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CHANDIGARH
Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh on Sunday ordered a probe into the explosion at a scrap dealer’s site that left one dead and another injured in Patiala.

The Chief Minister has also announced an ex-gratia payment of Rs. 1 lakh for the family of the deceased and Rs. 25,000 as compensation, besides free medical treatment, for the injured, according to an official spokesperson.
The Chief Minister has extended his sympathies to the family of Vikram Singh @ Nonu, who lost his life in the incident, and wished a speedy recovery for the injured Manohar Singh.

जब गुरु ग्रन्थ साहिब को बेकदरी से उठाकर ले जाती हुई कैमरे में कैद .... गांव भूंदड़ (मुक्तसर) की घटना


पटियाला

नाभा जेल ब्रेक कांड में शामिल तथा खालिस्तानी लिबरेशन फोर्स के चीफ हरमिंदर सिंह मिंटू की पटियाला जेल में मौत हो गई है  सूत्रों के मुताबिक मिंटू की मृतक देह को पटियाला के राजिंदरा अस्पतला में रखा गया है पुलिस द्वारा अस्पताल के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है



SAS Nagar (Mohali), April 16: Giving a major fillip to his government’s drive to strengthen the state’s healthcare facilities, Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh on Monday flagged off nine hi-tech ambulances, equipped with world-class equipment, from Mohali.

The Chief Minister lauded the efforts of Rajya Sabha MP Ambika Soni, who had procured the ambulances from MPLAD Funds for the nine segments of Sri Anandpur Sahib Parliamentary Constituency, which includes Mohali.
Urging other Congress MPs to emulate Ambika’s pro-poor initiative, the Chief Minister said such initiatives would go a long way in improving the health services in the state, which had witnessed significant strengthening of health infrastructure in the past one year. He cited the decline in the number of fatal road accidents to point out that timely on-road medical assistance through such ambulances can significantly cut down on fatalities.
Captain Amarinder Singh said his government was working on the upgradation of health services in Mohali, which had emerged as a major industrial and IT hub.
Speaking at the event, Ambika Soni described the ambulances as her humble contribution towards the Chief Minister's mission to provide the best health and medical services to the people at affordable cost. She also urged her colleagues to undertake similar endeavours to ensure quality health for all.
While three ambulances will cater to the needs of the people of Rupnagar, two have been earmarked for SAS Nagar, three for Shaheed Bhagat Singh Nagar and one for Hoshiarpur.
The ambulances are equipped with ABS interiors, foot operated hand wash system & wash basin, inverter, emergency light bar with siren & public address system, oxygen cylinder trolley for loading 2D type oxygen cylinders & side door for accessing oxygen cylinders (without oxygen cylinders), analog oxygen delivery system besides auto loader stretcher trolley with floor mounting mechanism.
In his address, Health & Family Welfare Minister Brahm Mohindra appreciated the Chief Minister for his personal efforts in getting the Mohali Government medical college approved from the Centre. He said the previous SAD-BJP regime did not pursue the college proposal effectively, and in fact, the then Deputy Chief Minister Sukhbir Singh Badal had explicitly stated the state government's inability in this regard on the relevant file.
Reiterating the Congress government's commitment to set up five new medical colleges in the state, Mohindra said that a beginning had been made from Mohali and the plans for the remaining four would also be realised soon. On the occasion, Mohindra joined the Chief Minister in reviewing the plans for the Mohali medical college.
Prominent amongst others who were present on the occasion were Technical Education Minister Charanjit Singh Channi, Media Advisor to CM Raveen Thukral, Principal Secretary to CM Tejveer Singh, MLA Mohali Balbir Singh Sidhu, MLA Nawanshahar Angad Singh Saini, MLA Hoshiarpur Shayam Sundar Arora, MLA Balachaur Chaudhary Darshan Lal, Former Ministers Jagmohan Singh Kang and Ramesh Dutt Sharma, Principal Secretary Health Anjali Bhawra, Mission Director NRHM Varun Roojam and Deputy Commissioner SAS Nagar Gurpreet Kaur Sapra.

