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कहा, ‘‘केस के साथ कई बड़ी मछलियों और अकालियों द्वारा नियुक्त किया एस.एस.बोर्ड का पूर्व मैंबर भी जुड़ा’’
नशों के खि़लाफ़ शुरु की गई मुहिम स्वरूप मौतों की संख्या में आई भारी गिरावट; 2018 में 114 और 2019 में 47 मौतें हुईं
समस्या के मुकम्मल ख़ात्मे तक जंग जारी रखने का प्रण
चंडीगढ़, 31 जनवरी
पंजाब पुलिस द्वारा नशा-आतंकवाद के बड़े गिरोह का पर्दाफाश करने के बाद इसकी तारें भारत में नशों के सबसे बड़े सरगना के साथ जुडऩे और इस मामले में अकाली सरकार के समय पर नियुक्त किये एस.एस.बोर्ड के पूर्व मैंबर के भी संदिग्ध सम्मिलन के संदर्भ में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस मामले में किसी को भी नहीं बक्शा जायेगा, चाहे वह किसी भी राजसी पार्टी के साथ सम्बन्ध रखता हो।
मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि उनकी सरकार ने राज्य में नशों के कारोबार के साथ जुड़े किसी भी तस्कर, गैंगस्टर और आतंकवादी को बोलने नहीं दिया और न ही भविष्य में सिर उठाने देंगे जिसके परिणामस्वरूप पंजाब में नशों से होने वाली मौतों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। यह सरकार और पुलिस की कोशिशों स्वरूप ही संभव हुआ है। 2018 में 114 मौतें हुई थीं जबकि 2019 में यह संख्या 47 रह गई। यहाँ प्रैस कान्फ्ऱेंस के दौरान खुलासा करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार तब तक जंग जारी रखेगी जब तक यह समस्या जड़ से नहीं ख़त्म होती।
बीती रात हुई गिरफ़्तारियों और बरामदगी के विवरण जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृतसर सरहदी क्षेत्र के सुलतानविंड गाँव के घर में से पुलिस ने 195 किलो के करीब हेरोइन केमिकल सहित बरामद की है। यह घर कथित तौर पर अनवर मसीह से सम्बन्धित है जो पिछली अकाली-भाजपा सरकार द्वारा अधीन सेवाएं चयन बोर्ड (एस.एस.एस.बोर्ड) का मैंबर नियुक्त किया गया था।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि मसीह की सम्मिलन बारे जांच प्रगति अधीन है जो यह दावा कर रहा है कि उसने यह घर उस व्यक्ति को किराये पर दिया था जिसको एस.टी.एफ. बॉर्डर रेंज ने बीती रात गिरफ़्तार किया है। उन्होंने आगे कहा कि हालाँकि मसीह अपने दावे को पुख्ता करने के लिए कोई भी किराए के सबूत का दस्तावेज़ पेश नहीं कर सका और न ही उस इलाके के लोगों को इस बात का इल्म है कि कोई किरयेदार यहाँ रहता था। प्राथमिक जांच के दौरान पुष्टि हुई है कि मुलजिम पिछले एक महीने से इस घर को इस्तेमाल कर रहा था।
इस बरामदगी और गिरफ़्तारियों के लिए पुलिस को बधाई देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि नशों का कारोबार भारत में नशों के सबसे बड़े सरगना सिमरनजीत सिंह संधू से सम्बन्ध रखता है जिसको हाल ही में इटली से गिरफ़्तार किया गया है। उनकी सरकार संधू का रिमांड भी मंगेगी जिसके पास आस्ट्रेलियन का पासपोर्ट है और जिसको इटली से गुजरात अधिकारियों द्वारा इंटरपोल पुलिस के पास नजऱबंद किया गया। पकड़ी गई खेप बारे बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह 300 किलो नशा पिछले साल गुजरात के मांडवी में पहुँचा था जहाँ से तस्करी करके 200 किलो पंजाब लाया गया। खेप का खुलासा संधू से लगा था जबकि इस मामले में शामिल अन्य बड़ी मछलियों को पकडऩे के लिए कोशिशें की जा रही हैं।
बीती रात हुई बरामदगियों और गिरफ़्तारियों के अन्य विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक अफगानी नागरिक अरमान बाशरमल समेत छह व्यक्तियों को पकड़ा गया है जिनके पास से 194.15 किलो हेरोइन और कई किलो केमिकल बरामद किया गया है। अरमान जो एक हफ़्ता पहले पंजाब आया था, के पास से हेरोइन को सुधारने और इसको दूसरे उत्पादों में मिलाने वाले उपकरण भी ज़ब्त किये गए हैं।
मुख्यमंत्री ने एक सवाल के जवाब में बताया कि संधू की पूछ-पड़ताल और इस केस की अगली जांच में ही खुलासा होगा कि यह हेरोइन पंजाब के लिए आई थी या यहाँ से अन्य राज्यों में बाँटने के लिए आई थी।
नशों की समस्या से निपटने में उनकी सरकार कितनी सफल रही है, के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पैशल टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) की कोशिशों स्वरूप नशों के कारोबार को बड़ी रोक लगी है। उन्होंने आंकडा़े द्वारा बताते हुए कहा कि मार्च 2017 से जनवरी 2020 (मौजूदा मामले से पहले तक) एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत 35,500 केस दर्ज हुए। इस समय के दौरान 44,500 तस्करों /गिरोहों को गिरफ़्तार किया गया जबकि 11000 मौजूदा समय में जेलों में बंद हैं। उन्होंने कहा कि इस समय के दौरान 1100 किलो हेरोइन पकड़ी गई। इसके अलावा बीते दिन पकड़ी गई 194.15 किलो हेरोइन अलग है।
उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन प्रोग्राम के हिस्से के तौर पर जो कोई पंचायतें 100 प्रतिशत नशा मुक्त गाँव होने की रिपोर्ट पेश करेंगी, उनको विशेष अनुदान दिया जायेगा। जहाँ तक पुनर्वास का सम्बन्ध है, बड्डी और डैपो प्रोग्राम सफलता से चल रहे हैं। अब तक 3.5 लाख नशा पीडि़त पुनर्वास, ओट क्लीनकों और नशा छुड़ाओ केन्द्रों में जा चुके हैं।
पंजाब में हाल के समय के दौरान हथियारों और नशों की तस्करी के लिए ड्रोनों के प्रयोग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य के लिए गंभीर मसला है और उनकी सरकार ने केंद्र से इस समस्या से निपटने के लिए ड्रोन रोकथाम उपकरण माँगे हैं। उन्होंने कहा कि बदकिस्मती से पंजाब दिल्ली से पिछले कुछ सालों के दौरान नशों के लाभ के बाज़ार के तौर पर उभरा है जहाँ अन्य राज्यों से आए तस्करों और पाकिस्तान से भेजे जाने वाले नशा आतंकवादियों द्वारा नशे को उत्साहित किया जाता है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार अन्य उत्तरी राज्यों से इक_े मिलकर काम कर रही है और समस्या के ख़ात्मे के लिए हर तरह की जानकारी साझी कर रही है। इन राज्यों के डी.जी.पीज़ द्वारा हर महीने मीटिंग की जाती है जिससे नशा तस्करों पर रोक लगाने में अहम प्रगति हुई। उन्होंने कहा कि इन राज्यों के मुख्यमंत्री भी हर छह महीने बाद मीटिंग के लिए सहमत हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा विश्व व्यापक समस्या है और यह एक सख्त लड़ाई है जिसको उनकी सरकार पूरी कोशिशों से लड़ रही है। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार द्वारा कैनेडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को नशा डीलरों की सूची सौंपी गई थी जिसके उपरांत कुछ सकारात्मक बदलाव आए थे और कैनेडियन अधिकारियों द्वारा तस्करों के खि़लाफ़ कार्यवाही की गई थी।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास और रोजग़ार सृजन के द्वारा नौजवानों को नशों से दूर रखने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है जिसने विकसित देशों समेत सारी दुनिया को प्रभावित किया है। एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं देखेंगे कि स्कूलों के सलेबस में शामिल किये गए नशा रोकथाम अभियान में संशोधन करने और अन्य चैप्टर शामिल करने की ज़रूरत है।


