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पहले पकड़े व्यक्ति की निशानदेही पर दिल्ली से काबू नाइजीरियन से 800 गा्रम हेरोइन बरामद


मानसा
पहलें से हेरोइन समेत पकड़े गए एक व्यक्ति की निशानदेही पर स्पैशल टास्क फोर्स की टीम ने दिल्ली से एक नाइजीरियन को 800 ग्राम हेरोइन के साथ धर दबोचा है।
 अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पकड़ी गई हेरोइन की कीमत सवा चार करोड़ रुपये बनती है।
सपैशल टास्क फोर्स के इंचार्ज एएसआई सुखजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पूर्व नौनि‍हाल सिंह निवासी सिरसा नामक एक व्यक्ति को 15 ग्राम हेरोइन समेत पकड़ा था, जो दिल्ली से हेरोइन लाकर इस इलाको में बेचता था। वह यह हेरोइन दिल्ली से नाइजीरियन पीटर नामक व्यक्ति से लेकर आता था, जिसके चलते टीम ने सोमवार को पीटर नामक उक्‍त नाइजीरियन को 800 ग्राम हेरोइन समेत काबू करने में सफलता हासिल की। उसके ख़िलाफ़ थाना कोटधरमू में मामला दर्ज किया है, जिसे कल अदालत में पेश किया जायेगा। उनके अनुसार पकड़ी गई हेरोइन की कीमत सवा चार करोड़ के करीब है।



भीखी (मानसा)
जिला मानसा के कस्‍बा भीखी के अलग अलग मौहल्‍लों में से दो लड़कियां शादी के झांसे में आकर अपने परिजनों के सालों के प्‍यार को ठुकराते हुए ना सिर्फ लाक लाज की परवाह ना करते हुए घर से अपने प्रेमी युवकों के साथ फरार हो गई बल्कि जाते समय गहने और नगदी पर भी हाथ साफ कर गईं। फि‍लहाल सूचना के बाद पुलिस ने मामले दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
थाना भीखी पुलिस को दी शिकायत में वार्ड नंबर आठ के निवासी लड़की के पिता ने बताया कि रामगढ़ बस्ती के रहने वाले मुखदास के रिश्तेदार भगवान दास के यहां उनकी लड़की का आना जाना था। जिसके चलते उसकी लड़की की गोलू नामक युवक के साथ जान पहचान हो गई। बीती रात को उसकी बेटी गोलू के साथ मिलकर घर से 20 हजार रुपये नगदी व छह तोले सोना लेकर फरार हो गए। जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल सका। इसी तरह वार्ड नंबर 12 निवासी एक अन्‍य लड़की के पिता ने भी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उसकी बेटी अपने साथी रघदीप सिंह के साथ बीती 15 जनवरी को घर से 30 हजार रुपये, ढाई तोला सोना व एक मोबाइल लेकर कहीं चली गई। थाना भीखी प्रभारी अंग्रेज सिंह के अनुसार फि‍लहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

बरेटा (मानसा)
शहर के बुढलाडा रोड पर स्थित मार्कफेड के गोदामों के पास एक रिक्शा रेहड़ी के साथ अज्ञात वाहन की हुई टक्‍कर में महिला की मौत हो गई जबकि उसका पति गंभीर जख्‍मी है। 
पुलिस को दिए बयान में मृतका गुरमेल कौर के पति महिंदर सिंह ने बताया कि वाहन से टकराए वाहन के बारे में उसे कुछ पता नहीं चला तथा वह जब तक संभल पाते वाहन चालक मौके से वाहन सहित फरार हो गया। फि‍लहाल बरेटा पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

SHUN PATH OF VIOLENCE, PUNJAB CM APPEALS TO GANGSTERS

Chandigarh, January 29: 
Even as he appealed to gangsters still active in the state to shun the path of violence, Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh on Monday rejected allegations of a fake encounter against Vicky Gounder and his associates, saying the families of the deceased gangsters were obviously reacting from a sense of grief.


While the death of the gangsters was not a cause for celebration, such criminals should realize that nobody was above the law, nor could they escape the law for long, said the Chief Minister in response to media queries at the Newspapers Photographic Exhibition (Newsscapes-5) prize distribution function, organised by Chandigarh Press Club, at Punjab Kala Bhawan here.
Captain Amarinder pointed out that since the Congress government took over, 47% of A category gangsters and 42% of B category had either surrendered or been arrested, as a result of the concerted police crackdown against them. Asserting that the police would continue to pursue the gangsters who were still at large in the state, the Chief Minister said these criminals should realize this was the end of the road for them and they could not evade the law any longer.
However, he made it clear that though the gangsters would have to meet their fate under the law, the government would, at the same time, make all efforts for their eventual rehabilitation.
To a question on allegations of a fake encounter by the families of Gounder and his aides, Captain Amarinder dismissed the charges as false.
In response to another question, the Chief Minister said that the cabinet expansion would be undertaken after the Ludhiana elections. The selection would once again be based on merit, he added.
On the death of DSP Jaitu during firing in the air at a students’ dharna this morning, the Chief Minister termed the incident as unfortunate and assured of a full investigation.
Captain Amarinder, who went around the exhibition organised in memory of former photo editor of The Tribune, Yog Joy, recalled his association with Joy, as well as his life-long contribution to the profession.
On the occasion, the Chief Minister also announced Rs.10 lakh cash contribution to the Press Club for the promotion of more such activities.
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ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਵੱਲੋਂ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਝੂਠੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਰੱਦ
ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਨੂੰ ਹਿੰਸਾ ਦਾ ਰਾਹ ਤਿਆਗਣ ਦੀ ਅਪੀਲ

