[post ads]


जगमीत की मौत के बाद पूरा गांव सकते में 

 बड़ा भाई नशे की लत की वजह से ही जेल में

 लंबी


कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा सरकार बनाने से पहले गुटका साहिब हाथ में लेकर पंजाब को नशामुक्त करने की कसम खाने के बावजूद राज्य में नशे का छटा दरिया युवाओं को अपनी उफनती लहरों में जकडक़र मौत के मुंह में लेता जा रहा है। आए दिन नशे की ओवर डोज से हो रही मौतों के सिलसिले को देखते हुए पंजाब में जमीनी हकीकत को नशे पर आधारित फिल्म उड़ता पंजाब से भी भयावह नजर आने लगी है। 


सोमवार को लंबी के गांव कक्खावाली के महज 22 साल के युवक जगमीत सिंह पुत्र सुरजीत सिंह की नशे की ओवरडोज के कारण मौत हो गई। अविवाहित जगमीत सिंह का बड़ा भाई नशे की लत की वजह से ही जेल में है तथा उसके बीवी बच्चों के साथ घर में रह रहे बुजुर्ग माता पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के पास चार एकड़ जमीन थी जो सारी की सारी नशे की भेंट चढ़ चुकी है। जगमीत के चचेरे भाई गुरमीत सिंह के अनुसार जमगीत की मौत ओवरडोज के कारण हुई है। उसने बताया कि उनके गांव में नशा बेचने और खाने वालों की कोई कमी नहीं है, उन्होंने अपने स्तर पर भी नशा रोकने के प्रयास किए लेकिन प्रशासन के कोई सहयोग न देने कारण नशा फलफूल रहा है। जगमीत की मौत के बाद पूरा गांव सकते में आ गया है क्योंकि गांव में बहुत सारे युवक चिट्टे की लत के शिकार हैं। गांव के रविंदर सिंह ने गांव में नशे की बिक्री और सेवन पर चिंता जताते हुए इसके लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया तथा कहा कि महज बैठकों से नशा खत्म नहीं होने वाला। गांव के सरपंच ने भी कहा कि उनके गांव में नशा सरेआम बिकता है तथा करीब आधा गांव नशे की चपेट में है और इसी की भेंट आज युवा चढ़ गया है। 


चंडीगढ़, 26 जुलाई:
पंजाब के राज्यपाल द्वारा 15वीं पंजाब विधानसभा का 8वां सत्र 2 अगस्त, 2019 को बुलाया गया है।


पंजाब विधानसभा के सचिव श्रीमती शशि लखनपाल मिश्रा ने बताया कि पंजाब के राज्यपाल द्वारा यह सत्र 2 अगस्त, 2019 को बाद दोपहर 2 बजे पंजाब विधानसभा हॉल, विधान भवन, चंडीगढ़ में बुलाया गया है। इस संबंधी नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
-------------

फाजि़ल्का, 26 जुलाई:

          पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज सदर थाना, फाजि़ल्का में तैनात हवलदार मनजीत सिंह को 3,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।
          इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त हवलदार को शिकायतकर्ता सूरता सिंह निवासी गाँव राणा, जि़ला फाजि़ल्का की शिकायत पर पकड़ा है। शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो को अपनी शिकायत में दोष लगाया कि उसके खि़लाफ़ दर्ज शिकायत सम्बन्धी उसकी मदद करने के बदले 3,000 रुपए की माँग की गई है।
           विजीलैंस द्वारा शिकायत की पड़ताल के उपरांत उक्त दोषी हवलदार को दो सरकारी गवाहों की हाजिऱी में 3,000 रुपए की रिश्वत लेते मौके पर ही पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि दोषी के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो के थाना फिऱोज़पुर में मुकदमा दर्ज करके अगली कार्यवाही आरंभ कर दी है।
 -------------