चंडीगढ़, 30 जनवरी:
पंजाब पुलिस के साईबर क्राइम सैल ने उच्च तकनीक के प्रयोग से करोड़ों रुपए का बैंक घोटाला करने वाले रैकेट का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है। जालसाज़ों ने फज़ऱ्ी नाम पर खुलाए 5 बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करके बाद में ए.टी.एम. और चैक के ज़रिये निकलवा लिए।
इस संबंधी जानकारी देते हुए जांच ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि एच.डी.एफ.सी. बैंक के लोकेशन मैनेजर इन्वेस्टिगेशन, रिस्क इंटेलिजेंस और कंट्रोल यूनिट विजय कुमार द्वारा 30/12/2019 को एच.डी.एफ.सी. बैंक के खाते में से तकनीकी पैंतरों से तकरीबन 2 करोड़ रुपए के घोटाले के दोष सम्बन्धी अजऱ्ी दायर की गई थी।
जालसाज़ों के काम करने के ढंग तरीकों संबंधी बताते हुए प्रवक्ता ने कहा कि धोखाधड़ी करने वालों ने पीडि़त के बैंक खातों से रजिस्टर्ड ई-मेल आई.डी. और मोबाइल नंबर को बहुत चालाकी के साथ समान मोबाइल नंबर और ई-मेल आई.डी. के साथ बदल दिया और इस तरह पीडि़त के खातों के साथ अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आई.डी. अपडेट करते हुए उक्त खातों का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया।
जांच के दौरान यह पाया गया है कि सभी सरकारी आई.डी. सबूत जिसमें चिप आधारित ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, होलोग्राम वाले वोटर आई.डी. कार्ड आदि शामिल हैं, जो बैंक खाता खोलने और मोबाइल नंबर लेने के लिए के.वाई.सी. दस्तावेज़ के रूप में दिए गए थे, फजऱ्ी पाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जालसाजा़ें द्वारा सभी पैसे ए.टी.एम. कार्डों और चैक के द्वारा निकलवाए गए हैं और इस तरह पुलिस के लिए कोई सुराग नहीं छोड़ा। इसके अलावा जालसाजा़ें द्वारा उक्त कार्यवाही को अंजाम देने के समय पर ही मोबाइल का प्रयोग किया जाता था जिसके बाद वह मोबाइल को बंद कर देते थे।
अगली जांच के दौरान यह पता लगा कि यह रैकेट लुधियाना से काम कर रहा था और इसमें कम से कम 3 व्यक्ति शामिल थे। गिरोह के एक मैंबर की पहचान राजीव कुमार पुत्र देव राज निवासी न्यू शिमलापुरी, लुधियाना के तौर पर हुई है।
उन्होंने बताया कि तालाशी और प्राप्त विवरणों के आधार पर इस केस में 3 मुलजि़मों को नामज़द किया गया था और इनमें से दो मुलजि़म राजीव कुमार पुत्र राज देव और दीपक कुमार गुप्ता पुत्र दर्शन लाल गुप्ता को 28 जनवरी, 2020 को शिमलापुरी, लुधियाना से गिरफ़्तार किया गया। हालाँकि इनमें से एक मुलजि़म फऱार हो गया।
उन्होंने आगे बताया कि पकड़े गए मुलजि़मों से उनके अपने खातों में जमा 10,00,000 /- रुपए बरामद किये गए और अन्य बरामदगियां जल्द की जाएंगी। इन मुलजि़मों की गिरफ़्तारी के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी से सम्बन्धित 4 अन्य केस भी हल हो गए। इसी तरह के दोषियों ने राम काला निवासी नाहरपुर, हरियाणा के साथ 80 लाख रुपए की ठगी मारी थी, जिस सम्बन्धी एक केस 2019 में एफ.आई.आर. 169 अधीन थाना मानेसर, हरियाणा में दर्ज किया गया था और इनकी गिरफ़्तारी के साथ यह केस भी हल हो गया।
उन्होंने आगे बताया कि जांच प्रक्रिया के दौरान अन्य केस हल किये जाएंगे। उपरोक्त गिरफ़्तार किये गए दोनों मुलजि़मों को जुडिशियल मैजिस्ट्रेट, एस.ए.एस. नगर की अदालत में पेश किया गया और दोनों मुलजि़मों को 5 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। मुलजि़मों की पूछताछ से और बरामदगियां और इस गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ़्तारियां की जाएंगी।
शिकायत मिलने पर प्राथमिक जांच की गई, जिसके आधार पर आई टी एक्ट की धारा 66, 66 सी, 66 डी, आइपीसी की धारा 420, 465, 468, 471, 120-बी के अंतर्गत एक केस एफआईआर नं. 04 तारीख़ 08/01/2020 को थाना स्टेट साईबर क्राइम, पंजाब में दर्ज किया गया है।


