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चंडीगढ़, 28 फरवरी:
राज्य की वित्तीय स्थिति सही राह पर है। वर्ष 2010 के मुकाबले वर्ष 2020 में पंजाब के सभी वित्तीय सूचक बेहतर स्थिति में हैं। अब वित्तीय स्थिति नियंत्रण अधीन है, सूचक वृद्धि के रुझान में जा रहे हैं और पंजाब की आर्थिकता पहले की अपेक्षा मज़बूत है। अगले दो सालों में पंजाबियों और पंजाब के निवासियों के जीवन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

वर्ष 2014-15 में राज्य का खज़़ाना 25 दिनों के लिए, 2015-16 में 7 दिनों के लिए और 2016-17 में 16 दिनों के लिए दुगुना ओवरड्राफ्ट की स्थिति में रहा था, परंतु पिछले तीन वर्षों में हम एक दिन के लिए भी खज़ाने को दुगुना ओवरड्राफ्ट की स्थिति में नहीं जाने दिया।
उपाय और साधन, पेशगियां और ओवरड्राफ्ट के दिनों को कम करके राज्य वर्ष 2017-18 में लगभग 10.75 करोड़ रुपए, 2018-19 में 21.70 करोड़ रुपए और वर्ष 2019-20 में 20 करोड़ रुपए (23.02.2020 तक) की ब्याज अदायगियाँ बचाने में कामयाब रहा है। 
इसके अलावा संयमी कजऱ् प्रबंध के द्वारा राज्य तबदीली योग्य सिमाएं और सक्युरटीज़ के पुन: जारी करने सम्बन्धी पहुँच कर 7.50 करोड़ रुपए और बचाने में कामयाब रहा है।
यह सरकार के यत्नों और सौहृदयता की वजह से है कि देश आर्थिक मंदी वाले माहौल के बावजूद भी हमारी मालीया प्राप्तियाँ वर्ष 2019-20 में 18.80 प्रतिशत बढ़ी हैं और वर्ष 2020-21 में 18.96 प्रतिशत तक और बढऩे की संभावना है।
वर्ष 2017-18 में 10,273 करोड़ रुपए; वर्ष 2018-19 में 4175 करोड़ रुपए और वर्ष 2019-20 में हमारे बजट अनुमानों में 2,323 करोड़ रुपए का फंडिंग अंतर था।
हमारी सरकार ने पूंजीगत ख़र्च 10,280 करोड़ रुपए तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है जो कि 2019-20 (संशोधित अनुमान) केवल 4,013 करोड़ रुपए (उस समय के प्रभावों के बिना) था और इस बढ़ाए गए पूँजीगत ख़र्च के साथ रोजग़ार और ख़र्च को बढ़ावा मिलेगा जो कि राज्य की आर्थिकता पर अपेक्षित प्रभाव डालेगी।
पिछले 2 सालों में राज्य की कुल मालीया प्राप्तियों की वसूली में हुई तरक्की के साथ कुल मालीया प्राप्तियों पर ब्याज भुगतान का अनुपात वर्ष 2017-18 में 28.93 प्रतिशत से कम होकर वर्ष 2018-19 में 26.19 प्रतिशत हो गया। इसके अलावा वर्ष 2019-20 (संशोधित अनुमान) और वर्ष 2020-21 (बजट अनुमान) के लिए यह अनुपात क्रमवार 23.82 प्रतिशत और 21.68 प्रतिशत हो जाने की संभावना है।
हम कजऱ् /जीएसडीपी अनुपात को भी लगातार कम करने के योग्य हुए हैं जो कि हमें विरासत में मिले जैसे कि 2016-17 में 42.75 प्रतिशत से 2017-18 में 40.77 प्रतिशत था और इससे आगे यह 2018-19 में कम होकर 40.61 प्रतिशत रह गया। इसके अलावा 2019-20 (संशोधित अनुमान) में यह अनुपात 39.83 प्रतिशत रहने की संभावना है और 2020-21 (बजट अनुमान) के लिए हम 38.53 प्रतिशत तक और कम हो जाने की उम्मीद रखते हैं।
कृषि और किसानों के कल्याण 
राज्य के ‘‘फ़सलीय कजऱ् माफ स्कीम’’ के फ्लैगशिप प्रोग्राम के अंतर्गत सभी छोटे और हाशिया ग्रसित किसानों (5 एकड़ तक) के 2 लाख रुपए तक के सभी फ़सलीय कजऱ्ों को माफ किया है। अगले पड़ाव के तौर पर वर्ष 2020-21 के दौरान विशेष रूप में भूमी रहित कृषि कामगारों के कजऱ्ों को क्षमा करने के लिए 520 करोड़ रुपए समेत कुल 2,000 करोड़ रुपए का आवंटन मुहैया करवाया जा रहा है।
वर्ष 2020-21 के दौरान 14 करोड़ रुपए के प्राथमिक आवंटन के साथ गुरदासपुर और बलाचौर (एसबीएस नगर) में 2 नये कृषि कॉलेज स्थापित किये जा रहे हैं। 
किसानों को मुफ़्त बिजली: वर्ष 2020-21 के दौरान 8,275 करोड़ रुपए का आवंटन।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई): वर्ष 2020-21 के दौरान कृषि और सम्बन्धित सेवाओं के और ज्य़ादा सामुहिक और एकीकृत विकास को यकीनी बनाने के लिए इस स्कीम के अधीन 200 करोड़ रुपए का ख़र्च मुहैया करवाया गया है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई): विभिन्न विभाग जैसे कृषि, जल स्रोत, ग्रामीण विकास से सम्बन्धित स्कीम को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अधीन लाया गया है। वर्ष 2020-21 में पीएमकेएसवाई के लिए 141 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
‘पानी बचाओ पैसे कमाओ’: किसानों को विभिन्न फसलें उगाने के लिए उत्साहित करने के लिए, पानी प्रयोग में कुशलता लाने और अन्य किसानों को स्वै-इच्छा से स्कीम को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए डैमो फार्म भी स्थापित किये जा रहे हैं। वर्ष 2020-21 के दौरान इस उद्देश्य के लिए 40 करोड़ रुपए का आवंटन मुहैया करवाया गया है।
माईक्रो सिंचाई प्रणाली की स्थापना, भूमिगत पाईप लाइनज़: वर्ष 2020-21 के दौरान इन स्कीमों के लिए 100 करोड़ रुपए का आवंटन।
अगले तीन सालों के दौरान 12,000 और सोलर पंप लगाए जाएंगे।
वर्ष 2020-21 में काला संघिया सब डिविजऩ, कपूरथला के अधीन 11 के.वी. नत्थू चाहल कृषि फीडर के सोलराईज़ेशन के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोजैक्ट हाथ में लिया जायेगा। 
फ़सलीय विभिन्नता: किसानों को उत्साहित करने के लिए वैकल्पिक फसलों को उगाने के लिए विशेष तौर पर मक्का बीजने के लिए एक प्रोत्साहन स्कीम। फ़सलीय विभिन्नता को उत्साहित करने के लिए 200 करोड़ रुपए का आवंटन।
पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी, लुधियाना के अधीन मोहाली में एक एग्रीकल्चर मार्किटिंग इनोवेशन रिर्सच और इंटेलिजेंस सैंटर (एएमआईआरआईसी) की स्थापना। वर्ष 2020-21 के दौरान इस उद्देश्य के लिए इस प्रस्तावित केंद्र के लिए एक बार कॉप्र्स ग्रांट मुहैया करवाने के लिए 10 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है। 
चार नयी बाग़बानी भूसंपदा जो वेरका, (अमृतसर) में नाशपाती भूसंपदा, सुजानपुर, (पठानकोट) में लीची भूसंपदा, वजीदपुर, (पटियाला) में अमरूद भूसंपदा और कोटकपूरा, (फरीदकोट) में बाग़बानी भूसंपदा स्थापित की जा रही हैं।
फूड प्रोसैसिंग उद्योग को (धान और पीनेयोग्य पदार्थों के अलावा) और ज्य़ादा प्रोत्साहन।
पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास
जि़ला फाजि़ल्का के गाँव सप्पांवाली में 62 करोड़ रुपए की लागत से गडवासू, लुधियाना के कांस्टीच्यूऐंट कॉलेज के तौर पर एक वैटरनरी कॉलेज और क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जायेगी। वर्ष 2020-21 के दौरान इस मंतव्य के लिए 10 करोड़ रुपए के आरंभिक आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है।
वर्ष 2020-21 के दौरान डेयरी उत्पाद में 7 प्रतिशत का विस्तार किया जायेगा।
आवारा पशुओं की समस्या: आवारा पशुओं के प्रबंध और इनको रखने के मंतव्य से पशुओं के लिए बाड़े  के (स्टेटवाईड) बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के लिए 25 करोड़ रुपए का उपबंध।
वर्ष 2020-21 के दौरान रीसरकूलेटरी एक्वाकचर सिस्टम को 8 अन्य इकाईयों में विस्तार करने का प्रस्ताव।
झींगां मछली और मछली पालन के अधीन क्रमवार 200 हेक्टेयर और 3,000 हेक्टेयर नया क्षेत्र लाया जायेगा।
सहकारिता
बटाला और गुरदासपुर चीनी मिलों का आधुनिकीकरण: जिसके लिए 50 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों को सहायता मुहैया करवाने के लिए 100 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव। 
नशा मुक्ति 
जल्दी ही और 25 ओओएटी नशा मुक्ति क्लीनिकों को कार्यशील किया जायेगा।
खेल और युवा सेवाएं
नए स्टेडियमों का निर्माण और मौजूदा खेल ढांचे को अपग्रेड/मज़बूत करना। वर्ष 2020-21 के दौरान 35 करोड़ रुपए की राशि का आवंटन।
‘‘नौजवानों के लिए मुफ़्त स्मार्ट मोबाइल फ़ोन’’ योजना के अंतर्गत नौजवानों को स्मार्ट फ़ोन बाँटने के लिए 100 करोड़ रुपए आवंटित किये गए हैं।
रोजग़ार सृजन करने और कौशल विकास
इस वर्ष 324 करोड़ रुपए के ख़र्च का प्रस्ताव। यह पिछली सरकार के अन्तिम वर्ष 2016-17 के दौरान किये गए 17.52 करोड़ रुपए के बजट अनुमानों से 20 गुणा अधिक है। 
वर्ष 2020-21 में हमारा लक्ष्य 800 से अधिक प्लेसमेंट कैंपों का आयोजन करने का और 1,50,000 अन्य आवेदनकर्ताओं को रोजग़ार प्राप्त करने का और 69,600 बेरोजग़ार आवेदनकर्ताओं को कैरियर काउंसलिंग के द्वारा सहायता प्रदान करने का है। 
सरकार द्वारा पंजाब के नौजवानों की फ़ौज में भर्ती की सहायता के लिए होशियारपुर में आम्र्ड फोर्स प्रैपरेट्री इंस्टीट्यूट को स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
उद्योग और वाणिज्य 
उद्योग की माँगों की पूर्ति के लिए सरकार ने 1,000 एकड़ भूमि वाले उच्च् वर्ग दर्जो के औद्योगिक बुनियादी ढांचे वाले 3 मेगा औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना। वर्ष 2020-21 के दौरान टेक्स्टाईल उद्योग, ग्रीन उद्योग और एकीकृत उत्पादन कलस्टर विकसित किये जाएंगे।
जि़ला फतेहगढ़ साहिब के गाँव वजीराबाद में फार्मासीऊटीकल इकाईयाँ पर विशेष ज़ोर देते हुए 125 एकड़ के क्षेत्रफल में एक औद्योगिक पार्क विकसित किया जायेगा। 
वर्ष 2020-21 के दौरान पठानकोट, अमृतसर (नया), गोइन्दवाल साहिब और चनालों, होशियारपुर, एस.बी.एस. नगर, बटाला, कोटकपूरा, नाभा (पुराना), मोगा, संगरूर, खन्ना और डेराबस्सी में 131 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से औद्योगिक फोकल प्वाइंटों के बुनियादी ढांचों का नवीनीकरण। 
वर्ष 2020-21 के दौरान औद्योगिक बिजली सब्सिडी मुहैया करवाने के लिए 2,267 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव।
पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले: वर्ष 2020-21 के दौरान इस क्षेत्र के लिए 447 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव।
वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 100 करोड़ रुपए की लागत से स्वदेश दर्शन स्कीम के अधीन महत्वपूर्ण /बड़े प्रोजैक्टों को लागू करने का प्रस्ताव है और एशियन डिवैल्पमैंट बैंक द्वारा सहायता प्राप्त आईडीआईपीटी प्रोजैक्ट के अधीन 124 करोड़ रुपए की रकम आवंटित की गई है। 
वर्ष 2020-21 के दौरान पटियाला में विरासती स्ट्रीट के निर्माण के लिए पटियाला विकास अथॉरिटी को 25 करोड़ रुपए की सहायता के आवंटन का प्रस्ताव है।
12 अप्रैल, 2020 से शुरू होने वाले श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 400 साला प्रकाश पर्व शताब्दी के सम्बन्ध में साल भर चलने वाले उत्सवों के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 25 करोड़ रुपए के प्राथमिक आवंटन का प्रस्ताव।
एक समर्पित ‘‘श्री गुरु तेग़ बहादुर मार्ग’’ जो तेज़ गति चार मार्गीय, श्री आनन्दपुर साहिब (रोपड़) से बंगा (एसबीएस नगर) तक 54.50 किलोमीटर लंबा होगा, का निर्माण किया जायेगा।
हरीके वैटलैंड और इकौ-टूरिज़्म डिवैल्पमैंट अथॉरिटी की स्थापना और वर्ष 2020-21 में इस मंतव्य के लिए 15 करोड़ रुपए के प्राथमिक ख़र्च का उपबंध किया जायेगा।
सामाजिक न्याय, अधिकारता और अल्पसंख्यक 
कुल एस.सी.एस.पी. योजना वर्ष 2018-19 में 3562 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2019-20 में 5030 करोड़ रुपए कर दी है और वर्ष 2020-21 में 6868 करोड़ रुपए कर दी गई है जो कि 2018-19 की अपेक्षा 92 प्रतिशत की वृद्धि है।
वर्ष 2020-21 के दौरान हमारे दबे-कुचले भाईयों का जीवन स्तर ऊँचा उठाने के लिए शैक्षिक, सामाजिक और अन्य विकास प्रोग्रामों के लिए विभिन्न कल्याण स्कीमों के अधीन 901 करोड़ रुपए का कुल उपबंध। विभिन्न स्कीमों के अधीन राज्य के हिस्से को 2019-20 (संशोधित अनुमान) की अपेक्षा 18 प्रतिशत बढ़ाया गया है।
आशीर्वाद: अनुसूचित जाति / बी.सी. / ईसाई / विधवा / तलाकशुदा और किसी भी जाति की विधवाओं की बेटियों के विवाह के समय पर दी जाने वाली 21,000 रुपए की दर से वित्तीय सहायता मुहैया करवाने के लिए 165 करोड़ रुपए का उपबंध। 
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना: अनुसूचित जाति-केंद्रित गाँवों में बुनियादी ढांचा सुविधाओं की तरक्की वर्ष 2020-21 के लिए 46 करोड़ रुपए का ख़र्च मुहैया करवाया जायेगा।
अनुसूचित जातियों की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले गाँवों के सुधार के लिए एक विशेष राज्य प्रयोजित योजना शुरू की जा रही है। इस स्कीम के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 10 करोड़ रुपए का आरंभिक उपबंध मुहैया करवाया गया है।
सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास
वर्ष 2016-17 के दौरान 19.08 लाख लाभपात्रियों की कवरेज से सामाजिक सहायता पैंशनों के लिए उपबंध 1100 करोड़ रुपए (चाहे कि हम जानते हैं इस का जारीकरन हमेशा की तरह अनिश्चित था), था, वर्ष 2019-20 के दौरान 24 लाख लाभपात्रियों को उनके खाता में सीधे तौर पर पैंशन डालने के लिए 2,165 करोड़ रुपए पैंशनों के लिए आवंटित किये गए हैं। वर्ष 2019-20 (बजट अनुमान) के मुकाबले 31 प्रतिशत के वृद्धि के साथ 2388 करोड़ रुपए का उपबंध।
एकीकृत बाल विकास योजना: 0-6 साल के बच्चों, गर्भवती औरतों और दूध पिलाने वाली माताओं के लिए पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए 65 करोड़ रुपए की रकम आवंटित की गई है।
हरेक जि़ले में बुज़ुर्ग नागरिकों के कल्याण के लिए बुढ़ापा घर स्थापित करने के लिए 5 करोड़ रुपए के मूलभूत आवंटित करने का प्रस्ताव।
अपंग व्यक्तियों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए राज्य स्तरीय स्कीम शुरू करने का भी प्रस्ताव और इस उद्देश्य के लिए अपेक्षित वित्तीय सहायता साल के दौरान मुहैया करवाई जायेगी। 
लैंगिक समानता को उत्साहित करने के लिए राज्य समूह विभागों में लैंगिक समानता बजट (जैंडर रिस्पांसिव बजटिंग) शुरू करने का प्रस्ताव।
नयी योजना ‘‘कस्तूरबा गांधी महिला योजना का प्रस्ताव रखता हूँ जिसका उद्देश्य, राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा चलाईं जातीं सभी मौजूदा महिला-केंद्रित सरकारी योजनाओं के लाभों को शामिल करना है जिससे सामाजिक क्षेत्रों और घर में औरतों और बच्चों के जीवन मानक को उभारना और सुरक्षा एवं सम्मान को यकीनी बनाया जाये। 
एक नयी योजना, ‘माता तृप्ता महिला योजना का प्रस्ताव किया गया है, जिसमें उन पहलूओं को कवर करने के लिए राज्य द्वारा नयी पहलकदमियां /प्रोग्राम शामिल किये जाएंगे, जिनको किसी भी मौजूदा केंद्र /राज्य द्वारा प्रायोजित महिला/बाल-लडक़ी आधारित स्कीमों के अंतर्गत शामिल नहीं किया गया। 
रक्षा सेवाएं
रक्षा सेवाओं के कल्याण के लिए 127 करोड़ रुपए आरक्षित रखे गए हैं जो कि 2019-20 (बजट अनुमानों) की अपेक्षा 29 प्रतिशत का विस्तार है।
हमारे शहीदों और पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान के तौर पर हमारी सरकार ने वीरता पुरस्कार जैसे परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र, शौर्य चक्र, मरने के उपरांत सम्मान प्राप्त करने वालों की विधवाओं और उनके वारिसों को दी जाती मासिक वित्तीय सहायता को बढ़ाकर उस वित्तीय सहायता के बराबर करने का प्रस्ताव रखा है, जो कि अपने जीवन काल में ही यह वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वालों की विधवाओं और उनके वारिसों को दी जा रही है। मैं पूर्व स्वतंत्रता काल के पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को दी जाती मासिक वित्तीय सहायता को भी तारीख़ 01.04.2020 से बढ़ाकर 6,000 रुपए प्रति माह करने का प्रस्ताव रखता हूं।
गार्डियनज़ ऑफ गवर्नेंस के अधीन 60 करोड़ रुपए का उपबंध मुहैया करवाया गया है।
श्रमिक कल्याण
सभी निर्माण कामगारों को उनके बुढ़ापे के दौरान 3,000 रुपए की निश्चित ज़रूरी मासिक वित्तीय सहायता मुहैया करवाने का फ़ैसला किया है और प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना (पीएमएसवाईएम) के अनुकूल उनके जीवन साथियों को 1500 रुपए प्रति माह वित्तीय सहायता देने का फ़ैसला किया है। यह स्कीम 3.5 लाख निर्माण कामगार परिवारों को लाभ पहुंचाएगी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतें 
स्मार्ट विलेज मुहिम: अगले दो सालों के लिए 3,000 करोड़ रुपए का ख़र्च आरक्षित किया गया है परंतु वर्ष 2020-21 के लिए 20,440 कामों को मुकम्मल करने के लिए 600 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है; ज़रूरत के अनुसार बाकी फंड आने वाले समय में मुहैया करवाए जाएंगे। 
जालंधर जि़ले के गाँव बल्लां को जाने वाली सडक़ों और आस-पास के सौन्द्रीयकरण के लिए 5 करोड़ रुपए के विशेष आवंटन का प्रस्ताव।
मनरेगा: इस योजना को लागू करने के लिए इस साल 230 लाख मानवीय दिहाडिय़ां सृजन करने के लिए 320 करोड़ रुपए आवंटित करने का प्रस्ताव।
एनआरएलएम: वर्ष 2020-21 के दौरान 32 करोड़ रुपए का ख़र्च प्रस्ताव किया गया है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी अरबन मिशन: इस मिशन के लिए वर्ष 2020-21 के लिए 90 करोड़ रुपए के ख़र्च का प्रस्ताव रखा गया है। 
प्रधानमंत्री आवास योजना: सरकार वर्ष 2020-21 के दौरान बाकी रहते 10,500 घरों को कवर करने के लिए 125 करोड़ रुपए ख़र्च करने का प्रस्ताव रखा गया है।
पंजाब ग्रामीण आवास योजना: पंजाब ग्रामीण आवास योजना, राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘कच्चे/अर्ध पक्के घरों’ के मालिकों को ‘पक्के घरों’ के तौर पर अपग्रेड करने के लिए अनुदान मुहैया करवाने का लक्ष्य है। इस मंतव्य के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 500 करोड़ रुपए के ख़र्च का प्रस्ताव किया गया है।
स्कूल शिक्षा 
स्कूल शिक्षा की तरक्की के लिए 12,488 करोड़ रुपए का उपबंध किया गया है जो कि वर्ष 2020-21 के लिए कुल ख़र्च का 8 प्रतिशत है। यह वर्ष 2016-17 में इस क्षेत्र के बजट आरक्षण की अपेक्षा 23 प्रतिशत ज्य़ादा है।
वर्ष 2020-21 के दौरान 4,150 अतिरिक्त क्लासरूमों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव। 
लुधियाना जि़ले में किदवयी नगर में एक नये सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपए और एसबीएस नगर में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक नये ब्लॉक के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए का आवंटन।
वर्ष 2020-21 के लिए स्कूलों में मुरम्मत और रख-रखाव के लिए 75 करोड़ रुपए का बजट उपबंध प्रस्ताव किया गया है। 
राज्य सरकार पहले पड़ाव में 259 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूलों में 10 किलोवाट के सोलर प्लांट स्थापित करने की इच्छा रखती है और 621 और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को दूसरे पड़ाव में कवर किया जायेगा।
स्मार्ट स्कूल नीति अधिसूचित कर दी है और डिजिटल एजुकेशन के लिए 100 करोड़ रुपए के ख़र्च करने का प्रस्ताव।
वर्ष 2020-21 के दौरान स्कूलों में लड़कियों की सुरक्षा और स्वास्थय के लिए 13 करोड़ रुपए का ख़र्च प्रस्ताव किया गया है। 
विद्यार्थियों को मुफ़्त परिवहन सुविधा के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 10 करोड़ रुपए का आवंटन का प्रस्ताव। 
सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में जल संरक्षण प्रणाली की स्थापति के लिए 25 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव।
उच्च शिक्षा
राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान के अतर्गत राज्य में उच्च शिक्षा के सुधार के लिए 174 करोड़ रुपए की रकम स्वीकृत की गई है।
राज्य की 2 यूनिवर्सिटियों में अनुसंधान गतिविधियों को प्रफुल्लित करने के लिए 150 करोड़ रुपए आवंटित। 
वर्ष 2020-21 में ऐतिहासिक सरकारी कॉलेज होशियारपुर, पटियाला, संगरूर, कपूरथला, मलेरकोटला और अमृतसर के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 5 करोड़ रुपए आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है। 
वर्ष 2020-21 के दौरान पाँच नये डिग्री कॉलेजों के निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपए का उपबंध भी किया गया है।
वर्ष 2020-21 के दौरान पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला में लड़कियों के नये होस्टलों के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रस्ताव।
सभी यूनिवर्सिटियों की ग्रांट-इन-एड के आवंटन में 6 प्रतिशत का विस्तार। 
तरन तारन जि़ले में एक नयी ‘श्री गुरु तेग़ बहादुर स्टेट लॉ यूनिवर्सिटी’ स्थापित की जायेगी।
तकनीकी शिक्षा
19 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाएं और एक प्राईवेट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के नवीनीकरण के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 35 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव।
राज्य द्वारा वर्ष 2020-21 से सभी जि़लों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को कवर करने के लिए 60 करोड़ रुपए के आरंभिक ख़र्च के साथ अपंग व्यक्तियों के लिए कम-से-कम 1 कोर्स शुरू किया जायेगा।
वर्ष 2020-21 के दौरान सरकार 75 करोड़ रुपए के आरंभिक ख़र्च के साथ 19 नयी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाएं स्थापित करना। 
वर्ष 2020-21 के दौरान, बटाला, अमृतसर, होशियारपुर, जीटीबी गढ़ (मोगा) और पटियाला में सरकारी पोलीटैक्निक कॉलेजों के बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के लिए 41 करोड़ रुपए का आवंटन।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 3778 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है जो कि 2019-20 (संशोधित अनुमान) के मुकाबले 2020-21 में 15 प्रतिशत अधिकहै।
वर्ष 2020-21 के बजट में इस उद्देश्य के लिए 221 करोड़ रुपए की रकम का प्रस्ताव।
15 करोड़ रुपए की लागत के साथ राज्य के सभी जि़ला अस्पतालों में आईसीयूज़ की स्थापना। 
