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नई दिल्ली
 कांग्रेस द्वारा सरकार के प्रस्ताव के विरोध के बावजूद जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने पर लोकसभा की मुहर लग गई है। इसके तहत जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि 6 माह और बढ़ गई है। 


इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल भी लोकसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसद फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण विधेयक का तो स्वागत किया, लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि को बढ़ाने के प्रस्ताव पर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में पंचायत और लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हुए हैं तो यहां विधानसभा चुनाव अभी क्यों नहीं कराए जा सकते?


चंडीगढ़, 24 जून:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने न्यू नाभा जेल में बरगाड़ी बेअदबी मामले के मुख्य दोषी की हत्या की जाँच के लिए विशेष जांच टीम (एस.आई.टी) के गठन के आदेश जारी किये हैं। 



इस फ़ैसले का ऐलान आज यहाँ मुख्यमंत्री ने उच्च पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की उच्च स्तरीय मीटिंग के दौरान किया। 
आज यहाँ एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि ए.डी.जी.पी कानून व्यवस्था ईश्वर सिंह के नेतृत्व में एस.आई.टी पिछले साल पकड़े गए डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी महिंदर पाल बिट्टू पर हुए घातक हमले के सभी पक्षों की जांच करेगी। कैदियों द्वारा बिट्टू की की गई हत्या के पीछे अगर कोई साजिश हुई तो उसका भी एस.आई.टी पता लगाएगी। 
एस.आई.टी के सदस्यों में अमरदीप राय आई.जी. पटियाला, हरदयाल मान डी.आई.जी. इंटेलिजेंस, मनदीप सिंह एस.एस.पी पटियाला और कश्मीर सिंह ए.आई.जी काउंटर इंटेलिजेंस शामिल हैं। 
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना होने से रोकने के लिए सभी कदम उठाने के लिए जेल मंत्री और ए.डी.जी.पी. जेल को कहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था के सम्बन्ध में इस तरह का उल्लंघन और जेलों की सुरक्षा में किसी भी तरह की कमी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। 
मृतक के विरुद्ध मामलों को वापस लेने की डेरे के अनुयायियों की माँग पर प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून अपना रास्ता खुद अपनाएगा। बिट्टू के विरुद्ध मामले में अंतिम जाँच रिपोर्ट अदालत में पेश की गई है और इस सम्बन्ध में कोई भी फ़ैसला लेना अदालत पर निर्भर करता है। 
जेल में बिट्टू की हत्या के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि हत्या के दोषियों को सख्त सज़ा का सामना करना पड़ेगा। घटना के बाद राज्य में सुरक्षा प्रबंध पुख़्ता कर दिए गए हैं और अफ़वाहों को फैलने से रोकने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में शान्ति और सांप्रदायिक सद्भावना बनाए रखने के लिए सभी संभव कदम उठाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिए हैं। 
प्राथमिक जाँच के दौरान यह बात सामने आई है कि फऱीदकोट के निवासी 49 वर्षीय बिट्टू पर हमला गुरसेवक सिंह (पुलिस थाना सुहाना, मोहाली) और मनिन्दर सिंह (पुलिस थाना बडाली आला सिंह, फतेहगढ़ साहिब) ने किया है जो एक कत्ल के केस में जेल में थे। 
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पंजाब के प्रशासनिक सुधार विभाग ने डिजी-लॉकर सम्बन्धी राज्य स्तरीय वर्कशॉप करवाई
- डिजी-लॉकर के द्वारा लोगों की अपने दस्तावेज़ों तक पहुँच हर जग हर समय रहेगी: सीमा जैन

चंडीगढ़, 24 जून:
     सरकारी कार्यालयों में दस्तावेज़ों के प्रयोग को घटाकर ई-दस्तावेज़ों को बढ़ावा देने के लिए पंजाब के प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा डिजी-लॉकर सम्बन्धी एक दिवसीय राज्य स्तरीय वर्कशॉप करवाई गई। यह वर्कशॉप इलेक्ट्रॉनिक और आई.टी. मंत्रालय के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजऩ के सहयोग से पंजाब सरकार के विभागों और यूनिवर्सिटियों के मुखियों के लिए महात्मा गांधी राज लोक प्रशासन संस्थान (मैगसीपा) में करवाई गई। 