(ए.एस.आई. के विरुद्ध भी केस दर्ज)
चंडीगढ़, 30 जनवरी:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी मुहिम के दौरान आज रिश्वत के तीन अलग-अलग मामलों में नगर निगम का कर्मचारी, एक पटवारी और एक ए.एस.आई. के मध्यस्थ को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया गया।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि नगर निगम बठिंडा में तैनात क्लर्क अशोक कुमार को शिकायतकर्ता सुखदेव सिंह, निवासी बठिंडा की शिकायत पर विजीलैंस ब्यूरो द्वारा 8000 हज़ार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में बताया कि उक्त दोषी क्लर्क द्वारा उसके द्वारा खरीदे गए घर के लिए सिवरेज कनैक्शन की एन.ओ.सी जारी करने के बदले 10,000 रुपए की माँग की गई थी परन्तु सौदा 8000 रुपए देना तय हुआ है। विजीलैंस द्वारा दोषों की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी को दो सरकारी गवाहों की हाजि़री में 8 हज़ार रुपए की रकम रिश्वत के तौर पर लेते हुए मौके पर ही काबू कर लिया गया।
एक अन्य रिश्वत केस में आज राजस्व हलका धून्दा, जि़ला तरन तारन में तैनात पटवारी मनमोहन सिंह  को 2500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त पटवारी को शिकायतकर्ता दिलबाग सिंह निवासी गाँव धून्दा, जि़ला तरन तारन की शिकायत पर 2500 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में दोष लगाया कि उक्त पटवारी द्वारा ज़मीन का इंतकाल दर्ज करने के बदले 2500 रुपए की माँग की गई है।
विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी पटवारी को दो सरकारी गवाहों की हाजि़री में 2500 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
एक अन्य रिश्वत केस में विजीलैंस द्वारा थाना निहाल सिंह वाला में तैनात ए.एस.आई. करनैल सिंह के मध्यस्थ लखवीर सिंह को 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया है। इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि मध्यस्थ लखवीर सिंह को मोगा निवासी किशन सिंह की शिकायत पर काबू किया गया। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में दोष लगाया कि ए.एस.आई. करनैल सिंह के मध्यस्थ लखवीर सिंह द्वारा एक झगड़े सम्बन्धी पुलिस शिकायत में समझौता करवाने के बदले 40,000 रुपए की माँग की गई और सौदा 20,000 में तय हुआ है।
विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी मध्यस्थ को दो सरकारी गवाहों की हाजि़री में 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया और इस केस में शामिल ए.एस.आई के विरुद्ध भी केस दर्ज किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्धी उक्त दोषियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो के थानों बठिंडा, अमृतसर और फिरोज़पुर में मुकदमे दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी गई है।


चंडीगढ़, 30 जनवरी:
पंजाब सरकार ने आज दो आई.ए.एस., एक आई.पी.एस., दो पी.सी.एस. और एक पी.पी.एस. अधिकारियों का प्रशासनिक आधार पर तुरंत प्रभाव से तबादला कर दिया है।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार श्री मनप्रीत सिंह आई.ए.एस. को विशेष सचिव, पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास नियुक्त किया गया है, जबकि उनकी जगह श्री अरविन्द पाल सिंह संधू आई.ए.एस. को फाजि़ल्का का डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इसी तरह मिस पूनम सिंह पी.सी.एस. को सहायक कमिश्नर (शिकायतें) फाजि़ल्का के तौर पर तबदील किया गया है, जबकि श्री विनोद कुमार बांसल पी.सी.एस. को एस.डी.एम. अबोहर नियुक्त किया गया है।
प्रतिनिधि के मुताबिक श्री विवेक शील सोनी आई.पी.एस. को एस.एस.पी. फाजि़ल्का नियुक्त किया गया है, जबकि श्री भुपिन्दर सिंह पी.पी.एस. का तबादला एस.एस.पी. फिऱोज़पुर के तौर पर नियुक्त किया गया है।


चंडीगढ़, 29 जनवरी:
मोहाली से कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज़ जिसको कल पी.जी.आई. दाखि़ल किया गया था, के मैडीकल टैस्ट नैगेटिव आए हैं और उक्त व्यक्ति में इस वायरस का कोई लक्षण नहीं पाया गया।
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी (एन.आई.वी.), पुणे को पी.जी.आई. द्वारा मरीज़ के टैस्ट सैंपल भेजे गए थे जिसने यह सैंपल नैगेटिव होने की पुष्टि की है। मंत्री ने आगे कहा कि राज्य में कोरोना वायरस का कोई मामला नहीं है। होशियारपुर से सम्बन्धित महिला मरीज़ जिसका चीन के हवाई अड्डे में स्टे था, का पता चला है और जिसकी डाक्टरों द्वारा जांच की गई और उसको घर में अलग रखा गया है। उन्होंने बताया कि अटारी सीमा और गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में नजऱ रखने के लिए दोनों स्थानों पर मैडीकल चैक पोस्ट बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस समर्पित मैडीकल चैक पोस्ट के द्वारा पाकिस्तान की यात्रा करने वाले लोगों में जागरूकता भी पैदा की गई है और उनको चीन की यात्रा और वायरस के लक्षण होने सम्बन्धी स्व-घोषणा देने के लिए कहा गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आज अमृतसर हवाई अड्डे के लिए तीन उड़ानें थीं और शाम 4 बजे तक सिफऱ् एक उड़ान ही पहुँची। उन्होंने बताया कि मैडीकल टीमों द्वारा186 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई और किसी में भी इस वायरस के लक्षण नहीं पाए गए और आगे आने वाली उड़ानों की  स्क्रीनिंग के लिए टीमें तैयार हैं। इसी तरह मोहाली हवाई अड्डे पर आज सिफऱ् एक उड़ान उतरी और स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी 186 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई।
स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि चीन और कोरोना वायरस से प्रभावित अन्य देशों की यात्रा करने वाले 17 यात्रियों को निगरानी अधीन रखा गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के उभर रहे खतरे के मद्देनजऱ डाक्टरों और पैरा मैडीकल स्टाफ की टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस सम्बन्धी किसी भी तरह की सूचना के लिए 104 हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे चालू है। कोरोना वायरस सम्बन्धी किसी भी तरह की जानकारी के लिए कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर संपर्क कर सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने अपील की कि कोई भी व्यक्ति जो चीन की यात्रा कर चुका है और 1 जनवरी, 2020 से भारत आया है, को नज़दीकी सरकारी हस्पताल को रिपोर्ट करनी चाहिए या 104 हेल्पलाइन नंबर पर फ़ोन करना चाहिए ताकि स्वास्थ्य विभाग उनके स्वास्थ्य की जांच करके ज़रूरी उपाय कर सके।