14 अप्रैल शनिवार को तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो में वैशाखी का त्योहार बेहद श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया इस दौरान भारी संख्या में संगत श्री दरबार साहिब नतमस्तक हुई

मोहालीः- मशहूर पंजाबी सिंगर, एक्‍टर और डायरेक्‍टर परमीश वर्मा को मोहाली में हमलावरों ने गोली मार दी। यह हादसा देर रात 1.30 बजे का है। परमीश को हमले के बाद फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोशल मीडिया पर परमीश के साथ हुई कहासुनी के बाद आरोपी शख्‍स ने उन्‍हें गोली मारी है।
 जानकारी के अनुसार परमीश वर्मा देर रात चंडीगढ़ के एलांते मॉल से मोहाली के सेक्‍टर 91 स्‍िथत अपने घर पहुुंचे। वहां उन्‍होंने अपने बॉडगार्ड को उसके घर भेज दिया। कुछ देर बाद ही परमीश पर हमला हो गया। मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुलदीप चहल ने कहा कि कुछ अज्ञात हमलावरों ने परमीश वर्मा को कल रात सैक्टर 91 के पास उस समय गोली मार दी जब वह घर लौट रहे थे। फिलहाल परमीश वर्मा  की जान को कोई खतरा नहीं है। वहीं परमीश पर हमले की दिलप्रीत नामक शख्स ने जिम्मेदारी ली है।

दिलप्रीत सिंह दाहन ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर अपना अपराध कबूलते कहा कि उसने ही परमीश वर्मा को गोली मारी है।

जम्मू: जम्मू के कठुआ ज़िले में एक 8 साल की बच्ची के अपहरण, रेप और हत्या की घटना के हिंदू-मुस्लिम रंग लेने के बाद देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में ये वारदात सुर्खियां में है. हिंदू-मुस्लिम आधार पर कठुआ में वकीलों के जरिए क्राइम ब्रांच को चार्जशीट फाइल से रोकने की हरकत की हर तरफ निंदा हो रही है. अब सूबे की सीएम महबूबा मुफ्ती ने एलान किया है कि इंसाफ में किसी तरह की रुकावट बर्शात नहीं की जाएगी. उनका कहना है कि इस मामले में इंसाफ होगा. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार के एक पूर्व अधिकारी समेत सात अन्य लोगों को आरोपी बनाया है.