ਚੰਡੀਗੜ, 29 ਜਨਵਰੀ:
            ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਵੀ ਸਰਗਰਮ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਨੂੰ ਹਿੰਸਾ ਦਾ ਰਾਹ ਤਿਆਗਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਨਾਂ ਨੇ ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਸਾਥੀਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਝੂਠਾ ਮੁਕਾਬਲਾ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਦੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਨੂੰ ਰੱਦ ਕਰਦਿਆਂ ਆਖਿਆ ਕਿ ਸੁਭਾਵਿਕ ਤੌਰ ਤੇ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੁੱਖ ਦੀ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਅਜਿਹੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਲਾ ਰਹੇ ਹਨ।
            ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਵਿੱਚ ਆਖਿਆ ਕਿ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਜਸ਼ਨ ਮਨਾਉਣ ਦਾ ਕਾਰਨ ਨਹੀਂ ਅਤੇ ਅਜਿਹੇ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਨੂੰ ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਅਹਿਸਾਸ ਜ਼ਰੂਰ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਨਾ ਤਾਂ ਕੋਈ ਕਾਨੂੰਨ ਤੋਂ ਉਪਰ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਉਹ ਬਹੁਤਾ ਸਮਾਂ ਕਾਨੂੰਨ ਤੋਂ ਬਚ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਅੱਜ ਇੱਥੇ ਪੰਜਾਬ ਕਲਾ ਭਵਨ ਵਿਖੇ ਚੰਡੀਗੜ ਪ੍ਰੈਸ ਕਲੱਬ ਵੱਲੋਂ ਲਾਈ ਗਈ ਅਖਬਾਰਾਂ ਦੀ ਫੋਟੋ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀ (ਨਿਊਜ਼ਸਕੇਪਜ਼-5) ਦੇ ਇਨਾਮ ਵੰਡ ਸਮਾਰੋਹ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚੇ ਹੋਏ ਸਨ।
            ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜਦੋਂ ਤੋਂ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਕਾਂਗਰਸ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਆਈ ਹੈਉਸ ਵੇਲੇ ਤੋਂ ਏ-ਕੈਟਾਗਰੀ ਦੇ 47 ਫੀਸਦੀ ਗੈਂਗਸਟਰ ਅਤੇ ਬੀ-ਕੈਟਾਗਰੀ ਦੇ 42ਫੀਸਦੀ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਨੇ ਜਾਂ ਤਾਂ ਆਤਮ ਸਮਰਪਣ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਇਨਾਂ ਨੂੰ ਗਿ੍ਰਫਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਉਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਖਿਲਾਫ ਵਿੱਢੀ ਕਾਰਵਾਈ ਦੇ ਠੋਸ ਯਤਨਾਂ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਆਖਿਆ ਕਿ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਵੀ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਗਿ੍ਰਫਤ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਖਿਲਾਫ ਕਾਰਵਾਈ ਜਾਰੀ ਰੱਖੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਆਖਿਆ ਕਿ ਇਨਾਂ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਨੂੰ ਸਮਝ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਨਾਂ ਲਈ ਹੁਣ ਰਾਹ ਬੰਦ ਹੋ ਗਏ ਹਨ ਅਤੇ ਉਹ ਹੁਣ ਬਹੁਤਾ ਸਮਾਂ ਕਾਨੰੂਨ ਦੀ ਪਕੜ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਸਕਦੇ।

            ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਕਿ ਭਾਵੇਂ ਗੈਂਗਸਟਰਾਂ ਨੂੰ ਕਾਨੂੰਨ ਕਾਰਵਾਈ ਚੋਂ ਲੰਘਣਾ ਹੋਵੇਗਾ ਪਰ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਉਨਾਂ ਦੇ ਆਖਰਕਾਰ ਮੁੜ ਵਸੇਬੇ ਲਈ ਹਰ ਸੰਭਵ ਯਤਨ ਕਰੇਗੀ।
            ਵਿੱਕੀ ਗੌਂਡਰ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਸਾਥੀਆਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਝੂਠੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਦੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਦੇ ਸਵਾਲ ਦੇ ਜਵਾਬ ਵਿੱਚ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਇਨਾਂ ਦੋਸ਼ਾਂ ਨੂੰ ਝੂਠ ਦੱਸਦਿਆਂ ਰੱਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ।
            ਇੱਕ ਹੋਰ ਸਵਾਲ ਦੇ ਜਵਾਬ ਵਿੱਚ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੰਤਰੀ ਮੰਡਲ ਦਾ ਵਿਸਥਾਰ ਲੁਧਿਆਣਾ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਵਾਂਗ ਮੰਤਰੀ ਮੰਡਲ ਦੀ ਚੋਣ ਵਿੱਚ ਮੈਰਿਟ ਨੂੰ ਹੀ ਅਧਾਰ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ।
            ਅੱਜ ਸਵੇਰੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਦੇ ਧਰਨੇ ਦੌਰਾਨ ਹਵਾ ਵਿੱਚ ਗੋਲੀਆਂ ਚਲਾਉਣ ਦੌਰਾਨ ਜੈਤੋ ਦੇ ਡੀ.ਐਸ.ਪੀ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਜਾਣ ਦੀ ਘਟਨਾ ਬਾਰੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਇਸ ਘਟਨਾ ਨੂੰ ਮੰਦਭਾਗੀ ਦੱਸਦਿਆਂ ਇਸ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਉਣ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦਿੱਤਾ।
            ਪੰਜਾਬ ਕਲਾ ਭਵਨ ਵਿਖੇ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦਿ ਟਿ੍ਰਬਿਊਨ’ ਦੇ ਸਾਬਕਾ ਫੋਟੋ ਸੰਪਾਦਕ ਯੋਗ ਜੋਏ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿੱਚ ਲਾਈ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀ ਦੇਖੀ ਅਤੇ ਸ੍ਰੀ ਜੋਏ ਨਾਲ ਆਪਣੀ ਸਾਂਝ ਅਤੇ ਫੋਟੋਗ੍ਰਾਫੀ ਦੇ ਪੇਸ਼ੇ ਵਿਚ ਉਨਾਂ ਦੇ ਜੀਵਨ ਭਰ ਦੇ ਯੋਗਦਾਨ ਨੂੰ ਚੇਤੇ ਕੀਤਾ।
            ਇਸ ਮੌਕੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਅਜਿਹੀਆਂ ਹੋਰ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਤ ਕਰਨ ਲਈ ਪ੍ਰੈਸ ਕਲੱਬ ਲਈ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦਾ ਨਗਦ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਣ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ।
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सरावां बोदला (श्री मुक्‍तसर साहिब)