चंडीगढ़, 29 जनवरी:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाई गई मुहिम के दौरान  नायब तहसीलदार के रीडर को रिश्वत लेते हुए काबू कर लिया।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि नथाना में तैनात नायब तहसीलदार के रीडर जसविन्दर सिंह को शिकायतकर्ता भगवान सिंह निवासी बठिंडा की शिकायत पर 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया गया है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में बताया कि उक्त रीडर द्वारा उसे ज़मीन का कब्ज़ा दिलाने के बदले 5,000 रुपए की माँग की गई है। विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त रीडर को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में 5000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि उक्त दोषी के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो के बठिंडा स्थित थाने में मुकदमा दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी गई है।


समूह राजनैतिक दलों का साझा प्रस्ताव - पंजाब के दरियाई पानी को नॉन-बेसिन इलाकों में स्थानांतर करने की आज्ञा न दे भारत सरकारपास किये प्रस्ताव में पानी की उपलब्धता जानने के लिए प्रस्तावित अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद एक्ट में संशोधन करने की मांगसमूह पार्टियों के नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री के कदम की सराहनाराज्य के महत्वपूर्ण मसलों पर हर छह माहीनों बाद होगी ऐसी बैठक -कैप्टन अमरिन्दर सिंह

चंडीगढ़, 23 जनवरी:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में सर्वदलीय बैठक के दौरान राज्य में पानी की गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता ज़ाहिर करते हुए राज्य के पानी की उपलब्धता का पुन: मुल्यांकन करने की माँग की गई। इसके साथ ही समूह पार्टियों ने सर्वसम्मति से संकल्प लिया कि भारत सरकार को यह यकीनी बनाना चाहिए कि पंजाब के तीन दरियायों का पानी किसी भी हालत में बेसिन से नॉन-बेसिन इलाकों में स्थानांतरित न किया जाये।