वर्कशॉप की अध्यक्षता करते हुए प्रशासनिक सुधार और उच्च शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव सीमा जैन ने कहा कि प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा  ई-सेवा और एम-सेवा के द्वारा दिए जाने वाले आवेदनों को डिजीलॉकर के साथ जोडऩे की प्रक्रिया शुरू की गई है जिसके द्वारा सेवा केन्द्रों के ज़रिये लोगों को विभिन्न प्रकार की नागरिक सेवाएं दी जाएंगी। लोगों के सम्बन्धित डिजीलॉकर खातों पर जाति सर्टिफिकेट (एस.सी./एस.टी./बी.सी. /ओ.बी.सी.), रिहायश सम्बन्धी सर्टिफिकेट और ग्रामीण क्षेत्र सर्टिफिकेट उपलब्ध हैं जोकि सेवा केंद्र के ज़रिये जारी किये जाते हैं। पंजाब स्टेट ई-गवर्नेंस सोसाइटी और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड डिजीलॉकर के साथ पहले ही जुड़ चुके हैं। 
सीमा जैन ने सेवाएं प्रदान करने वाले सभी विभागों को डिजीलॉकर के साथ जुडऩे की अपील की और इस विधि के द्वारा सर्टिफिकेट जारी करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इसके साथ कोई भी व्यक्ति किसी भी समय डिजीलॉकर पर जाकर जारी हुए अपने दस्तावेज़ देख सकेगा। 
डिजीलॉकर कोर टीम मैंबर अमित जैन और दुर्गाप्रसाद दास ने कहा कि सभी विभागों को पेपरलैस्स गवर्नेंस के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ के उद्देश्य की पूर्ति के लिए डिजीलॉकर अहम भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि पेपरलैस्स गवर्नेंस को उत्साहित करके नागरिकों को ज़रूरी दस्तावेज़ इलेक्ट्रॉनिक रूप में मुहैया करवाने के लिए डिजीलॉकर एक अहम पहल है।
वर्कशॉप के दौरान संबोधन करते हुए डायरैक्टर प्रशासनिक सुधार परमिन्दर पाल सिंह संधू ने कहा कि डिजिटल पंजाब की दिशा की ओर पंजाब तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डिजीलॉकर का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों और अन्य एजेंसियों में दस्तावेज़ों के प्रयोग को घटाकर ई -दस्तावेज़ों की शेयरिंग को उत्साहित करना है।

श्री मुक्तसर साहिब
शहर के एक मोहल्ले में रहने वाली निर्धन परिवार से संबंधित 5 वर्षीय बालिका को उसके पड़ोस में ही रहने वाले एक 20 वर्षीय युवक ने अपनी हवस का शिकार बना डाला।

 दुष्कर्म करने वाला युवक थाना सिटी श्री मुक्तसर साहिब में कार्यरत एक होमगार्ड जवान का बेटा है। घटना की सूचना के बाद थाना सिटी पुलिस द्वारा पीड़ित बच्ची के सिविल अस्पताल में मेडिकल के बाद आरोपित गुरांदित्ता सिंह गोरा के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। 

2 करोड़ इनामी राशि मिलने के बाद अपना मकान बनाया और कजऱ् चुकाया
अब सावन बंपर 2019 की टिकट आपको बना सकती है करोड़पति 

होशियारपुर, 23 जून: 
होशियारपुर के गाँव मोतियां निवासी अशोक कुमार ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह रातो रात करोड़पति बन जायेगा। पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के तौर पर सेवाएं निभा रहे 30 वर्षीय अशोक कुमार की बुरी माली हालत का पंजाब सरकार के लोहड़ी बंपर -2019 ने अंत कर दिया है, जिसकी टिकट खरीद कर वह भूल गया था।


पंजाब लॉटरीज़ विभाग ने जब 2 करोड़ रुपए का इनाम निकलने संबंधी फ़ोन किया तो अशोक कुमार को यकीन न आया। फिर उसने लोहड़ी बंपर की टिकट ढूंढनी शुरू की। उसने बताया कि एक बार उसे लगा कि इससे अच्छा था कि उसकी लॉटरी न ही निकलती क्योंकि वह टिकट कहीं रखकर भूल गया था।
अंत में उसे लोहड़ी बंपर की टिकट होशियारपुर थाने, जहाँ वह तैनात है, में अपनी मेज़ के दराज़ में से मिली। अशोक ने बताया कि लॉटरी बंपर ने उसकी जि़ंदगी बदल दी है, जिसके चलते वह मकान बना सका और अपना कर्ज भी उतार दिया है। उसने बताया कि वह इस राशि से अपने छोटे भाइयों के सैटल होने में मदद करना चाहता है।
अशोक ने कहा कि पंजाब सरकार के लोहड़ी बंपर ने उसे वह काम करने का हौसला दिया जिनके बारे में पहले वह कभी पैसों की कमी के कारण सोच भी नहीं सकता था। उसने बताया कि उसे पहले लगता था कि इनामी राशि लेने में दिक्कत आयेगी परन्तु पंजाब लॉटरीज़ विभाग ने उसे इनामी राशि हासिल करने में किसी किस्म की परेशानी नहीं आने दी।