पुलिस प्रशासन और दुनिया में मशहूर विक्की गौंडर, परिवार के लिए उनका अपना लाड़ला जिंदर था, अपने इकलौते भाई को दूल्हे के रूप में देखने का संपना संजोए बहनों ने अपनी यह आरजू मृत भाई के माथे पर सेहरा सजाकर अंतिम विदाई देते हुए पूरी की। सेहरे में सजे जिंदर के शव को देखकर परिवार की महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल नजर आया। अंतिम संस्कार में रिश्तेदारों के अलावा गांव सरावां बोदला ही नहीं बल्कि आस पास के गांवों के लोग भी उमड़े दिखाई दिए। बच्चों से लेकर बूढों तक जैसे हर सख्श ही जिंदर को अंतिम विदाई देने चला आया हो। पुलिस की सख्त सुरक्षा में गौंडर उर्फ जिंदर का अंतिम संस्कार किया गया। गौंडर की अंतिम रस्मों के साथ ही परिवार की उसके मुख्य धारा में लौटने की उम्मीदों का भी अंत हो गया।

श्री मुक्तसर साहिब


श्री मुक्तसर साहिब जिले के गांव सरावां बोदला में विक्की गौंडर के एनकाऊंटर में मारे जाने की खबर के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के लोग कुछ भी कहने के लिए तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि विक्की गौंडर के परिजन कुछ अन्य लोगों से शव लेने के लिए अबोहर के लिए रवाना हो चुके है। देर शाम तक विक्की गौंडर का शव गांव में पहुंचने की संभावना है जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।



श्री मुक्तसर साहिब के गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम में जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस मनाया गया। जिसमें डिप्टी कमिश्नर सुमित जारंगल ने ध्वज फहराने की रस्म अदा की। इस दौरान जहां डी. सी ने परेड का निरीक्षण किया वहीं मार्च पास्ट से सलामी ली। इस अवसर पर स्कूली बच्चों की ओर से सभ्याचारक कार्यक्रम भी पेश किए गए। डी.सी सुमित जारंगल ने कहा कि जिले में सरबत विकास योजना तहत 1 लाख परिवारों संबंधी जानकारी एकत्रित कर ली गई है ओर अब तक 8 हजार परिवारों को विभिन्न स्कीमों का लाभ देने के लिए अर्जियां संबंधित विभागों को भेजी गई है। कार्यक्रम दौरान जरतरतमंद परिवारों को ट्राईसाईकिल ओर सिलाई मशीने भी बांटी गई

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर पुलिस को दी बधाई

शव पहुंचे अबोहर सिविल अस्पताल 

श्री मुक्तसर साहिब 


Vicky Gounder
Prema Lahoriya

कुख्यात गैंगसटर विक्की गौंडर, प्रेमा लहोरिया व सुखप्रीत बुड्ढा के पुलिस एनकाउंटर में ढेर होने की खबर ने पूरे पंजाब में तहलका मचा दिया है। बताया जा रहा है कि आर्गेनाइज क्राइम कंट्रोल पुलिस के साथ थाना हिंदूमल कोट में पढ़ते गांव कोठा पक्की के पास उक्त एनकाउंटर हुआ है। एमएस छीना आइजी बठिंडा रेंज ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि विक्की गौंडर व प्रेमा लहोरिया मारे जा चुके हैं जबकि सुखप्रीत बुड्ढा फिलहाल जख्मी है।


जानकारी के मुताबिक, पंजाब पुलिस को विक्की गौंडर और प्रेमा लाहौरिया के पंजाब-राजस्थान बॉर्डर स्थित अबोहर के हिंदू मलकोट में होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने विक्की गौंडर और उसके साथियों को शुक्रवार देर रात घेर लिया। पुलिस से घिरा देखकर विक्‍की गौंंडर आैर उसके साथ्‍ाियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जबाव में फायरिंग शुरू कर दी।
दोनों आेर से काफी देर तक फायरिंग होती रही। इस फायरिंग ने विक्की गौंडर और प्रेमा लाहौरिया को ढेर कर दिया।  
मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। घायल पुलिसकर्मियों के नाम बलविंदर सिंह एंड किरपाल सिंह है। सूत्रों के अनुसार विक्की गोंडर अपने दो साथियों के साथ थाना हिंदू मलकोट की ढाणी इकबाल में अपने एक मित्र के घर में छुपा हुआ था| 
नाभा जेल से फरार होने के बाद विक्की गौंडर की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही थी। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद विक्की पकड़ में नहीं आ रहा था। वहीं वह सोशल मीडिया पर लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहता था। अपने फेसबुक पोस्ट से विक्की गौंडर आगे की रणनीति बताने के साथ ही पुलिस को चैलेंज करने से भी नहीं चूकता था।
मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने विक्‍की गौंडर और उसके साथियों के मारे जाने पर पंजाब पुलिस को बधाई दी  है। कैप्‍टन अमरिंदर ने ट्वीट कर पंजाब पुलिस को बधाई दी है।

सिख कत्लेआम को एक प्रतिक्रिया करार दिया।

संघ के नेताओं पर गंभीर केस क्यों गिरने दिए गए?

