Page Nav

Grid

GRID_STYLE

Grid

GRID_STYLE

Hover Effects

Classic Header

{fbt_classic_header}

 ਬੀਟੀਟੀ ਨਿਊਜ਼ 'ਤੇ ਤੁਹਾਡਾ ਹਾਰਦਿਕ ਸਵਾਗਤ ਹੈ, ਅਦਾਰਾ BTTNews ਹੈ ਤੁਹਾਡਾ ਆਪਣਾ, ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਵੀ ਅਪਣੇ ਇਲਾਕੇ ਦੀਆਂ ਖਬਰਾਂ 'ਤੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰ ਸਾਨੂੰ ਭੇਜ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਵਧੇਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ Mobile No.7035100015, WhatsApp - 9582900013 ,ਈਮੇਲ contact-us@bttnews.online

ਤਾਜਾ ਖਬਰਾਂ

latest

 ਬੀਟੀਟੀ ਨਿਊਜ਼ 'ਤੇ ਤੁਹਾਡਾ ਹਾਰਦਿਕ ਸਵਾਗਤ ਹੈ, ਅਦਾਰਾ BTTNews ਹੈ ਤੁਹਾਡਾ ਆਪਣਾ, ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਵੀ ਅਪਣੇ ਇਲਾਕੇ ਦੀਆਂ ਖਬਰਾਂ 'ਤੇ ਇਸ਼ਤਿਹਾਰ ਸਾਨੂੰ ਭੇਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵਧੇਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ Mobile No. 7035100015, WhatsApp - 9582900013 ,ਈਮੇਲ contact-us@bttnews.online

कृषि विभाग द्वारा किसानी संघर्ष के दौरान शहादतें देने वाले 147 किसानों के परिवारों को नियुक्ति पत्र जारी - रणदीप नाभा

  नियुक्ति पत्र कैबिनेट मंत्रियों द्वारा उनके घर जाकर सौंपे जाएंगे चंडीगढ़, 5 अक्तूबरः संकट की इस घड़ी में किसानों और उनके परिवारों के साथ खड़े...

 नियुक्ति पत्र कैबिनेट मंत्रियों द्वारा उनके घर जाकर सौंपे जाएंगे

चंडीगढ़, 5 अक्तूबरः

संकट की इस घड़ी में किसानों और उनके परिवारों के साथ खड़े रहने सम्बन्धी अपनी वचनबद्धता को ज़ाहिर करते हुये कृषि विभाग द्वारा आज किसानी संघर्ष के दौरान शहादतें देने वाले 147 किसानों के परिवारों को नियुक्ति पत्र जारी किये गए।
कृषि विभाग द्वारा किसानी संघर्ष के दौरान शहादतें देने वाले 147 किसानों के परिवारों को नियुक्ति पत्र जारी - रणदीप नाभा


इस संबंधी जानकारी देते हुये कृषि मंत्री स. रणदीप नाभा ने बताया कि मुख्यमंत्री पंजाब स. चरणजीत सिंह चन्नी के गतिशील नेतृत्व में यह पत्र सम्बन्धित मंत्रियों को सौंपे गए हैं जो सम्बन्धित परिवारों के घर जाकर इन नियुक्ति पत्रों को निजी तौर पर सौंपेंगे। राज्य सरकार की तरफ से चल रहे किसानी संघर्ष के दौरान शहादतें देने वाले किसानों के परिवारिक सदस्यों को नौकरी देने का भरोसा दिया गया था। कृषि विभाग ने राजस्व, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर यह नियुक्ति पत्र जारी किये हैं। पंजाब सरकार किसानों के हक में डट कर खड़ी है। उन्होंने कहा, ’’जो कीमती जानें गंवाईं गई हैं, उनकी भरपाई नहीं की जा सकती परन्तु फिर भी मृतकों के आश्रितों को मुआवज़ा दिया जाना चाहिए।’’

स. नाभा ने आगे कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है जो राष्ट्रीय ख़ाद्य अनाज पुल में 30-40 प्रतिशत गेहूँ और 25-30 प्रतिशत चावलों में योगदान डाल कर देश के गरीबों का पेट भर रहा है और भारत की कुल भूमि का 1.5 प्रतिशत क्षेत्रफल रखता है। पिछले एक साल से अधिक समय से हमारे किसान राष्ट्रीय राजधानी की सरहदों पर बैठे हैं और केंद्र सरकार की तरफ से लागू किये तीन काले कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। वह सिर्फ़ यही चाहते थे कि संसद की तरफ पास किये यह काले कानून रद्द किये जाएँ और पंजाब सरकार की तरफ से विधान सभा में पहले ही इन कानूनों के विरुद्ध प्रस्ताव पास किया जा चुका है।

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि सभी डिप्टी कमिश्नरों को बकाए सम्बन्धी दावों को जल्द से जल्द निपटाने के लिए सख़्त हिदायतें जारी की गई हैं।

No comments

Ads Place