अब आप के भी है करोड़पति बनने चांस 

पंजाब लॉटरीज़ विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि अब पंजाब राज्य सावन बंपर -2019 की बिक्री जारी है, जिसका ड्रॉ 8 जुलाई को निकाला जायेगा। इस बंपर संबंधी उन्होंने बताया कि पहला इनाम तीन करोड़ रुपए का होगा, जिसमें दो विजेताओं को डेढ़ -डेढ़ करोड़ रुपए दिये जायेंगे। भारत में पंजाब ही एक ऐसा राज्य है, जिसके द्वारा पहला इनाम गारंटीड जनता में दिया जाता है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि दूसरा 10 लाख रुपए का इनाम पाँच विजेताओं को दिया जायेगा और तीसरा ढाई लाख रुपए का इनाम 20 विजेताओं को दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि चौथा एक लाख रुपए का इनाम 20 विजेताओं को दिया जायेगा। उन्होंने पंजाब वासियों को राज्य सरकार की इस स्कीम का लाभ लेने की अपील की है। एक टिकट की कीमत 200 रुपए है। 

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फाजिल्का- (दलीप दत्त)- -
जिला फाजिल्का के थाना अमीरखास के एस.एच.ओ गुरिन्दर सिंह वढ़ैच को एस.एस.पी विजीलैंस ब्यूरो फिरोजपुर स.हरगोबिन्द सिंह के दिशा निर्देशानुसार  फिरोजपुर की विजीलैंस टीम  ने रिश्वत लेते रंगे -हाथों काबू किया।

  शिकायतकर्ता करनैल सिंह पुत्र कश्मीर सिंह निवासी गाँव सुखेरा बोदला ने जानकारी देते बताया कि बीती 13 जून को उसकी जे.सी.बी मशीन थारे वाला मोड़ पर मिट्टी ढुलाई के लिए लगाई हुई थी। जिस दौरान कुछ व्यक्ति उससे उसकी जे.सी.बी मशीन छीन कर ले गए। जिस संबंधी उसने थाना अमीरखास में एस.एच.ओ गुरिन्दर सिंह वढ़ैच को शिकायत दर्ज करवाई थी। जब वारदात को काफी दिन बीत गए, परन्तु पुलिस की तरफ से कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई तो एस.एच.ओ गुरिन्दर सिंह वढ़ैच ने कहा कि यदि वह उसको 1 लाख रुपए रिश्वत के तौर पर देगा तो वह उसकी जे.सी.बी मशीन आरोपियों से वापिस ले देंगे। जिस पर वह पैसे दो किश्तों में देने के लिए राजी हो गया। पहले 50 हजार में से उसने 27 हजार रुपए दे दिए थे और बाद में उस ने इस मसले संबंधी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को इस संबंधी अवगत करवाया और वह एस.एच.ओ को 23 हजार रुपए देने के लिए गया तो उसने कम्यूनिस्टस पार्टी और विजीलैंस डिपार्टमैंट की टीम का सहारा ले कर एस.एच.ओ की भ्रष्ट ड्यूटी का पर्दाफाश कर दिया और विजीलैंस विभाग के अधिकारियों की तरफ से एस.एच.ओ को रंगे हाथों काबू किया गया।
वहीं इस घटना के बाद फाजिल्का के कुछ लोगों ने दबी जुबान में उनसे भी रिश्वत लेने की बात कही।

फिरोजपुर में कार्यरत सुपरीटेडेंट को मुक्तसर विजिलेंस की टीम ने किया काबू 
श्री मुक्तसर साहिब

 भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई मुहिम तहत विजिलेंस ब्यूरो ने जल सप्लाई विभाग के रिश्वतखोर सुपर्रिटेंडेट को पंद्रह हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। उसने विभाग के किए गए कामों के बिल पास करवाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। 


जानकारी के अनुसार विजिलेंस विभाग ने फिरोजपुर निवासी जसवंत सिंह पुत्र यशपाल सिंह की शिकायत पर उक्त कार्रवाई की। उसने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म जल सप्लाई विभाग के काम करती है तथा किए गए कार्यों के बिल पास करवाने के लिए सुपर्रिटेंडेट जसमीत सिंह उनसे पांच प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत की मांग कर रहा है। विजिलेंस विभाग की टीम ने शिकायत के बाद योजना बनाकर उसे सुपर्रिटेंडेट को रिश्वत के रुपये देने के लिए कहा। तय योजना के अनुसार विजिलेंस विभाग श्री मुक्तसर साहिब में कार्यरत इंस्पेक्टर सतप्रेम सिंह की टीम ने जैसे ही सुपरीटेंडेंट ने रिश्वत ली धावा बोलते हुए सरकारी गवाह वेटरनिटी इंस्पेक्टर डॉ. गुरनूर सिंह व एसडीओ पीडब्ल्यूडी नवदीप बांसल की मौजूदगी में काबू कर पंद्रह हजार रुपये रिश्वत की राशी भी बरामद कर ली। डीएसपी राजकुमार शार्मा के अनुसार सुपर्रिटेंडेट जसमीत के खिलाफ थाना विजिलेंस ब्यूरो फिरोजपुर में मामला दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
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राकेश चौधरी व उसके भाइयों समेत सभी छह आरोपियों को थाना सिटी मुख़्तसर की पुलिस ने बुधवार को रिमांड अवधि खत्म होने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट रवि गुलाटी की अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी छह आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का हुक्म दिया है।