इंटरव्यू न्यूज 18 पंजाब हरियाणा हिमाचल पर शुक्रवार 26 जनवरी 2018 को रात 8 बजे 

दिल्ली :  25 जनवरी, 2018 


 1984 में  दिल्ली में हुए सिख कत्लेआम पर News 18 Network पर आरोपी कॉंग्रेसी नेता जगदीश टाइटलर ने सबसे बेबाक एक्सकलूसिव इंटरव्यू के दौरान सीनियर एडिटर रितेश लक्खी के तीखे सवालों पर 84 के कत्लेआम पर पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की भूमिका पर चुप्पी तोड़ी और बताया कि उस समय राजीव गांधी के मन में क्या चल रहा था और वे  क्या कर रहे थे ? जगदीश टाइटलर के साथ यह इंटरव्यू न्यूज 18 पंजाब हरियाणा हिमाचल पर शुक्रवार 26 जनवरी 2018 को रात 8 बजे प्रसारित होगा ।
न्यूज 18 पर जगदीश टाइटलर के जवाब ने चौंकाने वाला दावा किया। टाइटलर ने 84 में हुए सिख कत्लेआम को एक सुनियोजित साजिश के तहत किए गए सिख नरसंहार को सिरे से नकारते हुए कहा कि जो हुआ वह तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या से अचानक पैदा हुए  हालात पर केवल एक प्रतिक्रिया थी।
जगदीश टाइटलर ने इस मामले पर सियासत और कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सिखों के असली  हत्यारों को पकड़ा ही नहीं गया बल्कि संघ से जुड़े कई आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुए मामले भी सांप्रदायिक सियासत के दबाव में दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत में  वापस ले लिए गए जिस पर कोई विरोधी स्वर नहीं उठे और ना ही किसी  ने कोई सवाल ही खड़े किए  टाइटलर ने दावा किया कि उनके खिलाफ अभी तक कोई सबूत अभी  तक नहीं है और इसके अलावा अहम बात ये कि जांच कर रही सीबीआई उन्हें मामले में  तीन बार क्लीन चिट दे चुकी है।
न्यूज18 पर टाइटलर ने पहली बार अपना दिल खोलते हुए साफ तौर पर खुलासा किया कि इस मामले में उन्हें सोची समझी साजिश के तहत फंसाने में उनकी अपनी पार्टी के भी कुछ नेताओं ने भूमिका निभाई है क्योंकि वे गांधी परिवार के सबसे नज़दीकी रहे हैं । हालांकि, उन्होंने किसी नाम का खुलासा करने से इंकार कर दिया परन्तु ये भी कह डाला कि मैं अपनी ही पार्टी को बदनाम तो नहीं  कर सकता।
जगदीश टाइटलर से जब सवाल पूछा गया कि वे पॉलिग्राफिक/ लाई-डिटेक्टर टैस्ट कराने में इतना डर क्यों रहे हैं ? जिसकी वजह से ऐसी धारणा है कुछ ऐसा है जो  छुपाया जा रहा है और इसी वजह से वे डर भी  रहे हैं। इस सवाल के जबाव पर टाइटलर ने सीबीआई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे लाइ डिटेक्टर टैस्ट कराने को बिल्कुल तैयार हैं लेकिन पहले उनकी शर्त है कि सीबीआई लिख कर दे कि विभाग की जांच में तीन बार जो क्लीन चिट उन्हे दी गई, वह गलत है।
जगदीश टाइटलर ने खुलासा करते हुए दावा किया कि दिल्ली में 1984 में हुए नृशंस सिख नरसंहार पर हालात बहुत गंभीर थे, मार काट मची थी , खराब हुई कानून व्यवस्था और आम नागरिक की सुरक्षा को लेकर  वे और उनकी पार्टी बेहद परेशान थे और वे खुद बीजेपी नेता मदल लाल खुराना के साथ दिल्ली के तत्कालीन उप-राज्यपाल (पीजी गवई) से मिले और बिगड़े कानून व्यवस्था पर लैफ्टीनेंट गवर्नर को खूब खरी खोटी सुनाई थी।
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’84 Riots: Ready for Lie detector test only if CBI admits closure reports as mistakes: Tytler to News 18

Witness Abhishek Verma maligning me for not favouring him in an arbitration case: Tytler

New Delhi, January 25: Former Union minister and congress leader Jagdish Tytler has said that he is ready to undergo a lie detector test albeit conditionally. As being required by CBI in a court proceeding currently underway at Karkardooma court in New Delhi, Tytler said that he will do so only if CBI retracts from its closure reports whereby the premier investigative agency had granted him successive ‘clean chits’. While speaking to News 18 Punjab in a full length interview, Jagdish Tytler has, for the first time ever, opened up about the role of former PM Rajiv Gandhi during the 1984 riots. While narrating the events during one of the most critical hour and day of pogrom (ahead of Indira Gandhi’s cremation), Tytler shared a detailed account of the exact nuances of (by then) Prime Minister Rajiv Gandhi and his (Tytler’s) movement in Delhi. The interview goes on air at 8 pm on January 26 on News 18 Punjab.
Tytler had been named as one of the leaders who appeared to have ‘apparently’ been instrumental in organising the anti Sikh riots by Nanavati commission in its report submitted over a decade back. His role has been under scanner for the killing of three Sikhs outside Gurudwara Pulbangash in his constituency ‘Delhi North’ during the riots. While CBI till date has not been able to establish any charges against Tytler, several Delhi courts from time to time have been pressing the CBI for further investigation into his role.