साल 2020-21 के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं जैसे कि सब-सैंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसीज़) और कम्युनिटी स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसीज़) के साथ सम्बन्धित बुनियादी ढांचे का नवीनीकरण, मुरम्मत और रख-रखाव के लिए 50 करोड़ रुपए के विशेष आवंटन करने का प्रस्ताव।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्याक्रम: साल 2020-21 के दौरान आरबीएसके स्कीम के लिए एन.एच.एम. के अधीन 45 करोड़ रुपए का विशेष आवंटन। 
एकीकृत आयुष अस्पताल: थैलेसीमिया के मरीज़ों को आयुर्वैदिक थैरेपी प्रदान करने के लिए मॉडल ग्राम, लुधियाना में सरकारी आयुर्वैदिक अस्पताल में एक थैलेसीमिया सैंटर स्थापित करने की मंशा रखता है।
डॉक्टरी स्वास्थ्य एवं शिक्षा 
साल 2020-21 के दौरान 897 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है जो 2019-20 (संशोधित अनुमान) के मुकाबले 49 प्रतिशत की वृद्धि है।
कपूरथला और होशियारपुर में नये मैडीकल कॉलेजों की स्थापना के लिए हरेक को 10 करोड़ रुपए के मूलभूत आवंटन का प्रस्ताव। 
साल 2020-21 में पटियाला, अमृतसर और फरीदकोट में मौजूदा मैडीकल कॉलेजों के नवीनीकरण के लिए 224 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।
फाजि़ल्का में ट्रशरी कैंसर केयर सैंटर और अमृतसर और होशियारपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 72 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव। 
स्थानीय निकाय
साल 2020-21 में स्वच्छ भारत मिशन के लिए 103 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा जा रही है और यूएलबीज़ के सहयोग से हमारा उद्देश्य इस साल राज्य के सभी शहरों को कूड़ा मुक्त बनाने का है।
अमरुत: इस मंतव्य के लिए 700 करोड़ रुपए के बजट उपबंध का प्रस्ताव है।
स्मार्ट सिटी: इस मिशन के अधीन 532 करोड़ रुपए की कुल लागत के साथ काम चल रहा है। अन्य काम के लिए 1,248 करोड़ रुपए के टैंडर दिए जा चुके हैं। साल 2020-21 के दौरान इस मंतव्य के लिए 810 करोड़ रुपए के बजट उपबंध का प्रस्ताव।
प्रदूषित वातावरण, हवा की गुणवत्ता, नीचे जा रहे पानी के स्तर और साफ़-सफ़ाई जैसी चुनौतियों की तरफ विशेष ध्यान देते हुए मैं इस मंतव्य के लिए 104 करोड़ रुपए और 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों क्रमवार लुधियाना और अमृतसर के लिए 76 करोड़ रुपए की रकम आवंटित करने का प्रस्ताव।
साल 2020-21 के लिए 15वें वित्त आयोग द्वारा सिफ़ारिश के अनुसार अमृतसर, फिऱोज़पुर और जालंधर के कन्नटोनमैंट बोर्ड के लिए उचित राशि आरक्षित की जायेगी।
बुढ्ढा नाला लुधियाना के कायाकल्प के लिए 650 करोड़ रुपए की लागत वाला प्रोजैक्ट। साल 2020-21 में पटियाला में बड़ी और छोटी नदी के कायाकलम के लिए 60 करोड़ रुपए की राशि के ख़र्च।
पंजाब शहरी वातावरण सुधार प्रोग्राम (पीयूईआईपी): पंजाब के सभी 167 यू.एल.बीज़ में वातावरण और बुनियादी ढांचे में सुधार के मंतव्य के साथ इस प्रोग्राम की शुरुआत की गई है। इस प्रोग्राम का सम्बन्ध, निर्माण, सडक़ों के रख-रखाव, गलियों और ड्रेन, स्ट्रीट लाईटों, कूड़े-कर्कट का निपटारा और पार्कों आदि के साथ है और यह काम प्रगति अधीन है। हम अगले 2 सालों में लगभग 1,046 करोड़ रुपए ख़र्च करना चाहते हैं और इस साल हम इस प्रोग्राम पर लगभग 500 करोड़ रुपए ख़र्च करेंगे।
इस निधि के अधीन छोटे शहरी कस्बों में एस.टी.पीज़. स्थापित करने के लिए साल 2020-21 के लिए 100 करोड़ रुपए का उपबंध है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी): साल 2020-21 में इस प्रोग्राम के लिए 249 करोड़ रुपए के उपबंध का प्रस्ताव रखा गया है।
आवास एवं शहरी विकास
साल 2020-21 के दौरान पहले पड़ाव में गऱीब शहरी को 5,000 ई.डब्ल्यू.एस. मकान।
विभिन्न विकास अथॉरिटियों जैसे कि गमाडा, गलाडा, बीडीए, पीडीए, एडीए, जेडीए द्वारा साल 2020-21 के दौरान हमारे विस्तार कर रहे शहरी नगरों के योजनाबद्ध विकास के लिए 877 करोड़ रुपए की अनुमानित रकम के साथ शहरी बुनियादी ढांचा विकास कार्य किये जाएंगे।
बिजली
एससी, बीसी, नॉन-एससी, बीपीएल और स्वतंत्रता सैनानी उपभोक्ताओं को रियायती बिजली मुहैया करवा रही है। साल 2020-21 के दौरान कुल 1,705 करोड़ रुपए की रकम आवंटित करने का प्रस्ताव है।
साल 2022 में 14,800 मेगावॉट की और ज्य़ादा धान की फ़सल माँग की पूर्ति के उद्देश्य के लिए रोपड़, धन्नानसू, राजपुरा, बालाचौर और नकोदर में 400 केवी के कामों के लिए बिजली की सप्लाई की योजना भी बनाई गई है।
साल 2020-21 के दौरान 222.5 एमवीए सामथ्र्य वाले 13 नये सब-स्टेशन और 46 नयी 66 केवी की लाईनें 368.90 सर्कट केएम लंबाई में शामिल किये जाने की योजना है। 
इसके अलावा 35 सब-स्टेशनों का विस्तार जो कि सिस्टम में 325.5 एमबीए का विस्तार करेगा और 34 नं. 66 केवी लाईनों के 502.16 सर्कट केएम वृद्धि की भी योजना है।
हम एक्सलरेटिड पावर डिवैल्पमैंट रिफॉर्मज़ प्रोग्राम (एपीडीआरपी) के अधीन 30,000 या इसके ऊपर वाली आबादी वाले 47 कस्बों के वितरण नैटवर्क को मज़बूत करने का प्रस्ताव रखते हैं। डीडीयूजीकेवाई स्कीम के अधीन 252.06 करोड़ की लागत के साथ ग्रामीण क्षेत्रों /उप-शहरी क्षेत्रों की वितरण प्रणाली के मज़बूतीकरण का प्रस्ताव है।
नागरिक उड्डयन
पटियाला एविएशन कंपलैक्स (पीएसी) में सिविल एंड मिलिट्री एयरक्राफ्ट, इंजन-एयरक्राफ्ट / इंजन के हिस्सों और एवीओनिक हिस्सों के इलेक्ट्रॉनिक और मकैनिकल समूह का रख-रखाव, मुरम्मत और ओवरहॉल (एम.आर.ओ.) के लिए स्थापित किये गए तकनीकी हब्ब द्वारा एक ‘‘सैंटर ऑफ एक्सीलेंस’’ विकसित किया जायेगा। 
सडक़ें और पुल
साल 2020-21 में, राज्य में सडक़ों और पुलों के नवीनीकरण, निर्माण और मुरम्मत के लिए 380 करोड़ रुपए आवंटित किये गए हैं जिसके साथ राज्य की 405 किलोमीटर लम्बी सडक़ों को लाभ होगा। ब्यास से बाबा बकाला, बटाला और डेरा बाबा नानक प्रकाश पर्व मार्ग के नवीनीकरण का कार्य साल 2020-21 में शुरू हो जायेगा। 
बठिंडा, पठानकोट और अहमदगढ़ में आर.ओ.बी./ आर.यू.बीज़ के निर्माण के लिए 55 करोड़ रुपए रखे गए हैं। 
इसके अलावा, नाबार्ड की सहायता से 71 ग्रामीण सडक़ों और 4 पुलों के नवीनीकरण के लिए 100 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
साल 2020-21 के दौरान नवीनीकरण की जा रही प्रमुख सडक़ें, फरीदकोट-फिऱोज़पुर रोड; गुरदासपुर-काहनूंवान-श्री हरगोबिन्दपुर रोड, फिल्लौर-राहो रोड, चंडीगढ़ -लांडरां-चुन्नी-सरहिन्द-पटियाला रोड, अमृतसर- फतेहगढ़ चूडिय़ाँ-डेरा बाबा नानक आदि हैं। 
सरकार ने पठानकोट में ऐलीवेटड ट्रैक बनाने का एक महत्वपूर्ण प्रोजैक्ट अपने हाथ में लिया है। जिसके साथ 9 रेलवे क्रॉसिंग ख़त्म होंगे जो शहर की भीड़-भाड़ को कम करने में भी सहायता करेंगे। 
गाँव नूरमहल-धगाड़ा, जालंधर से गाँव भून्दड़ी, लुधियाना और जंडियाला गुरू, अमृतसर में एक बाइपास का प्रस्ताव। 
साल 2020-21 के दौरान मोरिंडा-चमकौर साहिब, बेला पन्याली सडक़ को चौड़ा करने के अलावा सतलुज नदी पर बेला में एक पुल के निर्माण कार्य को भी हाथ में लिया जायेगा।
हुसैनीवाला, फिऱोज़पुर में इस साल पुरातन महाराजा पुल के निर्माण और सुधार के लिए उचित आवंटन भी मुहैया करवाया गया है।
साल 2020-21 के दौरान, फतेहगढ़ साहिब, सरहिन्द से बस्सी पठाना तक एक आफटेक बाइपास का निर्माण करने का प्रस्ताव है।
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पी.एम.जी.एस.वाई.)-999 के अधीन 750 किलोमीटर लम्बी सडक़ों के निर्माण को अपग्रेड करने के लिए 250 करोड़ रुपए आवंटित किये गए हैं। 
केंद्रीय सडक़ फंड योजना के अंतर्गत 300 किलोमीटर सडक़ों को लाभ पहुँचाने वाले विभिन्न कार्यों के लिए 350 करोड़ रुपए का उपबंध किया गया है। 
राज फिरनियों को भी पक्की सडक़ों में बदल देगा, जिसके लिए 2020-21 के दौरान 200 करोड़ रुपए का एक विशेष प्रोजैक्ट शुरू किया जायेगा।
सरकार द्वारा 28,765 किलोमीटर सडक़ों की मुरम्मत के लिए 3,227 करोड़ रुपए ख़र्च किये गए हैं, जिसमें से 20,934 किलोमीटर लिंक सडक़ों की मुरम्मत हो चुकी है, जबकि रहती 7,831 किलोमीटर सडक़ों की मुरम्मत तारीख़ 30.06.2020 तक मुकम्मल कर ली जायेगी। इसके अलावा, इस साल के दौरान 215 करोड़ रुपए की लागत के साथ इन सडक़ों पर 960 पुलियों की मुरम्मत भी की जायेगी और साल 2020-21 के दौरान राज्य में 834 करोड़ रुपए की लागत के साथ 6,162 किलोमीटर लम्बी सडक़ों की मुरम्मत की जायेगी।
पट्टी को मक्खू और फिऱोज़पुर के साथ जोडऩा इस क्षेत्र के लोगों की लम्बे समय से चली आ रही माँग है। पट्टी-मक्खू रेल लिंक के लिए ज़मीन प्राप्ति के मकसद से, इस साल 50 करोड़ रुपए की रकम के आवंटन का प्रस्ताव है। 
साल 2020-21 के दौरान, राजपुरा से लुधियाना तक समर्पित फ्रंट कोरीडोर रेल लाईन के लिए भूमि प्राप्ति और आर.ओ.बी./ आर.यू.बीज़ के निर्माण के लिए 35 करोड़ रुपए निर्धारित किये गए हैं जो क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को उत्साहित करेंगे।
साल 2020-21 में सरकारी घरों और इमारतों की मुरम्मत और संभाल के लिए 60 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है, जिसमें ग्रुप-सी और डी कर्मचारियों द्वारा किराये पर लिए गए घरों की मुरम्मत के लिए 23 करोड़ रुपए का विशेष उपबंध शामिल है।
परिवहन
सभी सरकारी और प्राईवेट बसों में व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम / पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (वीटीएस/पीआईएस) लगाई जायेगी।
सीमावर्ती और कंडी क्षेत्र विकास बोर्ड
एकीकृत को यकीनी बनाने के लिए साल 2020-21 में सीमावर्ती और कंडी क्षेत्र के सर्वपक्षीय विकास के लिए 100 करोड़ रुपए और कंडी क्षेत्र विकास के लिए भी 100 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव।
सीमावर्ती क्षेत्र विकास प्रोग्राम: सीमावर्ती गाँवों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा आदि जैसे महत्वपूर्ण सैक्टरों में ज़रूरी बुनियादी ढांचे की सुविधा प्रदान करने के लिए, साल 2020-21 के लिए 100 करोड़ रुपए के बजट के उपबंध का प्रस्ताव है।
जल सप्लाई और सैनीटेशन
साल 2020-21 के दौरान जल सप्लाई और सेनिटेशन के अंतर्गत 2029 करोड़ रुपए की राशि मुहैया करवाई गई है जो 2019-20 (संशोधित अनुमान) में 128 प्रतिशत की वृद्धि है। 
मौजूदा जल सप्लाई स्कीमों के विकास के लिए सरकार 2020-21 के दौरान 886 करोड़ रुपए के अनुमानित खर्च किए के साथ 600 बस्तियाँ (स्लिप्पड बैक 350  गुणवत्ता प्रभावित 250) को कवर करने का इरादा रखती है।
राष्ट्रीय जल गुणवत्ता सब-मिशन प्रोग्राम के अंतर्गत, लम्बे समय के स्थायी उपायों को प्रदान करने के लिए 777 आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रभावित आबादी को कवर किया जायेगा। 
संगरूर जि़ले के गाँवों में पानी की सही सप्लाई की उचित मात्रा और बढिय़ा पानी, सतही जल सप्लाई के प्रोजैक्ट हाथ में लिए जाएंगे। 
साल 2020-21 में कंडी क्षेत्र की स्कीमों समेत सभी जल सप्लाई स्कीमों के अतर्गत मुरम्मत और रख-रखाव जारी रखेगी। साल 2020-21 में इस मंतव्य के लिए 30 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रस्ताव है।
फऱीदकोट शहर में जल सप्लाई के रख-रखाव के कार्य के लिए 8 करोड़ रुपए के विशेष आवंटन का प्रस्ताव है। 
होशियारपुर, मोगा, संगरूर और एस.ए.एस. नगर में चार मल्टी-जि़ला जल परीक्षण लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है।
जल स्रोत
साल 2020-21 के दौरान 30 किलोमीटर राजस्थान फीडर और 10 किलोमीटर सरहिन्द फीडर के लिए 300 करोड़ रुपए और 50 करोड़ रुपए की लागत के साथ काम शुरू किया जायेगा। 
साल 2020-21 के दौरान नालों की सफ़ाई, बाढ़ों की रोकथाम के कार्यों और जल निकास के कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए का उपबंध किया गया है।
कंडी क्षेत्रों में 175 करोड़ रुपए की लागत से गहरे ट्यूबवैल लगाने के प्रोजैक्ट कीइ वृद्धि सरकार अपने हाथों में लेगी। इस प्रोजैक्ट के अधीन आनन्दपुर साहिब के 18 ब्लॉक, बलाचौर, भुंगा, दसूहा, धारकलां, गढ़शंकर, होशियारपुर और अन्य ब्लॉकों में 443 गहरे ट्यूबवैल लगाए जाएंगे जो 46,448 एकड़ क्षेत्र को कवर करेंगे। यह प्रोजैक्ट 8,860 परिवारों को सिंचाई मुहैया करने को यकीनी बनाएगा। इस मंतव्य के लिए साल 2020-21 में 79 करोड़ का पहला आवंटन मुहैया करवाया गया है। 
साल 2020-21 के दौरान खेमकरन, लाहौर ब्रांच (गुरदासपुर और अमृतसर), सुखचैन और रामसर माइनर (फाजि़ल्का) में और निजामवाहा डिस्ट्रीब्यूट्री (फाजि़ल्का) के राणा लिंक चैनल के निर्माण और चक्क सोहेलेवाला (फाजि़ल्का) के निर्माण के लिए 6 नहरी प्रोजैक्टों के पुनर सुधार, पुनर निर्माण और आधुनिकीकरण का काम भी हाथ में लिया जायेगा।
वन और वन्य जीवन
साल 2020-21 के दौरान पनकामपा फंडों के लिए 57 लाख पौधे लगाने के लिए 180 करोड़ रुपए की राशि भी निर्धारित की गई। 
राज्य में वन्य जीवन के प्रबंधन और विकास के लिए 6 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया।
साल 2020-21 के दौरान ग्रीन पंजाब मिशन और पनकामपा (पीयूएनसीएएमपीए) के अधीन 8000 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर पौधे लगाने और ‘सब-मिशन ऑन एग्रो-फ़ारैस्ट्री’ के अंतर्गत किसानों द्वारा 50 लाख पौधे लगाने का काम हाथ में लिया जायेगा।
साल 2020-21 दौरान छत बीड़ चिडिय़ा घर, ज़ीरकपुर को सैलानी स्थल के तौर पर विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपए बुनियादी ढांचे के विकास की गतिविधियों के लिए मुहैया करवाया जायेगा। 
नई और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
साल 2020-21 के दौरान 300 मेगावॉट की सामथ्र्य के विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजैक्टों को हाथ में लिया जायेगा।
साल 2020-21 के दौरान हमारे गाँवों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से सोलर स्ट्रीट लाईटें लगाने के लिए 10 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ एक विशेष योजना का प्रस्ताव है। 
गृह मामले एवं न्याय
साल 2020-21 में जालंधर और बरनाला में दो और रसायनिक परीक्षण लैबोरेटरियाँ स्थापित की जाएंगी।
साल 2020-21 के दौरान कानून व्यवस्था की मशीनरी को मज़बूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 132 करोड़ रुपए की राशि मुहैया करवाई जा रही है।
जेलों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार केंद्रीय जेल, होशियारपुर में एक नया अस्पताल बनाएगी।
राज्य की 5 जेलों में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किये जाएंगे।
जेल सुरक्षा और निगरानी प्रणालियों के विस्तार के लिए साल 2020-21 के दौरान 25 करोड़ रुपए मुहैया किये जाएंगे।
ई-गवर्नेंस प्रोजैक्ट: साल 2020-21 के दौरान विभिन्न ई-गवर्नेंस प्रोजैक्टों को शुरू करने के लिए 68 करोड़ रुपए के ख़र्च का उपबंध किया गया है।
आबकारी और कर
वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2016-17 से सम्बन्धित लम्बित वैट मुल्यांकन मामलों का फ़ैसला करने के लिए पंजाब वैल्यू एडिड टैक्स एक्ट, 2005 के अंतर्गत एक नई मुल्यांकन नीति को अधिसूचित किया है। इस नीति के अधीन, छोटे व्यापारिक संस्थान मुल्यांकन से मुक्त हो जाएंगे और 8,000 बड़े व्यापारिक संस्थाओं को साल में वैट के अधीन मुल्यांकन किया जायेगा। नतीजे के तौर पर साल 2013-14 से 2016-17 से सम्बन्धित मामलों की संख्या 1,24,000 से कम होकर लगभग 30,000 रह जायेगी।
कुछ अन्य अहम ऐलान
1.    सीएलयू में छूट
शहरों में भीड़ को कम करने, रियल अस्टेट और व्यापारिक क्षेत्र को पुन: सृजत करने के उद्देश्य से और इनकी तरफ से रोजग़ार और माँग पर पड़ते प्रभावों को देखते सरकार ने म्यूंसीपल क्षेत्र से बाहर चैंज ऑफ लैंड यूज (सी.एल.यू.) के खर्च से छूट देने का फ़ैसला किया है। यह छूट दो सालों भाव 31.03.2022 तक होगी।
2.    मुफ़्त स्कूली शिक्षा
इस समय राज्य सरकार द्वारा आठवीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों और 12वीं कक्षा तक केवल लड़कियाँ को मुफ़्त शिक्षा प्रदान की जा रही है। सभी बच्चों को शिक्षित करने के हमारे उद्देश्य के हिस्सेके तौर पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह की सरकार ने सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ़्त शिक्षा देने का फ़ैसला किया है।
3.    फल और सब्जियों पर मंडी फीस और ग्रामीण विकास फीस (आरडीएफ) में कटौती
मेरी सरकार ने फ़सली विभिन्नता को उत्साहित करने और किसानी आय को बढ़ाने के यत्नों के लिए मंडी फीस और ग्रामीण विकास फीस (आरडीएफ) को घटाने का फ़ैसला किया है। फलों और सब्जियों की बिक्री कीमत पर लगने वाली फीस को 2 प्रतिशत (कुल 4 प्रतिशत) से घटा कर प्रतिशत किया गया है। (फल और सब्जियों की बिक्री कीमत पर कुल 1 प्रतिशत जो कि 1 अप्रैल से प्रभावी होगी)
4.    छठा वेतन आयोग
छठा पंजाब वेतन आयोग तारीख़ 24.02.2016 को नोटीफिकेशन के द्वारा स्थापित किया गया था और इसकी तरफ से जल्द शिफारिशें जमा करवाने की उम्मीद है। इसको देखते, मैंने 2020 -21 के बजट अनुमानों में इस सम्बन्धी उपयुक्त व्यवस्था की है।
5.    डीए में 6 प्रतिशत की वृद्धि
जैसे कि राज्य की वित्तीय हालात स्थिर हो रही है, मैं 01.03.2020 से सभी कर्मचारियों और पैनशनरों के महँगाई भत्ते (डी.ए.) में 6 प्रतिशत का बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव पेश किया है। डी.ए. में वृद्धि से पंजाब सरकार के खजाने पर लगभग 1000 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा।
6.    सेवा में वैकल्पिक वृद्धि वापस ली
पिछली सरकार ने सभी काडरों में 2 सालों के लिए सरकारी सेवा में वैकल्पिक वृद्धि की नीति को अधिसूचित करते हुये बढ़ रहे वित्तीय संकट से  निपटने के लिए एक आसान पहुँच अपनाई हालाँकि, इस कदम ने निसंदेह अदायगियों को अस्थाई तौर पर मुलतवी कर दिया परन्तु साथ ही नौजवानों के लिए रोजग़ार के मौकों पर बुरा प्रभाव डाला। मेरी सरकार ने सत्ता में आने से तुरंत बाद सभी विभागों में खाली पदों को भरने के लिए अथक मेहनत की है और अब अगले कदम के तौर पर मैं 31.03.2020 से सभी काडरों में वैकल्पिक सेवा वृद्धि को ख़त्म करने का ऐलान करता हूं और सभी कर्मचारी जो पहले ही यह वृद्धि ले चुके हैं उनको समर्थ अधिकारियों की तरफ से 31.03.2020 तक सेवामुक्त किया जायेगा। इसके लिए पैनशन और पैनशन सम्बन्धी लाभों के अतिरिक्त भार के लिए बजट अनुमानों में उपयुक्त व्यवस्था की गई है। 
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ਹੁਸ਼ਿਆਰਪਾਰ, 28 ਫਰਵਰੀ
ਅੱਜ ਸਵੇਰੇ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ-ਦਸੂਹਾ ਰੋਡ ਤੇ ਪੈਂਦੇ ਪਿੰਡ ਮਾਨਗੜ੍ਹ-ਪੁਲ ਨੇੜੇ ਵਾਪਰੇ ਭਿਆਨਕ ਸੜਕ ਹਾਦਸੇ ਦੌਰਾਨ 18 ਟਾਇਰੇ ਟਰਾਲੇ ਅਤੇ ਵਰਨਾ ਕਾਰ ਵਿਚਕਾਰ ਹੋਈ ਭਿਆਨਕ ਟੱਕਰ ਵਿੱਚ ਵਿਆਹ ਸਮਾਗਮ ਤੋਂ ਪਰਤ ਰਹੇ ਕਾਰ ਵਿੱਚ ਸਵਾਰ ਚਾਰ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਜਾਣ ਦਾ ਸਮਾਚਾਰ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਇਆ ਹੈ।
ਮਿਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਗੜ੍ਹਦੀਵਾਲਾ ਦੇ ਨੇੜਲੇ ਪਿੰਡ ਫਤਹਿਪੁਰ ਦੇ ਇੱਕ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੇ ਲੜਕੇ ਦੇ ਵਿਆਹ ਸਮਾਗਮ ਲਈ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਦੇ ਕਿਸੇ ਪੈਲੇਸ ਵਿੱਚ ਬੀਤੀ ਸ਼ਾਮ ਬਾਰਾਤ ਲੈ ਕੇ ਗਏ ਹੋਏ ਸੀ। ਜਦੋਂ ਉਹ ਅੱਜ ਵਾਪਿਸ ਸਵੇਰੇ ਵਿਆਹ ਸਮਾਗਮ ਨਿਪਟਾ ਕੇ ਆਪਣੇ ਪਿੰਡ ਫਤਹਿਪੁਰ ਨੂੰ ਪਰਤ ਰਹੇ ਸੀ ਤਾਂ ਪਿੰਡ ਮਾਨਗੜ੍ਹ ਪੁਲ ਨੇੜੇ ਪੁੱਜੇ ਤਾਂ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਪਾਸਿਓਂ ਆ ਰਹੇ 4023 ਪਰੇਮਾ ਟਰੱਕ ਟਰਾਲਾ ਪੀ.ਬੀ.10 Îੱਫ.ਵੀ. 7702 ਅਤੇ ਦਸੂਹਾ ਸਾਈਡ ਤੋਂ ਆ ਰਹੀ ਵਰਨਾ ਗੱਡੀ ਪੀ.ਬੀ. 10 ਸੀ.ਡਬਲਯੂ. 0307 ਵਿਚਕਾਰ ਭਿਆਨਕ ਟੱਕਰ ਹੋ ਗਈ। ਇਸ ਟੱਕਰ ਦੌਰਾਨ ਵਰਨਾ ਗੱਡੀ ਵਿੱਚ ਸਵਾਰ ਵਿਆਂਹਦੜ੍ਹ ਦੇ ਭਰਾ ਰਾਜੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਪੁੱਤਰ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ (23 ਸਾਲ) ਪਿੰਡ ਫਤਹਿਪੁਰ ਜੋ 18 ਯੈÎੱਕ ਰਾਈਫਲ ਜੰਮੂ ਦਾ ਆਰਮੀ ਦਾ ਜਵਾਨ ਸੀ ਅਤੇ ਛੁੱਟੀ ਲੈ ਕੇ ਆਪਣੇ ਭਰਾ ਦੇ ਵਿਆਹ ਸਮਾਗਮ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਣ ਆਇਆ ਸੀ, ਵਿਆਂਹਦੜ੍ਹ ਦੇ ਮਾਸੜ ਸੁਰਜੀਤ ਕੁਮਾਰ (ਲਗਭਗ 48 ਸਾਲ) ਪੁੱਤਰ ਕਰਤਾਰ ਸਿੰਘ ਵਾਸੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨਾ ਨਗਰ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਜੋ ਕਿ ਥਾਣਾ ਬਹਿਰਾਮਪੁਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿਖੇ ਕੁਝ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਹੌਲਦਾਰ ਤੋਂ ਬਤੌਰ ਏ.ਐÎੱਸ.ਆਈ. ਪ੍ਰਮੋਟ ਹੋ ਕੇ ਆਪਣੀਆਂ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨਿਭਾਅ ਰਿਹਾ ਸੀ ਤੇ ਵਿਆਂਹਦੜ ਦੇ ਮਾਮੇ ਦਾ ਲੜਕਾ ਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ (27 ਸਾਲ) ਪੁੱਤਰ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਵਾਸੀ ਜਗਤਪੁਰ ਖੁਰਦ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਅਤੇ ਵਿਆਂਹਦੜ੍ਹ ਦੇ ਜੀਜਾ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ (35 ਸਾਲ) ਪੁੱਤਰ ਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਵਾਸੀ 37-48 ਗਲੀ ਨੰ. 7, ਸ਼ਹੀਦ ਬਾਬਾ ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨਗਰ ਦਿੱਲੀ ਰੋਡ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੀ ਮੌਕੇ ਤੇ ਹੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ।ਇਸ ਮੌਕੇ ਉਕਤ ਮ੍ਰਿਤਕ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਮੈਂਬਰਾਂ ਦਾ ਵਿਰਲਾਪ ਦੇਖਿਆ ਨਹੀਂ ਸੀ ਜਾ ਰਿਹਾ ਅਤੇ ਵਿਆਹ ਸਮਾਗਮ ਵਾਲੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀਆਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਜਦੋਂ ਗਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਦਲ ਗਈਆਂ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਡੀ.ਐÎੱਸ.ਪੀ. ਦਸੂਹਾ ਅਨਿਲ ਭਨੋਟ ਅਤੇ ਅਡੀਸ਼ਨਲ ਐੱਸ.ਐੱਚ.ਓ. ਦਸੂਹਾ ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਭਾਰੀ ਫੋਰਸ ਸਮੇਤ ਮੌਕੇ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਸਥਿਤੀ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲਿਆ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਅਗਲੇਰੀ ਕਾਰਵਾਈ ਆਰੰਭ ਕਰ ਦਿੱਤੀ।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नशा माफिया की कमर तोड़ कर अपना वादा पूरा किया

