकने के लिए उन पर प्रभावी नजर रखने को यकीनी बनाया जा सके क्योकि पिछली सरकार दौरान इसका बड़े पैमाने में दुरूपयोग हुआ। मुख्यमंत्री ने कुछ फीस लेने के बाद परमिट तबदील करने की आज्ञा देने के लिए विधिविधान तैयार करने के लिए भी विभाग को कहा है इस समय परमिटों को तबदील करने की आज्ञा केवल बसों को नई बसों में तबदील करना या विरसे से संबधित मामले में है। रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुये मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि रोजगार पैदा करने के लिए कांग्रेस के मैनीफेस्टों में किये गये वायदे के अनुसार यारी एंटरप्राइजिज और अपनी गडडी अपना रोजगार तहत नवयुवकों को छोटी /मिनी बसों के परमिट देने के लिए इंटरसिटी परिवहन सिस्टम शुरू करने के लिए कदम उठाये जाने का भी सुझाव दिया है। उन्होने इस उदेश्य के लिए ठोस रूपरेखा को अमल में लाने के लिए परिवहन विभाग को निर्देश दिये। केैप्टन अमरेन्द्र सिंह इलैक्ट्रानिक टैक्सिया चलाने और सडक़ सुरक्षा मामलों को भी नई परिवहन नीति में शामिल करने के विभाग को निर्देश दिय। उन्होने सडक़ों पर ड्राइविंग करने वाले कम आयु के नवयुवकों विरूद्ध भी कार्यवाही करने के लिए कहा। बैठक दौरान लगजरी व गैर लगजरी बिजनेैस पर लगाये गये टैक्सों में असमानता को मुददा भी विचारा गया। कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने विभाग को इस मुददे का जायजा लेेने के लिए कहा ताकि कर ढांचे को तर्क संगत बनाया जा सके। उन्होने कर ढांचे को ओर ज्यादा तर्क संगत व व्यापक बनाने के लिए समान दरे निर्धारित करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने पुरानी हो चुकी पंजाब रोडवेज की बसों को बदलने के लिए व्यापक योजना तैयार करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिये केैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने संगठित आपातकालीन निवारण प्रणाली व गृह विभाग के साथ तालमेल करके कार्य करने के लिए भी विभाग को कहा। प्रवक्ता अनुसार नई परिवहन नीति का उदेश्य सुरक्षित एवं सुविधाजनक जनतक परिवहन उपलब्ध करवाना है। इसके साथ ही निजी आपरेटरों को बराबर के अवसर उपलब्ध करवाना, सरकारी परिवहन को स्थिर करना और ट्रासपोर्ट स्ैाक्टर में रोजगार उपलब्ध करवाना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह यकीनी बनाने के लिए कहा कि नई नीति का उदेश्य एसटीयूजके लाभ में सुधार लाना होना चाहिए। बैठक में मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, प्रमुख सचिव परिहवन सर्वजीत सिंह, राज्य के परिवहन कमीशनर भूपिन्द्र सिंह, मुख्यमंत्रीके विशेष प्रमुख सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह उपस्थित थे।


 नगर पंचातय की बैठक दौरान प्रधान गुंग के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित

मंडी बरीवाला (श्री मुक्तसर साहिब)  
बीते चुनाव के दौरान अपनी पार्टी अकाली दल की टिकट पर चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशी कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी के बजाय उनके खिलाफ आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में कूदे सुखदर्शन सिंह मराड़ का समर्थन करना प्रधान राजिंदर सिंह गुंग को आखिर महंगा पड़ गया तथा उन्हें नगर पंचायत बरीवाला की प्रधानगी के पद से हाथ धोना पड़ गया। वीरवार को निगरान अधिकारी के तौर पर पहुंचे एसडीएम राम सिंह के नेतृत्व में नगर पंचायत बरीवाला के कार्यालय में हुई बैठक दौरान उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया गया।

इस अवसर पर बैठक में विधायक कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी, माया देवी उपाध्यक्ष नगर पंचायत बरीवाला व कौंसलर चरनदास चन्ना, बलजिंदर सिंह रंगपुरी, संदीप कौर, ऊषा रानी, कमला देवी, ओम प्रकाश शामिल हुउ तथा गुंग के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव डाला गया।

वर्ष 2012 के नंगर पंचायत चुनाव में जीते थे सभी अकाली भाजपा प्रत्याशी 

 


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वर्ष 2012 में नगर पंचायत के हुए चुनावों के दौरान सभी 11 वार्डों में अकाली भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी ही जीत कर पार्षद चुने गये थे। उस समय के अकाली दल के हलका इंचार्ज कंवरजीत सिंह रोजी बरकंदी के प्रयासों से ही गुंग 13 जुलाई 2012 को नगर पंचायत प्रधान के पद पर काबिज हो पाए थे। लेकिन बीते विधानसभा चुनाव में रोजी बरकंदी के मुकाबले में आजाद तौर पर चुनाव मैदान में कूदे सुखदर्शन सिंह मराड़ को राजिंदर कुमार गुंग द्वारा दिए गए समर्थन ने उनके प्रति रोजी बरकंदी के मन में प्रति खटास पैदा कर दी, जिसके परिणाम आज गुंग को अपनी अध्यक्षता की कुर्सी से हाथ धोना पड़ गया। उनके स्थान पर उपाध्यक्ष माया देवी कार्यकारी प्रधान के तौर पर काम करेंगी।

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