The fresh impetus to reinvestigate Jagdish Tytler’s role in 1984 riots has been arguably lent through recent revelations by one Abhishek Verma, a former aide to Tytler and a controversial arms dealer who has deposed against Tytler in Karkardooma Court. Verma has alleged influence by Tytler in manipulating witnesses related to 1984 riots case and sending few of them abroad. Responding to specific questions related to this Tytler specified that Abhishek Verma, his former aide, has maliciously accused him for not favouring him in an arbitration proceeding worth hundreds of crores. My refusal to help him in the case led to the latest allegations, said Tytler while also denying charges of forgery against him and Verma in a separate case.
CBI has required the lie detector test of both Tytler and Abhishek in the case. Tytler further added that legally he is not bound by law to do so. Referring to a vicious smear campaign against him by opponents from Akali Dal and other quarters, Tytler stopped short of naming his own party detractors who damaged him politically (while clearly hinting at intra party damage) after his name cropped up in the case after Nanavati Commission report.
Expressing a sense of guilt for the massacre, Tytler expressed anguish over the way his party has been accused of organizing the crime. Though Tytler refused to appreciate the carnage as an organised riot, he referred to pogrom as a reaction to Indira Gandhi’s assassination. The interview goes on air at 8 pm on January 26 on News 18 Punjab.
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Press Release Jagdish Tytler Interview on Jan 262018 (Friday) Gurumukhi

1984 ਦਂਗਾ ਟਾਈਟਲਰ ਨੇ ਰਾਜੀਵ ਗਾਂਧੀ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ 'ਤੇ ਚੁੱਪੀ ਤੋੜੀ

ਟਾਈਟਲਰ ਨੇ ਸਿੱਖ ਕਤਲੇਆਮ ਨੂੰ 'ਇੱਕ ਪ੍ਰਤੀਕਿਰਿਆਕਰਾਰ ਦਿੱਤਾ

'ਸੰਘ ਦੇ ਆਗੂਆਂ ਖਿਲਾਫ਼ ਗੰਭੀਰ ਕੇਸ ਕਿਉਂ ਬੰਦ ਹੋਣ ਦਿੱਤੇ ਗਏ'

ਬਾਸ਼ਰਤ ਪੌਲੀਗ੍ਰਾਫ਼ੀ ਟੈਸਟ ਲਈ ਤਿਆਰ ਨੇ ਟਾਈਟਲਰ

ਦਿੱਲੀ: 25 ਜਨਵਰੀ2018-  1984 ਦੇ ਦਿੱਲੀ ਵਿੱਚ ਹੋਏ ਸਿੱਖ ਕਤਲੇਆਮ 'ਤੇ  News18 Network 'ਤੇ ਮੁਲਜ਼ਮ ਕਾਂਗਰਸੀ ਆਗੂ ਜਗਦੀਸ਼ ਟਾਈਟਲਰ ਨੇ ਸਭ ਤੋਂ ਬੇਬਾਕ ਐਕਸਕਲੂਜ਼ਿਵ ਇੰਟਰਵਿਊ ਦੌਰਾਨ ਸੀਨੀਅਰ ਐਡੀਟਰ ਰਿਤੇਸ਼ ਲੱਖੀ ਦੇ ਤਿੱਖੇ ਸਵਾਲਾਂ 'ਤੇ 1984 ਕਤਲੇਆਮ ਮੁੱਦੇ 'ਤੇ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਸਾਬਕਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਰਾਜੀਵ ਗਾਂਧੀ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਉੱਤੇ ਚੁੱਪੀ ਤੋੜਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਸ ਵੇਲੇ ਰਾਜੀਵ ਗਾਂਧੀ ਦੇ ਮਨ ਵਿੱਚ ਕੀ ਚਲ ਰਿਹਾ ਸੀ ਅਤੇ ਉਹ ਕੀ ਕਰ ਰਹੇ ਸਨ ? ਟਾਈਟਲਰ ਦੇ ਨਾਲ ਮੁੱਦੇ ਦੀ ਤਹਿ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਦਾ ਇੰਟਰਵਿਊ ਨਿਊਜ਼18 ਪੰਜਾਬ ਹਰਿਆਣਾ ਹਿਮਾਚਲ 'ਤੇ ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ 26 ਜਨਵਰੀ2018 ਨੂੰ ਰਾਤ 8 ਵਜੇ ਪ੍ਰਸਾਰਿਤ ਹੋਵੇਗਾ

ਨਿਊਜ਼18 'ਤੇ ਜਗਦੀਸ਼ ਟਾਈਟਲਰ ਦੇ ਜਵਾਬ ਨੇ ਹੈਰਾਨ ਕਰਨ ਵਾਲਾ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਟਾਈਟਲਰ ਨੇ '84 ਵਿੱਚ ਹੋਏ ਸਿੱਖ ਕਤਲੇਆਮ ਨੂੰ ਇੱਕ ਗਿਣੀ-ਮਿੱਥੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਤਹਿਤ ਕੀਤਾ ਕਤਲੇਆਮ ਨਕਾਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੋ ਵੀ ਹੋਇਆ ਉਹ ਤਤਕਾਲੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਇੰਦਰਾ ਗਾਂਧੀ ਦੀ ਹੱਤਿਆ ਤੋਂ ਅਚਾਨਕ ਪੈਦੇ ਹੋਏ ਹਾਲਾਤ ਉੱਤੇ ਸਿਰਫ਼ 'ਇੱਕ ਪ੍ਰਤੀਕਿਰਿਆਸੀ ਅਤੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਇਹ ਕੋਈ 'ਗਿਣਿਆ ਮਿੱਥਿਆ ਕਤਲੇਆਮਨਹੀਂ ਸੀ