चंडीगढ़, 26 फरवरी:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बुधवार को अकाली दल के सरप्रस्त प्रकाश सिंह बादल के उन दोषों को ‘झूठ का पुलिंदा’ करार दिया है कि जिसमें उन पर गुटका साहिब की कसम खाने के बाद राज्य में नशों को ख़त्म करने में असफल रहने का दोष लगाया था।
एक सीनियर राजनैतिक नेता के कोरे झूठ पर हैरानी ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने दमदमा साहिब में गुटका साहिब की कसम खाई थी कि वह नशों की रीढ़ की हड्डी तोड़ देंगे, जो उन्होंने सफलतापूर्वक कर दिया है।
शिरोमणि अकाली दल के नेता के ताज़ा बयान संबंधी आज विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा झूठ फैलाना बादल को शोभा नहीं देता।
कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि चुनावी वायदे के अनुसार उनकी सरकार की नशों के खि़लाफ़ व्यापक मुहिम ने राज्य में ड्रग माफिया की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है और यह मुहिम बिना रुकावट जारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पंजाब के लोगों के साथ अपने वायदे को पूरा करने के लिए एक व्यापक ई.डी.पी.- लागूकरण, नशा मुक्ति और बचाव की व्यापक रणनीति अपनाई है।
आंकड़ों का हवाला देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पिछले तीन सालों के दौरान पंजाब पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के अधीन 34,373 केस दर्ज करके 42,571 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया गया है और 974.15 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि कुल 193 ओटज़ क्लीनिक स्थापित किये गए थे, जिनमें नशा पीडि़तों को नियमित तौर पर मुफ़्त ईलाज मुहैया कराया जा रहा है। इस समय राज्य में 3.70 लाख व्यक्ति नशों से मुक्ति पाने के लिए ईलाज करवा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा रोकथाम मुहिम को लोगों की मुहिम बनाने के लिए उनकी सरकार द्वारा 5 लाख से अधिक नशा रोकथाम अधिकारी (डैपो) लगाए गए हैं और राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में 8 लाख के करीब बड्डी ग्रुप बनाए गए हैं जिससे नशों के खि़लाफ़ संदेश घर-घर पहुँचाया जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि पिछली सरकार द्वारा ऐसा कोई प्रयास नहीं किया गया था बल्कि वह तो राज्य में नशों की होंद से भी इन्कार करते रहे थे।’’
मुख्यमंत्री ने सदन को भरोसा दिया कि जब तक राज्य से मुकम्मल तौर पर नशों का ख़ात्मा नहीं कर दिया जाता तब तक यह यत्न जारी रखे जाएंगे और दोहराए जाएंगे।