बीसी कोटे का घर में लगा  मीटर उखाड़ने की देता था धमकी 
दो हजार पहले लिए पांच हजार और मांगे तो पीड़िता पहुंची विजिलेंस के पास 
श्री मुक्तसर साहिब,  15 जुलाई 
विजिलेंस विभाग श्री मुक्तसर साहिब की टीम ने पावरकाम के लाइनमैन को पांच हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों काबू किया है। उसके खिलाफ थाना विजिलेंस फिरोजपुर में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 



जानकारी के अनुसार गांव संगराना निवासी परमजीत कौर के घर बीसी कोटे में बिजली का मीटर लगा हुआ था। उसके द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार पावरकाम का लाइनमैन पीएसपीसीएल लुबानियांवाली में कार्यरत लाइनमैन राजू उक्त मीटर को उखाडने की धमकी देता था, तथा एक बार वह परमजीत कौर से दो हजार रूपये एंठ चुका था। परमजीत कौर ने बताया कि अभी वह उससे पांच हजार रूपये और मांग रहा था, जिसके चलते परेशान होकर उसने विजिलेंस विभाग के डीएसपी राजकुमार शामा को इसकी शिकायत कर दी। डीएसपी शामा ने अपने विभाग के एसएसपी हरगोबिंद सिंह के दिशानिर्देशों पर इंस्पेक्टर सतप्रेम सिंह, एएसआई गुरइकबाल सिंह, किक्क्र सिंह व नरिंदर कौर आदि कर्मचारियों की टीम बनाकर योजना तैयार की। निर्धारित योजना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने सरकारी गवाह एसडीओ हरप्रीत सागर व एसडीओ सुखदेव सिंह की मौजूदगी में लाइनमैन राजू को भाटिया टाइप सेंटर से पांच हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ काबू कर लिया। 

-- मां के हिस्से की बिकी जमीन के पैसे मांगता था शराबी बेटा

-- घटना के बाद गांव वालों ने काबू कर पुलिस को सौंपा

बठिंडा, बीटीटी न्यूज नेटवर्क 
 बठिंडा जिले में पड़ते गांव महिमा सरजा में बुधवार की रात को उस समय लोग सन्न रह गए जब गांव के एक शराबी युवक ने अपनी ही सगी मां के सिने में एक एक कर चार गोलियां दागकर उसे मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि मां द्वारा अपने हिस्से की बेची जमीन में से उसको पैसे देने से इंकार करना ही उसकी मौत की वजह बन गया। 



शराब के नशे में धुत्त बेटा वारदात को अंजाम देने के बाद करीब दस मिनट तक लाश के पास खड़ा रहा तथा लोगों को इकट्ठा होते देख जब भागने लगा तो लोगों ने काबू कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। थाना नेहियांवाला पुलिस ने मृतका के दामाद की शिकायत पर मामला दर्ज कर वारदात में प्रयोग किया गया लाइसेंसी रिवाल्वर भी बरामद कर लिया। पुलिस को दिए बयान में मृतका के दामाद गुरमीत सिंह उर्फ दीना ने बताया कि उसका साला गुरतेज सिंह उर्फ तेजा शादीशुदा है और अपनी मां मंजीत कौर से अलग रहता है। तेजा गांव में नाई की दुकान करता है। शराब पीने का आदि होने कारण उसकी सास मंजीत कौर ने तेजा सिंह को उसके हिस्से की जमीन व मकान देकर अलग कर दिया, लेकिन उसकी नजर अपनी मां के हिस्से की करीब दो कैनाल जमीन पर थी। वह बार-बार घर आकर उससे पैसे मांगकर लड़ाई-झगड़ा करता था। बीती बुधवार को भी मंजीत कौर ने पैसे देने से इंकार किया, तो शराब के नशे में धुत्त तेजा ने 32 बोर के लाइसेंसी रिवाल्वर निकालकर एक एक कर चार गोलियां अपनी मां की सीने में दाग दी। एसएसपी बठिंडा डॉ. नानक सिंह के अनुसार गुरतेज सिंह उर्फ तेजा को गिरफ्तार कर रिवाल्वर बरामद कर लिया गया है।