ਟਾਈਟਲਰ ਨੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ 'ਤੇ ਸਿਆਸਤ ਅਤੇ ਕਾਨੂੰਨੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਦੀ ਪਾਰਦਰਸ਼ਿਤਾ 'ਤੇ ਵੀ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕੇ ਅਤੇ ਇਲਜ਼ਾਮ ਲਾਏ ਕਿ ਸਿੱਖਾਂ ਦੇ ਅਸਲੀ ਕਾਤਲਾਂ ਨੂੰ ਫੜਿਆ ਹੀ ਨਹੀਂ ਗਿਆ ਬਲਕਿ ਸੰਘ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਕਈ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ਼ ਦਰਜ ਹੋਏ ਮਾਮਲੇ ਵੀ ਫਿਰਕੂ ਸਿਆਸਤ ਦੇ ਦਬਾਅ ਹੇਠ ਦਿੱਲੀ ਦੀ ਕੜਕੜਡੂਮਾ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚੋਂ ਵਾਪਿਸ ਲੈ ਲਏ ਗਏ ਜਿਸ 'ਤੇ ਕੋਈ ਵਿਰੋਧ ਨਹੀਂ ਉੱਠਿਆ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਕਿਸੇ ਨੇ ਕੋਈ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕੀਤੇ ਟਾਈਟਲਰ ਨੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ਼ ਅਜੇ ਤੱਕ ਕੋਈ ਸਬੂਤ ਤੱਕ ਪੇਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੇ ਅਤੇ ਇਸਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਅਹਿਮ ਗੱਲ ਇਹ ਕਿ ਜਾਂਚ ਕਰ ਰਹੀ ਸੀਬੀਆਈ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਕਲੀਨ ਚਿੱਟ ਵੀ ਦੇ ਚੁੱਕੀ ਹੈ

ਟਾਈਟਲਰ ਨੇ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਆਪਣਾ ਦਿਲ ਖੋਲ੍ਹਦਿਆਂ ਸਾਫ਼ ਤੌਰ 'ਤੇ ਖੁਲਾਸਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸੋਚੀ-ਸਮਝੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਤਹਿਤ ਫਸਾਉਣ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਹੀ ਕੁਝ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਈ ਕਿਉਂਕਿ ਉਹ ਗਾਂਧੀ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਨੇੜੇ ਰਹੇਹਾਲਾਂਕਿਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਸੇ ਨਾਮ ਦਾ ਖੁਲਾਸਾ ਕਰਨ ਤੋਂ ਇਨਕਾਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਪਰ ਇਹ ਵੀ ਕਹਿ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਉਹ ਆਪਣੀ ਹੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਬਦਨਾਮੀ ਤਾਂ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੇ

ਕਾਂਗਰਸੀ ਆਗੂ ਤੋਂ ਜਦੋਂ ਜਵਾਬ ਪੁੱਛਿਆ ਗਿਆ ਕਿ ਪੌਲੀਗ੍ਰਾਫੀ/ਲਾਈ-ਡਿਟੈਕਟਰ ਟੈਸਟ ਕਰਾਉਣ ਤੋਂ ਉਹ ਇੰਨਾ ਕਿਉਂ ਡਰ ਰਹੇ ਨੇਜਿਸਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਅਜਿਹੀ ਧਾਰਨਾ ਹੈ ਕਿ ਕੁਝ ਅਜਿਹਾ ਹੈ ਜਿਹੜਾ ਲੁਕੋਇਆ ਜਾ ਰਿਹੈ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸੇ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਉਹ ਡਰ ਵੀ ਰਹੇ ਹਨ ਇਸ ਸਵਾਲ ਦੇ ਜਵਾਬ 'ਤੇ ਟਾਈਟਲਰ ਨੇ ਸੀਬੀਆਈ 'ਤੇ ਸਵਾਲ ਚੁੱਕਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਲਾਈ-ਡਿਟੈਕਟਰ ਟੈਸਟ ਕਰਾਉਣ ਨੂੰ ਬਿਲਕੁਲ ਤਿਆਰ ਹਨ ਪਰ ਪਹਿਲਾਂ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਸ਼ਰਤ ਹੈ ਕਿ ਸੀਬੀਆਈ ਲਿਖ ਕੇ ਦੇਵੇ ਕਿ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਜਿਹੜੀ ਕਲੀਨ ਚਿੱਟ ਦਿੱਤੀ ਗਈਉਹ ਗ਼ਲਤ ਹੈ

ਟਾਈਟਲਰ ਨੇ ਖੁਲਾਸਾ ਕਰਦਿਆਂ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਦਿੱਲੀ ਵਿੱਚ 1984 ਦੌਰਾਨ ਹੋਏ ਸਿੱਖ ਕਤਲੇਆਮ 'ਤੇ ਹਾਲਾਤ ਬਹੁਤ ਗੰਭੀਰ ਸਨਵੱਢ-ਟੁੱਕ ਹੋ ਰਹੀ ਸੀਵਿਗੜੀ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿਵਸਥਾ ਅਤੇ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਉਹ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਪਾਰਟੀ ਬੇਹੱਦ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਸੀ ਅਤੇ ਉਹ ਖ਼ੁਦ ਬੀਜੇਪੀ ਆਗੂ ਮਦਨ ਲਾਲ ਖੁਰਾਣਾ ਦੇ ਨਾਲ ਦਿੱਲੀ ਦੇ ਤਤਕਾਲੀ ਉੱਪ-ਰਾਜਪਾਲ (ਪੀਜੀ ਗਵਈ) ਨੂੰ ਮਿਲੇ ਅਤੇ ਵਿਗੜੀ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿਵਸਥਾ 'ਤੇ ਲੈਫ਼ਟੀਨੈਂਟ ਗਵਰਨਰ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਝਾੜ ਪਾਈ ਸੀ
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जियोफोन क्रांति में एक और बड़ा कदम