संत निरंकारी मिशन रविवार 23 फरवरी को देश भर में एक स्वच्छता अभियान का आयोजन करेगा जिसमें अन्य स्थानों के अतिरिक्त 1166 सरकारी अस्पतालों की सफाई की जायेगी। यह अभियान देश के अतिरिक्त दूर-देशों में भी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की 66वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिन्होंने 36 वर्षों तक इस मिशन का सद्गुरु रूप में मार्ग दर्शन किया और 13 मई, 2016 को अपने नश्वर शरीर का त्यागकिया। बाबा जी कहा करते थे कि-प्रदूषण अंदर का हो या बाहर का,दोनों ही हानिकारक हैं।
यह सफाई अभियान संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वाधान् में आयोजित किया जा रहा है।
इसमें 3.5 लाख श्रद्धालु भक्त सम्मिलित होंगे जिनमें फाउंडेशन तथा संत निरंकारी सेवादल के सेवादारों के अतिरिक्त साध संगत के अन्य सदस्य भी होंगे। पिछले वर्ष इसी दिन 765 सरकारी अस्पतालों की सफाई की गई। देश की राजधानी दिल्ली में 11 बड़े सरकारी अस्पतालों की सफाई होगी, जिनमें शामिल हैं: डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल, सफदर जंग अस्पताल, डॉ बाबा साहिब अम्बेडकर अस्पताल, जग प्रवेश चंद्रा अस्पताल, लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल, डा. हेडगेवार आरोग्य संस्थान, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल, गुरु तेग बहादुर अस्पताल, दीप चंद बन्धु अस्पताल, संजय गांधी अस्पताल और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल। मिशन की कई ब्रांचों ने अपने निकट के पार्कों की वर्ष भर देखरेख करने की जि़म्मेदारी ले रखी है ताकि वह सुंदर व स्वच्छ रहें। जहाँ कोई सरकारी अस्पताल न हो वहाँ ऐसे पार्को एवं सत्संग भवनों की सफाई होगी। हर स्थान पर सभी श्रद्धालु भक्त प्रात: 8 बजे इक_े होंगे जिनमें फाउंडेशन तथा सेवादल के वालंटियर अपनी-अपनी निर्धारित वर्दी में आयेंगे और प्रार्थना के बाद सभी स्वच्छता अभियान में लग जायेंगे। यह अभियान दोपहर 12 बजे तक जारी रहेगा। संत निरंकारी मिशन आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ कई अन्य प्रकार से भी मानव सेवा करता आ रहा है। समाज कल्याण की गतिविधियों पर अधिक ध्यान दिया जा सके  इसके लिए अप्रैल 2010 में संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन का गठन किया गया। आज फाउंडेशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, युवाओं एवं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। यह सभी सेवाएं केवल सेवा भाव से ही की जा रही हैं,किसी पर एहसान नहीं किया जा रहा। फाउंडेशन चाहती है कि स्वास्थ्य हो, शिक्षा या कोई अन्य सामाजिक कार्य, हर मानव के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिले और यह धरती स्वर्ग का रूप दिखाई दे ।
बाबा हरदेव सिंह जी के जन्मदिन पर यह देश व्यापी अपितु विश्व व्यापी स्वच्छता अभियान वर्ष 2003 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। समय-समय पर अन्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई के अतिरिक्त अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, पुरातन स्मारकों, समुद्र तथा नदियों के तटों इत्यादि पर विशेष ध्यान दिया जाता रहा है।  