बकरवाल मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाली पीड़िता 10 जनवरी को यहां से 90 किलोमीटर दूर कठुआ के रासना गांव के पास के जंगलों में बने अपने घर से गायब हो गई थी। एक सप्ताह बाद उसका शव पास के इलाके से मिला था और मेडिकल जांच में सामूहिक दुष्कर्म का पता चला था। शुरूआती जांच में पुलिस ने एक नाबालिग को पकड़ा था। बाद में मामला जम्मू कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा को सौंपा गया था। 9 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने केस के आठ आरोपियों के खिलाफ 18 पन्नों का चार्जशीट दाखिल किया। इस दौरान वकीलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान झड़पें हुई। चार्जशीट की मानें तो आरोपियों की बर्बरता हैरान करने वाली है। चार्जशीट के मुताबिक, एक नाबालिग आरोपी ने एक अन्य आरोपी विशाल जंगोत्रा को लड़की के अपहरण के बारे में जानकारी दी और उसे कहा कि अगर वह हवस बुझाना चाहता है तो मेरठ से जल्दी आ जाए। विशाल जंगोत्रा कठुआ के रासना गांव पहुंचा। उसके बाद आरोपी मंदिर गया जहां भूखे पेट बंधक लड़की को नशे की टेबलेट दिए गए। उसका कई बार रेप किया गया। उसके बाद एक आरोपी ने कहा कि अब बच्ची की हत्या कर शव को छुपाना है तो इस सामूहिक दुष्कर्म की जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया ने आरोपियों से कहा कि वह थोड़ा इंतजार करे, वह भी हवस मिटाना चाहता है। फिर आठ वर्षीय लड़की का सामूहिक बलात्कार किया गया। उसकी पत्थरों से वार कर और गला घोंटकर हत्या कर दी गई। 15 जनवरी को शव को जंगल में फेंक दिया। चार्जशीट के मुताबिक पुलिस ने केस से बचाने के लिए रेप का आरोपी नाबालिग की मां से डेढ़ लाख रुपये घूस ली। चार्जशीट के मुताबिक, लड़की के पिता ने 12 जनवरी को हीरानगर थाने में केस दर्ज कराया था। उनकी शिकायत के मुताबिक, 10 जनवरी को लगभग 12:30 बजे के आसपास उनकी बेटी जंगल में घोड़ा के लिए चारा लेने गई थी। जिसके बाद वह नहीं लौटी। उनकी शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। उसके बाद जनता के आक्रोश को देखते हुए जांच स्थानीय पुलिस से लेकर अपराध शाखा को सौंपी गई। विधानसभा में भी खूब हंगामा हुआ। लोगों ने झंडे लेकर आरोपियों के पक्ष में प्रदर्शन किया। तब जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा था, "कठुआ में हाल में पकड़े गए दुष्कर्मी के बचाव में प्रदर्शन और मार्च से स्तब्ध हूं।" अपराध शाखा के मुताबिक आसिफा के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में हेड कांस्टेबल तिलक राज और सब-इंस्पेक्टर आनंद दत्ता को भी गिरफ्तार किया गया। दत्ता पहले इस मामले के जांच अधिकारी थे। सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ता पुलिसकर्मी ने महत्वपूर्ण सबूतों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। सूत्रों ने कहा था कि पीड़िता द्वारा पहने गए कपड़े को अपराध शाखा को सुपुर्द करने से पहले धोया गया था। कठुआ जिले के हीरानगर के रसाना गांव में आठ साल की बच्ची की हत्या करने से पहले उससे सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। नीचता की हद तो तब हो गई जब स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजूरिया ने बालिका की हत्या से पहले एक बार फिर दुष्कर्म करने की इच्छा जताई। सोमवार को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पुलिस द्वारा दाखिल 15 पेज के आरोप पत्र में यह बात कही गई है। बक्करवाल परिवार की बालिका रसाना के जंगल में 10 जनवरी को लापता हुई थी और उसका शव 17 जनवरी को बरामद हुआ था। इस मामले में गिरफ्तार आठ लोगों में एक नाबालिग भी है। आरोपपत्र के अनुसार बक्करवाल समुदाय को अपनी जमीन से हटाने के मकसद से सांझी राम ने बालिका के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की साजिश रची थी। लड़की को रसाना गांव में देवस्थान पर रखा गया था। पुलिस का एसपीओ दीपक खजूरिया, सुरेंद्र वर्मा, उसका दोस्त प्रवेश कुमार, सांझी राम का नाबालिग भतीजा व बेटा विशाल जंगोत्रा शामिल थे। आरोप पत्र में जांच अधिकारी सहायक सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता व कांस्टेबल तिलक राज का भी नाम है। उन पर कथित रूप से चार लाख रुपए लेकर महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने का आरोप है।

 

POINTS TO DECISION OF FILM-MAKERS NOT TO RELEASE MOVIE IN PUNJAB `FOR TIME BEING’




