सांपला की दखलअंदाजी उपरांत सरकार व कालेज ने जारी की डाक्टर की एमबीबीएस की डिग्री

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 दलित छात्रा बनी डाक्टर: विजय सांपला के निर्देश पर पंजाब सरकार व कालेज प्रबंधकों ने जारी की दलित छात्रा की एमबीबीएस की डिग्री

सांपला की दखलअंदाजी उपरांत सरकार व कालेज ने जारी की डाक्टर की एमबीबीएस की डिग्री

चंडीगढ़, 14 सितंबर: नेशनल एससी कमीशन के चेयरमैन विजय सांपला के निर्देशों उपरांत पंजाब सरकार ने दलित छात्रा को उसकी एमबीबीएस की डिग्री प्रदान कर दी है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा एससी स्कालरशिप स्कीम के सर्कूलर की गलत व्याख्या/अर्थ निकालकर छात्रा की स्कालरशिप रोक दी थी।  उल्लेखनीय है कि नेशनल एससी कमीशन के दिल्ली स्थित हैड आफिस में बीती एक सितंबर को चेयरमैन विजय सांपला द्वारा शिकायत का निवारण करते हुए पंजाब सरकार के अधिकारियों व कालेज प्रबंधकों को तुरंत दलित छात्रा को उसकी एमबीबीएस की डिग्री जारी करने को कहा था।

एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने वाली डाक्टर शीना मट्टू ने चेयरमैन विजय सांपला का आभार जताते हुए बताया कि कालेज द्वारा वजीफा राशि न मिलने के कारण उसकी उत्तीर्ण की गई एमबीबीएस की डिग्री नहीं दी जा रही थी। उसने बताया कि वर्ष 2015 में मैनेजमेंट कोटे से लुधियाना के दयानंद मेडीकल कालेज (डीएमसी) में दाखिला लिया था। उसको पहले दो वर्षों के लिए स्कालरशिप की राशि अदा की गई, पर राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के एक परिपत्र की गलत व्याख्या करने के चलते उसकी एससी स्कालरशिप बंद कर दी गई। वहीं कालेज द्वारा भी उसकी एमबीबीएस की डिग्री देने से इनकार कर दिया गया।
सांपला ने मीटिंग में पंजाब सरकार के अधिकारियों व कालेज प्रबंधकों बताया कि 2018 में जारी किए गए केंद्र सरकार के सर्कूलर के अनुसार राज्य सरकारों को प्रबंधन कोटे के अधीन दाखिला लेने के चाहवान विद्यार्थियों के लिए स्कालरशिप स्कीम को बंद करने के लिए कहा गया था। सांपला ने कहा कि उक्त सर्कूलर में स्पष्ट लिखा है कि जो लाभपात्री विद्यार्थी पहले से इस स्कीम के अनुसार दाखिला प्राप्त कर चुका है, उसको निरंतर स्कालरशिप जारी रहनी चाहिए, जबकि 2017-18 सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को ऐसे लाभ नहीं दिए जाएंगे।
सांपला ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का उक्त सर्कूलर उन विद्यार्थियों के लिए लागू होता है, जो कि वर्ष 2018 तथा इसके बाद दाखिला लेते हैं। उन्होंने कहा कि डा. शीना मट्टू का दाखिला वर्ष 2015 में हुआ था, जिसके चलते उस पर सर्कूलर की हिदायतें लागू नहीं होती।
आखिरकार नेशनल एससी कमीशन के चेयरमैन द्वारा केंद्र सरकार के उक्त सर्कूलर पर स्पष्टता उपरांत पंजाब सरकार व कालेज प्रबंधकों ने डा. शीना मट्टू को डिग्री सौंप दी।

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