लुधियाना में राज्य स्तरीय ‘मातृभाषा दिवस’ के दौरान प्रमुख शख्सियतों का सम्मान
चंडीगढ़/लुधियाना, 19 फरवरी:
पंजाब के तकनीकी शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण, रोजग़ार सृजन, पर्यटन और सांस्कृतिक मामले संबंधी विभागों के कैबिनेट मंत्री स. चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा है कि पंजाब सरकार मातृभाषा पंजाबी को बनता मान-सम्मान दिलाने के लिए पंजाबी भाषा कमीशन को बहाल करेगी। इस समागम में पंजाब राज्य तकनीकी शिक्षा और ओद्योगिक प्रशिक्षण बोर्ड के चेयरमैन श्री महेन्दर सिंह के.पी. विशेष मेहमान के तौर पर शामिल हुए।
आज स्थानीय गुरू नानक भवन में ‘मातृभाषा दिवस’ सम्बन्धी आयोजित राज्य स्तरीय समागम को संबोधन करते हुए स. चन्नी ने कहा कि ‘‘मातृभाषा वह भाषा होती है, जो दिलों पर राज करती है। जिसमें बोलकर कोई अपने मन के भाव बढिय़ा तरीके से प्रकट कर सकता है।’’ उन्होंने कहा कि पंजाबी विश्व की 10वीं सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। जो भी स्कूल पंजाबी बोलने पर विद्यार्थियों को जुर्माने आदि लगाएगा उसके साथ पंजाब सरकार द्वारा बड़ी सख्ती के साथ निपटा जायेगा। प्रशासकीय कार्यों में भी पंजाबी भाषा के प्रयोग को उत्साहित किया जा रहा है।
स. चन्नी ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा तारीख़ 14 से 21 फरवरी तक ‘‘पंजाबी भाषा और सभ्याचार उत्सव’’ के शीर्षक अधीन हफ़्ता भर चलने वाले समागम राज्य के अलग-अलग हिस्सों में करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में पंजाबी भाषा के प्रचार और प्रसार के लिए वचनबद्ध है। इसी कारण इस दिशा में कई प्रयास भी किये जा रहे हैं।
आज के समागम के दौरान 13 प्रमुख शख्सियतों श्री खुशदेव सिंह गिल (भंगड़ा), श्री हरदीप (लोक गायक), श्री भुपिन्दर बब्बल (लोक गायक), श्रीमती डोली मल्कीयत (गिद्दा), श्री करमजीत सिंह खरड़ (अलगोज़ा वादक), श्रीमती सरबजीत कौर मांगट (गिद्दा), श्री तेजवंत किट्टू (संगीत निदेशक), श्री बलकार सिंह (भंगड़ा), श्री सुरिन्दर सिंह (भंगड़ा), श्रीमती प्रभशरन कौर (गिद्दा), श्री देव राज (ढोलक वादक) और श्री माली राम (ढोलक वादक) का विशेष सम्मान किया गया।
समागम के दौरान पंजाबी के मशहूर लोक गायक सतिन्दर सरताज ने अपनी संगीतमय प्रस्तुतीकरण से उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और पंजाबी भाषा को प्यार करने संबंधी कहा। बहु-तकनीकी और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं की कई टीमों द्वारा गिद्दा, भंगड़ा आदि का प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर अन्यों के अलावा चेयरमैन श्री के.के. बावा, नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन श्री रमन बालासुब्रामनियम, कार्यकारी डिप्टी कमिश्नर श्री इकबाल सिंह संधू, श्री एम.एस. जग्गी आई.ए.एस., श्री करनेश शर्मा आई.ए.एस. और अन्य उपस्थित थे।