सभी पार्टियों ने सर्वसम्मति से नये ट्रिब्यूनल की स्थापना के लिए प्रस्तावित अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद एक्ट में ज़रूरी संशोधन करने की माँग की ताकि न्यायसंगत के अनुसार पंजाब को इसकी कुल माँग और भावी पीढिय़ों की आजीविका को सुरक्षित करने के लिए अतिरिक्त पानी मुहैया करवाया जा सके।
बैठक में पढ़े गए प्रस्ताव के मुताबिक, ‘‘पंजाब के पास फ़ाल्तू पानी नहीं है और भूजल का स्तर तेज़ी से घटने के कारण और दरियायी पानी की कमी के कारण पंजाब के मरूस्थल बनने का अंदेशा है। पंजाब में भूजल जो राज्य की 73 प्रतिशत सिंचाई ज़रूरतों को पूरा करता है, अब बहुत नीचे जा चुका है जिस कारण किसानों और गरीब लोगों की रोज़ी-रोटी को बहुत बड़ा ख़तरा बना हुआ है।
ऐसी स्थिति में यह सर्वसम्मति से संकल्प किया जाता है कि भारत सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया जाये कि पंजाब के दरियायी पानी को तीन दरियाओं (रावी, सतलुज और ब्यास) के बेसिन से नॉन-बेसिन इलाकों में दुनिया भर में अपनाए गए तटीय सिद्धांत (रिपेरियन प्रींसिपल) के मुताबिक किसी भी सूरत में स्थानांतरित न किया जाये। इस सम्बन्ध में उपयुक्त विकल्प, जिनमें पानी की उपलब्धता का पुन: मुल्यांकन करने के लिए प्रस्तावित अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद एक्ट अधीन नया ट्रिब्यूनल स्थापित करने सम्बन्धी संशोधन करना भी शामिल है, अंतिम फ़ैसले से पहले, ढूँढे और विकसित किये जाएँ ताकि न्यायसंगत के अनुसार पंजाब को इसकी कुल माँग और भावी पीढिय़ों की आजीविका को सुरक्षित करने के लिए अतिरिक्त पानी मुहैया करवाया जा सके।’’
मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान प्रस्ताव कैबिनेट मंत्री सुखबिन्दर सिंह सरकारिया ने पेश किया ताकि राज्य के बढ़ते जल संकट का हल ढूँढने के लिए रास्ता ढूंढा जा सके।
हालांकि प्रस्ताव में सतलुज यमुना लिंक नहर का जि़क्र नहीं किया गया परन्तु शिरोमणी अकाली दल और आम आदमी पार्टी सहित सभी राजनैतिक पार्टियों ने एकसुर में कहा कि नहर के निर्माण की ओर उठाया गया कोई भी कदम राज्य के लिए घातक सिद्ध होगा। सभी पार्टियों ने इस नाजुक मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए मुख्यमंत्री के कदम की सराहना की।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सभी राजनैतिक पार्टियों के नेताओं की ओर से सकारात्मक और रचनात्मक सुझाव पेश करने का स्वागत करते हुए कहा कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा पंजाब का मामला रखने के लिए उनकी सरकार प्रधान मंत्री से मिलने का समय मांगेगी। उन्होंने कहा कि भारत में दरियायी पानी के विभाजन के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाया गया तटीय सिद्धांत (रिपारियन प्रींसिपल) को दरकिनार किया गया था। उन्होंने इसमें सुधार करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि उनकी सरकार राज्य से सम्बन्धित महत्वपूर्ण मसलों पर विचार करने के लिए हर छह महीनों बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई जायेगी।
बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की समस्या की चिंताएं सिफऱ् उनकी सरकार या कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं बल्कि पूरे पंजाब के लिए हैं। बैठक का आधार बाँधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पिघल रहे ग्लेशियरों के मद्देनजऱ पानी एक वैश्विक मसला बनकर उभरा है और दुनिया भर के शहरों में पानी की कमी होने की भविष्यवाणी की गई है। उन्होंने कहा कि हालाँकि यह सब हमारे समय में नहीं घटेगा, परन्तु हम हमारी आने वाली पीढिय़ों के लिए हल ढूँढेंगे। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह बैठक बुलाने का उद्देश्य इस मसले पर चर्चा करके इस सम्बन्ध में दीर्घकालिक नीति तैयार करने के लिए सर्वसम्मति जुटाना है।
भूजल के गिरते स्तर पर गहरी चिंता ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ईराडी कमीशन के अनुसार पंजाब के नदियों में पानी 17 एम.ए.एफ. से घटकर अब 13 एम.ए.एफ. रह गया है। बैठक के उपरांत पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा प्रधान मंत्री के समक्ष माँग रखी गई है कि पंजाब की तीन नदियों में पानी का मौजूदा स्तर पता करने के लिए नया कमीशन स्थापित किया जाये। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थितियों को देखते यह बहुत ज़रूरी है। मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि बैंस ब्रदर्स को बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था क्योंकि सिफऱ् निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजसी पार्टियों को ही बैठक के लिए आमंत्रित किया गया था।
इससे पहले बैठक के दौरान बोलते हुए आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब विधान सभा में विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने राज्य सरकार को पंजाब में पानी के संरक्षण के लिए फ़सलीय विभिन्नता को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए पूर्ण सहयोग देने का विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य को सुप्रीम कोर्ट में और रिट्ट दायर करके पंजाब में पानी की मौजूदा स्थितियों का ताज़ा मुल्यांकन करने की माँग करनी चाहिए और रिपेअरियन कानून के अनुसार पानी का पुन: विभाजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मालवा की स्थिति और भी बुरी है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक पानी के प्रदूषण ख़ासकर बूढ्ढे नाले में डाले जाते प्रदूषित पानी के कारण कैंसर के मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है।
आप के अमन अरोड़ा ने राज्य सरकार से माँग की कि इस व्यापक मुद्दे पर और कार्य करने के लिए सब कमेटी बनाई जाये जिसमें मंत्री, अधिकारी और सभी राजसी पार्टियों के नुमायंदे शामिल किये जाएँ।
शिरोमणि अकाली दल के बलविन्दर सिंह भून्दड़ ने कहा कि पार्टियों को एक-दूसरे के खि़लाफ़ आरोप-प्रत्यारोप करने की बजाय पंजाब के जल संसाधनों की रक्षा के लिए एकता दिखानी चाहिए। एस.वाई.एल. को बड़ा मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि कानूनी हल के साथ-साथ इस मुद्दे की राजसी तौर पर भी पैरवी की जानी चाहिए। उन्होंने अपनी पार्टी द्वारा कैप्टन अमरिन्दर सिंह को इस मसले के हल के लिए कोई कदम उठाए जाने पर पूरा साथ देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पंजाब में नदियों के मौजूदा स्तर का पुन: मुल्यांकन करना अति आवश्यक है।
एस.वाई.एल. को पंजाब के लिए आत्मघाती बताते हुए शिरोमणि अकाली दल के महेश इन्दर सिंह गरेवाल ने मुख्यमंत्री के उस चेतावनी भरे कथन की पुष्टि की जिसमें उन्होंने शंका अभिव्यक्त की थी कि यह मुद्दा राज्य में हिंसा और आतंकवाद के पुनर्जिवित होने का कारण बन सकता है। उन्होंने महसूस किया कि सुप्रीम कोर्ट को ताज़ी पटीशन सुननी चाहिए और एस.वाई.एल. के निर्माण का फऱमान पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र द्वारा नया ट्रिब्यूनल बनाने का कानून पास हो गया तो यह पंजाब के लिए तबाही होगा। उन्होंने पंजाब के हितों की रक्षा के लिए अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद (संशोधन) बिल, 2019 की धारा 12 बदलने के लिए कहा। उन्होंने इस मामले पर इकठ्ठे होकर लड़ाई लडऩे की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
शिरोमणि अकाली दल के प्रो. प्रेम सिंह चन्दूमाजरा ने भी इस मामले पर अपनी बात रखते हुए पंजाब में जल आवंटन रिपेरियन कानूनों के अनुसार करने की बात कही।
भाजपा के मदन मोहन मित्तल ने इस नाजुक मुद्दे पर सभी पार्टियों को एक मंच पर इक_ा करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने गेहूँ /धान के फ़सलीय चक्र को तोडऩे और फ़सलीय विभिन्नता को बढ़ावा देने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा कि पंजाब के किसानों की आय बढ़ाने के लिए भूजल की पूर्ती करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि देश के अन्न भंडार में चोखा योगदान डालने के बावजूद किसानी बड़े कजऱ्े तले दबी हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा फ़सलीय विभिन्नता के लिए न्युनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) के स्टैंड पर भी सहमति जताई।
सी.पी.आई. के बंत बराड़ और सी.पी.आई. (एम.) के सुखविन्दर सिंह सेखों ने कहा कि पानी का आवंटन  लोंगोवाल समझौते के अनुसार होनी चाहिए। सेखों ने कहा कि किसानों की हितों के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट हू-ब-हू लागू करनी चाहिए।
बसपा के जसबीर सिंह गड़ी ने कहा कि पंजाब को बनता जल का हिस्सा न देकर केंद्र ने पहले ही भेदभाव किया है।
तृणमूल कांग्रेस के मनजीत सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी पानी बचाने ख़ासकर फ़सलीय विभिन्नता के द्वारा पानी बचाने के मुद्दे पर राज्य सरकार के साथ है। पानी की बर्बादी रोकने के लिए सरकार को चाहिए कि ट्यूबवैलों को मुफ़्त बिजली देनी बंद करनी चाहिए। इसके साथ ही भूजल बचाने के लिए सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ-साथ बारिश वाले पानी के संरक्षण के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को पानी रिचार्ज के लिए गढ्ढे बनाने के लिए 100 प्रतिशत सब्सिडी देनी चाहिए।
एम.सी.पी. के स्वर्ण सिंह ने भी पंजाब में पानी के स्तर के पुन: मुल्यांकन की माँग की जिससे पंजाब को इसका बनता हक देने में धोखा न हो।
अपने समाप्ति संबोधन में पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ ने सभी पार्टियों से अपील की कि पंजाब को बचाने के लिए अपना अहंकार त्याग कर सभी को साझा मत पेश करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को रहम की अपील के साथ प्रधानमंत्री को मिलना चाहिए ताकि इस समस्या का जल्द हल न होने की सूरत में लोग मरना शुरू कर देंगे।
सर्वदलीय मीटिंग में शामिल अन्य नेताओं में आप के विधायक कुलतार सिंह संधवां, शिरोमणि अकाली दल के जत्थेदार तोता सिंह, भाजपा नेता मनोरंजन कालिया, सी.पी.आई. नेता भुपिन्दर संभार, डॉ. जोगिन्दर दयाल, सी.पी.आई. (एम.) के भूप चंद, बसपा के प्रांतीय जनरल सचिव नछत्तर पाल, प्रांतीय सचिव डॉ. जसप्रीत सिंह, तृणमूल कांग्रेस के प्रांतीय जनरल सचिव गुरप्रीत चौहान, रोशन लाल गोयल और एन.सी.पी. नेता गुरिन्दर सिंह शामिल थे।
मीटिंग में अन्यों के अलावा स्थानीय निकाय संबंधी मंत्री ब्रह्म मोहिन्द्रा, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा, जल सप्लाई और सेनिटेशन मंत्री रजिय़ा सुल्ताना, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव कैप्टन सन्दीप संधू, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, प्रमुख सचिव जल स्रोत ए. वेनू प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव गुरकीरत किरपाल सिंह और विशेष सचिव जल सप्लाई और सेनिटेशन गगनदीप सिंह बराड़ उपस्थित थे।