भारत दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनेट उपभोक्ता देश बनने की ओर

50 करोड़ भारतीयों को जियोफोन के जरिए इंटरनेट से प्रभावी तरीके से जोड़ने की दिशा में मजबूत कदम

शून्य प्रभावी कीमत पर जियोफोनऑफर समाप्त होने तक 

सिर्फ 49 रुपये में 28 दिनों के लिए अनलिमिटेड डाटा और अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग

मुंबई, 25 जनवरी 2018 
 रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड ("जियो") ने आज घोषणा की कि यह गणतंत्र दिवसभारत के 50 करोड़ फीचर फोन उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल फ्रीडम को प्राप्त करने के लिए जाना जाएगा। वर्तमान मेंवे ना तो सबसे सस्ते जी एलटीई स्मार्टफोन ले सकते हैंऔर न ही जी सेवाओं जैसे वॉयस और डाटा के लिए भारी भरकम शुल्क चुका सकते हैं। नतीजतन,  4 जी एलटीई कनेक्शन के अभाव में वे स्मार्टफोन और डिजिटल इको सिस्टम के लाभों से वंचित रह जाते हैं। यह  डिजिटल डिसएमपावरमेंट और अन्याय अब समाप्त होना चाहिए।

पहला- कनेक्टिविटी: भारत जियो के नेटवर्क के साथ जी इंटरनेट और वॉयस युग से डिजिटल लाइफ के युग में छलांग लगा रहा है। उम्मीद है इस साल जियो नेटवर्क भारत की 99% आबादी तक अपनी पहुंच बना लेगा। भारत में जी कवरेज जी कवरेज से अधिक होगी। उच्च गुणवत्ता और सस्ता डाटा आम आदमी की पहुंच के भीतर होगा।

दूसरा- किफायती डाटा: फीचर फ़ोन उपयोगकर्ताओं के लिए टैरिफ अत्यधिक महंगे होते हैंजबकि जियो के स्मार्टफोन उपभोक्ता मुफ्त वॉयस कॉलिंग और हाई स्पीड डाटा का सबसे सस्ती कीमतों पर इस्तेमाल कर रहे हैं। ऊंची शुल्क दरों के कारण ही फीचर फोन उपभोक्ता डाटा उपयोग करने के बारे में सोचता भी नही है। वीडियो कॉलिंगमोबाइल वीडियो और मोबाइल एप्लिकेशन जैसी उन्नत डाटा सेवाओं का लाभ उठाना तो दूर की बात है। जियो ने सभी के लिए डाटा को किफयती बना दिया है।

यह गणतंत्र दिवस जियोफोन उपयोगकर्ताओं के लिए एक और अभूतपूर्व योजना के लिए जाना जाएगा साथ ही यह हर भारतीय के लिए किफायती सेवाओं को भी सुनिश्चित करेगा। जियोफोन उपयोगकर्ता 28 दिन के लिए केवल 49 रुपये की कीमत पर मुफ्त वॉयस कॉल्स और असीमित डाटा (जीबी उच्च गति) का आनंद ले सकेंगे। जियो 11, 21, 51 और 101 रुपये की किफायती कीमतों पर डाटा ऐड-ऑन भी पेश कर रहा है।

तीसरा- किफायती डिवाइस: एंट्री लेवल स्मार्टफोन की कीमत भी 3,000 से 4,500 रुपये के बीच होती है। फीचर फोन उपभोक्ताओं के लिए यह कीमत ज्यादा है और इसी वजह से वह स्मार्टफोन पर अपग्रेड नही हो पाता। जब हम देश वासियों की इतनी बड़ी संख्या को देश में हो रही डिजिटल क्रांति में भाग लेने में असमर्थ पाते हैंतो हम यूंही खड़े नहीं रह सकते। यही वजह है कि हमने प्रभावी ढंग से निःशुल्क जियोफोन ऑफर पेश किया है।

जियोफोन सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं हैयह एक आंदोलन की शुरुआत है। एक आंदोलन जहां हर भारतीय अपने सपनों को पूरा करेगा और सामूहिक रूप से भारत को फिर से वैश्विक नेतृत्व बनाएगा।

आइये इस आंदोलन का हिस्सा बनिए और ऑफर खत्म होने से पहले निःशुल्क जियोफोन प्राप्त करिए।

जियोफोन आपके नजदीकी रिटेलर के पास उपलब्ध है साथ ही इसे MyJio App या Jio.com के माध्यम से ऑनलाइन ऑर्डर किया जा सकता है।


 जोगा (मानसा)
प्रैस क्लब जोगा के समूह पत्रकारों की हुई एकत्रा रल्ला में हुई। इस दौरान सर्वसमिति से सलाना चुनाव किया गया, जिसमें मेंबरों द्वारा सर्वसमिति से अमरजीत सिंह माखा को प्रैस क्लब जोगा का प्रधान नियुक्त किया गया।
इस मौके क्लब जनरल सैक्ट्री गोपाल अकलिया ने बताया कि क्लब की गतिविधियों को सुचारु ढंग से चलाने के लिए क्लब के अहुदेदारों का  चुनाव किया गया है, जिसमें सरप्रस्त बलजीत सिंह अकलिया, सलाहकार गुरसेवक सिंह अकलिया, मीत प्रधान बलजिंदर सिंह बावा, महासचिव गोपाल अकलिया, खजांची मुनीष रल्ला, सीनियर मीत प्रधान राम सिंह माखा के अलावा जगगा सिंह सिद्वू, मक्खन सिंह  उभ्भा, वरिंदरपाल मंतरों, कुलवीर रल्ला, जगतार सिंह रल्ला, कुलदीप सिंह मान को मेंबर चुना गया।