मसीह को 2 दिनों की पुलिस रिमांड में भेजा गया
इटली के सिमरनजीत संधू को पकडऩे के लिए भी शुरु करें तैयारियां

चंडीगढ़, 19 फरवरी:
नशे के कारोबार में शामिल बड़ी मछलियों पर और सिकंजा कसते हुए पंजाब पुलिस की स्पैशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बुधवार को नशा तस्करी के मामले में सुबॉर्डीनेट सर्विसिज बोर्ड (एसएसबी) के पूर्व मैंबर और अकाली नेता अनवर मसीह को 31 जनवरी को गाँव सुलतानविंड, अमृतसर में उसके घर से बड़े स्तर पर बरामद हुए नशे के सम्बन्ध में गिरफ़्तार किया है।
उक्त दोषी बीती 31 जनवरी को 197 किलोग्राम हेरोइन के साथ और नशीले पदार्थों और रासायनों की बरामदगी के कारण पुलिस जांच अधीन था। दोषी पर एफ.आई.आर नं. 23 थाना एस टी एफ -एस ए एस नगर मोहाली में मामला दर्ज किया गया था। उसके घर में से 197 किलो से अधिक हेरोइन और बड़ी मात्रा में अन्य नशीले पदार्थ और रासायन बरामद हुए थे।
एस.टी.एफ के प्रमुख हरप्रीत सिंह सिद्धू ने यह जानकारी देते हुए खुलासा किया कि मसीह के खि़लाफ़ धारा 25 एन.डी.पी.एस एक्ट के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है क्योंकि उसकी मलकीयत वाले मकान में नशे का कारोबार चल रहा था। उसे आज अदालत में पेश किया गया और दो दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पिछली अकाली-भाजपा सरकार द्वारा मसीह को एस.एस.बोर्ड का मैंबर नियुक्त किया गया था। वह अकाली दल का सक्रिय मैंबर भी रहा है और पार्टी के कई बड़े दिग्गजों के नज़दीक बताया जाता है।
जि़क्रयोग्य है कि सुलतानविंड के आकाश विहार के एक घर में नाजायज ड्रग फैक्ट्री चलाई जा रही थी जहाँ से इन नशों की बरामदगी की गई थी। यह घर अनवर मसीह के नाम पर रजिस्टर है। हालाँकि मसीह ने दावा किया था कि उसने छह आरोपियों को यह मकान किराये पर दिया था, जिनको वहाँ से गिरफ़्तार कर लिया गया था, परन्तु वह मकान किराये पर देने सम्बन्धी कोई भी लिखित दस्तावेज़ जा किरायनामा पेश करने में असफल रहा और आस-पास के लोग भी यहाँ रहते किसी भी किरयेदार से अनजान थे। पुलिस द्वारा पड़ताल के दौरान यह भी पता चला है कि इस रैकेट का पर्दाफाश करने से पहले दोषी द्वारा मसीह के घर में एक महीने से अधिक समय तक नशे को सुधारने और बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा।
अपनी जायदाद की किरायेदारी साबित करने के लिए समय दिए जाने के बावजूद, मसीह यह दिखाने के लिए कोई दस्तावेज़ पेश नहीं कर सका कि उसने यह मकान किराये पर दिया था। बुधवार को जब वह दोबारा पूछताछ के दौरान किरायेदारी सम्बन्धी कोई दस्तावेज़ दिखाने में असफल रहा तो एसटीएफ अमृतसर ने उसको गिरफ़्तार कर लिया। सिद्धू ने कहा कि कानून के अनुसार मसीह ने किरयेदारों की पुलिस तस्दीक भी नहीं करवाई थी और जिससे उसके इरादों का पता चलता है।
हालाँकि, एटीएस गुजरात ने इटली से देश के सबसे बड़े नशा माफिया सिमरनजीत सिंह संधू की हवालगी के लिए पहले ही कार्यवाही शुरू कर दी है और एसटीएफ पंजाब भी इस सम्बन्धी कदम उठा रही है। सिद्धू ने कहा कि एसटीएफ को संधू की पूछताछ के द्वारा इस मामले में और बड़ी मछलियों के पकड़े जाने की उम्मीद है, जिसको पहले ही इटली में गिरफ़्तार किया गया है।

चंडीगढ़, 17 फरवरीः
लोंगोवाल स्कूल वैन में आग लगने की घटी दुखदायी घटना का गंभीर नोटिस लेते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों पर राज्य के ट्रांसपोर्ट विभाग ने सोमवार को 4504 स्कूली वाहनों की जांच की जिनमें से मोटर वाहन कानून के जरुरी मापदण्डों का पालन न करने पर 1649 वाहनों के चालान किये गए जबकि 253 को जब्त किया गया। सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसी मुहिम द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि ऐसे सभी वाहन सुरक्षा के लिए जरुरी नियमों के पालन को यकीनी बनाएं। गौरतलब है कि शनिवार को लोंगोवाल के नजदीक एक स्कूल वैन में आग लगने की दुखदायी घटना घटी जिसमें चार बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ट्रांसपोर्ट विभाग को स्कूली वाहनों की चैकिंग का आदेश देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के लिए कहा था।


हर परिवार के एक सदस्‍य को सरकारी नौकरी देने का वादा कर सत्‍ता में आई कांग्रेस सरकार के घर घर रोजगार मुहिम वालों के लिए वह बेरोजगार भी सहारा बन रहे हैं जिन्‍होंने खुद कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए वादे के तहत जोब कार्ड बनवाया था, लेकिन नौकरी न मिलने के बाद थकहारकर अब अपना कारोबार शुरू कर लिया है।
गौरतलब है कि सत्‍ता में आने से पहले कांग्रेस पार्टी की ओर से पंजाब में बेरोजगार युवाओं एवं उनके परिजनों को लुभाने के लिए प्रत्‍येक परिवार में से एक सदस्‍य को ना सिर्फ सरकारी नौकरी देने का वादा किया था बल्कि उनको पूरी तरह से झांसे में लेने के लिए जिस तरह कर्ज माफी के फार्म भरवाए गए तथा मोबाइल फोन के लिए आवेदन करवाए गए ठीक उसी तरह युवाओं के जोब कार्ड भी बनवाकर दिए गए। लेकिन सत्‍ता पर काबिज होने के बाद पार्टियां अपने खुद के किए गए वादों में अपने हिसाब से फेरबदल कर देती हैं। जिस तरह किसी समय अकाली भाजपा ने सत्‍ता में आने से पहले गरीबों को सस्‍ता आटा दाल देने का वादा कर वोट बटोरने के बाद इस योजना को लागू करते समय कई प्रकार की शर्ते लगाकर योजना के दायरे को सीमित कर दिया था उसी प्रकार कांग्रेस सरकार द्वारा भी सत्‍ता संभालने के बाद युवाओं को नौकरियां देने के लिए रोजगार मेले लगाए गए लेकिन मेलों में युवाओं को सरकारी नौकरी के बजाय निजी कंपनियों का सहारा लिया गया। यही नहीं घर घर रोजगार योजना के तहत युवाओं को फूड डिलिवर करने वाली कंपनियों में डिलिवरी ब्‍वाय से लेकर नए खुलने वाले निजी संस्‍थानों में सुरक्षा गार्ड तक के पदों पर लगवाने में सहयोग किया गया। राजवीर आरवी एवं जसप्रीत सिंह रीत नामक दो युवाओं ने जब कांग्रेस पार्टी द्वारा सत्‍ता में आने से पूर्व किए गए वादे के बारे में सुना तो उनकी उम्‍मीदों को पंख लग गए तथा दोनों ने बहुत चाव से जाकर अपने जोब कार्ड बनवाए। उनकी उम्‍मीद के अनुसार जब कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी तो दोनों को लगने लगा कि अब तो वह पक्‍की सरकारी नौकरी पर लग ही जाएंगे। इसी उम्‍मीद के सहारे उन्‍होंने निजी कं‍पनियों व अपना कोई काम करने का अहमियत नहीं दी। दोनों के परिवार वालों ने भी सरकारी नौकरी मिलने की उम्‍मीद में उनके जोब कार्ड संभाल संभाल कर रखे तथा बच्‍चों को नौकरी मिलने तक कोई अन्‍य काम करने को नहीं कहा। धीरे धीरे समय बीतता गया और सरकार द्वारा लगाए जाने वाले मेगा रोजगार मेलों में जब उन्‍होंने असलियत को जाना तो उनके सरकारी नौकरी के सपनों पर पानी फि‍र गया। काफी सोच विचार तथा परिजनों के नौकरी के पीछे समय बर्बाद करने के बजाय अपना कारोबार शुरू करने के लिए कहा तो आखिर में दोनों ने अपने अपने कारोबार करने का निर्णय ले ही लिया। राजवीर ने उचित जगह के चुनाव के बाद सारी तैयारी कर अकेडमी का आगाज कर दिया जबकि जसप्रीत ने भी मलोट रोड मुख्‍य मार्ग पर फास्‍ट फूड से अपने रेस्‍टोरेंट खोलने के इरादे से दुकान लेकर फर्नीचर आदि बनवाना शुरू किया। अभी उसका रेस्‍टोरेंट तैयार ही हो रहा था कि उसे सरकार द्वारा चलाई जा रही घर घर रोजगार योलना वाले कर्मचारियों का फोन आया। जब फोन रिसीव करने के बाद उसको दूसरी ओर से बताया कि हम घर घर रोजगार योजना  के तहत बोल रहे हैं आपको अपने रेस्‍टोरेंट के लिए कितने कर्मचारियों की जरूरत है हम आपको उपलब्‍ध करवाएंगे तो जसप्रीत की हैरानी की हद ना रही इसी तरह का फोन राजवीर को भी आया। दोनों जब शाम को रेस्‍टोरेंट पर मिले तो दोनों ने एक दूसरे को फोन के बारे में बताया तथा एक साथ ही दोनों ने अपने पर्स में से वह जोब कार्ड निकाले और उनको काफी देरतक देखते रहे जिन्‍हे पाकर उन्‍होंने भी कभी सरकारी नौकरी पर लगने का सपना देखा था।
नरिंदर सलूजा
श्री मुक्‍तसर साहिब
9872508564