 महिला के साथ मारपीट मामले में मुख्य आरोपी राकेश चौधरी समेत सभी छह अपराधियों को रिमांड खत्म होने पर सोमवार को थाना सिटी पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट रवि गुलाटी अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी छह अपराधियों को फिर से 2 दिन के रिमांड पर पूछताछ के लिए पुलिस को सौंप दिया है।


फिऱोज़पुर11 जून:

पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज शहरी थानाफिऱोज़पुर में तैनात ए.एस.आई. मेजर सिंह को 8,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।


इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त ए.एस.आई को शिकायतकर्ता नसीब सिंह निवासी गाँव सद्दू शाह वालाजि़ला फिऱोज़पुर की शिकायत पर पकड़ा है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में दोष लगाया कि पुलिस केस में शामिल विरोधी पक्ष के दर्शन सिंह और अमरीक सिंह के खि़लाफ़ अदालत में चालान पेश करने और इस केस में उसकी मदद करने के बदले ए.एस.आई द्वारा 10,000 रुपए की माँग की गई है और सौदा 8,000 रुपए में तय हुआ है।
विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी ए.एस.आई. को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में 8,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि दोषी के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो के थाना फिऱोज़पुर में मुकदमा दर्ज करके आगामी कार्यवाही आरंभ कर दी गई है।
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तहसील कम्पलैकसों के बुनियादी ढांचे को किया जायेगा मज़बूत
चंडीगढ़, 10 जून:
पंजाब मंत्रीमंडल में हुए फेरबदल के बाद श्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने पंजाब सिविल सचिवालय में राजस्व मंत्री के तौर पर अपना पदभार संभाल लिया है।

मीडिया के साथ बातचीत करते हुये श्री कांगड़ ने कहा कि लोगों को बढिय़ा सेवाएं देने के लिए स्टाफ और बुनियादी ढांचे के मजबूतीकरन को पहल के आधार पर पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में पटवारियों की अहम भूमिका होती है परन्तु बदकिस्मती से यहां पटवारियों की कमी है जिससे विभाग का काम ज़मीनी स्तर पर प्रभावित होता है, इसलिए इन पदों को भरने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही तरक्की और प्रत्यक्ष भर्ती के ज़रिये अन्य पद भी भरे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कुछ देरियां और कमियां देखी गई हैं। इसके हल के लिए एन.आई.सी, पुणे से तकनीकी सहायता की मांग की जा रही है। इसके साथ ही तहसील कम्पलैकसों के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करके पीने वाले पानी, बैठने की व्यवस्था, बाथरूम आदि सहूलतों को लोगों के लिए यकीनी बनाया जायेगा।
इससे पहले विभाग के अधिकारियों के साथ मिलनी के दौरान श्री कांगड़ ने उनको एकजुटता और समर्पण की भावना से काम करने के लिए कहा। उन्होंने लोगों के बड़े हित में विभाग के कामकाज में सुधार के लिए सुझाव मांगे। मंत्री ने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि वह मामलों के तुरंत निपटान सम्बन्धी अपने स्टाफ की सहायता के लिए हमेशा उपस्थित रहेंगे। श्री मनाशवी कुमार,आई.ए.एस, विशेष सचिव, राजस्व और पुनर्वास और श्री परमजीत सिंह, आई.ए.एस (सेवामुक्त), ओ.एस.डी, राजस्व ने विभाग के अधिकारियों की तरफ़ से मंत्री को फूलों का गुलदस्ता भेंट करते हुये उनका हार्दिक स्वागत किया।
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विजीलैंस ने मई महीने में 16 कर्मचारियों के अलावा एक प्राईवेट व्यक्ति को भी रिश्वत लेते दबोचा

चंडीगढ़, 10 जून:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध शुरु की गई मुहिम के अंतर्गत मई महीने के दौरान कुल 12 छापे मारकर 16 सरकारी कर्मचारियों और 1 प्राईवेट व्यक्ति को विभिन्न मामलों में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया जिनमें पुलिस विभाग के 4, राजस्व विभाग के 3 और अन्य विभिन्न विभागों के 9 कर्मचारी शामिल हैं।
    