Chandigarh, April 10: Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh on Tuesday decided not to intervene on the issue of the controversial movie 'Nanak Shah Fakir' in view of the film-makers’ reported decision not to release the movie in the state. Any decision to ban on the movie had become unnecessary in view of the film-makers’ decision against releasing it in Punjab, he said. The makers of the film, in their petition before the Supreme Court, had clearly stated that “looking at the sensitivity of the issue and the public sentiment involved”, they had decided “not to release the film in the state of Punjab for the time being.” Taking cognizance of this submission, the Chief Minister, in a statement issued here, said no action was required on the part of the state government in the matter at present. The government would review the situation and take an appropriate decision if the same becomes necessary in the future, he added. The Chief Minister made it clear that his government would take all possible steps, as and when deemed necessary, to ensure that there is no disruption of law and order in the state. Any attempt to vitiate the peaceful atmosphere in the state would be dealt with an iron hand, he said. Captain Amarinder Singh said he had also taken note of the Akal Takht decision with regard to the film. The Akali Takht had yesterday decided to ban the movie amid protests by several Sikh organisations, who had objected to the portrayal of Guru Nanak ji, saying any on-screen depiction of a Sikh Guru or his family members was against the tenets of Sikh religion. Projecting the Guru and his family as human beings was offensive to the principles of Sikhi, they said. The Chief Minister was of the view that while authors, film-makers etc. had the creative freedom of expression, such freedom could not be allowed to violate the religious sensitivities of any community. At the same time, he appealed to the protesting Sikh organisations not to resort to violence or cause any damage to life and property to express their resentment against the movie. Captain Amarinder also clarified that, contrary to what was being stated in a section of the media, no orders banning the movie in Punjab had been issued by his government.


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WARNS AGAINST INDISCIPLINE IN THE FORCE; ASKS HOME SECY, DGP & CPS TO PROBE & SUGGEST ACTION


Chandigarh, April 7: 
Taking serious note of media reports suggesting dissension among the top brass of the Punjab Police, Chief Minister Captain Amarinder Singh on Saturday warned that he would not tolerate any indiscipline in the force.The Chief Minister discussed the issue with Home Secretary NS Kalsi, DGP Suresh Arora and CPS to CM Suresh Kumar, and directed them to examine the matter and suggest suitable action, as necessary to resolve the same.Captain Amarinder Singh was of the view that any grievance by any member of the police force, including those against colleagues, should be routed through the well-established administrative procedures and channels laid down for the purpose. There were well laid down hierarchies that needed to be stringently adhered to, if the police force was to function efficaciously, he added.The Chief Minister said that as a former member of a uniformed force, he was of the opinion that any act of indiscipline was a matter of grave concern, to be treated with seriousness. The 80,000 strong Punjab Police force naturally looked up to its senior officers for leadership and direction, he said, adding that internal discord or friction could seriously undermine its professional and operational capabilities.The Punjab Police, which had bravely fought militancy in the State in the 1980s and 90s, was required to be both professional and transparent in its functioning in order to effectively deal with the various challenges on the crime and law & order front, the Chief Minister pointed out.Police personnel, especially senior officers, were in the public eye at all times and needed to exercise due caution in their personal and professional conduct, Captain Amarinder Singh stressed, making it clear that he would not hesitate to take stern action, if needed, to check indiscipline.The Chief Minister directed the Home Secretary and the DGP to ensure that all investigations in the drugs cases are carried out impartially, without fear or favour. His government was committed not only to the elimination of drugs but also to stringent punishment, under the law, to those responsible for destroying the state’s future generation with this menace, he asserted.



Chandigarh, April 8





Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh today announced a special grant of Rs. 25 Lakhs for the development and upgradation of the Sikh Regiment Centre at Chandimandir. The Chief Minister made the announcement during the Baisakhi Lunch 2018, hosted by the Sikh Regiment at the Khetarpal Officers’ Institute (KOI) at the Chandimandir Military Station.