दोनो अपराधी 2014 -15 से फऱार थे

चंडीगढ़, 16 फरवरी:
पंजाब पुलिस द्वारा ख़तरनाक गैंगस्टर बुढ्ढा केस में आगामी जांच से तीन दिन पहले गिरफ़्तार किये गए जगदीप सिंह उर्फ जग्गा (बिल्ला) और गुरविन्दर सिंह (पहलवान) के पाकिस्तान से सम्बन्ध सामने आए हैं।
पुलिस के एक प्रवक्ता के अनुसार दोनों से पाकिस्तान के सिम कार्ड बरामद किये गए हैं और दोनों दोषी गाँव कोट धर्म चंद कलां पुलिस थाना झबाल, जि़ला तरन तारन के निवासी हैं। प्रवक्ता के अनुसार अपराधियों को संगठित अपराध कंट्रोल यूनिट (ओ.सी.सी.यू.) और एस.ए.एस.नगर पुलिस के सांझे ऑपरेशन में गिरफ़्तार किया था। इन दोषियों के खि़लाफ़ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के अंतर्गत पुलिस थाना सिटी खरड़ में एफआईआर नं. 61 तारीख़ 13-02-2020 दर्ज की गई है। ए.आई.जी. एसएसओसी गुरमीत चौहान और एडीजीपी आईएस, आर.एन. ढोकर की निगरानी अधीन डीएसपी बिक्रम बराड़ के नेतृत्व वाली टीम द्वारा इस रैकेट की जांच में अब तक तकरीबन दो दर्जन बड़े दोषियों को गिरफ़्तार किया गया है।अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों दोषी जो 2014-15 से फऱार थे, को अलग-अलग तरीकों के ज़रिये और अलग-अलग मार्गों के द्वारा पाकिस्तान से भारी मात्रा में हेरोइन और जाली भारतीय करैंसी प्राप्त हुई थी। डायरैक्टोरेट रिवेन्यू इंटेलिजेंस (डी.आर.आई.), राजस्थान पुलिस और पंजाब पुलिस को पाकिस्तान से भारी मात्रा में हेरोइन लेने के मामला में इन दोषियों की तलाश थी।
जग्गा और पहलवान दोनों ने अपनी ख़ुद की ढिल्लों ट्रांसपोर्ट कंपनी में ट्रांसपोर्टरों के तौर पर काम किया और इस तरह पिछले 5 सालों के दौरान गिरफ़्तारी से बचते रहे। उन्होंने कथित तौर पर ड्रग मनी के साथ अपना साम्राज्य कायम किया था और फिऱोज़पुर के मक्खू जि़ले में एक नया मकान खरीदने के साथ साथ नई दिल्ली से पाँच नये ट्रक भी खऱीदे थे। उन्होंने कोट धर्म चंद, जि़ला तरन तारन में तकरीबन 4 एकड़ कृषि योग्य ज़मीन भी खऱीदी थी।
प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान उनके बैंक खातों में बड़े पैसों के लेन-देन का खुलासा हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि प्राथमिक पूछताछ में पता लगा है कि उनको हवाला के द्वारा पाकिस्तान के डीलरों द्वारा ड्रग मनी प्राप्त हुई थी।
जगदीप सिंह उर्फ जग्गा 2008 से ही सरहद पार से हेरोइन की तस्करी में शामिल था और तब ही उसने पहली बार पाकिस्तानी सिम कार्डों का प्रयोग करना भी शुरू किया था। वह उसी साल गुरविन्दर सिंह उर्फ पहलवान के संपर्क में आया था और इसके बाद उसका वह पाकिस्तान के अबद अली उर्फ बदी उर्फ बदली के संपर्क में आया।
जग्गा ने पाकिस्तान के सिम कार्डों का प्रयोग करके अटारी सरहद के नज़दीक पड़ते गाँव राजेतल और महावा ड्रेन के क्षेत्र में जैंका पहलवान और अबद अली ( दोनों पाकिस्तानी) के पास से नशें की खेप प्राप्त की। वह फाजिल्का -फिऱोज़पुर सरहद के नज़दीक बोदी लांमा (पाकिस्तान) से नशे की खेप भी खऱीदता था।
प्रवक्ता के अनुसार जग्गा साल 2015 में पाकिस्तान के गाँव नरवाड के निवासी मलिक के संपर्क में आया था और उस समय के बाद में उसे पाकिस्तान से नशे की भारी खेप मिल रही थी। उसने पाकिस्तान से ज़्यादातर नशे की खेपें रावी नदी के द्वारा और प्लास्टिक की ट्यूबों में प्राप्त की थीं। उसने नशे की ढुलाई के लिए के लिए अपने साथी महिन्दर सिंह उर्फ मिंदा की आल्टो, लेंसर, स्विफट, ट्रक और टाटा सूमो वाहनों का प्रयोग किया। टाटा सूमो में उसने नशे को छिपाने के लिए पिछली सीट के नीचे ना दिखने वाले बक्से बनाऐ थे।
एनडीपीएस के मामलों में उसकी दो बार गिरफ़्तारी के बाद जग्गा ने अंतरराष्ट्रीय नंबर पर वटसऐप का प्रयोग करना शुरू कर दिया था। उसे शुरू में डायरैक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस की तरफ से 13 किलो हेरोइन केस में गिरफ़्तार किया गया था। इस केस में उसे साल 2011 में 10 साल की कैद की सज़ा सुनाई गई थी, परन्तु 2014 में वह पैरोल पर बाहर आ गया। डी.आर.आई. द्वारा जनवरी 2015 में 42 किलो हेरोइन केस में उसको फिर से गिरफ़्तार किया गया। अक्तूबर 2015 में तरन तारन में अदालत में उसकी पेशी के दौरान वह पुलिस हिरासत में से भाग गया था और तब से फऱार था।
संयोग से जगदीप सिंह उर्फ जग्गा के पिता गुरदेव सिंह को भी 2005 के एक ड्रग केस में 11 साल की सजा सुनाई गई थी। 2014 में वह पैरोल पर बाहर आया था और अभी तक फऱार है।
जग्गे का चचेरा भाई पहलवान 2014 से 10 किलो हेरोइन की बरामदगी के मामले में फऱार था। गिरफ़्तारी से बचने के लिए उसने अपना रूप बदल लिया था और पगड़ी बांधनी शुरू कर दी थी।

मंदभागी घटना में चार बच्चों की दु:खद मौत पर गहरे दु:ख का प्रगटावा
प्रत्येक पीडि़त परिवार के लिए 7.25 लाख रुपए एक्स -ग्रेशिया का ऐलान

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए राज्य भर में स्कूल बसों की चैकिंग के आदेश

चंडीगढ़, 15 फरवरी:
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने संगरूर जि़ले में लोंगोवाल के नज़दीक स्कूल वैन को आग लगने की घटना में चार बच्चों की दर्दनाक मौत पर गहरे दु:ख का प्रगटावा किया है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे की मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक पीडि़त परिवार को 7.25 लाख रुपए एक्स-ग्रेशिया देने का ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को सभी स्कूल बसों की राज्य स्तरीय चैकिंग तुरंत शुरू करने के आदेश दिए जिससे बच्चों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के साथ-साथ भविष्य में ऐसे दु:खद हादसों को घटने से रोका जा सके। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सामाजिक सुरक्षा विभाग के जि़ला बाल सुरक्षा अफसरों को मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों पर सख्त नजऱ रखने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के आने-जाने के लिए इस्तेमाल कियेे जाने खऱाब वाहनों का प्रयोग करने पर स्कूल प्रबंधकों पर भी नजऱ रखने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को आदेश दिए कि मोटर व्हीकल एक्ट के विभिन्न उपबंधों के अंतर्गत तय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किये जाने पर जि़म्मेदार स्कूल प्रबंधकों के खि़लाफ़ सख्त कार्यवाही की जाये।
यह दु:खद हादसा उस समय पर घटा जब बदकिस्मत स्कूल वैन लोंगोवाल के एक प्राईवेट स्कूल के नरसरी विंग के बच्चों को सम्बन्धित स्थानों पर छोडऩे के लिए जा रही थी।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला के साथ डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी और एस.एस.पी. डा. सन्दीप गर्ग मौके पर पहुँचे और बाद में अस्पताल भी गए और पीडि़त परिवारों के साथ मुलाकात की।
स्कूल प्रबंधकों के खि़लाफ़ आई.पी.सी. की धारा 304 के अंतर्गत पहले ही केस दर्ज किया जा चुका है।


अपने-आप को आयोग का मैंबर बताकर कर रहा है लोगों को गुमराह
शिकायत मिली तो करेंगे कानूनी कार्रवाई-चेयरपर्सन तेजिन्दर कौर

चंडीगढ़, 13 फरवरी:
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग की चेयरपर्सन श्रीमती तेजिन्दर कौर आई.ए.एस. (सेवामुक्त) ने कहा है कि बाबू सिंह पंजावा पुत्र जीत सिंह, गाँव पंजावा, तहसील लम्बी, जि़ला श्री मुक्तसर साहिब, अब एस.सी. आयोग का ग़ैर सरकारी मैंबर नहीं है। 
चेयरपर्सन ने प्रैस बयान में बताया कि बाबू सिंह पुत्र जीत सिंह, गाँव पंजावा, तहसील लम्बी, जि़ला श्री मुक्तसर साहिब को कार्यालय सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग, पंजाब के आदेश पीठ अंकण नं:8/92/2005-भस/1054/59 तारीख़ 06-08-2015 के द्वारा पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग का ग़ैर सरकारी मैंबर नियुक्त किया गया था, परन्तु पंजावा के खि़लाफ़ विजीलैंस ब्यूरो, पंजाब द्वारा पचास हज़ार रिश्वत लेने के कारण मुकदमा नं:21 तारीख़ 27-10-2017 अधीन धारा 7,13(2) पी.सी. एक्ट-1988 के अंतर्गत फिऱोज़पुर में मामला दर्ज किया गया था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग एक्ट 2004 की धारा 4(2)(एफ) अधीन पीठ अंकण नं:8/75/2017 भस/69-700 तारीख़ 13-3-2019 के द्वारा बाबू सिंह पंजावा को पंजाब एस.सी. आयोग में ग़ैर सरकारी मैंबर के पद से हटा दिया गया था परंतु आयोग के नोटिस में आया है कि बाबू सिंह पंजावा द्वारा अभी भी अपने आप को पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग का मैंबर बता कर आम लोगों को गुमराह कर रहा है।
चेयरपर्सन श्रीमती तेजिन्दर कौर ने राज्य के लोगों से अपील की है कि वह बाबू सिंह पंजावा के साथ पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग से सम्बन्धित किसी भी तरह के कामकाज के लिए सम्पर्क न करें और यदि बाबू सिंह पंजावा अपने आप को आयोग का मैंबर बता कर लोगों पर प्रभाव डालने की कोशिश करता है तो उसकी शिकायत आयोग को की जाये जिससे उसके खि़लाफ़ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा सके। 