मोहाली (चंडीगढ़) 
 रैप गायक यो-यो हनी सिंह मुसीबत में फंस गए हैं। उनके खिलाफ वूमेन कमीशन के आदेश पर मोहाली के माटौर थाने  में मामला दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ यह मामला उनके नए गाने मखना में महिलाओं के लिए आपत्तिजनक और अशिष्ट शब्‍दों के प्रयोग के आरोप में दर्ज किया गया है। 

पता चला है कि उनके साथ मखना म्‍यूजिक एलबम के प्रोड्यूसर भूषण कुमार के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। नए एलबम 'मखना' में  महिलाओं के लिए आपत्तिजनक व भद्दी शब्‍दावली के कारण हनी सिंह विवादों में घिर गया है। हनी सिंह के साथ गायिका नेहा कक्‍कड़ के खिलाफ भी इस मामले में लपेटे में आ सकती हैं। हनी सिंह के खिलाफ मंगलवार को पंजाब वूमेन कमीशन के आदेश पर मोहाली के थाना माटौर में महिलाओं को बदनाम करने व उनके सम्‍मान को ठेस पहुंचाने के आरोप के अंतर्गत भादसं की धारा 294 व 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 


सेवा में,
सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी,
जत्थेदार, श्री अकाल तख्त साहिब,
श्री अमृतसर साहिब।
विषय:- श्री गुरू नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व मनाने में शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा निभाई जा रही आपत्ति योग्य भूमिका सम्बन्धी।
श्रीमान सिंह साहिब जीओ,
वाहिगुरू जी का खालसा।। वाहिगुरू जी की फ़तह।।
जगत गुरू श्री गुरू नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व पंजाब में सभी पक्षों द्वारा साझे तौर पर मनाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी द्वारा की गई पहल के तौर पर दास अपने दो अन्य साथी मंत्रीयों सहित पिछले दिनों आप जी और शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भाई गोबिंद सिंह जी लोंगोवाल जी को मिला था। श्री अकाल तख्त साहिब जी कार्यालय में बहुत ही सदभावना वाले माहौल में हुई इस मीटिंग में हुए लंबे विचार-विमर्श के बाद यह फ़ैसला हुआ था कि गुरूद्वारा साहिबान के अंदरूनी सभी समारोह शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी करेगी और बाहर के प्रबंध पंजाब सरकार करेगी। यह भी तय हुआ था कि मुख्य समारोह में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश करने, समापन के समय अरदास करने, हुक्मनामा लेने और कड़ाह प्रसाद वरताने की सेवा भी शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी करेगी।
इन फ़ैसलों के अलावा यह भी तय हुआ था कि मुख्य समारोह की रूप रेखा बनाने और इस मौके पर दुनिया भर में प्रमुख राजनैतिक, धार्मिक और सामाजिक शख़्िसयतों को आमंत्रण देने जैसे अन्य महत्वपूर्ण मामलों सम्बन्धी विचार-विमर्श करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी जल्द ही श्री अमृतसर साहिब आकर श्री अकाल तख्त साहब जी के जत्थेदार और शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान साहिब के साथ एक मीटिंग करेंगे।
सिंह साहिब जी, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी की पहल की बदौलत हुई इस मीटिंग का पूरे सिख जगत में बहुत ही अच्छा प्रभाव गया था क्योंकि हर गुरू नानक नाम लेवा प्राणी यह चाहता है कि वर्ष 1999 में खालसा पंथ की तीसरी जन्म शताब्दी और उसके बाद आईं अन्य ऐतिहासिक शताब्दियों से उलट यह शताब्दी सभी सम्बन्धित पक्षों द्वारा मिल-जुल कर मनाई जानी चाहिए।