 


Nostalgically recalling his association with the Indian Army, Captain Amarinder Singh reiterated his personal commitment to the welfare of the soldiers and ex-servicemen, and said the grant would help in the development and upgradation of the sports infrastructure and other related facilities at the Centre. He also reaffirmed his government’s commitment to extend all possible assistance to the defence personnel and their families.The Chief Minister lauded the role of the ex-servicemen in his government’s flagship ‘Guardians of Governance’ (GoG) programme, thereby ensuring that the fruits of the official schemes reach the poor and the needy at the grassroots level. The Chief Minister, who has authored a book on the famous Saragarhi Battle, presented a relic each, from the Saragarhi Fort, to the Sikh Regiment Centre and to the 4 Sikh Regiment (formerly the 36 Sikh Regiment), who had fought the historic battle. The military historian said it took a lot of research to dig out the historical facts related to the battle, and, as a researcher, he discovered the immense contribution of the unsung hero Dad, who laid down his life along with other 21 bravehearts while fighting the Afghan tribals in the battle. Captain Amarinder Singh recalled with pride his association with the 2 Sikh Regiment, which he had served as an officer, and said he would remain a part of the prestigious Regiment till his last breath. He also narrated his experience and expertise of warfare, which he learnt from his “Guru ji”, then instructor at the Defence Academy Lt. Gen. (Retd.) P S Vadhera, who was also present at the event. Earlier, welcoming the Chief Minister, Colonel of the Sikh Regiment Lt. Gen. S K Jha thanked him for his personal efforts in ensuring a second career for JCOs and Other Ranks (ORs) after their superannuation from the defence services. General Jha lauded Captain Amarinder Singh's tremendous regimental spirit, and acknowledged his concern for the overall well-being of the soldiers. The Chief Minister, who was accompanied by his OSDs Major Amardeep Singh and Karanpal Singh Sekhon, interacted freely with the Army officers and their families, and posed for photographs with them. Prominent among others present on the occasion were Lt. Gen. (Retd.) S H Chahal, Lt. Gen. (Retd.) R S Sujlana, Lt. Gen. (Retd.) NPS Bal, & Lt. Gen. (Retd.) G S Shergil from the Sikh Regiment.




श्री मुक्तसर साहिब
शहर के कोटकपूरा-ब¨ठडा बाइपास पर रिलायंस कंपनी की ओर से खरीद किए गए करीब आठ एकड़ क्षेत्र में बुधवार की दोपहर एक बजे अचानक आग लग गई। सूचना के बाद पहुंची दमकल विभाग की टीम ने मुश्किल से आग पर काबू पाया। बुधवार की दोपहर करीब एक बजे अचानक आग लग गई। आग ने कुछ ही समय में तीव्र रुप धारण कर लिया। लोगों ने तुरंत ही दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना सदर प्रभारी पैरींविंकल ग्रेवाल के अलावा दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। करीब डेढ़ घंटे में भारी मशक्‍कत से आगग पर काबू पाया गया। आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है।



श्री मुक्तसर साहिब,
बाबा जी की आपार कृपा व समस्त शहर निवासियों के सहयोग से जय बाबा खेत्रपाल वेलफेयर सोसायटी मलोट रोड़ की ओर से 12वां विशाल जागरण स्थानीय चहल मार्किट में करवाया गया। जिसमें बड़ी संख्या में संगतों ने भाग लेकर बाबा जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर बाबा जी के सुंदर भजनों का गुणगान भजन गायक लक्की शेखावत जलालाबाद वाले, नीटू एंड पार्टी अबोहर वाले व विक्की लाड़ला मलोट वाले ने विशेष तौर पर पहुंचकर किया। इस दौरान भजन गायकों की ओर से जागरण की शुरूआत श्री गणेश वंदना से की गई इस उपरांत बाबा तेरिया जंडा दे ऊते आवा मेहर दी नजर करदे, फूलां ते मशानी खेलदी, प्यारा सजा है तेरा द्वार बाबा जी आदि भजनों का गुणगान कर संगतों को निहाल किया। इस संबंधी जानकारी देते हुए सोसायटी के सेवादार सुभाष खेड़ा, मनोहर लाल, विजय कुमार, बंटी पुरी, विजय चुघ, कुलदीप निक्कू, पवन कुमार, हरप्रीत सिंह व राजेश कपूर ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी 12वां विशाल जागरण करवाया गया। उन्होंने बताया कि सोसायटी द्वारा समय समय पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। इस अवसर पर नगर कौंसिल के अध्यक्ष हरपाल सिंह बेदी ने विशेष तौर पर पहुंचकर बाबा जी का अशीर्वाद प्राप्त किया। जागरण दौरान पूरी मार्किट व बाबा खेत्रपाल जी के मंदिर को रंग बिरंगी लाईटों से सजाया गया। इस दौरान बाबा जी का सुंदर भव्य दरबार मुख्य आर्कषित का केंद्र रहा। स्टेज की भूमिका सुरिंदर खेड़ा द्वारा निभाई गई। जागरण दौरान न्यू मुक्तिसर वेलफेयर सोसायटी द्वारा जोड़ों की सेवा निभाई गई। अंत में जागरण दौरान सहयोगियों संस्थाओंं को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अंत में अटूट लंगर वितरित किया गया।