चंडीगढ़, 10 फरवरी:
कब्रिस्तान के लिए ज़मीन देने के लिए ईसाई भाईचारे की माँग पर कार्यवाही करते हुये मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग को राज्य भर में भाईचारे को कब्रिस्तान के लिए अपेक्षित जगह मुहैया करवाने के लिए तुरंत शामलात वाली ज़मीन की शिनाख्त करने के आदेश दिए हैं।

ईसाई कल्याण बोर्ड, पंजाब के चेयरमैन सलामत मसीह के नेतृत्व में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ईसाई भाईचारे को कब्रिस्तान के लिए उचित ज़मीन मुहैया करवाने के लिए वचनबद्ध है और इसको जल्द से जल्द अमली रूप दिया जायेगा।
ईसाई भाईचारे की भावनाओं के सत्कार के तौर पर ऐतिहासिक बेरिंग यूनियन क्रिश्चियन कॉलेज, बटाला से निकलने वाली प्रस्तावित नयी सडक़ इसके विरासती ढांचे से छेड़छाड़ किये बिना बनाने के लिए मुख्यमंत्री की तरफ से दिए निजी दख़ल के लिए प्रतिनिधिमंडल ने उनका धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री ने ईसाई भाईचारे के सर्वपक्षीय कल्याण के लिए फंडों के आवंटन के अलावा अन्य जायज माँगों पर गौर करने और बोर्ड को सहूलतें मुहैया करवाने का वायदा किया जिससे भाईचारे की इच्छाओं के मुताबिक कामकाज को यकीनी बनाया जा सके।
इस मौके पर शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला, उद्योग और वाणिज्य मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, विधायक नवतेज सिंह चीमा और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह उपस्थित थे।
ईसाई कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल में इसके सीनियर उप-चेयरमैन बिशप इमैनूअल, उप चेयरमैन तरसेम सहोता, रमन रमेश मसीह के अलावा मैंबर सन्नी बाजवा, हैपी मसीह, जैसों मैथ्यू, वी.वी. एंथोनी, कमल खोखर, प्रेम कुमार और दीपक नायर शामिल थे।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा भविष्य में ऐसी फिल्मों के निर्माण पर सख्त कार्यवाही करने की चेतावनी

चंडीगढ़, 9 फरवरी:
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से गैंगस्टर सुखा काहलवां के जीवन और अपराधों पर आधारित फि़ल्म ‘शूटर ’ पर रोक लगाने के आदेश से कुछ घंटों बाद पंजाब पुलिस ने रविवार बाद दोपहर को निर्माता / प्रमोटर के.वी. सिंह ढिल्लों और अन्यों के विरुद्ध हिंसा, घृणित अपराध, गैंगस्टर कल्चर, नशा, फिरौती, लूट, धमकियों और ऐसे अन्य अपराधों को कथित तौर पर उत्साहित करने के दोष में केस दर्ज किया। 
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की तरफ से डीजीपी दिनकर गुप्ता को निर्माता के.वी. ढिल्लों के विरुद्ध बनती कार्यवाही के निर्देश दिए जाने के बाद यह एफ.आई.आर दर्ज की गई है। के.वी. ढिल्लों ने साल 2019 में लिखित वायदा किया था कि वह ‘सुखा काहलवां ‘टाईटल के तहत फि़ल्म नहीं बनाऐगा। डीजीपी को यह भी कहा है कि वह फि़ल्म में प्रमोटरों, डायरैक्टर और एक्टरों के रोल संबंधी भी देखें।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने साफ़ किया है कि उनकी सरकार ऐसे किसी फि़ल्म, गाने आदि को चलाने की आज्ञा नहीं देगी जो अपराध, हिंसा और गैंगस्टर या राज्य में अपराध को बढ़ावा देती हो जो अकालियों के शासन के दौरान अकाली नेताओं की सरप्रस्ती अधीन प्रफुल्लित हुआ।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व अधीन सरकार को पिछले तीन सालों में राज्य की अमन, कानून व्यवस्था को बहाल करने के लिए लंबा समय लगा जोकि पिछले अकाली -भाजपा सरकार के दौरान सबसे निचले स्तर पर थी। प्रवक्ता ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि यह यकीनी बनाया जाये कि पंजाब में शान्ति और सांप्रदायिक सदभावना को भंग करने की किसी को भी इजाज़त न दी जाये।
डीजीपी ने खुलासा किया कि पंजाब में विवादित फि़ल्म पर पाबंदी का मामला शुक्रवार को मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग में विचारा गया था जिसमें एडीजीपी इंटेलिजेंस वरिन्दर कुमार भी उपस्थित थे और यह फ़ैसला किया गया कि फि़ल्म पर पाबंदी लगाई जाये जिसका ट्रेलर 18 जनवरी को रिलीज हुआ है। मीटिंग में यह सुझाव दिया गया कि यह फि़ल्म बहुत ही हिंसक है।
एडीजीपी ने आगे कहा कि यह देखते हुये कि इस फि़ल्म का नौजवानों पर बुरा प्रभाव हो सकता और इस फि़ल्म से कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मामले और न्याय को लिखे पत्र में कहा गया, ‘पंजाब में इस फि़ल्म को रिलीज़ और दिखाने पर पाबंदी लगा दी जाये।’
इससे पहले मोहाली पुलिस के पास इस फि़ल्म के द्वारा गैंगस्टर सुखा काहलवां को हीरो के तौर पर पेश करने की शिकायत मिली थी जिसमें फि़ल्म के निर्माता ने गैंगस्टर को शार्प शूटर के तौर पर पेश किया है जिसके विरुद्ध कत्ल, अपहरण और फिरौती के मामलों समेत 20 से अधिक केस दर्ज हैं। उसे गैंगस्टर विक्की गौंडर और उसके साथियों ने 22 जनवरी 2015 को मार दिया था जब उसे जालंधर में सुनवाई के लिए पटियाला ज़ेल से लाया जा रहा था।
अपने पत्र में ढिल्लों ने मोहाली के एसएसपी को लिखा था, ‘अगर आपका यह विचार है कि इस फि़ल्म से कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है तो मैं फि़ल्म के प्रोजैक्ट को बंद कर देता हूं।’  डीजीपी के अनुसार फि़ल्म के निर्माता ने फि़ल्म का प्रोजैक्ट रद्द करने की बजाय इस पर काम जारी रखा और अब 21 फरवरी को नये टाईटल और नये नाम के तरह उसी फि़ल्म को रिलीज़ किया जा रहा है।
सरकार द्वारा अब फि़ल्म पर पाबंदी लगाने का फ़ैसला मानसा पुलिस द्वारा पंजाबी गायकों सिद्धू मूसे वाला और मनकीरत औलख के खि़लाफ़ सोशल मीडिया पर हिंसा और अपराध का प्रचार करते हुये अपलोड किये वीडियो क्लिप के बदले केस दर्ज करने के 10 दिनों से कम समय अंदर किया गया।
गौरतलब है कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सिवल रिट्ट पटीशन 6213 /2016 में पंजाब, हरियाणा और यू टी चण्डीगढ़ के डीजीपी को निर्देश दिए थे कि यह यकीनी बनाया जाये कि कोई ऐसा गाना किसी लाइव शो के दौरान चलने न दिया जाये जो शराब, नशे और हिंसा का बढ़ावा करता हो। अदालत ने आगे हर जिले के जि़ला मैजिस्ट्रेट /एसएसपी को निर्देश दिए थे कि इन आदेशों की सख्ती से पालना करने की उनकी निजी जिम्मेदारी है।
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Chandigarh, February 8:  Punjab Vigilance Bureau, today nabbed an Assistant Sub Inspector (ASI) posted in police station anti power thept, Bathinda red handed while accepting bribe of Rs. 1,500/-.


            Disclosing this here, an official spokesperson of the Vigilance Bureau said ASI  Haqam Singh was nabbed red handed on the complaint of Narwinder Singh of Sunder Nagar, Faridkot district. The complainant has approached the VB and alleged that the accused ASI was demanding Rs 3,000 to help him in a police case and the deal was struck at Rs. 2,500. He further said that he had already paid Rs. 1,000 to the accused ASI.

            After verifying his information, the vigilance team laid a trap and the accused ASI was arrested on the spot while taking bribe of Rs. 1,500 from the complainant in the presence of two official witnesses.

             He informed that a case under Prevention of Corruption Act has been registered against the accused VB police station Ferozepur and further investigation was under progress.


चंडीगढ़, 4 फरवरी:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज थाना सीटी-2 जि़ला बरनाला में तैनात ए.एस.आई. सुरिन्दरपाल सिंह को 20,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त ए.एस.आई को शिकायतकर्ता जसवीर कौर निवासी ढिल्लों नगर, जि़ला बरनाला की शिकायत पर पकड़ा है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में बताया कि उक्त ए.एस.आई. द्वारा उसे एक केस में अदालत से ज़मानत दिलाने में मदद करने के बदले एक लाख रुपए की माँग की गई है और सौदा 50,000 में तय हुआ है।
विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी ए.एस.आई. को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में 20,000 रुपए की रिश्वत लेते मौके पर ही पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि दोषी के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो के थाना पटियाला में मुकदमा दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी है।
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आई.आई.टी. दिल्ली ने ट्रैफिक़ और सडक़ सुरक्षा में सुधार करने के लिए पंजाब के तीन शहरों एस.ए.एस. नगर, होशियारपुर और बठिंडा का किया चयन
चंडीगढ़, 4 फरवरी:
पंजाब पुलिस का ट्रैफिक़ विंग राज्य में आई.आई.टी. दिल्ली के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र के ट्रांसपोर्ट और वातावरण के साथ जुड़े स्थाई विकास प्रमुख लक्ष्यों को लागू करेगा। यह पहलकदमी ए.डी.जी.पी. (ट्रैफिक़), डॉ. शरद एस चौहान की पहल पर की गई है, जिसके अंतर्गत पंजाब पुलिस का ट्रैफिक़ विंग यातायात और सडक़ सुरक्षा के क्षेत्र में टीआरआईपीपी, आई.आई.टी. दिल्ली के साथ मिलकर काम करेगा।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि आई.आई.टी. दिल्ली ने ट्रैफिक़ और सडक़ सुरक्षा में सुधार करने के लिए जापान की अंतरराष्ट्रीय एसोसिएशन ऑफ ट्रैफिक़ सेफ्टी एंड साइंसिज़ के सहयोग से पंजाब के तीन शहरों एस.ए.एस. नगर मोहाली, होशियारपुर और बठिंडा की चयन की गई है।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजैक्ट का मुख्य उद्देश्य इन शहरों में ट्रैफिक़ सुरक्षा सम्बन्धी बड़ी मुश्किलों की पहचान करना है, जिसमें यात्रा के नमूनों सम्बन्धी दस्तावेज़ और ट्रैफिक़ सुरक्षा के मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा, स्थानीय हिस्सेदारों के साथ सलाह परामर्श करके संभव उपाय को पहल देने और एस.डी.जीज़ के आधार पर तीन शहरों की रिपोर्टें प्रकाशित करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने आगे बताया कि यह प्रोग्राम 7 और 8 फरवरी को दिल्ली में शुरू किया जायेगा जिसमें गज़टिड अधिकारियों के नेतृत्व में पंजाब पुलिस की टीम को पंजाब के ट्रैफिक़ सलाहकार समेत प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण मुकम्मल होने के बाद आई.आई.टी दिल्ली के प्रोफ़ैसर (डॉ.) गीतम तिवारी पंजाब पुलिस अधिकारियों को सडक़ सुरक्षा और वातावरण हेतु संयुक्त राष्ट्र सस्टेनेबल गोल्ज़ द्वारा निर्धारित मापदण्डों को तीनों शहरों जैसे साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, बठिंडा और होशियारपुर समेत सिविल प्रशासन में लागू करने सम्बन्धी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जापान की अंतरराष्ट्रीय एसोसिएशन ऑफ ट्रैफिक़ सेफ्टी एंड साइंसेज़ की टीम सक्रिय भागीदारी के साथ विस्तृत ट्रैफिक़ योजना तैयार की जायेगी। स्थापित प्रोटोकोल के अनुसार यह तीनों शहरों का चयन किया गया है। इसके अलावा, पंजाब पुलिस द्वारा 2017 से टैक्नीशियन की एक टीम के साथ वैज्ञानिक तरीकों से सडक़ सुरक्षा में सुधार लाने के लिए काम किया जा रहा है और पंजाब ने साल 2019 में सडक़ हादसों के कारण हुई मौतों में 4.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

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