 इस सम्बन्धी चीफ़ डायरैक्टर-कम-ए.डी.जी.पी विजीलैंस ब्यूरो पंजाब बी.के. उपल ने कहा कि इस दौरान ब्यूरो ने सार्वजनिक सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अपनी पूरी कोशिश की। इस दिशा में विजीलैंस के परीक्षक अधिकारियों ने राज्य की विभिन्न अदालतों में चलते मुकदमों के दौरान दोषियों को न्यायिक सज़ाएं दिलाने के लिए पुख़्ता पैरवी की।
    उन्होंने बताया कि पिछले महीने के दौरान ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार सम्बन्धी 15 मामलों के चालान विभिन्न विशेष अदालतों में पेश किये गए। इसी महीने सरकारी कर्मचारियों के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार के मामलों में और गहराई से पड़ताल करने के लिए विजीलैंस द्वारा 4 मुकदमे भी दर्ज किये गए। इसी दौरान भ्रष्टाचार सम्बन्धी लगाए गए इल्ज़ामों की पुख़्ता पड़ताल के लिए एक और विजीलैंस पड़ताल भी दर्ज की गई।
    और जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विजीलैंस द्वारा दर्ज किये मामलों की सुनवाई के दौरान पिछले महीने दो विभिन्न विशेष अदालतों ने दो सरकारी कर्मचारियों को सज़ाएं और जुर्माने किये हैं जिनमें मोगा में तैनात कानूनगो गुरमेल सिंह और पटवारी सोहन सिंह को मोगा की अदालत द्वारा 4-4 साल की कैद और पाँच-पाँच हज़ार रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है।
     इस तरह दूसरे केस में पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के कांस्टीट्चूऐंट कॉलेज घनौर जि़ला पटियाला में तैनात लैक्चरर अरमान कुमार को पटियाला की अदालत द्वारा 5 साल की कैद और 20,000 रुपए का जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है।
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मुख्यमंत्री के निर्देशों पर एन.डी.पी.एस एक्ट के तहत व्यापक पुरुस्कार नीति तैयार 

चंडीगढ़, 9 जून:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के निर्देशों पर कार्यवाही करते हुये पंजाब पुलिस ने नारकोटिक ड्रगज़ एंड साईकोटरोपिक सब्स्टांसिस (एन.डी.पी.एस) एक्ट 1985 के तहत सरकारी मुलाजिमों और सूचना देने वालों के लिए पुरुस्कार नीति तैयार की है। 
इसका उद्देश्य नशों के विरुद्ध मुहिम को और मज़बूत बनाना है जिसकी प्रगति पर मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं निजी तौर पर निगरानी रखी जा रही है। मुख्यमंत्री इस स्कीम के लिए नये गठित किये गए सलाहकारी ग्रुप के प्रमुख हैं। 

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हाल ही में एस.टी.एफ और प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ एक समीक्षा मीटिंग के दौरान पुलिस विभाग को इस सम्बन्ध में एक व्यापक नीति का नक्शा तैयार करने के लिए कहा था जिसमें नशों की कुरीति को ख़त्म करने में शामिल उन सभी को पारदर्शी तरीकों से एन.डी.पी.एस एक्ट के तहत नकद पुरुस्कार देने की स्पष्ट व्यवस्था होगी। 
इस नीति के तहत सूचना देने वाले उन व्यक्तियों, जिनकी सूचना के आधार पर नारकोटिक ड्रग /साईकोटरोपिक सब्स्टांसिज /कंटरोलड सब्स्टांसिज़ पकड़े जाने के इलावा, उनकी ग़ैर -कानूनी ज़ायदादें ज़ब्त होगी, के लिए उपयुक्त पुरुस्कार दिया जायेगा। 
केंद्र सरकार या राज्य सरकार के अधिकारी /कर्मचारी (भारत सरकार की कानून लागू करने वाली एजेंसियों के अफ़सर, प्रोसीक्युटर, पुलिस अधिकारी) जो चैप्टर 5 ए के तहत ग़ैर -कानूनी प्राप्त की जायदादों को ज़ब्त कराने के लिए सफलता हासिल करेंगे या सफलतापूर्वक मुकदमा चलाने को यकीनी बनाऐंगे या सफलतापूर्वक जांच करवाएंगे और इन वस्तुओं की बरामदगी करवाएंगे, उनको इस नीति के तहत पुरुस्कार के लिए विचारा जायेगा।
कार्यालय प्रमुख के नेतृत्व में हरेक जिले/यूनिट /विभाग की एक तीन सदस्यीय कमेटी, निर्धारित दिशा-निर्देशों के आधार पर मामलों का जायज़ा लेगी और यह पुरुस्कार देने के लिए ए.डी.जी.पी /एस.टी.एफ को अपनी सिफारिशें भेंजेगी। 
एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इन सिफारिशों की जांच एस.टी.एफ हैडक्वाटर के अधिकारियों की एक कमेटी द्वारा की जायेगी और यह ए.डी.जी.पी /एस.टी.एफ को भेजी जाएंगी। 
प्रवक्ता के अनुसार ए.डी.जी.पी /एस.टी.एफ 60 हज़ार रुपए तक के पुरुस्कार की पुष्टि करेंगे। हालाँकि उपरोक्त सारी राशि के लिए पंजाब के डी.जी.पी अंतिम अथॉरिटी होंगे। 
सरकारी अधिकारी /कर्मचारी आम तौर पर नीति में दर्शाए गए पुरुस्कार का कम से कम 50 प्रतिशत तक के लिए योग्य होंगे। इस सीमा से ऊपर के पुरुस्कार सिफऱ् उन मामलों में विचारे जाएंगे जिनमें सरकारी अधिकारी /कर्मचारी अपने आप को निजी तौर पर भारी जोखिम में डालेगा या मिसाली हौंसले का प्रगटावा करेगा और उसकी निजी कोशिशों इन वस्तुओं की प्राप्ति के लिए सहायक होंगी।
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बठिंडा 
दिन ब दिन गर्मी विकराल होती जा रही है। गर्मी के कारण ही बेहोश हुए तीन लोगों में से एक की जान चली गई। अब तक गर्मी की अधिकता ने बठिंडा में ही छह जानें लील ली हैं।