चंडीगढ़, 22 जनवरी:
विजीलैंस ब्यूरो ने आज तीन विभिन्न मामलों में एक पटवारी और दो सहायक सब इंस्पेक्टरों (ए.एस.आई.) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।यह खुलासा करते हुए पंजाब विजीलैंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हलका ज़ैद, तहसील भुलत्थ, जि़ला कपूरथला में तैनात पटवारी परमजीत सिंह को मनजीत सिंह की शिकायत पर 20,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया गया। शिकायतकर्ता मनजीत सिंह विजीलैंस ब्यूरो के पास आया और उन्होंने दोष लगाया है कि पटवारी उसकी ज़मीन के इंतकाल के लिए 30,000 रुपए रिश्वत की माँग कर रहा है। उसकी जानकारी की तस्दीक करने के बाद एक विजीलैंस टीम ने जाल बिछाया और दोषी को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में शिकायतकर्ता के पास से 20,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू करके मौके पर ही गिरफ़्तार कर लिया गया।एक अन्य मामले में विजीलैंस ने ए.सी.पी. जालंधर वैस्ट के रीडर ए.एस.आई. राजेश कुमार को रंगे हाथों काबू कर लिया। प्रवक्ता ने बताया कि दोषी को जालंधर के ट्रैवल एजंट राहुल वाधवन की शिकायत पर गिरफ़्तार किया गया था। इस मामले में शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो के पास शिकायत की और दोष लगाया है कि ए.एस.आई. राजेश कुमार पुलिस वैरीफिकेशन मामले में उसका पक्ष लेने के लिए 5000 रुपए की माँग कर रहा है। उसकी जानकारी की तस्दीक करने के बाद एक विजीलैंस टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में दोषी ए.एस.आई. को शिकायतकर्ता के पास से 5,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू करके मौके पर ही गिरफ़्तार कर लिया गया।इसी तरह एक अन्य मामले में विजीलैंस ब्यूरो ने तरन तारन जि़ले की पुलिस पोस्ट ठोडा में तैनात ए.एस.आई. महल सिंह को गिरफ़्तार किया है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि मुलजि़म ए.एस.आई. को अड्डा नूरदी जि़ला तरन तारन के बलदेव सिंह महंत की शिकायत पर गिरफ़्तार किया गया था। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो के पास इल्ज़ाम लगाया है कि ए.एस.आई. महल सिंह उसी डेरे, जहाँ से उसे बेदख़ल किया गया था, में सुरक्षित वापसी की इजाज़त देने और इसके रिश्तेदारों के साथ समझौता करवाने के बदले 10,000 रुपए की माँग कर रहा था। उसकी जानकारी की तस्दीक करने के बाद विजीलैंस टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में दोषी ए.एस.आई. को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू करके मौके पर ही गिरफ़्तार कर लिया गया।उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत तीनों मुलजि़मों के खि़लाफ़ क्रमवार वी.बी थाना जालंधर और अमृतसर में केस दर्ज किये गए हैं। इस सम्बन्धी अगली कार्रवाई जारी है।

डेराबस्सी, 20 जनवरी: 
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज पुलिस थाना डेराबस्सी जि़ला एस.ए.एस.नगर में तैनात ए.एस.आई. ओंकार सिंह को 20,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।
 
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त ए.एस.आई को शिकायतकर्ता राजू निवासी डेराबस्सी, जि़ला एस.ए.एस नगर की शिकायत पर पकड़ा है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में बताया कि उसकी तरफ से उसकी बेटी के पति के खि़लाफ़ पुलिस रिपोर्ट में उसकी मदद करने के बदले उक्त ए.एस.आई द्वारा 20,000 रुपए की माँग की गई है।
विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी ए.एस.आई. को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में 20,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया। उन्होंने बताया कि दोषी के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो के फ्लाईंग सक्वॉड थाना एस.ए.एस नगर में मुकद्मा दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी गई है।
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पठानकोट, 15 जनवरी:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज पठानकोट जि़ले के गाँव खियाला में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गेहूँ के वितरण में हेरा-फेरी करने के दोष अधीन सरकारी राशन डीपू के मालिक परशोतम लाल, उसकी पत्नी सोनीया, गाँव की सरपंच रजनी और कमेटी मैंबर दिवान चंद के खि़लाफ़ फ़ौजदारी केस दर्ज किया है।
इस संबंधी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि पठानकोट जि़ले के गाँव खियाला में राशन डीपू चला रहे परशोतम लाल को बी.पी.एल. परिवारों को बाँटने के लिए गेहूँ का कोटा अलॉट किया गया था। खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग द्वारा जांच के अनुसार इस गाँव में बी.पी.एल. परिवारों को जारी 229 नीले कार्डों सम्बन्धी दिसंबर 2014 से मार्च 2017 के समय के दौरान इस डीपू को 138 क्विंटल गेहूँ अलॉट किया गया था।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि परशोतम लाल ने सरपंच रजनी और अन्यों के साथ मिलीभुगत करके गरीब परिवारों को बाँटने के लिए डीपू पर आया गेहूँ हड़प लिया। यह गेहूँ पंजाब सरकार द्वारा लागू सार्वजनिक वितरण प्रणाली स्कीम के अंतर्गत लाभपात्रियों को नहीं बाँटा गया।
प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्धी विजीलैंस ब्यूरो के पुलिस थाना अमृतसर में आई.पी.सी. की धारा 409, 420, 465, 467, 468, 471 और 120-बी के अंतर्गत फ़ौजदारी मामला दर्ज किया गया है और दोषों की पड़ताल के लिए आगे जांच जारी है।