  
जियो ने गणतंत्र दिवस पर पेश किए नए प्लान


प्रतिस्पर्धियों से ​50 रु कम कीमत और 50% अधिक डेटा का ऑफर

पहली बार 98 रु कीमत का प्लानजिसमें ग्राहक 28 दिनों के लिए मुफ्त वॉयस कॉल और अनलिमिटेड डाटा का इस्तेमाल कर पाएंगे और ज्यादा से ज्यादा लोग जियो डिजिटल लाइफ से जुड़ सकेंगे।

कीमतों के मामले में जियो सदैव अपनी लीडरशिप बनाए रखेगा। कीमतों में कमी प्रतिस्पर्धियों द्वारा मूल्यों में बदलाव के जवाब में की गई है।


·         प्रतियोगियों के मुकाबले जियो के प्लान 50 रुपये सस्ते है और समान कीमतों पर 50% अधिक डेटा जियो दे रहा है
·         प्राइस लीडरशिप: समान वैलिडिटी पैक के लिए जियो टैरिफ 50 रुपये कम है।

·         वैल्यू लीडरशिप: जियो समान कीमत वाले पैक पर 50% अधिक डेटा प्रदान कर रहा है।

·         सभी मौजूदा 1 GB प्रतिदिन वाले पैक 1.5 GB प्रतिदिन हो गए हैं1.5 GB प्रतिदिन वाले पैक को प्रतिदिन 2 GB का कर दिया गया है।

·         फ्लैगशिप 399 रुपय वाला प्लान अब 84 दिनों के लिए फ्री वॉयसअसीमित डेटा (1.5 जीबी रोजाना)असीमित एसएमएस और जियो ऐप का प्रीमियम सब्सक्रिप्शन प्रदान करेगा - जो कि किसी भी अन्य ऑपरेटर से बेहतर है।

·         एयरटेल के टैरिफ में बदलाव के जवाब में ये योजनाएं शुरू की गई हैं।

·         नए प्लानस् के जरिए जियो ने एक बार फिर कीमतों के मामले में अपना वर्चस्व कायम कर लिया है। साथ ही जियो अपने प्राइम ग्राहकों को यह आश्वासन देता है कि उनको इंडस्ट्री में हमेशा सबसे अच्छे टैरिफ मिलेंगे।

·         नए टैरिफ 26 जनवरी2018 से उपलब्ध होंगे।





 DIRECTS FOOD DEPT & PROCUREMENT AGENCIES TO ENSURE HASSLE-FREE PROCUREMENT DURING RABI-2018

Chandigarh, January 23:
Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh on Tuesday announced his government’s decision to cover the entire state with the Electronic Point of Sale (e-POS) system by March 31, 2018, thus eliminating the widespread corruption linked to the controversial blue ration cards.


The decision, aimed at bringing transparency and accountability in the Public Distribution System (PDS), was announced after a review meeting of the Department of Food, Civil Supplies and Consumer Affairs, chaired by the Chief Minister.
The move will help weed out all the bogus beneficiaries who were issued ration cards, thus ensuring fair distribution of ration to the eligible and genuine beneficiaries through the fair prices shops in the state, the Chief Minister said.
Captain Amarinder expressed the confidence that, besides elimination of bogus/ineligible card holders, the consumer-friendly new system would also help curb pilferage of food grains. By ending the era of paper ration cards, it will also facilitate social audit of pro-poor schemes, thereby ensuring that the needy and eligible beneficiaries get their allocated quantity of ration in a fair and transparent manner, he pointed out.
Principal Secretary Food and Civil Supplies KAP Sinha informed the meeting that 1600 inspectors would be deputed to ensure seamless functioning of End to End Computerization and e-PoS. Each inspector would use every machine at approximately 10 Fair Price Shops (FPS) on rotation basis. These e-PoS machines would be used for Biometric Aadhaar-based identification of the department's functionaries and beneficiaries. Thet would also be linked with weighing machines and IRIS (eye) scanners, Director Food & Supplies Anindita Mitra further informed the meeting.
Already launched as a pilot project in SAS Nagar (Mohali), where it has so far benefitted 34,485 beneficiaries, the e-POS system will be extended to Patiala, Mansa and Fatehgarh Sahib on January 26, an official spokesperson disclosed after the high-level meeting. Thereafter, it will be expanded to cover the other districts by 31st March, 2018, he added.
Earlier, reviewing the arrangements for the ensuing Rabi season-2018, the Chief Minister directed the Food & Civil Supplies department and the heads of the various state procurement agencies to make adequate arrangements well in advance to ensure that every single grain of the state’s farmers is lifted from the Mandis in a fair and hassle-free manner, backed by timely payments.
On the issue of enhancing the storage capacity of food grains in a scientific manner, the Chief Minister asked the department to calculate the estimated capacity of food storage required and come up with a comprehensive time-bound action plan to address the problem.
Prominent amongst others who attended the meeting were Finance Minister Manpreet Singh Badal, Media Advisor to CM Raveen Thukral, Chief Secretary Karan Avtar Singh, Financial Commissioner Taxation MP Singh, Principal Secretary to CM Tejveer Singh, along with Excise and Taxation Commissioner Vivek Pratap Singh.

bttnews

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