परन्तु बड़े ही खेद के साथ हमें आप जी के ध्यान में लाना पड़ रहा है कि शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भाई गोबिन्द सिंह लोंगोवाल जी एक राजनैतिक जमात शिरोमणी अकाली दल के हाथों में खेलते हुए अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनकर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को प्रकाश पर्व में शामिल होने का आमंत्रण पत्र देने चले गए। सिंह साहिब जीओ, शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जी की इस कार्यवाही से जहाँ सिख जगत की सिरमौर जत्थेबंदी शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है, वहीं कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व का 550वां ऐतिहासिक दिवस मिल-जुल कर मनाने के किये गए यत्न भी चोटिल हुए हैं।
सिंह साहिब जीओ, पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी का यह ऐतिहासिक प्रकाश पर्व पंजाब में मनाने के लिए दो ही प्रमुख पक्ष हैं। एक लोगों द्वारा चुनी हुई पंजाब सरकार और दूसरी सिख जगत की नुमायंदा जमात शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी। राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी की दिली इच्छा यह है कि यह ऐतिहासिक दिवस दोनों पक्ष श्री अकाल तख्त साहिब जी की देख-रेख और रहनुमाई मेें मिल-जुल कर मनाएं। राज्य की राजसी, धार्मिक और सामाजिक जत्थेबंदियाँ इस महान कार्य में अपना-अपना सहयोग दें। समस्त सिख जगत और हर पंजाबी की भी दिली भावना यही है।
परन्तु अब शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी ने समूचे सिख पंथ की नुमायंदा जत्थेबंदी के तौर पर अपने फज़ऱ् निभाने की जगह एक राजनैतिक पार्टी शिरोमणी अकाली दल के पीछे लगकर जहाँ सिख पंथ की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, वहीं पंजाब सरकार द्वारा बाबा नानक जी का ऐतिहासिक प्रकाश पर्व साझे तौर पर मनाने कि की जा रही कोशिशों को नुक्सान पहुँचाया है। शिरोमणी कमेटी के प्रधान जी द्वारा उठाए गए इस कदम से दोनों पक्षों का आपसी विश्वास टूटा है और अनावश्यक शक व शंकाएं उभरी हैं।
हमें इस ऐतिहासिक दिवस पर होने वाले मुख्य समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के शामिल होने पर कोई आपत्ती नहीं है। परन्तु जिस ढंग से शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जी शिरोमणी अकाली दल की संकुचित राजनीति के अंतर्गत यह आमंत्रण देकर आए हैं उससे हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची है। बेहतर यह होता कि आपके साथ होने वाली मुख्यमंत्री जी की मीटिग में जो कोई प्रमुख राजनैतिक, धार्मिक और सामाजिक शख़्िसयतों को बुलाने का फ़ैसला होता उनको पंजाब सरकार और शिरोमणी कमेटी द्वारा साझे तौर पर आमंत्रण पत्र भेजे जाते। प्रधानमंत्री जी को भी पंजाब के मुख्यमंत्री और शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान साझे तौर पर आमंत्रण देने जाते।

सिंह साहिब जीओ, दुनिया भर की सिख संगतें महसूस कर रही हैं कि शिरोमणी अकाली दल पहले की तरह ही इस ऐतिहासिक दिवस के अवसर पर होने वाले समारोहों को खालसा पंथ की चढ़दी कला की जगह केवल अपने संकुचित राजनैतिक लाभ के लिए ईस्तेमाल करना चाहता है। परन्तु सिख जगत यह चाहता है कि यह ऐतिहासिक दिवस इस गौरवमयी ढंग से मनाया जाना चाहिए कि पूरी दुनिया में सिखों की चढ़दी कला हो। पूरे सिख जगत की नजऱें इस समय आप पर टिकी हुई हैं कि आप अपनी ऐतिहासिक भूमिका किस तरह निभाते हो। जत्थेदार साहिब जीओ, इस टूटे विश्वास को पुन: बहाल करने के लिए हमें गुरू साहिबान द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलना चाहिए। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का फरमान है:
होई इकत्र मिलहु मेरे भाई दुबिधा दूरी करहु लिव लाई।।
हरि लामै की होवहु जोड़ी गुरमुखी बैसहु सफा विछाई।।
दास की आप जी को विनम्र विनती है कि आप शीघ्र ही दोनों पक्षों की एक साझी सभा बुलाकर इस ऐतिहासिक दिवस को सिख सिद्धांतों, ऐतिहासिक परंपराओं और पंथक रीति रिवाज़ों के अनुसार मनाने के लिए अपनी रहनुमाई प्रदान करें।
                        सत्कार सहित।
                                        आप जी का दास
(सुखजिन्दर सिंह रंधावा)