चंडीगढ़, 12 जनवरी:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो द्वारा आज भूच्चो पुलिस चौंकी जि़ला बठिंडा का इंचार्ज हरगोबिन्द सिंह और एक प्राइवेट व्यक्ति रामजी लाल को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू किया गया।


इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त सब-इंस्पेक्टर और उसके मध्यस्थ के तौर पर काम करते प्रायवेट व्यक्ति को शिकायतकर्ता जगजीत सिंह निवासी तुंगवाली, जि़ला बठिंडा की शिकायत पर 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू किया गया है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में दोष लगाया कि उक्त सब-इंस्पेक्टर द्वारा उसके ज़ब्त किये मोटरसाईकल को रिलीज़ करने और अदालत में सपुरदारी सम्बन्धी रिपोर्ट पेश करने के बदले 15,000 रुपए की माँग की गई है और सौदा 10,000 में तय हुआ है।
विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी सब-इंस्पेक्टर और उसके मध्यस्थ को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुये पकड़ लिया। प्रवक्ता ने बताया कि उक्त दोनों दोषियों के खि़लाफ़ विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओंं के अंतर्गत दोनों के खि़लाफ़ बठिंडा स्थित विजीलैंस ब्यूरो के थाने में मुकदमा दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी है।

चंडीगढ़, 7 जनवरी:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो द्वारा  कस्बा ललतों कलाँ, जि़ला लुधियाना स्थित पावरकॉम के कार्यालय में तैनात सहायक लाईनमैन माधो राम को 4000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया है।


इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि लाईनमैन माधो राम को शिकायतकर्ता स्वर्ण सिंह निवासी गाँव दोलों कलाँ की शिकायत पर 4000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया गया है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में दोष लगाया कि उक्त लाईनमैन द्वारा जले हुए बिजली के ट्रांसफार्मर को बदलने के बदले 6000 रुपए की माँग की गई है और सौदा 4000 रुपए में तय हुआ है। विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त सहायक लाईनमैन को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में 4,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।    
उक्त दोषी के खि़लाफ़ विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत लुधियाना स्थित विजीलैंस ब्यूरो के थाने में मुकद्मा दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी है।

अमरीका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्र को कहा
देश लौटने के इच्छुक खाड़ी मुल्कों के पंजाबियों और सिखों को राज्य सरकार द्वारा हर प्रकार का सहयोग देने का विश्वास दिलाया
चंडीगढ़, 5 जनवरी:
अमरीका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने रविवार को केंद्र सरकार से अपील की कि खाड़ी मुल्कों में रहते 10 मिलियन भारतीयों की सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए तुरंत कारगर कदम उठाए जाएँ।
विदेश मंत्रालय द्वारा पूरी स्थिति पर नजऱ रखी जाने के दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अमरीका और ईरान द्वारा हमले और जवाबी हमले करने की दी जा रही चेतावनियों को देखते हुए भारत केवल इंतज़ार और देखने या सिफऱ् स्थिति पर नजऱ रखने का जो$िखम नहीं उठा सकता।
मुख्यमंत्री ने यह बात ज़ोर देकर कही कि भारत सरकार को चाहिए कि वह तुरंत इस क्षेत्र में स्थित भारत के दूतावासों को वहां बसे भारतीयों के साथ संपर्क बनाने सम्बन्धी निर्देश जारी करे और संकट की इस घड़ी में वहां रहते भारतीयों को हर संभव सहायता मुहैया करवाई जाये। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अमरीका के अलावा ब्रिटेन जैसे अन्य देशों की तरफ से अपने नागरिकों को बाहर निकालने की तैयारी की जा रही है और ज़रूरत पडऩे पर केंद्र सरकार को मौजूदा स्थिति में भारत वापस आने की इच्छा रखने वाले सभी भारतीयों को ऐसी स्थिति से बाहर निकालने की योजनाएँ तैयार करके अमल में लाने की ज़रूरत है।
कैप्टन अमरिन्दर ने आगे कहा कि खाड़ी क्षेत्र की भारत के साथ लगती सरहद के मद्देनजऱ इस मामले में बिना किसी देरी के केंद्र सरकार का दख़ल ज़रूरी है और पश्चिमी एशियाई मुल्कों के साथ-साथ वहां बसती भारतीय आबादी को सुरक्षित बाहर निकालने सम्बन्धी ज़रुरी दिशा निर्देश जारी करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि इस टकराव के मद्देनजऱ सहमति के कोई संकेत नहीं मिल रहे और स्पष्ट तौर पर ऐसी गंभीर स्थिति में खाड़ी क्षेत्रों को तुरंत छोड़ देना भारतीयों के हित में होगा।
खाड़ी मुल्कों में बड़ी संख्या में रहते पंजाबी और सिख भाईचारे की जनसंख्या का हवाला देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आगे कहा कि उनकी सरकार द्वारा वापस सुरक्षित देश लौटने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को हर तरह की मदद मुहैया करवाई जायेगी। पंजाब सरकार के अधिकारी वहां रहते भाईचारे के लोगों के साथ सीधे तौर पर संपर्क में हैं और उनको मदद की कोई भी अपील करने के जवाब में तुरंत हरकत में आने की हिदायत दी गई है।


वर्ष 2019 के दौरान 165 अपराधियों को रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों दबोचा
सभी इंजीनियरिंग प्रोजेक्टों के लिए ‘सोशल ऑडिट स्कीम’ की की शुरूआत
अदालत द्वारा 29 विजीलैंस मामलों में 42 दोषियों को दी सज़ा