जानकारी के अनुसार परसराम नगर के गोपाल नगर में सड़क पर एक अज्ञात युवक गर्मी से बेहोश हो गया था। इसकी सूचना सहारा मुख्यालय में मिलने पर सहारा जनसेवा की लाइफ सेविग टीम के सदस्य संदीप गिल व गौतम गोयल ने सड़क पर पड़े अज्ञात युवक को सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दाखिल करवाया। चार घंटे के बाद युवक ने दम तोड़ गया। सहारा अध्यक्ष विजय गोयल ने बताया कि पड़ रही भयंकर गर्मी के कारण अब तक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा गर्मी से दो व्यक्तियों को दस्त व उल्टियां लग गई। इसके तहत स्टेशन पर एक बेसहारा बलवीर सिंह पुत्र मिलखी सिंह निवासी मुक्तसर व एक अन्य युवक राकेश कुमार की गर्मी कारण स्थिति गंभीर हो गई थी। सहारा जनसेवा की टीम के सदस्य संदीप गिल व गौतम गोयल ने दोनों को एम्बुलेंस द्वारा सिविल अस्पताल पहुंचाया।



 ALSO ASKS CJ TO ADVISE SUBORDINATE COURTS TO COMPLETE TRIAL IN SUCH CASES SPEEDILY


Chandigarh, June 8: 
Expressing concern over delay in trial of rape cases, Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh on Saturday urged the Chief Justice of Punjab and Haryana High Court Krishna Murari to put in place a fast track trial mechanism, and also advise the subordinate courts, under his jurisdiction, to complete trial of such cases speedily.

In a letter to the Chief Justice that comes a couple of days after the Sangrur police filed the chargesheet in the Dhuri’s minor’s rape case within seven days of the incident, Captain Amarinder said speedy trials were essential to ensure that all culprits in such cases are brought to justice at the earliest possible. 
Captain Amarinder drew the attention of the Chief Justice towards amended provisions of Section 173 (1-A) of Criminal Procedure Code, wherein a time limit has been prescribed for investigation of the cases registered under Sections 376, 376-A, 376-B, 376-C, 376-D, 376-DA, 376-DB and 376-E of the Indian Penal Code.
The State Police had been time and again directed to ensure that investigation of cases involving such crimes, are completed within the prescribed limit, he wrote. However, he said, it had been observed that even though investigation of such cases is completed on time, trial by the courts of competent jurisdiction takes much longer than the desired time.
“Since delayed justice to the victims hurts the common man, it is felt that trial of such cases, particularly those involving rapes, should be expedited without any further delay,” said the Chief Minister.

पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने की 4  ग्राम हेरोइन व 400 लीटर लाहन बरामद

श्री मुक्तसर साहिब
जिले के थाना कबरवाला की पुलिस ने जहां दो लोगों को हेरोइन समेत काबू किया है वहीं लंबी थाने की पुलिस ने लाहन समेत एक को काबू करने में सफलता हासिल की लेकिन एक अन्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर निकल भागने में सफल रहा। फिलहाल पुलिस ने संबंधित थानों में मामले दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। 


जानकारी के अनुसार पहले मामले में थाना कबरवाला के एएसआई गुरमेज सिंह ने पुलिस पार्टी समेत गांव बुर्ज सिधवां से कोलियांवाली को जाते मार्ग पर गश्त के दौरान दो संदिग्ध लोगों को देखा जिनकी शक के आधार पर तलाशी लेने पर उनके पास से 4 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों बख्शीश सिंह उर्फ दीशा निवासी कोलियांवाली तथा कमलप्रीत सिंह निवासी दानेवाला के खिलाफ थाना कबरवाला में मामला दर्ज कर लिया। इसी तरह दूसरे मामले में थाना लंबी पुलिस के हवलदार सुखदेव सिंह ने गश्त के दौरान सूचना के आधार पर छापामारी करते हुए गांव आधनियां के एक घर से &00 लीटर लाहन बरामद की। पुलिस ने मौके पर ही आरोपित दीप सिंह उर्फ सोहना को भी काबू कर लिया। जबकि थाना लंबी के ही एएसआई हरबंस सिंह ने सूचना के आधार पर छापामारी करते हुए गांव खुडियां गुलाब सिंह में एक घर से 100 लिटर लाहन तो बरामद की, लेकिन आरोपी गुरविदर सिंह पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में सफल रहा।


मुख्यमंत्री द्वारा पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के लिए एस.टी.एफ प्रमुख को निर्देश

मुख्य सचिव को कहा... विदेश मामलों के मंत्रालय के समक्ष भोला के साथियों की हवालगी का मुद्दा उठाएं