एक एकड़ का मालिक दो करोड़ रुपए जीता

चंडीगढ़, 7 जुलाई: 
बैसाखी का त्योहार पंजाबी बड़े ही चाव और खुशियों से मनाते हैं। यह पंजाब की ख़ुशहाली के साथ जुड़ा त्योहार है और बैसाखी ने मोगा के परविन्दर सिंह की जि़ंदगी में भी खुशियाँ और ख़ुशहाली लाई है।

 पंजाब लॉटरी विभाग द्वारा जारी ‘बैसाखी बंपर-2019’ का 2 करोड़ रुपए का पहला इनाम इस बार परविन्दर सिंह के नाम रहा है और जीत की राशि कुछ समय पहले उसके बैंक खाते में आ चुकी है। 
परविन्दर सिंह की आयु 34 वर्ष है और वह गाँव नत्थूवाला जदीद (मोगा) का निवासी है। उसके परिवार के पास सिफऱ् एक एकड़ ज़मीन है, जिस पर खेती करके वह परिवार का गुज़ारा करते हैं। उसने बताया कि वह जीती गई यह राशि अपने दो बच्चों के अच्छे भविष्य और पढ़ाई पर ख़र्च करेगा। परविन्दर ने कहा कि बैसाखी बंपर उसकी जि़ंदगी में ‘अलादीन के चिराग़’ जैसे आया जिसने पलों में ही उसे करोड़पति बना दिया। 
उसकी लॉटरी निकलने के पीछे एक दिलचस्प कहानी है। उसने बताया कि वह और उसके पिता जी पिछले काफी सालों से पंजाब सरकार द्वारा जारी लॉटरी बंपर खरीदते आ रहे हैं। कई बार तो उन्होंने दो-दो टिकटें भी खरीदीं। इसी तरह एक दिन मोगा से गाँव को जाते हुए उसने लॉटरी का स्टाल देखा और मोटरसाईकल रोक कर बैसाखी बंपर-2019 की टिकट खरीद ली। जब नतीजा आया तो दो करोड़ रुपए का पहला इनाम उसके नाम हो चुका था। उसने कहा कि जब पहले लॉटरी नहीं निकलती थी तो वह निराश हो जाता था परन्तु बैसाखी बंपर ने उसके परिवार की किस्मत बदल दी है। 
परविन्दर ने कहा कि जीती हुई राशि जल्द प्राप्त करने में लॉटरी विभाग द्वारा की गई पहल और सकारात्मक रवैया प्रशंसनीय है। उसने पंजाब सरकार का धन्यवाद किया जिसकी बदौलत उसकी आर्थिक तंगीयों का अंत हुआ है। 

bttnews

{picture#https://1.bp.blogspot.com/-pWIjABmZ2eY/YQAE-l-tgqI/AAAAAAAAJpI/bkcBvxgyMoQDtl4fpBeK3YcGmDhRgWflwCLcBGAsYHQ/s971/bttlogo.jpg} BASED ON TRUTH TELECAST {facebook#https://www.facebook.com/bttnewsonline/} {twitter#https://twitter.com/bttnewsonline} {youtube#https://www.youtube.com/c/BttNews} {linkedin#https://www.linkedin.com/company/bttnews}
Powered by Blogger.