चंडीगढ़, 1 जनवरी:
समाज में से भ्रष्टाचार ख़त्म करने के लिए पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने अपराधियों की जायदादें ज़ब्त करने की एक अन्य पहलकदमी की है जिसके अंतर्गत वर्ष 2019 के दौरान 101,64,82,194 रुपए की जायदाद ज़ब्त की गई।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये विजीलैंस ब्यूरो के मुख्य डायरैक्टर -कम-ए.डी.जी.पी. श्री बी.के. उप्पल ने कहा कि विजीलैंस ब्यूरो ने चार अलग-अलग मामलों में मुलजिमों की अवैध जायदादें ज़ब्त की हैं। उन्होंने कहा, ‘रिश्वत लेने वालों पर नकेल डालने और इस सामाजिक बुरायी को रोकने के लिए कड़ा रूख अपनाते हुये लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए ब्यूरो ने बहु-समर्थकी पहुँच अपनाई है।’
इंजीनियरिंग और विकास प्रोजेक्टों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उन्होंने कहा कि ब्यूरो की तरफ से लोगों को प्रोजेक्टों की विस्तृत जानकारी देने के लिए एक ‘सोशल ऑडिट स्कीम’ शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत सम्बन्धित विभागों के मुख्य विजीलैंस अधिकारियों द्वारा ‘सिटीजन इन्फारमेशन बोर्ड’ स्थापित किये जाएंगे, जिसके अंतर्गत प्रोजेक्टों के बारे में जानकारी अंग्रेज़ी और पंजाबी में लिखी जायेगी जिससे लोग भ्रष्टाचार को रोकने में भी अपना योगदान डाल सकेंगे।
इस सम्बन्धी और ज्यादा जानकारी देते हुये श्री बी के उप्पल ने बताया कि विजीलैंस ब्यूरो ने पिछले वर्ष के दौरान अलग-अलग विभागों के 147 अधिकारियों और 18 प्राईवेट व्यक्तियों को रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू किया। हर किस्म के भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो सहनशीलता की नीति अपनाते हुये ब्यूरो ने 1 जनवरी से 31 दिसंबर, 2019 तक 13 गज़टिड अधिकारियों (जी ओज़) और 134 नॉन -गज़टिड अधिकारियों (एन.जी.ओ.) को काबू किया है।
विजीलैंस ब्यूरो के चीफ़ ने बताया कि इस वर्ष के दौरान अन्य विभागों के अलावा पंजाब पुलिस के 63 मुलाजिमों, राजस्व विभाग के 28, बिजली के 13, पंचायतों और ग्रामीण विकास के 3, सेहत विभाग के 7, स्थानीय निकाय के 6, खाद्य और सिविल सप्लाई विभाग के 3, आबकारी और कर के 4 और जल सप्लाई और सेनिटेशन के 5 कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों में रिश्वत की माँग करते और रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू किया।
कुछ प्रमुख मामलों का विवरण देते हुये श्री बी.के. उप्पल ने बताया कि इस वर्ष के दौरान वन कंजरवेटर हर्ष कुमार और अजय पलटा, डायरैक्टर, पलटा इंजीनियरिंग वर्कस, ए.ई.टी.सी. -कम -सहायक कमिशनर हरमीत सिंह, ई.टी.ओ. अमरदीप सिंह नन्दा, अस्टेट अफ़सर अली हसन, इंस्पेक्टर आबकारी दीपेंद्र सिंह, कार्यकारी इंजीनियर पी.डब्ल्यू.डी. अजीत पाल सिंह बराड़, कृषि विकास अफ़सर जसकंवल सिंह, जिला सेहत अफ़सर डा. लखबीर सिंह और डा. राज कुमार को गिरफ़्तार किया गया।
ब्यूरो की कार्य कुशलता संबंधी बताते हुये उन्होंने आगे कहा कि विजीलैंस ब्यूरो ने पिछले वर्ष 57 दोषियों के खि़लाफ़ 27 अपराधिक केस दर्ज किये जिनमें 7 जी ओज़, 24 एन.जी.ओज़ और 26 प्राईवेट व्यक्ति शामिल हैं। इसके इलावा 13 जी.ओज़., 22 एन.जी.ओज़. और 6 प्राईवेट व्यक्तियों के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच के लिए 42 विजीलैंस जांचें भी दर्ज की गई हैं। इसके अलावा एक गज़टिड अफ़सर और 2 नॉन -गज़टिड अफसरों के विरुद्ध नाजायज जायदाद के 3 केस भी दर्ज किये गए हैं।
विजीलैंस ब्यूरो के प्रमुख ने आगे कहा कि भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों में अलग-अलग अदालतों में दोषी ठहराए जाने के कारण 6 एन.जी.ओ. को उनसे सम्बन्धित प्रशासकीय विभागों ने उनकी सेवाओं से ख़ारिज कर दिया है। उन्होंने आगे बताया कि ब्यूरो इस वर्ष के दौरान 50 विजीलैंस जांचें निपटाने के योग्य रहा। इसके अलावा विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के तरीकों की पहचान के लिए अलग-अलग विभागों को निर्देश /सुझाव भी जारी किये हैं।
इस सम्बन्धी और विवरण सांझे करते हुये श्री बी.के.उप्पल ने कहा कि अलग-अलग विशेष अदालतों ने भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट के अधीन 29 मामलों में 42 दोषियों को सज़ा सुनाई है जिसमें 5 जी.ओज़, 31 एन.जी.ओज़ और 6 प्राईवेट व्यक्ति शामिल हैं और अपराधियों को छह महीने से सात वर्ष की कैद की सज़ा सुनाई गई है। उन्होंने आगे कहा कि निचली अदालत ने 1000 रुपए से 2,30,000 रुपए तक के जुर्माने लगाए हैं जिससे 14,96,500 रुपए इक_े किये गए।  
विजीलैंस जागरूकता सप्ताह के दौरान विजीलैंस ब्यूरो ने सफलतापूर्वक एक मुहिम चलाई जिसके दौरान समाज में से भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के लिए शहरों के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सैमीनार और सार्वजनिक मीटिंगें की गई। इसके अलावा ब्यूरो के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी एकता और अखंडता की कसम भी उठवाई गई। उन्होंने आगे कहा कि विजीलैंस ब्यूरो ने 2 विद्यार्थियों समेत 24 व्यक्तियों को भ्रष्टाचार से पर्दा उठाने वालों को प्रशंसा पत्र भी दिये गये हैं।

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