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भाजपा के हिटलर शाही मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी बसपाः जसवीर सिंह गढ़ी

  - फौज का दायरा बढ़ाने का मकसद संविधान के मूल ढांचे से छेड़छाड़ व अघोषित इमरजेंसी जालंधर/चंडीगढ़ 15 अक्टूबरः बहुजन समाज पार्टी पंजाब के प्र...

 - फौज का दायरा बढ़ाने का मकसद संविधान के मूल ढांचे से छेड़छाड़ व अघोषित इमरजेंसी

जालंधर/चंडीगढ़ 15 अक्टूबरः


बहुजन समाज पार्टी पंजाब के प्रधान सरदार जसवीर सिंह गढ़ी ने प्रेस नोट जारी करते हुए सर्वप्रथम सभी पंजाबियों और देशवासियों को विजयदशमी की बधाई देते हुए कहा कि हम सभी को सकल्प लेना चाहिए कि देश व प्रदेश में जो बुराई वाली ताकतें हैं, उन्हें हराकर सच का साथ देने वालों का साथ देंगे। सरदार गढ़ी ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा पंजाब, असम और पश्चिम बंगाल की सरहदों का दायरा 50-50 किलोमीटर तक करके बीएसएफ के हवाले किए जाने पर सख्त ऐतराज जताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी, जिसे लोग बुरी तरह से नकार रहे हैं, अब धक्के के साथ देश के सरहदी प्रदेशों पर कब्जा करने की नीति पर आमादा है और उसी का ही परिणाम है कि पंजाब के सरहदी इलाकों को बीएसएफ के हवाले कर दिया गया है।

                       उन्होंने बताया कि देश के जम्मू-कश्मीर ,लद्दाख, पंजाब, राजस्थान और गुजरात जोकि पाकिस्तान की सरहद के साथ लगते प्रदेश हैं जबकि लद्दाख का कुछ हिस्सा चीन और अफगानिस्तान के साथ जा सकता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश चीन के साथ लगते हैं और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम और पश्चिम बंगाल नेपाल की सीमा के साथ सटे हुए प्रदेश हैं जबकि सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश भूटान के साथ लगते हैं और अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम की सरहदें म्यांमार के साथ लगती हैं तथा मणिपुर, मेघालय, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा जैसे प्रदेश बांग्लादेश के साथ लगते हैं। इन सभी 15 से ज्यादा प्रदेशों को केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा जैसे अब 15 किलोमीटर से 50-50 किलोमीटर तक का दायरा बढ़ाकर फौज के हवाले कर उसे सभी शक्तियां देकर अपना एकाधिकार को जमाने की कोशिश की गई है, वैसे ही धीरे-धीरे यह 200-500 किलोमीटर तक बढ़ाकर देश के इन सरहदी प्रदेशों पर केंद्र सरकार अपना कब्जा कर लेगी जोकि प्रदेशों की संवैधानिक ताकतों पर सीधे तौर पर हमला है।
                   सरदार गढ़ी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, हिटलरशाही नीतियों पर चल रही है और केंद्रीयकरण करके प्रदेशों के अधिकार खत्म कर रही है जिसकी ताजा मिसाल पंजाब है, जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री को डीजीपी, एडवोकेट जनरल और चीफ सेक्रेटरी तक लगाने की आज्ञा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेशों के अधिकार खत्म करने की नीति के तहत ही ये लोग तीन खेती कानून लेकर आए और ताजा मामला दायरा बढ़ाने का सामने है। उन्होंने कहा कि सरहदों का दायरा बढ़ाने का मकसद संविधान के मूल ढांचे के साथ छेड़छाड़ व अघोषित इमरजेंसी है और भाजपा सारा देश फौज के हवाले करके हिटलरशाही लाना चाहती है और यह सब भाजपा की उस कट्टरपंथी नीति का हिस्सा है जो नागपुर से चलती है।
                  सरदार जसवीर सिंह गढ़ी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी किसी भी कीमत पर लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने के भाजपा के मंसूबों को सफल नहीं होने देगी ।

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