चंडीगढ़ 
नशों के व्यापार पर और अधिक नकेल कसते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने नशों की तस्करी में लिप्त पुलिस कर्मचारियों की पहचान करने और उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के लिए ए.डी.जी.पी (एस.टी.एफ /ड्रग) को निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के सरहदी जिलों में तैनात पुलिस कर्मचारियों के विरुद्ध ख़ास तौर पर कड़ी कार्यवाही करने के लिए कहा है। 


नशों की समस्या से निपटने के लिए बनाई विशेष टास्क फोर्स (एस.टी.एफ) की एक उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ग़ैर -कानूनी गतिविधियों में शामिल पुलिस कर्मचारियों के साथ कड़ाई से निपटने के लिए पंजाब पुलिस के प्रमुख को कड़ी हिदायतें दीं हैं। उन्होंने ए.डी.जी.पी को सभी सरहदी जि़लों में एस.टी.एफ की दो टीमें गठित करने के लिए निर्देश दिए हैं जिससे वह सम्बन्धित पुलिस कर्मचारियों के साथ नज़दीक का तालमेल बनाकर काम करें और नशों के ख़ात्मे के लिए घिनौनी गतिविधियां करने वालों के विरुद्ध अति चौकसी बरतें। 
इस सम्बन्ध में निचले स्तर तक कड़ा संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषी पुलिस कर्मचारियों को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जायेगा। 
जगदीश भोला के मामले में शामिल उसके साथियों की हवालगी में तेज़ी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने उन दोषियों को जल्द वापिस लाने के लिए यह मामला विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाने के लिए मुख्य सचिव को कहा है। 
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अदालतों में मामलों को प्रभावी ढंग से पेश करने के लिए पुलिस कर्मचारियों को समर्थ बनाने के लिए उनको व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए पूर्व जजों, वकीलों, कानून विशेषज्ञों और कानूनदानों का एक पैनल बनाने के लिए राज्य के एडवोकेट जनरल को कहा है। उन्होंने कहा कि नशों के तस्करों /व्यापारियों /स्मगलरों के मामलों के सम्बन्ध में पुलिस कर्मचारियों को कानूनी ज्ञान के साथ लैस किया जाये ताकि वह परिणाममुखी तरीके से यह केस प्रभावी ढंग से पेश कर सकें। उन्होंने कहा कि गठित किया जाने वाला माहिरों का यह पैनल पुलिस कर्मचारियों को तकनीकी कानूनी कमियों बारे जानकारी दे और नशों के मामलों में गिरफ्तार व्यक्तियों द्वारा कानूनी खामियों के किए जा रहे दुरुपयोग बारे ज्ञान मुहैया करवाएं। 
मुख्यमंत्री ने नशों के हानिकारक प्रभावों बारे लोगों को संवेदनशील बनाने के लिए बड्डी और डैपो प्रोग्रामों की सफलता की प्रशंसा की और उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य को कहा कि वह एम्ज़, नई दिल्ली द्वारा किये अध्ययन का मुल्यांकन करें जिससे इन क्लीनिकों को और मज़बूत बनाया जा सके। यह अध्ययन ओ.ओ.ए.टी क्लिनिकों में नशामुक्ति अमलों से सम्बन्धित है। 
मुख्यमंत्री ने निजी नशामुक्ति केन्द्रों के काम-काज पर नियमित तौर पर निगरानी रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कहा है। यह केंद्र निम्नस्तर की सेवाएं देते हैं और नशों के इलाज के लिए बहुत ऊँची दरें वसूलते हैं। मुख्यमंत्री ने नशों में फंसे व्यक्तियों और उनके परिवारों से अपील की है कि वह सरकार द्वारा चलाए जा रहे पुनर्वास केन्द्रों में बढिय़ा इलाज प्राप्त करने के लिए आगे आएं और निजी सैक्टर के जाल में न फसें। 
मीटिंग में पेश किये एक सुझाव के सम्बन्ध में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हफ्ते के आधार पर बूप्रेनोरफीन की दी जा रही अपेक्षित डोज़ की संभावनाओं का जायज़ा लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कहा है क्योंकि बहुत से मामलों में नशों के आदी दैनिक वेतन भोगी मज़दूर हैं और वह दवा की प्राप्ति के लिए लाईनों में लगकर अपना समय खऱाब नहीं कर सकते। 
मीटिंग में उपस्थित दूसरों में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, एडवोकेट जनरल अतुल नन्दा, मुख्य सचिव करण अवतार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, कार्यकारी डी.जी.पी वी.के. भावड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एन.एस. कलसी, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव हरप्रीत सिंह सिद्धू, एस.टी.एफ के ए.डी.जी.पी गुरप्रीत देयो और अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य सतीश चंद्रा शामिल थे।


लुधियाना

विजीलैंस ब्यूरो पंजाब द्वारा आज मार्केट कमेटी लुधियाना में तैनात सचिव अमनदीप सिंह को 30 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया गया।


इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि सचिव अमनदीप सिंह को शिकायतकर्ता गुरकमल सिंह, निवासी जि़ला लुधियाना की शिकायत पर विजीलैंस ब्यूरो द्वारा रंगे हाथों काबू किया गया। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में बताया कि उसकी राजा लशन नाम की कंपनी है जो नई सब्ज़ी मंडी लुधियाना में स्थित है। व्यापार सम्बन्धी रोज़मर्रा की माल की गाड़ीयां आती हैं। इन गाड़ीयों में जो माल आता है उस सम्बन्धी उसे परेशान करने और उसका रेट और भार कम लिखने और ऐंट्रीयां भी कम दर्ज करने के बदले सैक्रेट्री मार्केट कमेटी अमनदीप सिंह संधू ने 50,000 रुपए की रिश्वत की माँग की और सौदा 30,000 रुपए में तय हुआ है।
     विजीलैंस द्वारा पड़ताल के उपरांत उक्त सचिव को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में 30 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया गया और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दोनों दोषियों के खि़लाफ़ विजीलैंस ब्यूरो के थाना लुधियाना में मुकदमा दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी गई है। 

ASKS CS TO TAKE UP WITH EXTERNAL AFFAIRS MINISTRY ISSUE OF EXTRADITION OF BHOLA ACCOMPLICES


Chandigarh
Tightening the noose further on the drug trade, Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh has directed the ADGP (STF/Drugs) to identify and take strict action against police officials found to be involved with drug traffickers, especially those posted in the border districts of the state.


Chairing a high-level meeting of the Special Task Force (STF) constituted to combat drug menace, Captain Amarinder Singh issued strict instructions to the Punjab Police chief to deal with an iron hand with policemen engaged in the illegal activity. He directed the ADGP to constitute two STF teams in all border districts to work in close coordination with the concerned police officials and maintain strict vigil over their nefarious activities in order to eradicate the scourge of drugs.
Sending a strong message down the line, the Chief Minister said the guilty police officers should not be spared at any cost.
On the issue of fast tracking extradition of accomplices in Jagdish Bhola case, the Chief Minister asked the Chief Secretary to take up the matter with the Ministry of External Affairs to bring all the accused to book at the earliest.
Captain Amarinder Singh also asked the State Advocate General to form a panel of eminent legal luminaries, including retired judges, lawyers, legal experts and jurists, to impart practical training to the police personnel to enable them to effectively present their cases in the Courts.  Such hands-on training would equip the police officials handling legal cases against drug traffickers/peddlers/smugglers in an effective and result oriented manner. The expert panel so constituted would also train the police officials with the tools to overcome the technical legal infirmities and procedural loopholes being exploited by those arrested in drugs cases.
The Chief Minister appreciated the success of Buddy and DAPO programmes in sensitizing people against the ill-effects of drugs, and asked the Additional Chief Secretary Health to get an evaluation study done by AIIMS, New Delhi, on the de-addiction practices at the OOAT Clinics, to make further strengthen the clinics.
The Chief Minister also ordered the Health Department to regularly monitor the working of private drug de-addiction centres, which were providing deficient services while charging exorbitant rates for the treatment of addicts, to check such exploitation. The Chief Minister also appealed to the drug addicts and their families to come forward and avail the best possible treatment being provided at government-run de-addiction and rehabilitation centres and not fall prey to unscrupulous elements in the private sector.
Responding to a suggestion in the meeting, Captain Amarinder Singh also asked the Health Department to examine the feasibility of giving requisite dose of Buprenorphine on weekly basis, as in most cases the addicts were daily wage earners and labourers and could not spend time waiting in queues to get their medication.
The meeting was attended amongst others by Chief Principal Secretary to CM Suresh Kumar, Advocate General Atul Nanda, Chief Secretary Karan Avtar Singh, Principal Secretary to CM Tejveer Singh, Officiating DGP V K Bhawra, Additional Chief Secretary Home N S Kalsi, Special Principal Secretary to CM Harpreet Singh Sidhu, ADGP STF Gurpreet Deo, and Additional Chief Secretary Health Satish Chandra.

होशियारपुर
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने राजस्व क्षेत्र लाचोवाल, जि़ला होशियारपुर में तैनात पटवारी करम सिंह को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।

        इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि पटवारी करम सिंह को शिकायतकर्ता जरनैल सिंह निवासी गाँव लाचोवाल की शिकायत पर 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में दोष लगाया कि उक्त पटवारी ने उसकी ज़मीन का इंतकाल उसके और उसके भाई के नाम पर करने के बदले 25,000 रुपए की माँग की थी परन्तु सौदा 10,000 रुपए में तय हुआ है।
विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी पटवारी को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में 10,000 रुपए की घूस लेते हुए पकड़ लिया गया। प्रवक्ता ने बताया कि उक्त दोषी के खि़लाफ़ विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत जालंधर स्थित विजीलैंस ब्यूरो के थाने में मुकद्मा दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी है।

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