श्री मुक्तसर साहिब के आदर्श नगर की गली नंबर छह में कमलदीप गाबा नामक एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी मनीषा कुमारी तथा सास कंचन बाला पत्नी हरदेव को मौत के घाट उतार कर खुद को भी गोली मार ली। मनीषा की लक्खेवाली निवासी मेडिकल स्टोर संचालक कमलदीप के साथ करीब 5 साल पहले शादी हुई थी तथा परिवारिक अनबन के चलते मनीषा पिछले 4 साल से अपने मायके में रह रही थी।


राजस्थान -

जयपुर शहर के ज्यादातर हिस्सों में बंद का असर देखा गया। टोंक रोड़ पर रेलवे फाटक पर कार्यकर्ता जमा हो गए तथा रेल आने पर उसके ऊपर चढ़ गए जिससे काफी समय तक जयपुर दिल्ली मार्ग अवरुद्ध रहा। दुकानें बंद कराने को लेकर भी व्यापारियों के साथ दलित कार्यकर्ताओं की झड़पें हुई। खैरथल और घाटला रेलवे स्टेशन पर डबल डेकर और शताब्दी ट्रेन को रोक दिया गया और अन्य ट्रेन को रोक कर प्रदर्शन किया गया। खैरथल में डबल डेकर एवं शताब्दी ट्रेन पर पथराव कर शीशे फोडऩे के समाचार भी है। बंद को लेकर जाम में फंसे वाहनों से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों ने पुलिस पर बंद समर्थकों का साथ देने का आरोप लगाया है। अलवर शहर के होप सर्कस पर बंद समर्थकों और व्यापारियों में नोकझोक हो गई जिससे हालात तनाव पूर्ण हो गए।



PUNJAB VIDHAN SABHA HAS ALREADY PASSED A RESOLUTION IN THIS REGARD ASKING CENTRE TO LEGALLY PURSUE THE CASE

Chandigarh, March 31: In view of the Bandh Call on April 2, against the dilution of SC/ST Atrocities Act, Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh appealed the people of the state especially the members of SC community to keep restraint and maintain law and order in the larger public interest.



In a statement issued here today, Captain Amarinder Singh also appealed to the people to maintain peace and communal harmony. The government respects the sentiments of all sections of the people and their rights to express their views in a legitimate and peaceful manner, nothing should be done to endanger the hard earned atmosphere of peace and communal harmony in the state.

The Chief Minister said that the Punjab Government was already committed for the welfare of Scheduled Castes, which was evident from the fact that the Punjab Vidhan Sabha unanimously adopted a resolution to express solidarity with our SC brethren during its recently concluded Budget Session seeking the NDA Government’s intervention to legally pursue the case in which a Supreme Court verdict had diluted provisions of the SC/ST (Prevention of Atrocities) Act. Captain Amarinder Singh further urged the SC Community and different associations to maintain peace, harmony and amity during the Bandh call.

The Chief Minister pointed out that since Punjab had the highest population of Scheduled Castes in the country, which constitutes nearly 32 percent of state’s population. Therefore, our Government accords the highest priority to ensure their all-round welfare and committed to safeguard their interests.

bttnews

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